सरिता आंटी की योनि की गर्मी से कंडोम भी फट गया

Sarita aunty ki yoni ki garmi se condom bhi phat gaya:

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मेरा नाम रजत है मैं पुणे का रहने वाला हूं, मैं डॉक्टर हूं और मुझे घूमने का बहुत शौक है। मेरी अभी तक शादी नहीं हुई है, मैं किसी अच्छी लड़की की तलाश में हूं लेकिन मुझे नहीं लगता कि शायद मुझे कोई अच्छी लड़की मिलने वाली है क्योंकि मुझे बिल्कुल मेरी तरह की लड़की चाहिए और ऐसा होना शायद असंभव है। मैं कुछ समय तक कुछ लड़कियों के साथ रिलेशन में भी था लेकिन उनके साथ मेरी ज्यादा समय तक बन नहीं पाई और मेरा ब्रेकअप हो गया इसीलिए मैं सिंगल रहना ही पसंद करता हूं, मैं अपने काम से ही बहुत खुश हूं। मुझे सिर्फ घूमने का शौक है, मैं हर छह माह में कहीं ना कहीं घूमने जाता हूं।  मैं कुछ समय पहले ही कोलकाता गया था और अब तो मैं कहीं विदेश जाने का ही प्लानिंग कर रहा हूं लेकिन जब मैं कोलकाता गया तो कोलकाता का टूर भी मेरा बहुत अच्छा रहा। वहां पर मेरा एक पुराना दोस्त रहता है उसने ही मुझे कोलकाता आने के लिए कहा था, मैंने उसे कहा कि यदि तुम मेरे लिए टाइम निकाल पाओगे तो ही मैं कोलकाता आऊंगा नहीं तो मेरा कोलकाता आने का कोई मतलब नहीं बनता। उसने मुझे कहा तुम कोलकाता आ जाओ मैं जितना भी हो सकेगा तुम्हारे लिए समय निकाल लूंगा तुम कोलकाता आ जाओ।

मेरी जान पहचान एक व्यक्ति से है, मैं उनसे काफी समय से संपर्क में हूं और वही मेरा सारा कुछ जाने का अरेंजमेंट करते हैं और रुकने का भी वही अरेंजमेंट करते हैं इसीलिए मैं उनके पास गया तो मैंने उन्हें कहा कि मैं कोलकाता जाने वाला हूं आप मेरी फ्लाइट करवा दीजिएगा, उन्होंने कहा आप कितने दिनों के लिए कोलकाता जा रहे हैं, मैंने उन्हें कहा मेरा 10 दिन का तो कम से कम प्लान है। उन्होंने कहा ठीक है आप मुझे डेट बता दीजिए आप कब जाने वाले हैं तो मैं उस हिसाब से आपकी टिकट करवा देता हूं। मैंने उन्हें जाने की डेट बता दी और उसके बाद उन्होंने मेरी टिकट कर दी, उन्होंने मेरे लिए वहां पर एक होटल भी बुक करवा दिया था क्योंकि मैं जब भी कहीं बाहर जाता हूं तो मैं सारा कुछ अरेंजमेंट कर लेता हूं उन्होंने मेरे लिए 10 दिन के लिए एक कार भी हायर कर ली थी, मैंने उन्हें पैसे दे दिये, उसके बाद मैं अपने घर आ गया।

मैं जब अपने घर आया तो मैंने अपनी मम्मी को जाने की जानकारी दी। मेरे पापा भी डॉक्टर हैं और वह दिल्ली में है इसलिए मैं उनसे सिर्फ फोन पर ही संपर्क में रहता हूं, वह पुणे कम ही आते हैं। मेरी मम्मी कहने लगी तुम कितने दिनों के लिए कोलकाता जा रहे हो, मैंने उन्हें कहा मैं 10 दिनों के लिए कोलकाता जा रहा हूं, वह मुझे कहने लगी ठीक है तुम यदि 10 दिनों के लिए कोलकाता जा रहे हो तो मैं भी तुम्हारे नानी के पास हो आती हूं, मैंने भी मम्मी से कहा ठीक है आप भी नानी के पास चले जाइए आपको भी वहां अच्छा लगेगा और वैसे भी आप काफी समय से नानी के घर नहीं गई हैं। मैंने अपनी मम्मी को कहा मैं आपको कल सुबह नानी के यहां छोड़ दूंगा मेरी फ्लाइट शाम की है, मम्मी कहने लगी ठीक है तुम मुझे सुबह छोड़ देना। मैं अपनी मम्मी को सुबह अपनी नानी के घर ले गया, मेरे नाना का देहांत तो काफी समय पहले हो चुका था, मेरी नानी घर पर रहती हैं और मेरे मामा मामी उनकी देखभाल करते हैं। मैं भी काफी देर तक अपनी नानी के पास रुका रहा था, वह मुझे कहने लगी तुम्हारा काम कैसा चल रहा है, मैंने उन्हें कहा कि मैं तो अपनी लाइफ में पूरा एंजॉय कर रहा हूं और आज शाम को ही मैं कोलकाता जा रहा हूं। मेरी नानी मुझे मजाक में कहने लगी कभी तुम हम बुड्ढे लोगों को भी घुमा दो, हम भी घर पर बोर हो चुके हैं, मैंने अपनी नानी से कहा मैं आपको अगली बार जरूर घुमा दूंगा, पहले मैं तो इस बार कोलकाता हो आऊं। मेरी नानी कहने लगी मैं तो मजाक कर रही थी तुम कोलकाता हो आओ और हमें भी बताना कि तुमने कोलकाता में कहां कहां घूमने गए, मैंने नानी से कहा ठीक है मैं अभी तो चलता हूं लेकिन मैं मम्मी को लेने के लिए 10 दिनों बाद आऊंगा, नानी कहने लगी हां ठीक है तुम अपना ध्यान रखना।

मैंने अपनी मम्मी और नानी से जाने की इजाजत ली और मैं वहां से घर आ गया, घर आकर मैंने पैकिंग की और उसके बाद मैं शाम के वक्त एयरपोर्ट के लिए निकल पड़ा। मैं जब कोलकाता पहुंचा तो मेरा दोस्त मुझे लेने के लिए आ गया था, वह मुझे कहने लगा तुम मेरे साथ ही रुकना, मैंने उसे कहा नहीं तुम्हारी फैमिली तुम्हारे साथ है, मैंने होटल बुक कर लिया है तुम चिंता मत करो। उसके बाद उसने मुझे होटल छोड़ दिया,  वहां पर मुझे मेरा ड्राइवर मिल गया था, वह 10 दिनों तक मेरे साथ ही रहने वाला था। मैं भी होटल में जाकर फ्रेश हो गया, कुछ देर तक तो मैं होटल के रूम में ही बैठा हुआ था लेकिन जब मेरा मन बाहर घूमने का हुआ तो मैंने ड्राइवर को फोन कर दिया, वह भी कहने लगा सर मैं होटल के पास ही हूं, मैंने उसे कहा तुम मुझे लेने आ जाओ। वह मुझे लेने के लिए आ गया, मैंने उसे कहा तुम मुझे किसी अच्छी जगह ले चलो, मुझे बड़ी तेज भूख लग रही है। वह मुझे बढ़िया से रेस्टोरेंट में ले गया, वहां पर मैंने खाना खाया उसके बाद मैं जब कार में बैठा तो वह ड्राइवर मेरे साथ पूरा फ्रेंडली हो चुका था और मुझसे खुल कर बात कर रहा था। मैंने उसे कहा यहां पर कुछ और चीज भी फेमस है। वह कहने लगा सर मैं आपको एक जगह लेकर चलता हूं आपका दिल खुश हो जाएगा। वह मुझे सरिता आंटी के पास ले गया, मैं जब सरिता आंटी के पास गया तो मैं उन्हें देखकर खुश हो गया क्योंकि उनका गदरया सा बदन का मै रसपान करने वाला था। मैंने उन्हें पैसे दिए और कुछ पैसे मैंने ड्राइवर को भी दे दिए, ड्राइवर भी खुश हो चुका था, वह दारू पीने के लिए चला गया।

सरिता आंटी मुझे कमरे में ले गई, उन्होंने पहले तो मेरी तेल से मालिश की, जब मेरा लंड खड़ा हो गया तो उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में ले कर चूसना शुरू किया। मैंने सरिता आंटी से कहा आप तो बडे अच्छे से मेरे लंड को चूस रही हैं, मैं अपने आप को बहुत ही तरोताजा महसूस कर रहा हूं। काफी देर तक तो उन्होंने मेरे लंड को सकिंग किया लेकिन जब मेरे लंड ने वीर्य छोड़ दिया तो उसके बाद उन्होंने मेरे लंड पर कंडोम चढ़ा दिया। वह मेरे नीचे लेट गई उनके बड़े स्तनों को जब मैं मुंह में ले रहा था तो मुझे उन्हें चूसने में बड़ा मजा आ रहा था, मैंने काफी देर तक उनके स्तनों का रसपान किया। जब वह पूरे तरीके से सेक्स करने के लिए उत्तेजित हुई तो मैंने भी अपने कड़क लंड को उनकी गोरी और बड़ी सी योनि के अंदर घुसा दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि के अंदर घुसा तो वह चिल्ला उठी और पूरी उत्तेजित हो गई। वह मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड बड़ा मोटा है मुझे अपनी चूत में तुम्हारे लंड को लेकर बहुत मजा आ रहा है। मैंने भी उनके दोनों पैरों को चौडा कर लिया और बड़ी तेजी से मैं उन्हें चोदने लगा। मैंने उन्हें इतना चोदा कि उनके मुंह से ससकिंया निकलने लगी, वह उत्तेजित हो चुकी थी। उन्होंने मुझे कहा तुम मुझे घोड़ी बना दो, मैंने उन्हें घोडी बना दिया और जैसे ही मैंने अपना लंड उनकी योनि के अंदर डाला तो वह मुझे कहने लगी मुझे मजा आ गया, तुम मुझे ट्रेन की स्पीड से धक्के मारना शुरू कर दो। मैंने उन्हें तेज गति से झटके देना शुरू कर दिया, उनकी चूतडे पूरी लाल हो जाती। वह भी अपनी चूतडो को मुझसे मिलाने लगी और अपने मुंह से आवाज निकालने लगी। वह अपने मुंह से इतनी तेज आवाज निकाल रही थी कि मुझे उन्हें चोदने में बड़ा मजा आ रहा था और कंडोम उनकी चूत से इतना गर्म हो गया कि मुझे कंडोम के फटने का एहसास होने लगा। मैंने उन्हें कहा आपकी चूतडे तो बड़ी ही मजेदार है और आपकी गांड भी कम बड़ी नहीं है। मैंने उन्हें काफी देर तक झटके दिए जिससे कि कंडोम फट चुका था जैसे ही मेरा वीर्य उनकी योनि के अंदर गिरा तो मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो कंडोम फट चुका था। उससे मेरा लंड बाहर की तरफ को झांक रहा था। उन्होंने अपनी योनि पर हाथ लगाया तो मेरा वीर्य गिर रहा था। मैंने उन्हें कंडोम दिखाया तो हम दोनों मुस्कुराने लगे। उसके बाद में होटल वापस आ गया और जितने दिन भी मैं कोलकता मे था मैंने सरिता आंटी के बदन का जाम पिया।


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