लंड की गर्मी को शांत कर दिया

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Lund ki garmi ko shaant kar diya मैं काफी दिनों से सोच रहा था कि अपनी दीदी से मिलने के लिए जाऊं। मैं जब अपनी दीदी को मिलने के लिए गया तो वह मुझे कहने लगी कि हर्षित तुम काफी दिनों के बाद आ रहे हो मैंने दीदी से कहा कि हां दीदी। दीदी मुझसे मिलकर खुश थी और वह कहने लगी घर में सब लोग कैसे हैं मैंने दीदी से कहा घर में तो सब लोग अच्छे हैं। दीदी ने मेरे लिए खाना बनाया और मैं खाना खाने के बाद घर लौट आया था। मैं जब घर लौटा तो मां ने मुझसे दीदी के बारे में पूछा तो मैंने दीदी के बारे में मां को बताया और कहा कि दीदी अच्छी है। कॉलेज का मेरा आखिरी वर्ष था और अब मेरा कॉलेज पूरा होने वाला था पढ़ाई पूरी करने के बाद मैं अपनी नौकरी की तलाश में था और जल्द ही मुझे एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिल गई। मैं जिस कंपनी में नौकरी करता हूं उसी कंपनी में मेरी काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी। एक दिन मैं अपने दोस्त के घर गया हुआ था मेरा दोस्त जो कि मेरे ऑफिस में ही जॉब करता है। मैं जब उसके घर पर गया तो मैंने उससे कहा रोहित कभी तुम मेरे घर पर भी आओ तो वह मुझे कहने लगा कि हां क्यों नहीं, मैं अपने दोस्त रोहित के घर पर अक्सर आता जाता रहता था।

एक दिन मैं जब रोहित के घर गया हुआ था तो रोहित के पड़ोस में ही मुझे एक लड़की दिखी उस लड़की को देखकर मुझे काफी अच्छा लगा और मुझे ऐसा लगा जैसे कि मैं उसे काफी समय से जानता हूं लेकिन ऐसा नहीं था वह लड़की मुझे पहली बार ही दिखी थी लेकिन ना जाने क्यों उसे देखकर मैं उसकी तरफ मोहित हो गया और उसे देख कर मुझे अच्छा लगता। मैंने जब रोहित से उस लड़की के बारे में पता किया तो वह मुझे कहने लगा कि उसका नाम अनामिका है और वह बहुत ही अच्छी लड़की है। अनामिका के बारे में रोहित ने जब कहा तो उससे मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और अब मुझे उससे किसी भी प्रकार से बातें करनी थी लेकिन मेरी उससे बात नहीं हो पाई थी। मैंने एक दिन अनामिका को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी मैंने जब उसे फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी तो उसने मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं की।

एक दिन मैं रोहित के घर पर गया हुआ था उस दिन जब मुझे अनामिका दिखी तो रोहित ने मेरा परिचय उससे करवाया। जब रोहित ने मुझे उससे मिलाया तो मुझे उससे मिलकर काफी अच्छा लगा। रोहित मुझे कहने लगा कि चलो तुम्हारी बात अनामिका से हो गई है मैंने रोहित को कहा हां मेरी बात अनामिका से हो गई है और मैं काफी ज्यादा खुश हूं की कम से कम तुमने तो मेरी बात अनामिका से करवाई। वह मुझे कहने लगा कि आगे भी अगर तुम्हे अनामिका से मिलना हो तो तुम घर पर आ जाया करो। मैं जब भी रोहित के घर जाता तो मेरी नजरे अक्सर अनामिका को ढूंढा करती थी लेकिन यह सब इतना आसान भी नहीं था। अनामिका मुझे कई बार मिल जाया करती और कई बार वह मुझे दिखती भी नहीं थी लेकिन जब भी वह मुझे मिलती तो मैं उससे बातें जरूर किया करता था। मुझे अनामिका से बातें करना अच्छा लगता मैं जब भी अनामिका से बातें करता तो मैं काफी ज्यादा खुश होता था और अनामिका भी खुश रहती।

समय के साथ हम दोनों की बातें भी अब काफी ज्यादा बढ़ने लगी थी मैंने और अनामिका ने एक दूसरे से अपने नंबर एक्सचेंज कर लिये थे जिस कारण मैं अनामिका से काफी बातें किया करता और अनामिका भी मुझसे बहुत बातें करती। मैं जब अनामिका से बात करता तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता और अनामिका को भी काफी ज्यादा अच्छा लगता था। मेरी और अनामिका की बात अब काफी ज्यादा होने लगी थी और हम दोनों फोन पर एक दूसरे से काफी बातें किया करते। मैं भी खुश रहता था जब भी मैं अनामिका से फोन पर बातें किया करता। एक दिन मैं अनामिका से फोन पर बातें कर रहा था तो मैंने उस दिन अनामिका को कहा कि मुझे तुमसे मिलना है वह मुझे कहने लगी कि ठीक है मैं तुमसे मिलती हूं। अगले दिन हम दोनों एक कॉफी शॉप में मिले जब हम लोग अगले दिन एक दूसरे को मिले तो मुझे अनामिका से बातें करना अच्छा लग रहा था और अनामिका को भी मुझसे बात करना बहुत ही अच्छा लग रहा था। अनामिका काफी ज्यादा खुश थी और वह मुझे कहने लगी कि हर्षित मुझे तुमसे बात करके अच्छा लगता है। हम दोनों एक दूसरे को अब पसंद भी करने लगे थे यही वजह थी कि मेरे और अनामिका के बीच अब प्यार भी पनपने लगा था।

अनामिका के दिल मे मेरे लिए काफी ज्यादा प्यार था और मुझे यह बात तब पता चली जब अनामिका ने मुझे कहा कि मैं तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करने लगी हूं। मेरे दिल में तो अनामिका के लिए पहले से ही प्यार था और मैं यह सब सुनकर बहुत ज्यादा खुश था। अनामिका और मैं अब एक-दूसरे को डेट करने लगे थे हम दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे थे तो हम दोनों को भी काफी अच्छा लगता और हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे। अनामिका के साथ समय बिता कर मैं बहुत खुश रहता। अनामिका अभी कहीं जॉब नहीं कर रही थी लेकिन एक दिन उसने मुझे कहा कि हर्षित मुझे जॉब करनी है तो मैंने अनामिका को कहा कि तुम जॉब के लिए ट्राई करो तुम्हारी जॉब जरूर लग जाएगी। अनामिका ने जॉब के लिए ट्राई किया और उसकी जॉब लग गई। अनामिका की जॉब लग गई थी तो वह काफी खुश थी और मुझे कहने लगी कि हर्षित यह सब तुम्हारी वजह से ही हुआ है। मैंने अनामिका को कहा  मैं तुमसे कहता ना था कि तुम्हारी जॉब लग जाएगी देखो तुम्हारी नौकरी लग गई। अनामिका की जॉब लग चुकी थी और हम दोनों एक दूसरे को मिलते रहते तो हमें अच्छा लगता।

अनामिका और मै एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा खुश है और हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते हैं। मैं जब भी अनामिका के साथ होता तो मैं काफी ज्यादा खुश रहता। एक दिन मैंने अनामिका को अपने घर पर बुलाया उस दिन घर पर कोई भी नहीं था मै इस मौके का फायदा उठाना चाहता था। अनामिका और मेरे बीच इस से पहले किस तो हो चुका था लेकिन हम दोनों के बीच अभी भी सेक्स नहीं हुआ था। मैं चाहता था मैं अनामिका के साथ सेक्स करू मैंने पूरा मन बना लिया था। मुझे यह बात अच्छे से पता थी कि मैं अनामिका के साथ सेक्स करने वाला हूं लेकिन अनामिका शायद इस बात के लिए तैयार नहीं थी परंतु जब वह घर आई तो मैंने अनामिका को गरम कर दिया।

वह अब एक पल के लिए भी रह नहीं पा रही थी वह मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है। मैं भी काफी ज्यादा खुश था और अनामिका भी बहुत ज्यादा खुश थी। मैने अनामिका के होंठों को चूमना शुरू किया। मैंने जब उसके होठों का रसपान करना शुरू किया तो उसको बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और मुझे भी काफी ज्यादा अच्छा लगता। जब मैं अनामिका के होंठो को चूम रहा था तो हम दोनों की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। अनामिका को काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने भी अपने लंड को बाहर निकाला और उसे हिलाना शुरू किया। जब मैंने ऐसा करना शुरू किया तो अनामिका ने तुरंत ही उसे अपने हाथों में लेकर हिलाना शुरू किया। जब उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया तो मुझे मजा आने लगा और अनामिका को भी मजा आ रहा था। वह बड़े ही अच्छे तरीके से मेरे लंड को चूस रही थी वह मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी।

अनामिका ने मेरे अंदर की गर्मी को इस कदर बढ़ा दिया था मै एक पल के लिए भी रह नहीं पाया। मैंने अपने लंड को अनामिका की योनि पर लगाया जब मैंने अपने लंड को अनामिका की चूत पर लगाया तो अनामिका की चूत से पानी निकल रहा था। वह मुझे कहने लगी तुम मेरी गर्मी को बढ़ाते रहो। मैंने अब उसके स्तनों का दबाना शुरू किया जब मैं उसके स्तनों को दबा रहा था तो मुझे अच्छा लग रहा था और अनामिका को भी मजा आ रहा था। अनामिका के अंदर से निकलती हुई गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि वह एक पल के लिए भी रह नहीं पा रही थी। उसने मुझे कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है मैंने अनामिका के अंदर की गर्मी को काफी ज्यादा बढ़ा दिया था अनामिका को भी अच्छा लगने लगा था। अब वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है मैंने अनामिका की चूत पर जीभ को लगाकर उसकी योनि को चाटना शुरू किया। जब मैं ऐसा कर रहा था तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और अनामिका को भी आनंद आने लगा था।

वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है मैंने अब अनामिका की योनि की अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह जोर से चिल्लाई और मुझे बोलने लगी मेरी योनि से खून निकलने लगा है। मैंने अनामिका की चूत की तरफ देखा तो उसकी योनि से वाकई में खून निकल रहा था। मैंने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया। अनामिका को भी बहुत ज्यादा आनंद आ रहा था वह मुझे कहने लगी मुझे अब तेजी से चोदो। मैने अनामिका को बहुत ज्यादा तेजी से चोदना शुरू कर दिया। जब मेरा लंड अनामिका की चूत के अंदर होता तो वह बहुत जोर से चिल्लाती। अनामिका मुझे कहती मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। अनामिका मुझे कहने लगी तुम मुझे बस ऐसे ही धक्के मारते रहो। मैंने अनामिका को कहा मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका है। अनामिका समझ चुकी थी अब वह बिल्कुल भी रह नहीं पाएगी इसलिए मैंने अनामिका को चूत मे माल गिरा दिया। अनामिका मुझे कहने लगी आज मजा आ गया। मुझे भी काफी अच्छा लग रहा था। हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स कर के बहुत खुश थे।


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