शिफ़ा की योनि में लंड घुसा दिया

Antarvasna, kamukta:

Shifa ki yoni me lund ghusa diya मैं और शिफा साथ में बैठे हुए थे शिफा मुझसे कहने लगी कि आकाश मैं कुछ दिनों के लिए पापा मम्मी से मिल आती हूं। मैंने शिफा को कहा कि ठीक है तुम कुछ दिनों के लिए पापा मम्मी को मिल आओ और वह अगले दिन पापा मम्मी को मिलने के लिए चली गई। मैं घर पर ही था मैं शिफा को छोड़ कर वापस लौट आया था और जब मैं घर वापस लौटा तो मां ने मुझसे कहा कि बेटा तुम मेरे साथ तुम्हारे मामा जी के घर चलो। मैंने मां को कहा ठीक है मां मैं आपके साथ में चलता हूं और मैं उस दिन मां के साथ मामा जी के घर पर चला गया। जब मैं और मां मामा जी के घर पर गए तो हम लोगों को वहां से लौटने में देरी हो गई थी हम लोगों ने उन्हीं के घर पर खाना खा लिया था। पिताजी के देहांत के बाद मां ने ही मेरी देखभाल की और उन्होंने ही मेरी परवरिश की है मां ने कभी भी मुझे किसी चीज की कोई कमी महसूस नहीं होने दी मां हमेशा ही मेरा बहुत ध्यान रखा करती।

मेरी शादी हो जाने के बाद मैं नहीं चाहता था कि किसी भी प्रकार से मां को कोई भी परेशानी हो मैं मां का पूरा ध्यान रखता हूं और जितना हो सकता है उतना मैं उनकी देखभाल किया करता हूं। मेरी पत्नी शिफा भी मां का बहुत ध्यान रखती है मेरी जिंदगी में भी सब कुछ अच्छे से चल रहा है और मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं जिस तरीके से मेरी जिंदगी में सारी खुशियां लौट आई है। मैं अपनी मां और अपनी पत्नी को हर वह खुशियां देना चाहता हूं जो वह चाहती है। शिफा भी अब अपने मायके से वापस लौट आई थी और वह घर पर ही ज्यादा समय रहा करती थी। शिफा अकेले घर पर बोर हो जाया करती थी तो एक दिन शिफा ने मुझसे कहा कि आकाश मैं चाहती हूं कि मैं कहीं जॉब कर लूं। मैंने शिफा को कहा कि लेकिन तुम्हें जॉब करने की जरूरत क्या है परंतु शिफा मेरी बात नहीं मानी और वह कहने लगी कि मुझे लग रहा है कि मुझे जॉब करनी चाहिए।

मैंने भी शिफा की बात को मान लिया और मैंने उसे जॉब करने के लिए कहा तो वह भी अब जॉब करने लगी थी। शिफा जॉब करने लगी थी और जब वह शाम के वक्त घर लौटती तो हम दोनों हमेशा ही साथ में समय बिताया करते थे और एक दूसरे के साथ हम लोग बातें किया करते। काफी दिनों से हम लोग कहीं घूमने के लिए भी नहीं गए थे तो मैंने सोचा कि क्यों ना मैं शिफा को अपने साथ कहीं घुमाने के लिए लेकर जाऊं। मैं शिफा को अपने साथ घुमाने के लिए ले गया उस दिन हम दोनों ने साथ में मूवी देखी और जब हम दोनों ने साथ में मूवी देखी तो हम दोनों को ही बहुत अच्छा लग रहा था जिस तरीके मैं और शिफा एक दूसरे के साथ में थे। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ उस दिन बहुत ही अच्छा समय बिताया था।

शिफा मेरा ध्यान बहुत ही अच्छे से रखा करती और हम दोनों के बीच प्यार भी बहुत ज्यादा प्यार है। शिफा और मैं उस दिन रात के वक्त वापस लौट आए थे और जब हम लोग वापस लौटे तो हम लोग बाहर से ही खाना ले आए थे। हम दोनों ने बाहर खाना खा लिया था इसलिए हम लोग मां के लिए खाना पैक करवा कर ले आए थे तो मां ने भी खाना खा लिया था। शिफा को अगले दिन अपने ऑफिस जल्दी जाना था तो वह मुझे कहने लगी कि आकाश मुझे कल ऑफिस जल्दी जाना है। मैंने शिफा को कहा कि लेकिन तुम ऑफिस से वापस कब लौटोगी तो शिफा ने मुझे कहा कि मैं ऑफिस से जल्दी वापस लौट आऊंगी। अगले दिन शिफा को सुबह जल्दी ऑफिस जाना था इसलिए मुझे ही उसको ऑफिस छोड़ कर आना पड़ा। मैंने शिफा को ऑफिस छोड़ा और फिर मैं घर वापस लौटा तो उसके बाद मैं भी अपने ऑफिस जाने की तैयारी कर रहा था। मां ने नाश्ता बना दिया था और नाश्ता करने के बाद मैं अपने ऑफिस के लिए निकल पड़ा।

जब मैं अपने ऑफिस पहुंचा तो उस दिन मुझे ऑफिस में काफी ज्यादा काम था इसलिए मुझे घर लौटते वक्त देर हो गई थी। जब मैं घर लौटा तो मुझे शिफा ने कहा कि आज आप ऑफिस से बहुत देरी से आ रहे हैं तो मैंने शिफा को कहा कि हां मुझे ऑफिस से आने में देर हो गई। शिफा और मैं दोनों ही साथ में बैठकर बातें कर रहे थे तो शिफा ने मुझे कहा कि आकाश आप खाना खा लीजिए। मैंने शिफा को कहा कि नहीं हम लोग सब साथ में डिनर कर लेते हैं और हम सब लोगों ने साथ में डिनर किया। डिनर करने के बाद हम दोनों अपने घर की छत पर चले गए और हम लोग वहीं बैठे हुए थे। अगले दिन हम दोनों की छुट्टी थी तो मैंने शिफा को कहा कि क्यों ना कल हम लोग कहीं घूमने के लिए जाए। शिफा ने मुझे कहा कि हां आकाश मैं भी आपसे यही बात करना चाहती थी और मुझे लग रहा है कि हम लोगों को कल घूमने के लिए जाना चाहिए। हम लोगों ने अगले दिन का प्लान बना लिया था और मैं मां और शिफा अगले दिन मेरी दीदी के घर जाने वाले थे उसके बाद वहां से हम लोग कहीं साथ में जाने वाले थे। हम लोगों ने जाने का प्रोग्राम बना लिया था और फिर हम लोग कुछ देर बाद छत से नीचे आ चुके थे।

शिफा और मेरी शादी को अभी डेढ़ वर्ष हुआ है और शिफा मां को बहुत ही अच्छे से समझती है और मुझे भी शिफा बहुत ही अच्छे से समझती है। जिस तरीके से शिफा ने घर की देखभाल की है उससे मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं और शिफा भी बड़ी खुश रहती है जब भी हम दोनों साथ में होते हैं। शिफा और मैं अब नीचे आ गए थे। हम दोनों एक दूसरे के साथ बैठकर बातें कर रहे थे जब हम दोनों एक दूसरे के साथ बातें कर रहे थे तो हम दोनों को अच्छा लग रहा था और हम दोनों ही बड़े खुश भी थे। मेरा मन शिफा के साथ सेक्स करने का था। मैंने शिफा के बदन को महसूस करना शुरू कर दिया था वह गर्म होने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुमने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया है। मैं और शिफा एक दूसरे की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा चुके थे मैंने शिफा से कहा मैं तुम्हारे स्तनों को चूसना चाहता हूं। शिफा ने अपने कपड़े उतार दिए और उसके स्तनों को मैंने अपने हाथों में ले लिया था। उसके स्तन मेरे हाथों में थे मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था शिफा को भी बड़ा अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे।

हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे मैंने शिफा के सामने जब अपने लंड को किया तो उसे शिफा ने अपने हाथों में ले लिया और वह उसे सहलाने लगी थी। जब वह मेरे मोटे लंड को हिला रही थी तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था और शिफा को भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरे साथ में शारीरिक सुख के मजे ले रही थी वह बहुत ही खुश हो गई थी। मैंने अब शिफा की चूत को चाटना शुरू कर दिया था। मैं उसकी चूत को चाटता जा रहा था उसकी गर्मी को मैंने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था। जिस तरीके से मैंने उसकी गर्मी को बढ़ाया था उस से हम दोनों ही बड़े खुश थे मैंने शिफा से कहा मैं तुम्हारी चूत में लंड को डालना चाहता हूं। शिफा की चूत भी मेरे लंड को लेने के लिए तैयार थी और मैंने जैसे ही उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मुझे बड़ा ही मजा आने लगा था मैं शिफा को चोदने लगा था। मैं जिस तरीके से शिफा की योनि के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था उससे हम दोनों ही बड़े खुश थे और शिफा भी बहुत ज्यादा खुश थी।

मैंने शिफा को कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है शिफा मुझे कहने लगी तुम और तेजी से मुझे चोदते जाओ। मैंने शिफा की योनि के अंदर बहार और भी तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए थे। जिस तेज गति से मै उसे चोद रहा था उससे वह बहुत ही खुश हो गई थी और मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मुझे धक्के मारते रहो। मैंने शिफा को बहुत देर तक ऐसे ही चोदा मेरा वीर्य मेरे लंड तक आने लगा था। मैं उसे बड़ी तेज गति से चोदे जा रहा था वह बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से मैंने उसकी योनि के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू कर दिया था। मैं शिफा को बड़े ही अच्छी तरीके से धक्के मारे जा रहा था और शिफा भी बहुत ज्यादा खुश थी। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को पूरी तरीके से बढा चुके थे जब मैंने उसकी चूत के अंदर अपने माल को गिराया तो वह खुश हो गई और मेरी तरफ देखकर वह कहने लगी आज आपने मेरी चूत की खुजली को मिटा दिया है मेरा भी मन आज आपके साथ सेक्स करने का हो रहा था। शिफा मुझसे लिपट कर लेटी हुई थी उसकी चूत से अभी भी पानी बाहर निकल रहा था जिसे देखकर मेरी गर्मी बढ़ने लगी थी और मैं उसे दोबारा से चोदना चाहता था।

मैंने शिफा की योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया था और उसे मैं तेज गति से धक्के मारने लगा था। मैं उसे जिस तरीके से धक्के मार रहा था उस से शिफा बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी और वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है हम दोनों एक दूसरे का साथ बड़े ही अच्छे से दे रहे थे। जब हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा दिया था मैं समझ चुका था अब मेरे वीर्य बाहर की तरफ आने लगा है। मैंने शिफा के दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और उसे बड़ी ही तेज गति से धक्के देने लगा था। मै उसे जिस तरीके से चोद रहा था उससे वह खुश हो गई थी और मुझे कहने लगी मुझे अच्छा लग रहा है।


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