सेक्स का पहला अनुभव

Sex ka pahla anubhav:

antarvasna, hindi sex story मैंने जब कॉलेज में दाखिला लिया तो मुझे लगा कि सब लोग कॉलेज में बड़े ही सीधे हैं क्योंकि मेरी क्लास में सब लोग समय पर पढ़ने आ जाया करते थे और सारी क्लास अटेंड किया करते लेकिन मेरा नेचर ऐसा कभी भी नहीं था मैं पहले से ही अपने स्कूल में शरारती था और कॉलेज में भी मुझे सिर्फ एक दोस्त की तलाश थी लेकिन क्लास में कोई अच्छे से बात ही नहीं किया करता, एक दिन हमारे क्लास में एक लड़का आया वह मेरे बगल में आकर बैठ गया उसे देख कर मुझे लगा कि यह बिल्कुल मेरी तरह है और हम दोनों के बीच दोस्ती हो गई उसका नाम राकेश है। राकेश और मेरी बहुत ज्यादा बनने लगी हम दोनों एक दूसरे के साथ ही ज्यादातर समय बिताते कॉलेज की कैंटीन में भी हम दोनों साथ में लंच किया करते, हम दोनो अपनी क्लास बंक भी करने लगे थे क्योंकि मुझे घूमने का शौक है इसलिए हम दोनों अपनी बाइक पर घूमने के लिए निकल जाया करते।

मेरा कॉलेज में आना काफी कम हो गया था लेकिन एक दिन जब मेरे घर पर हमारे प्रोफेसर ने नोटिस भिजवा दिया तो मेरे पापा मुझसे बहुत गुस्सा हो गए और कहने लगे कि क्या हम लोगों ने तुम्हें इसीलिए कॉलेज में पढ़ने के लिए भेजा है तुम अपनी क्लास में क्यों नहीं जाते, मेरे पापा ने उस दिन मुझे कहा यदि आज के बाद कभी भी घर पर कोई नोटिस आया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा, उनकी इस बात से मैं बहुत डर गया था और मैंने फैसला कर लिया कि मैं अब क्लास पढ़ने के लिए जाया करूंगा। मैंने राकेश से कहा कि यार मेरे पापा बहुत ज्यादा गुस्सा हो रहे हैं इसलिए लगता है क्लास पढ़नी ही पड़ेगी, राकेश कहने लगा कोई बात नहीं हम दोनों क्लास पढ़ लिया करेंगे हम दोनों अब क्लास पढ़ने लगे हमारे क्लास में एक निधि नाम की लड़की है वह बहुत ही सुंदर है उसकी सुंदरता का पूरा कॉलेज दीवाना था एक दिन राकेश ने मुझे कहा यार संजीव काश निधि मेरी गर्लफ्रेंड होती, मैंने राकेश से कहा राकेश तुम्हें तो उसे बोलना ही पड़ेगा तभी तो तुम उससे बात कर पाओगे, राकेश कहने लगा लेकिन तुम्हें मेरी मदद करनी पड़ेगी, मैंने राकेश से कहा यार मुझे तुम इन सब झमेलो से दूर ही रखो तो ठीक है, मैं कभी भी इन चक्रों में आज तक नहीं पढ़ा लेकिन मुझे राकेश ने अपनी दोस्ती का वास्ता दे दिया था इसलिए मुझे राकेश की मदद करनी पड़ी, हम लोगों को नहीं पता था कि हमें बहुत बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा मुसीबत भी कोई छोटी-मोटी नहीं थी।

एक दिन हम दोनों निधि के घर के बाहर उसका इंतजार करने लगे हम लोगों को नहीं पता था कि निधि के भैया पुलिस इंस्पेक्टर हैं हम लोग वहां पान की टपरी पर उसका इंतजार कर रहे थे जैसे ही निधि बाहर आई तो राकेश निधि की तरफ बढ़ा और निधि से बात करने की कोशिश की, मैं भी निधि की तरफ बढ़ा लेकिन हमें नहीं पता था कि उसके भैया भी उसके पीछे ही आ रहे हैं, वह अपनी कार से जब बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि हम दोनों निधि के साथ बात कर रहे हैं वह अपनी गाड़ी से उतरे और हम दोनों के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा तुम लोग कौन हो? मेरी तो हालत उस टाइम खराब हो गई मुझे लगा अब हम लोग बुरा फंस गए निधि भी चुपचाप हो गई वह कुछ बोल ना सकी और वह वहां से चली गई उसके भैया ने हम दोनों को दो-तीन थप्पड़ मारे मेरी तो उसके बाद हालत ही खराब हो गई, मैंने राकेश से कहा अरे भाई तुम निधि के बारे में भूल ही जाओ तो ठीक रहेगा तुम्हारी वजह से आज मुझे भी पिटना पड़ा, राकेश कहने लगा यार नहीं मैं निधि से बात कर के तो रहूंगा, मैंने उसे कहा अब इसके जिम्मेदार तुम खुद ही होगे। मैंने तो राकेश को साफ तौर पर मना कर दिया था और जब मैंने राकेश को मना किया तो राकेश मुझे अपनी दोस्ती का वास्ता देने लगा और कहने लगा कि तुम्हें अब मेरे लिए निधि से बात करनी होगी, मैंने उसे कहा देखो राकेश अब तुम निधि के बारे में भूल जाओ तुम्हें यह तो पता चल ही चुका होगा कि उसके भैया पुलिस स्पेक्टर हैं और यदि आगे कोई मुसीबत हुई तो हम दोनों को कौन बचाएगा, वह कहने लगा यह सब देखा जाएगा पहले तुम मेरे लिए इतना काम तो कर सकते हो।

मेरा मन तो बिल्कुल भी नहीं था लेकिन मेरे सामने राकेश की दोस्ती थी इसलिए मैंने निधि से बात करनी शुरू की, कॉलेज में मैंने उससे नजदीकिया बढ़ानी शुरू की राकेश की तो हिम्मत होती ही नहीं थी, निधि और मेरे बीच में बातें होने लगी थी और मैंने निधि का नंबर भी ले लिया राकेश ने जब मुझसे निधि का नंबर लिया तो राकेश ने उस दिन निधि को फोन किया, निधि ने राकेश को धमकाते हुए कहा आज के बाद यदि तुमने कभी मुझे फोन किया तो मैं अपने भैया से तुम्हारी शिकायत कर दूंगी। राकेश ने तुरंत उस वक्त फोन काट दिया राकेश ने जब यह बात मुझे कैंटीन में बताइ तो मैं जोर जोर से ठहाके लगा कर हंसने लगा मैंने राकेश से कहा अरे भाई तुम अब निधि के बारे में भूल ही जाओ, राकेश कहने लगा नहीं मैं निधि से बात कर के तो रहूंगा। निधि और मेरी बातें अब होने लगी थी मैं निधि से फोन पर बात कर लिया करता, अब मैं हमेशा कॉलेज समय पर आता लेकिन मुझे नहीं पता था कि निधि का दिल मुझ पर आ जायेगा और वह मुझसे एक तरफा प्यार करने लगी, यह बात मुझे उस वक्त पता चली जब वह मुझे हर रोज मैसेज करने लगी मैंने एक दिन निधि से पूछ लिया तो वह कहने लगी कि मुझे तुम बहुत अच्छे लगते हो तुम्हारी स्माइल मुझे बहुत पसंद है, मैंने निधि से कहा लेकिन मैं अपने दोस्त को धोखा नहीं दे सकता तुम्हें तो पता है कि राकेश तुम्हारे पीछे हाथ धोकर पड़ा है और वह तुम्हारे पीछे कितना पागल है।

निधि कहने लगी लेकिन मेरा दिल तो तुम्हारे लिए धड़कता है, मैंने उसे कहा अगर तुम्हारे भैया को इस बारे में पता चला और यदि राकेश को इस बारे में मालूम होगा कि मेरे और तुम्हारे बीच में कोई संबंध है तो राकेश मेरे बारे में क्या सोचेगा और तुम्हारे भैया से तुम मुझे बहुत डर लगता है, निधि कहने लगी तुम्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है उन्हें इस बात की बिल्कुल भी भनक नहीं होगी और वैसे भी भैया का ट्रांसफर कुछ दिनों बाद होने वाला है। मैं अपने दोस्त को कभी धोखा नहीं देना चाहता था लेकिन एक दिन राकेश को इस बात का पता चल गया राकेश ने मुझे कहा कि तुमने मेरे साथ गलत किया, मैंने राकेश को सारी बात बताई और निधि को भी मैंने उस दिन कैंटीन में बुला लिया, मैंने भी राकेश को समझाया और निधि ने भी कहा देखो राकेश मैंने कभी भी तुम्हारे बारे में ऐसा नहीं सोचा मुझे संजीव बहुत ही पसंद है और संजीव ने मुझे पहले ही कह दिया था कि राकेश मेरे बारे में क्या सोचेगा लेकिन मैंने ही संजीव को हमारे बारे में बताने से मना किया था लेकिन संजीव चाहता था कि वह तुम्हें सब कुछ बता दे क्योंकि उसे इस बात का डर है कि कहीं तुम्हें बुरा ना लगे लेकिन अब तुम्हें पता  ही चुका है तो अब तुमसे कुछ छुपाने जैसा नहीं है। निधि ने राकेश से कहा मैं संजीव को बहुत पसंद करती हूं, राकेश ने भी अब इस बात को मान लिया था राकेश कहने लगा चलो कोई बात नहीं तुम दोनों को मेरी शुभकामनाएं हैं कि तुम दोनों का रिलेशन बहुत अच्छे से चले। निधि और मैं एक साथ अच्छा समय बिताने लगे थे हम दोनों को जब भी मौका मिलता तो हम लोग मूवी देखने के लिए चले जाते हैं या फिर कहीं भी साथ में घूमने चले जाते। एक दिन मेरे और निधि के बीच किस हो गया हम दोनों उस दिन पार्क में बैठे हुए थे हम दोनों के बीच यह पहली बार किस हुआ था।

मैंने पहली बार किसी लड़की के होठों को चूमा था निधि और मैं रात भर फोन पर इसी बारे में बात करते रहे मेरा अनुभव बड़ा ही अच्छा था, मै निधि के साथ किस करके बहुत ज्यादा खुश था। मैं सिर्फ किस तक ही संतुष्ट नहीं था मुझे तो उससे आगे भी निधि के साथ कुछ और करना था। मैंने एक दिन निधि के फोन पर कुछ न्यूड इमेज भेज दी वह न्यूड तस्वीर देखकर मुझे कहने लगी तुम यह क्या भेज रहे हो। मैंने उसे कहा क्या हम दोनों के बीच में कभी ऐसा हो सकता है उसने मुझे कुछ जवाब नहीं दिया। एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था मैंने निधि से कहा आज वैसे भी छुट्टी है तुम मेरे घर पर आ जाओ। वह उस दिन मेरे घर पर आ गई नदी हम दोनो साथ में बैठकर मूवी देखने लगे लेकिन जब मैंने निधि के होंठो को चूमना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी संजीव तुम यह सब मत करो। मैं उसके होठों को छोड़ ही नहीं रहा था मैंने जब उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह भी उत्तेजित होने लगी, मैंने उसके सलवार के नाडे को खोलते हुए उसकी पिंक कलर की पैंटी को भी उतार दिया। मैंने जब उसकी कोमल चूत पर अपनी उंगली को लगाया तो उसकी चूत मचलने लगी उसकी चूत से गिला पदार्थ बाहर की तरफ को निकलने लगा था।

मैंने जब अपने मोटे और कठोर लंड को निधि की चूत मे डाला तो वह कहने लगी मुझे बहुत दर्द हो रहा है। मैंने निधि से कहा मैं भी पहली बार किसी लड़की के साथ ऐसा कर रहा हूं मैंने धक्का देते हुए निधि की चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया जैसे ही मेरा लंड निधि की योनि में प्रवेश हुआ तो उसकी योनि से खून की धार निकल पड़ी। मेरा लंड निधि की योनि की गहराई में जा चुका था मुझे बड़ा अच्छा महसूस हो रहा था मैंने अब धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। मैं जैसे ही अपने लंड को अंदर बाहर करता तो निधि के मुंह से आवाज निकल जाती उसकी आवाज मेरे कानों में जाते ही मुझे अच्छा लगता मैंने उसके पैरों को और चौड़ा कर लिया। मै तेज गति से उसे धक्के देने लगा लेकिन ज्यादा समय तक मैं उसकी योनि की गर्मी को बर्दाश्त ना कर सका जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो हम दोनों एक दूसरे के गले लगे। हम दोनों का यह पहला अनुभव था इसलिए हम दोनों को बहुत डर लग रहा था लेकिन उसके बाद तो जैसे यह सब आम होने लगा।


Comments are closed.