आंटी की योनि में अपने कड़क और मोटे लंड को डाला

Aunty ki yoni me apne kadak aur mote lund ko dala:

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मेरा नाम रोहन है मैं भोपाल का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 23 वर्ष है। मैं कॉलेज में पढ़ता हूं और मेरे कॉलेज में मेरा ग्रुप बहुत बड़ा है, सब लोग हमारे ग्रुप में एक साथ समय बिताते हैं। मेरा एक दोस्त है जिसका नाम राहुल है, वह हमेशा ही मुझे बहुत सपोर्ट करता है। एक दिन हम लोग कॉलेज से बाइक में घर लौट रहे थे तो मैं और राहुल साथ में ही थे, जब हम लोग जा रहे थे तो आगे से एक कार बड़ी तेज स्पीड में आ रही थी, राहुल ने जल्दी से ब्रेक लगा दिया, जैसे ही ब्रेक लगाया तो हम लोग फिसल गए और हमारा एक्सीडेंट हो गया। राहुल को बहुत ज्यादा चोट आई, मैं जल्दी से उठा और उसके बाद मैं राहुल को अस्पताल ले गया। मुझे भी हाथ और पैरों पर चोट आई थी। उसके बाद मैंने राहुल की मम्मी को बता दिया और वह लोग हॉस्पिटल आ गए।

जब वह लोग हॉस्पिटल आए तो राहुल के शरीर से काफी खून निकल रहा था, जब इस बारे में हमने डॉक्टर से बात की तो डॉक्टर कहने लगे चिंता की कोई बात नहीं है, थोड़ा बहुत खून निकल गया है लेकिन कुछ समय बाद वह खून बंद हो जाएगा। राहुल कुछ दिनों तक हॉस्पिटल में ही था उसके बाद हम लोग उसे घर ले गए। जब हम लोग उसे घर ले गए तो मेरा भी अक्सर उसके घर में आना जाना लगा रहता था। अब राहुल घर पर ही था और घर पर वह बेड रेस्ट पर था। मैं उससे मिलने हमेशा ही उसके घर जाता रहता था। राहुल के पिताजी बहुत ही अच्छे व्यक्ति हैं और वह मेरे साथ भी काफी देर तक बैठे रहते थे। एक दिन मैं उनके साथ बैठा हुआ था तो वह मुझे समझा रहे थे कि तुम लोग बाइक ज्यादा तेज मत चलाया करो, मैंने अंकल से कहा कि हम लोग बाइक बिल्कुल भी तेजी में नहीं चला रहे थे, वह तो आगे से बड़ी तेजी में कार आ रही थी और जल्दी बाजी में ब्रेक लग गया और बाइक स्लिप हो गई। अंकल मुझसे कहने लगे कि मुझे काफी चिंता होती है, मैंने राहुल को पहले ही मना किया था परंतु उसने मुझे कहा कि मुझे बाइक दिलवा दो इसलिए मैंने उसे बाइक दिलवाई।

राहुल अपने घर पर इकलौता लड़का है इसलिए उसके पिताजी उसकी बहुत चिंता करते हैं, उसकी मां भी राहुल की बहुत ही चिंता करती हैं। राहुल अब धीरे धीरे ठीक हो रहा था लेकिन उसे चलने में थोड़ा तकलीफ थी इसीलिए वह बिस्तर पर ही लेटा रहता। एक दिन राहुल की मम्मी और मैं साथ में बैठे हुए थे, उस दिन मैंने उसकी मम्मी से पूछा अब राहुल की तबीयत में तो काफी सुधार हो चुका है और कुछ दिनों बाद वह ठीक भी हो जाएगा, उसकी मम्मी कहने लगी हां अब वह काफी अच्छा महसूस कर रहा है और कुछ दिनों बाद ठीक भी हो जाएगा। राहुल की मम्मी भी मुझसे कहने लगी कि मैं उस दिन बहुत ज्यादा डर गई थी  जब तुम लोगों का एक्सीडेंट हुआ। मैंने उन्हें कहा कि मुझे भी उस दिन काफी डर लगा, मैं भी बहुत घबरा गया था इसलिए मैंने उस दिन तुरन्त आपको फोन किया। मुझे लगा यदि मैं अंकल को फोन करूंगा तो अंकल मुझे डांट ना दे इसलिए मैंने अंकल से यह बात नहीं कही। मैं घबरा गया था। राहुल की मम्मी का व्यवहार भी बहुत अच्छा है और उनका भी हमारे घर पर आना जाना लगा रहता है। वह मुझसे मेरे घर के बारे में पूछने लगी, मैंने उन्हें कहा कि हमारे घर पर सब कुशल मंगल हैं। राहुल की मम्मी कहती कि तुमने उस दिन हिम्मत दिखाई थी और उस दिन तुम यदि उसे समय पर अस्पताल नहीं ले जाते तो शायद कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी, मैंने उनसे कहा कि राहुल ने भी हमेशा मेरा बहुत सपोर्ट किया है, तो मैं राहुल को अकेला कैसे छोड़ सकता था। एक दिन मैं अपने घर पर ही था और मेरी मम्मी भी मुझसे पूछने लगी कि राहुल की तबीयत अब कैसी है, मैंने उन्हें बताया कि उसकी तबीयत अब पहले से बेहतर है और वह कुछ दिनों बाद ठीक भी हो जाएगा। कुछ दिन तक मैं अपने कॉलेज अकेले ही जा रहा था, मेरे सारे दोस्त भी मुझसे कॉलेज में राहुल के बारे में पूछते रहते थे क्योंकि वह भी उस दिन बहुत ही घबरा गए थे, जब उन्हें इस बात की सूचना मिली। कॉलेज में हमारी एग्जाम भी होने वाले थे और राहुल घर पर ही था इसलिए मैं उसे नोट्स दे देता था और हम दोनों उसके घर में ही बैठकर पढ़ाई करते थे।

राहुल मुझे कहने लगा कि अब मैं अपने आप को पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं और सोच रहा हूं कुछ दिनों बाद मैं कॉलेज जाना शुरू कर दू। मैंने उसे कहा कि अभी तुम आराम करो, तुम्हें चलने में काफी दिक्कत है इसलिए तुम कुछ समय तक घर पर ही रहो। वह कहने लगा लेकिन मैं घर पर बहुत ज्यादा बोर हो गया हूं। मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता, मैं घर पर ही अकेला बैठा रहता हूं। मैंने उसे कहा कि तुम ठीक हो जाओगे तो उसके बाद हम लोग कहीं घूमने चलेंगे। मुझे भी बहुत बुरा लग रहा था जिस प्रकार से राहुल बिस्तर पर था, मुझे यह बात बिल्कुल भी अच्छी नहीं लग रही थी। मैं जब भी राहुल के घर जाता तो उसकी मम्मी राहुल का बहुत ध्यान रखा करती थी। मैं एक दिन राहुल के घर पर ही बैठा हुआ था और उसकी मम्मी दूसरे कमरे में थी। मैं राहुल के साथ था कुछ देर बाद मै राहुल की मम्मी के रूम में चला गया। मैं उनके रूम में बैठा हुआ था तो उनके बेड पर एक डीलडो पड़ा हुआ था मैंने जब उसे देखा तो मैंने उसे अपने हाथ में ले लिया। मैंने आंटी से पूछा कि क्या आप इसे इस्तेमाल करती हैं। वह कहने लगी हां मुझे इस इस्तेमाल करने में बड़ा मजा आता है। मैंने उन्हें कहा कि क्या आप मुझे अपनी चूत मारने देंगे वह कहने लगी तुम मेरे लड़के से दोस्त हो तुम्हारे साथ में कैसे सेक्स कर सकती हू।

मैंने उन्हें कहा कि मेरा लंड असली है आप यदि अपने अंदर मेरे लंड को लेंगी तो आपको बहुत मजा आएगा। वह मेरे पास आकर बैठ गई और उन्होंने मेरी पैंट के अंदर से मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और अपने हाथों से हिलाने लगी। काफी देर तक उन्होंने ऐसा किया उसके बाद उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और अच्छे से सकिंग करने लगी। काफी समय तक उन्होंने मेरे लंड को ऐसे ही चूसा उसके बाद मैंने उन्हें नंगा कर दिया और उनके बडी बडी चूतडो को देख कर मेरा पूरा मूड खराब हो गया। मैंने काफी देर तक उनकी योनि को चाटा उसके बाद मैंने उन्हें बिस्तर पर लेटा दिया और उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। मेरे लंड से भी पानी निकलने लगा था और मैंने उनकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जब मेरा लंड आंटी की योनि में गया तो वह चिल्लाने लगी वह कहने लगी कि तुम्हारा लंड तो बहुत ही मोटा है और कड़क भी है। मैंने उनकी मोटी मोटी जांघों को पकड़ लिया और उनको झटके देने लगा उनके बड़े बड़े स्तन हिल रहे थे और मैं उन्हें अपने हाथों से दबाने पर लगा हुआ था। उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था मैं जिस तरह उनके बड़े बड़े स्तनों को अपने हाथों से दबा रहा था वह पूरे मूड में आ रही थी। जब आंटी की चूत से तरल पदार्थ बाहर की तरफ निकलने लगा तो मैंने उन्हें बड़ी तेज गति से धक्के देना शुरू कर दिया। वह मुझे कहने लगी कि तुम मुझे बड़े अच्छे से चोद रहे हो और मुझे बहुत मजा आ रहा है तुम जिस प्रकार से मुझे चोद रहे हो। जब मेरा वीर्य उनकी योनि में गिर गया तो उन्होंने मुझे कहा कि मेरी अभी चुदने की इच्छा पूरी नहीं हुई है तुम मेरी योनि में अपने लंड को दोबारा से डाल दो। वह घोड़ी बन गई और उन्होंने मेरे लंड को अपनी योनि में ले लिया और मैंने भी उन्हें काफी देर तक झटके मारे जिससे कि मुझे भी अच्छा लग रहा था और वह भी बहुत खुश थी। लेकिन ज्यादा समय तक मैं उनकी योनि की गर्मी को नहीं झेल पाया और कुछ ही शॉट मारने के बाद मेरा वीर्य उनकी योनि के अंदर गिर गया उन्हें बहुत अच्छा महसूस हुआ। जब मैंने अपने लंड को उनकी योनि से बाहर निकाला तो वह कहने लगी कि तुमने तो आज मेरी इच्छा पूरी कर दी। उसके बाद मैं अपने घर चला गया लेकिन जब भी मैं उनके घर जाता हूं तो हमेशा ही आंटी की चूत जरूर मारता हूं। आंटी भी अक्सर मुझसे फोन पर बात कर लेती हैं और कहती हैं कि तुम काफी दिनों से घर नहीं आए हो। वह हमेशा ही मेरा लंड अपनी योनि में लेने के लिए तैयार रहती हैं।


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