पड़ोस की आंटी को अपने नीचे सुला दिया

Pados ki aunty ko apne niche sula diya:

hindi chudai ki kahani, antarvasna

मेरा नाम रमन है मैं इंदौर का रहने वाला हूं, मैं बहुत ही सीधा व्यक्ति हूं, मैं ज्यादा किसी के साथ भी बात नहीं करता। मेरे घर वाले भी मुझसे बहुत कम बात करते हैं, मैं सिर्फ अपनी पढ़ाई में ही ध्यान देता हूं। मेरे कॉलेज पूरे हुए एक वर्ष हो चुका है और कई बार मेरे इस भोलेपन की वजह से मुझे बहुत ही नुकसान झेलना पड़ता है क्योंकि सब लोग मेरा बहुत ही फायदा उठाते है। मैं ज्यादातर अपनी पढ़ाई में ही ध्यान देता हूं क्योंकि मुझे अपने जीवन में कुछ अच्छा करना है,  किसी अच्छे पद पर मुझे निकलना है इसीलिए मैं अपनी पढ़ाई पर ही ध्यान देता हूं और सिर्फ अपनी पढ़ाई के बारे में ही सोचता हूं। मेरे कॉलेज के जितने भी दोस्त हैं वह सब कॉलेज में भी मेरा बहुत फायदा उठाते थे, उन लोगों ने मुझसे कई बार पैसे भी लिए लेकिन उन्होंने आज तक वह पैसे मुझे नहीं लौटाए। एक बार तो मेरा मोबाइल फोन भी किसी दोस्त ने हीं चोरी कर लिया था लेकिन मैं किसी के साथ भी झगड़ा नहीं करता इसलिए सब लोग मेरा बहुत फायदा उठाते हैं, मुझे सब के बारे में जानकारी रहती है।

एक दिन मैं अपने घर पर ही बैठा हुआ था,  मै जब पढ़ाई कर रहा था तो मेरे टेबल के सामने एक खिड़की है जिससे कि बाहर साफ दिखाई देता है। मैंने एक दिन देखा कि शर्मिला आंटी हमारे पड़ोस के शर्मा अंकल के साथ बड़े हंस कर बात कर रही है, मैं यह सब देखता रहा, पहले तो मुझे ऐसा लगा कि शायद यह सब नार्मल होगा लेकिन जब उन्हें कोई भी नहीं देख रहा था तो वह दोनों आपस में गले मिलने लगे, मुझे थोड़ा अजीब सा लगा और मैं सोचने लगा कि जरूर दाल में कुछ काला है लेकिन मैं किसी के साथ भी ज्यादा बात नहीं करता था इसलिए यह बात मैंने किसी को भी नहीं बताई। मुझे लगा कि मुझे भी शायद इस बात को भूल जाना चाहिए क्योंकि यह उन दोनों का आपस का मामला है इसलिए मैंने भी उस बात को अपने दिमाग से निकाल दिया, फिर मैं भी अपनी पढ़ाई में बिजी हो गया इसलिए मैं ज्यादातर समय अपनी पढ़ाई में ही देने लगा। एक दिन मैं अपने एक दोस्त के घर चला गया और वहां पर उसके साथ बैठकर मैं काफी देर तक पढ़ने लगा क्योंकि वह भी पढ़ने में बहुत अच्छा है और मेरी मदद भी करता है।

मैं जब पढ़ाई कर रहा था तो मेरे दिमाग में यह बात आने लगी की शर्मिला आंटी के पति तो बहुत ही अच्छे हैं, उनसे मेरी एक बार बात भी हुई है लेकिन उन दोनों के बीच में ऐसा क्या हो गया कि शर्मिला आंटी को अपने पति में बिल्कुल भी इंटरेस्ट नहीं रहा। एक दिन मैं घर पर ही था उस दिन मेरी मम्मी मुझे कहने लगी तुम दुकान से कुछ सामान ले आओ, मेरी मम्मी ने मुझे पैसे दे दिए और मैं अपने घर के बगल में दुकान में चला गया। जब मैं दुकान में गया तो मैंने देखा वहां पर शर्मिला ऑन्टी भी थी और वह दुकान में सामान ले रही थी। मैं थोड़ा पीछे हट गया, मैंने सोचा पहले इन्हें हीं सामान लेने दीया जाए उसके बाद मैं सामान लेता हूं इसीलिए मैंने उन्हें सामान लेने दिया। जब वह सामान लेकर अपने घर चली गई तो मैंने भी सामान ले लिया था और मैं भी उनके पीछे पीछे ही जा रहा था लेकिन जब मैंने छत पर देखा तो छत पर शर्मा अंकल खड़े थे और वह शर्मिला आंटी को देख कर मुस्कुरा रहे थे, शर्मिला आंटी भी उन्हें मुस्कुरा कर जवाब दे रही थी, मुझे थोड़ा बहुत अजीब सा लगने लगा। कुछ दिनों बाद शर्मिला ऑन्टी का झगड़ा मेरी मम्मी के साथ हो गया और जब मैं बीच में गया तो वह मुझे कहने लगे कि तुम्हें बीच में आने की जरूरत नहीं है, मैंने उनसे झगड़े का कारण पूछा तो वह कहने लगी कि तुम्हारी मम्मी हमारे घर के बाहर कूड़ा कर देती हैं, मैंने उनसे पूछा कि मेरी मम्मी ने वह कूड़ा नहीं किया, जब तक आप अपनी आंखों से कुछ चीज ना देख ले तब तक आप को कुछ नहीं बोलना चाहिए लेकिन वह चुप ही नहीं हो रही थी,  मुझे भी लगा कि शायद वह मेरी मम्मी की बहुत ज्यादा बेज्जती कर रही है इसलिए मैं बहुत गुस्से में आ गया और मैंने उनसे पूछा कि आप इस प्रकार की बात बिना अपनी आंखों से देखे हुए नहीं कह सकती, उन्होंने भी मेरी बेइज्जती कर दी और कहने लगी तुम तो चुप ही रहो तुम बैटरी हो और बैटरी बनकर ही रहो। जब उन्होंने मुझे बैटरी कहा तो मुझे भी उन पर गुस्सा आ गया, मैंने उन्हें कहा कि ठीक है मैं अब आपको दिखाता हूं कौन बैटरी है और कौन बैटरी नहीं है।

मैंने भी उनकी पोल खोलने की पूरी ठान ली थी, मेरी मम्मी तो बहुत सीधी थी वह ज्यादा किसी के साथ बात नही करती थी लेकिन मैंने उन्हें रंगे हाथ पकड़ने की सोच ली थी। मैं अपनी खिड़की पर बैठा हुआ था, मैंने खिड़की से देखा कि शर्मा अंकल और शर्मिला आंटी आपस में मिल रहे हैं, मैंने उन दोनों की तस्वीर ले ली उसके बाद जब मैंने शर्मिला आंटी के मोबाइल पर उन दोनों की तस्वीर भेजी तो वह बहुत डर गई और उन्होंने मुझसे मैसेज में कहा कि सॉरी बेटा मुझसे गलती हो गई, आगे से कभी भी मैं तुम्हें कुछ नहीं कहूंगी। मैंने उन्हें कहा कि अब तो मैं आपकी पोल सबके सामने खोलकर ही रहूंगा, यह बात आपके पति को पता चल गई तो उसके बाद आप खुद ही सोच लीजिए की आपका क्या होगा और आपके बच्चे भी आपके बारे में क्या सोचेंगे। वह बहुत ज्यादा शर्मिंदा थी, उन्होंने मुझसे बहुत माफी मांगी। मैं बहुत खुश हो रहा था क्योंकि वह जिस प्रकार से मुझसे गिड गिडा कर माफी मांग रही थी मुझे बहुत सुकून मिल रहा था। मैं अपनी बेइज्जती का बदला लेना चाहता था, उन्होंने मुझे मेरे फोन में अपनी नंगी तस्वीर भी भेज दी, वह कहने लगी तुम मेरी चूत मार लो लेकिन मेरे पति को तुम यह तस्वीरें मत दिखाना। मैंने उन्हें कहा ठीक है मैंने भी एक बार सोचा कि मैं पहले आंटी के यौवन का रसपान कर ही लेता हूं उसके बाद मैं सोच लूंगा कि मुझे क्या करना है। मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं आपके घर आ रहा हूं मैं जब उनके घर पर गया तो वह चुपचाप से अपने सोफे पर बैठी हुई थी।

वह मेरे पास आकर बैठ गई वह मुझे कहने लगी बेटा तुम यह बात किसी को भी मत बताना। मैंने आंटी से कहा आप का नंगा बदन देखकर तो मैं बहुत खुश हो गया क्या आप मुझे अपना नंगा बदन दिखा सकती हैं। उन्होंने बड़ी तेजी से अपने कपड़े खोल दिए, जब मैंने उनके 36 नंबर के स्तनों को देखा और उनकी बडी गांड को मैंने हाथ लगाया तो मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया। मैंने उनसे कहा आप मेरा लंड चूस लिजिए उसके बाद आप मुझे बताइए कि मेरे लंड का स्वाद कैसा है। उन्होंने मेरे लंड को इतने अच्छे से चूसा की उन्होंने मेरा पानी भी निकाल दिया, 2 मिनट तक वह बड़े अच्छे से सकिंग करती रही। मैंने भी अपने कडक लंड को उनकी योनि के अंदर डाला तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस हुआ। मैंने उन्हें तेज गति से धक्के देना शुरू कर दिया मैंने उन्हें इतनी तेज झटके मारे की मेरा वीर्य उनकी योनि के अंदर घुसा तो वह मुझे कहने लगे तुम्हारा वीर्य तो बहुत गंढा है लेकिन मैं तुम्हें उससे भी ज्यादा सुख दूंगी तुम उसकी चिंता मत करो मैं तुम्हें खुश करके रख दूंगी। उन्होंने मेरे लंड के ऊपर तेल लगा लिया और कुछ देर तक वह अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को सकिंग करती रही जिससे कि मेरा लंड इतना चिकना हो चुका था, वह किसी भी छेद में घुस सकता था। उन्होंने अपनी गांड को मेरे सामने कर दिया और कहा कि तुम मेरी गांड के अंदर धीरे से अपने लंड को डाल दो। मैंने जैसे ही धीरे से अपने लंड को शर्मिला आंटी की गांड में डाला तो वह चिल्ला उठी और उनकी गांड से खून आने लगा। वह मुझे कहने लगी तुमने तो मेरी गांड से खून ही निकाल दिया, मुझे बड़ा मजा आ रहा है जिस प्रकार तुम मेरी गांड मार रहे हो। उन्होंने कहा कि तुम और भी तेज़ मुझे झटके दो, मैंने उन्हें इतनी तेजी से झटके मारे कि वह ज्यादा समय तक मेरे लंड को नही झेल पाई। वह मुझसे कहने लगी मुझसे नहीं हो पा रहा है और मेरी गांड में बहुत तेज दर्द होने लगा है। मैंने उन्हें कहा अब तो आपको पता चल गया होगा कि कौन बैटरी है और कौन बैटरी नहीं है। मैंने जैसे ही उनकी गांड में अपने वीर्य को गिराया तो वह मचल उठी। जब उन्होंने अपनी गांड से मेरे लंड को निकाला तो वह मुझे कहने लगी तुमने तो आज मुझे मजा ही दिलवा दिया, तुम यह बात किसी को मत बताना मैं तुम्हें अपनी गांड का सूख हमेशा दूंगी।


Comments are closed.