याद है कैसे सील तोडी थी?

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Yaad hai kaise seal todi thi मैं सुबह 5:00 बजे उठ चुकी थी और मैंने रोहन से कहा क्या तुम मेरे साथ पार्क में चल रहे हो रोहन मुझे कहने लगे कि मुझे तुम सोने दो। रोहन बड़े ही आलसी हैं और वह सुबह के वक्त बिलकुल भी उठ नहीं पाते हैं वह मुझे कहने लगे कि कल्पना तुम ही पार्क में चली जाओ। मैं पार्क में चली गई और जब मैं पार्क में गई तो वहां पर हमारे पड़ोस की दीदी मुझे दिखाई दी वह मुझे कहने लगे कि कल्पना आज तुम पार्क में आ गई। मैंने उन्हें कहा हां दीदी सुबह मैं जल्दी उठ चुकी थी तो सोचा पार्क में टहल आती हूं मैं उन्हीं के साथ अब चलते चलते बात कर रही थी मैंने उनसे पूछा कि दीदी आप आजकल क्या कर रही हैं। उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने अपने पति के साथ एक नया बिजनेस शुरू किया है और उसी में वह काम कर रही हैं।

मैंने दीदी से कहा दीदी आप बहुत ही ज्यादा एक्टिव रहती हैं तो वह कहने लगी कि मैं घर पर करूंगी भी तो क्या बच्चे भी अब बड़े हो चुके हैं और उन लोगों से भी कहां इतनी बात हो पाती है। मैंने जब दीदी से कहा दीदी क्या आप मेरी मदद कर सकती हैं तो उन्होंने मुझे कहा हां मैं तुम्हारी मदद कर सकती हूं लेकिन तुम बताओ तो सही तुम्हें क्या मदद चाहिए। मैंने दीदी से कहा दीदी मैं भी चाहती हूं कि अपना ही कोई काम शुरू करूं क्या उसमें आप मेरी मदद कर सकती हैं तो दीदी कहने लगी हां क्यों नहीं तुम जब तुम फ्री होगी तो मुझसे मिलने के लिए घर पर आ जाना या फिर एक काम करना तुम मुझे फोन कर देना। मैंने दीदी से कहा ठीक है मैं आपको फोन कर दूंगी दीदी कहने लगी ठीक है जब तुम घर पर आओगी तो मुझे फोन जरुर करना। मैं और दीदी काफी देर तक पार्क के चक्कर लगाते रहे और उसके बाद हम लोग घर लौट आए मैं जब घर लौटी तो रोहन अभी भी सो रहे थे। मैंने रोहन को कहा क्या आपको उठना नहीं है तो रोहन कहने लगे कि मुझे थोड़ी देर और सोने दो मैंने उन्हें कहा आपको अपने ऑफिस भी तो जाना है वह मुझे कहने लगे मैं ऑफिस चला जाऊंगा। रोहन अभी सो रहे थे और मैंने उन्हें कुछ भी नहीं कहा लेकिन जब रोहन उठे तो वह मुझे कहने लगे कि मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है तुम जल्दी से मेरे लिए नाश्ता लगा दो।

मैंने रोहन से कहा मैं नाश्ता बना चुकी हूं बस आप टेबल पर बैठिये मैं आपके लिए अभी नाश्ता लगा देती हूं। रोहान टेबल पर बैठे और मैंने उनके लिए नाश्ता लगा दिया रोहन ने बड़ी जल्दी में नाश्ता किया और उसके बाद वह अपने ऑफिस के लिए निकल पड़े। मैंने रोहन से कहा कि जब आप ऑफिस  से वापस लौटेंगे तो मुझे आप फोन कर दीजिएगा रोहन मुझे कहने लगे कि क्या कोई जरूरी काम था। मैंने रोहन से कहा हां आप आते वक्त दुकान से सामान ले आइएगा तो रोहन कहने लगे ठीक है जब मैं ऑफिस से लौटूंगा तो मैं तुम्हें फोन कर दूंगा। रोहन अब अपने ऑफिस के लिए जा चुके थे मैं घर का काम करने के बाद सोचने लगी कि दीदी से मिल आती हूं, मैं पड़ोस की दीदी के पास चली गई और जब मैं उनके पास गई तो मैंने दीदी को कहा दीदी मैं कुछ काम शुरू करना चाह रही थी। दीदी कहने लगी कि कल्पना तुम आराम से बैठ जाओ मैं अब आराम से उनके सोफे पर बैठ चुकी थी मैंने दीदी से कहा दीदी मुझे घर जल्दी जाना है तो वह मुझे कहने लगी कि तुम घर जाकर क्या करोगी क्या कुछ जरूरी काम है। मैंने उन्हें कहा नहीं दीदी जरूरी काम तो नहीं है लेकिन सोच रही थी कि घर चली जाती हूं मैं और दीदी आपस में बात कर रहे थे उन्होंने मुझे बताया कि वह मेरी मदद जरूर करेंगे। मैं दीदी के साथ ही बैठी हुई थी और मैंने दीदी को कहा कि दीदी अब मैं घर चलती हूं तो दीदी कहने लगी कि थोड़ी देर और रुक जाती तो अच्छा रहता लेकिन मैंने दीदी से कहा कि दीदी मुझे अभी जाना पड़ेगा। मैं घर वापस लौट आई मैं जब घर लौटी तो मैं कुछ देर के लिए सोने की कोशिश करने लगी लेकिन मुझे नींद ही नहीं आ रही थी जब मुझे नींद आई तो अचानक से मेरी नींद खुली और मैं रसोई की तरफ चली गई मैंने वहां फ्रिज से पानी की बोतल निकाली और पानी पिया उसके बाद मैं सोफे पर बैठ गई।

मैं सोफे पर ही बैठी हुई थी तो मैंने अपना टीवी ऑन किया और उसके बाद तो जैसे समय का कुछ पता ही नहीं चला की कब समय बीत गया। मैंने घड़ी की तरफ देखा तो उस वक्त 6:00 बजने वाले थे और रोहन का फोन मुझे आया मैंने रोहन को सामान बता दिया था कि क्या लेकर आना है और मैं रोहन का इंतजार करने लगी। रोहन भी थोड़ी देर बाद घर आ चुके थे उन्होंने मुझे सामान दिया और मैंने वह सामान रखते हुए रोहन से कहा मैं तुमसे यह कहना चाह रही थी कि मैं कुछ दिनों के लिए अपने मायके चली जाऊं। रोहन मुझे कहने लगी कि क्या तुम्हारा अपने मायके जाना जरूरी है तो मैंने उन्हें कहा हां मेरा मायका जाना जरूरी है। रोहन मुझे कहने लगे ठीक है तुम अपने मायके चली जाना लेकिन अगले हफ्ते जाना क्योंकि इस हफ्ते मुझे बहुत ज्यादा काम है। मैंने रोहन से कहा ठीक है मैं अगले हफ्ते अपने मायके चली जाऊंगी और अगले हफ्ते मैं अपने मायके जाने की तैयारी करने लगी रोहन ने मुझे मेरे घर छोड़ दिया था। जब रोहन ने मुझे घर छोड़ा तो मैंने रोहन को कहा आप अपना ध्यान रख लीजिएगा यदि कोई परेशानी हुई तो आप मुझे फोन कर लीजिएगा रोहन मुझे कहने लगे ठीक है कल्पना मैं तुम्हें फोन कर लूंगा। रोहन उसके बाद अपने ऑफिस निकल चुके थे मैं अपने माता पिता से मिलकर खुश थी काफी समय बाद उनसे मेरी मुलाकात हो रही थी।

मैं अपने मायके में ही थी और मायके में मुझे मेरी सहेली मिली वह मुझे कहने लगी कि तुमने तो अपने घर आना ही छोड़ दिया है। मैंने उसे कहा ऐसा कुछ भी नहीं है लेकिन उसने मुझे बताया कि उसकी भी शादी हो चुकी है उसकी शादी में मैं आ नहीं पाई थी लेकिन वह मुझे कहने लगी चलो कोई बात नहीं तुम यदि मेरी शादी में नहीं आ पाई तो अब तुमसे मुलाकात हो गई मुझे बहुत अच्छा लगा। वह शादी के बाद भी किसी लड़के के साथ सेक्स का मजा ले रही थी यह बात मुझे मेरे एक पुराने प्रेमी ने बताई मेरा पुराना बॉयफ्रेंड मुझे मेरे मायके में मिला और वह अब भी पहले की तरह ही है। उसके जीवन में कोई भी बदलाव नहीं आया है लेकिन उस से मेरी मुलाकात हुई तो वह मुझे कहने लगा तुम्हारा बदन बड़ा ही खिल चुका है। वह मेरे बदन की बहुत तारीफ कर रहा था मैंने उसे कहा तुम मेरे बदन की तारीफ ना करो तुमने मेरे बदन के मजे तो लिए ही हैं। उसने मुझे अपनी बातों में सम्मोहित कर दिया था मैं उसकी बातों से इतना सम्मोहित हो गई कि मैं उस से अपनी चूत मरवाने के लिए बहुत व्याकुल हो गई थी। मैंने उससे अपनी चूत मरवाने के बारे में सोच लिया था उसने मुझे अपने घर पर बुलाया काफी समय बाद में उसी बिस्तर पर लेटी हुई थी जिस पर हम दोनों के बीच पहली बार शारीरिक संबंध बने थे। वह मुझे कहना लगा तुम्हें याद है ना यह वही बिस्तर है यहां पर हम दोनों के बीच पहली बार शारीरिक संबंध बने थे। मैंने उसे कहा हां मुझे याद है किस प्रकार से तुमने मेरे साथ पहली बार इसी बिस्तर पर सेक्स का मजा लिया था और मेरी सील तोडी थी। वह मुझे कहने लगा मेरा लंड आज भी तुम्हारी चूत का इंतजार कर रहा है और यह कहते ही उसने अपने मोटे लंड को बाहर निकाला और हिलाना शुरू किया तो मुझे भी बहुत अच्छा लगने लगा काफी देर उसने मेरे सामने अपने लंड को हिलाया।

जब मैंने उसके मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो मुझे भी अच्छा लगने लगा और काफी देर तक में उसके लंड को अपने मुंह के अंदर लेती रही। वह मुझे कहने लगा कि तुम्हारे होंठ आज भी उतने ही रसीले हैं मैंने उसे कहा इन होठों के रस को तुम्हें पी लेना चाहिए। वह मुझे कहने लगा हां जरूर मैं आज तुम्हारे होठों के रस को जरूर पी लूंगा और यह कहते ही उसने जब मेरे होठों पर अपने होठों को मिलाना शुरू किया तो वह मेरे होठों को बड़े अच्छे से चूस रहा था। उसके अंदर कुछ ज्यादा गर्मी बढ़ने लगी उसने मेरी कमर को कसकर पकड़ लिया और मेरे होंठों को ऐसे ही चूसता रहा कुछ देर बाद उसने मेरे स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा लगा। काफी देर तक वह मेरे स्तनों को ऐसे ही दबता रहा उसने जब मेरे कपड़े खोलकर अपने मुंह के अंदर मेरे स्तनों को चूसना शुरू किया तो मेरी बेचैनी और भी ज्यादा बढ़ने लगी। मेरे अंदर से सेक्स की भावना बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी मेरी चूत ने पानी बाहर की तरफ को छोड़ना शुरू कर दिया था उसने उस वक्त मेरी उत्तेजना को और ज्यादा बढ़ा दिया जब मेरी चूत पर उसने अपनी जीभ को लगाया।

वह बड़े अच्छे तरीके से मेरी चूत को चाट रहा था उसने मेरी चूत को पूरी तरीके से गिला कर दिया था जब उसने मेरी चूत पर अपने लंड को लगाते हुए अंदर की तरफ से धकेलना शुरू किया तो मैं चिल्लाने लगी। वह मुझे बहुत तेजी से धक्के देने लगा और कहने लगा आज भी तुम्हारी चूत उतनी ही टाइट है जितने कि पहले हुआ करती थी। मैंने उसे कहा लेकिन मुझे तुमसे अपनी चूत मरवाने में बड़ा मजा आ रहा है उसने मेरे दोनों पैरों को खोल कर मुझे तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिया। कुछ देर ऐसा करने के बाद जब उसने मुझे घोडी बन लिया और मेरी चूत के अंदर अपने लंड घुसाया तो मैं चिल्लाने लगी उसका लंड मेरी चूत के अंदर बाहर होता तो मेरे अंदर से और भी ज्यादा उत्तेजना पैदा होने लग जाती। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ 10 मिनट तक संभोग किया 10 मिनट के बाद जब मेरी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकलने लगा तो मैंने उसे कहा मै अब झड़ चुकी हूं वह कहने लगा लेकिन आज बड़ा मजा आ गया।


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