योनि मे लंड जाते ही प्यार हवा हुआ

Yoni me lund jate hi pyar hawa hua:

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मेरा नाम कमलेश है मैं कानपुर का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 40 वर्ष है और मैं अपनी कॉलनी का जेम्स बॉन्ड हूं। मैं अपनी कॉलोनी में सब पर नजर रखता हूं इसलिए सब लोग मुझे बॉन्ड भाई कहकर बुलाते हैं। मेरी नजर से बच पाना लोगों के लिए मुश्किल होता है इसलिए वह लोग मुझसे दूरी बनाकर रखते हैं। मैं पहले सरकारी जॉब पर था लेकिन मेरा एक एक्सीडेंट हुआ उसके बाद से मुझे वह नौकरी छोड़नी पड़ी। अब मैं घर पर ही रहता हूं। मैं सुबह और शाम के वक्त पप्पू चाय वाले के पास जाता हूं। पप्पू बड़ा ही मजेदार व्यक्ति हैं। वह मुझे मोहल्ले की सारी खबर देता है। एक दिन मैं पप्पू के पास शाम के वक्त बैठा हुआ था। उस दौरान वहां दो चार लोग बैठे हुए थे।  वह मुझे कहने लगे और सुनाइए कमलेश भाई क्या चल रहा है? मैंने पप्पू से कहा कुछ भी नहीं चल रहा। बस तुम्हारे पास ही सुबह और शाम की चाय पीने आ जाता हूं इसीलिए थोड़ा समय कट जाता है।

वह कहने लगा अरे भैया आजकल तो मोहल्ले में बहुत कुछ चल रहा है क्या आपको पता नहीं। मैंने उससे पूछा आजकल क्या चल रहा है? तुम मुझे भी तो बताओ। वह कहने लगा आजकल तो डॉक्टर साहब की लड़की हमारी कॉलोनी के राकेश भाई के साथ चक्कर चला रही है। मैंने उससे कहा कौन राकेश। जिनके पिताजी स्कूल में अध्यापक हैं। वह कहने लगा हां वही राकेश। मैंने पप्पू से पूछा वह क्या करता है? वह कहने लगा वह तो इंजीनियर है। मैंने पप्पू से कहा उसकी तो शादी हो चुकी है।  मैंने पप्पू को कहा और यह कौन से डॉक्टर साहब कि तुम बात कर रहे हो जो दांत के डॉक्टर हैं? वह कहने लगा नहीं साहब वह नहीं। जो घर पर ही अपना क्लीनिक चलाते हैं।  मैंने कहा अच्छा तुम गुप्ता जी की बात कर रहे हो। वह कहने लगा हां मैं गुप्ता जी की बात कर रहा हूं। मैंने पप्पू से कहा उनसे तो मेरे बड़े अच्छे संबंध है और उनकी लड़की का नाम तो प्रतिभा है। वह कहने लगा यही तो मैं आपको बता रहा हूं। सारे शहर में ढिंढोरा पीटा है और आप को कुछ पता भी पता नहीं कि हमारे कॉलोनी में क्या हो रहा है। मैंने सोचा चलो कुछ दिनों के लिए मेरा भी टाइम पास हो जाएगा इसीलिए मैंने पप्पू से कहा तुम मुझे बताते रहना कि आज कल उन दोनों का चक्कर कितना आगे बढ़ रहा है। मैंने चाय का एक गिलास पिया और उसके बाद मैं अपने घर चला गया।

अगले दिन जब सुबह मैं पप्पू के पास पहुंचा तो पप्पू कहने लगा अरे भैया वह दोनों तो अब बिल्कुल खुलकर मिलने लगे हैं। उन्हें तो जैसे शर्म भी नहीं है। राकेश की तो शादी भी हो चुकी है और वह अपनी पत्नी को धोखा दे रहा है। जब पप्पू ने मुझसे यह बात कही तो मैंने उसे कहा तुम पहले मुझे एक गरमा गरम चाय का प्याला पिलाओ। उसके बाद हम लोग इस बारे में बात करते हैं। जब पप्पू मेरे लिए चाय बना रहा था तो उस वक्त और भी लोग पप्पू के पास बैठने आ गए। मैंने पप्पू से कहा तुम अभी इनके सामने यह बात मत करना। मैं भी आराम से बैठकर चाय पीने लगा और उन लोगों के साथ में बात करने लगा। जब वह लोग चले गए तो मैंने पप्पू से कहा हां तुम अब बताओ क्या कह रहे थे? वह कहने लगा मैं कल चाय बना रहा था तो मेरी दुकान में चीनी खत्म हो गई थी इसलिए मैं दौड़ता हुआ सामने की दुकान से चीनी लेने के लिए चला गया। मैं जब वहां पर गया तो मैंने उनकी दुकान के पीछे देखा की राकेश और प्रतिभा दोनों एक दूसरे से बात कर रहे हैं और वह दोनों एक दूसरे से गले भी मिल रहे थे। मैंने उसे कहा की यह तो बहुत ही मजेदार बात है लगता है अब मुझे इस बारे में गुप्ता जी से बात करनी ही पड़ेगी। वह कहने लगा आप गुप्ता जी से इस बारे में बात कीजिए क्योंकि ऐसे में तो राकेश की पत्नी का जीवन बर्बाद हो जाएगा। मैंने कहा ठीक है मैं उनसे बात करता हूं। मैं जैसे ही गुप्ता जी के घर के लिए निकल रहा था तो मेरे सामने राकेश आ गया। जब राकेश मुझे मिला तो मैंने उससे बात की। वह कहने लगा आप तो कमलेश जी हैं। मैंने उन्हें कहा हां मैं कमलेश हूं। मैंने उस दिन राकेश को समझाया और कहा कि तुम क्यों अपनी पत्नी की जिंदगी बर्बाद कर रहे हो? वह कहने लगा मैं आपकी बात समझा नहीं हालांकि वह मेरी बात को समझ चुका था लेकिन उसके बाद भी वह अनजान बनने की कोशिश कर रहा था।

मैंने उसे कहा तुम बातों को इधर उधर ना घुमाओ तो अच्छा रहेगा। तुम्हें इस चीज की तो जानकारी है कि तुम्हारा चक्कर प्रतिभा के साथ चल रहा है। वह कहने लगा नहीं ऐसा तो कुछ भी नहीं है। वह अपनी बात मानने को तैयार नहीं था। मैं अब जैसे ही आगे बढ़ा तो उसके पीछे प्रतिभा आ रही थी। राकेश थोड़ा आगे जाकर रुक गया और वह पीछे पलट कर देखने लगा। मैंने प्रतिभा से बात करनी शुरू कर दी। मैं प्रतिभा को समझाया और उसे कहा तुम दोनों यह बहुत गलत कर रहे हो। वह कहने लगी मैं राकेश से प्रेम करती हूं। मैंने उसे कहा यदि तुम राकेश से प्रेम करती हो तो उसकी पत्नी का क्या होगा तुम्हें पता है। यदि तुम्हारी वजह से किसी का घर टूटेगा तो उस महिला के ऊपर क्या बीतेगी। वह थोड़ी देर अपने दिमाग पर जोर डालने लगी। राकेश भी वहां से जा चुका था और मैं उसे समझाने लगा। मैंने उसे कहा यदि तुम नहीं समझोगे तो लगता है मुझे तुम्हारे पिताजी से ही इस बारे में बात करनी पड़ेगी। वह चुपचाप खड़ी हो गई और मेरी बातें बड़े ध्यान से सुनने लगी। वह मेरी बात इतने ध्यान से सुन रही थी। मैंने उसे कहा तुम मेरे साथ मेरे घर पर चलो मैं तुम्हें अपने घर पर समझाता हूं।

मैं उसे अपने घर पर ले आया जब मैं उसे अपने घर पर लाया मै उसे बैठाकर समझाने लगा और कहा कि देखो प्रतिभा यह बिल्कुल भी उचित नहीं है। वह कहने लगी मुझे पता है लेकिन मैं क्या करूं मेरा दिल राकेश के ऊपर आ चुका है। मैंने उसे कहां यह प्यार कुछ नहीं होता और आखरी में सिर्फ शारीरिक संबंध ही एक दूसरे की जरूरतों को पूरा करते हैं। जब मैंने उससे यह बात कही तो वह कहने लगी नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है। मैंने उसे कहा चलो ठीक है मैं तुम्हें यह साबित कर के दिखाता हूं। मैंने उसके नर्म और मुलायम होठों को चूमना शुरू किया और उसकी जांघों पर मैंने अपने हाथ को रखते हुए सहलाना शुरु किया। जब मैंने उसकी जांघों पर अपने हाथ को रखा तो वह पूरे मूड में आ गई और कहने नहीं लगी लगता है आप बिल्कुल सही कह रहे थे। वह इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई उसने अपने सारे कपड़े उतार दिया। मेरे सामने वह नग्न अवस्था में थी उसका गोरा और चिकना बदन देखकर मेर लंड एकदम से खड़ा हो गया। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो उसने अपने हाथों से कुछ देर तक मेरे लंड को हिलाया।

मैंने जब उसके स्तनों पर अपनी जीभ को लगाया तो वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई और कहने लगी आप बड़े अच्छे से मेरे स्तनों का रसपान कर रहे हैं मुझे बहुत ही मजा आ रहा है। मैंने उसके पूरे बदन को ऊपर से लेकर नीचे तक चाटा मैंने उसकी मुलायम योनि पर जीभ को लगाया तो वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई। मैंने भी जल्दी से अपने  लंड को उसकी चिकनी योनि के अंदर डाल दिया। जैसे ही मेरा मोटा लंड उसकी योनि के अंदर घुसा तो उसके मुंह से हल्की सी आवाज निकल आई लेकिन तब तक मेरा लंड भी उसकी योनि के अंदर पूरा जा चुका था। मेरा लंड उसकी चूत की गहराइयों में खो चुका था मैंने जब उसे धक्के देने शुरू किए तो उसकी चूत से पानी तेजी से बाहर निकल रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे आपके साथ सेक्स करके बहुत अच्छा लग रहा है इतना मजा तो मुझे राकेश के साथ भी नहीं आया। जब उसने मुझे यह बात कही तो मैंने भी उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और उसे तेज गति से धक्के देना शुरू कर दिया। मेरे लंड उसकी चूत के अंदर इतनी तेज गति से अंदर बाहर होता कि उसकी चूत मे दर्द हो जाता और उसके स्तन बडी तेजी से हिल रहे थे। मैंने भी उसके स्तनों का रसपान करना शुरू कर दिया और उसके नरम और मुलायम होठों को भी चूसता रहा लेकिन मैंने अपने धक्को में कोई कमी नहीं कि। मैं और भी तेज और जोशीले दम के साथ उसे धकके देने लगा। जब उसकी योनि से गर्म पानी कुछ ज्यादा ही बाहर आने लगा तो मेरा वीर्य उसकी चूत के गरम पानी को नहीं झेल पाया। जैसे ही मेरा गर्मा गर्म वीर्य उसकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह मुझसे गले लगकर लिपट गई और कहने लगी आप बिल्कुल सही कह रहे थे।


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