वो पहली रात कुछ अलग थी

Wo pahli raat kuch alag thi:

Antarvasna, kamukta एक दिन मैं अपने ऑफिस के लिए बस से जा रहा था मैं हर दिन की तरह ही सुबह अपने ऑफिस बस से निकल जाता था ताकि मुझे ऑफिस पहुंचने में देरी ना हो, मैं सीट में बैठा हुआ था और उस दिन बस में कुछ ज्यादा ही भीड़ थी उस दिन सोमवार था। मेरे पास में एक व्यक्ति आकर खड़े हुए उनके साथ उनकी पत्नी भी थी वह प्रेग्नेंट थी लेकिन उन्हें सीट नहीं मिल रही थी जब उन्हें सीट नहीं मिल रही थी तो मैंने उन्हें अपनी सीट पर बैठने के लिए कहा वह महिला वहां बैठ गई उनके पति ने मुझे धन्यवाद देते हुए कहा आपका बहुत बहुत शुक्रिया मैंने उन्हें कहा सर कोई बात नहीं। मैं वहीं पास में खड़ा हो रखा था उन्होंने मुझसे मेरा नाम पूछा मैंने उन्हें कहा मेरा नाम अजय बताया जब मैंने उन्हें अपना नाम बताया तो वह मुझे कहने लगे मेरा नाम राकेश है और यह मेरी पत्नी कोमल है।

वह मुझसे पूछने लगे तुम कहां रहते हो तो मैंने उन्हें अपने घर की लोकेशन बताई और जब उन्होंने मुझे कहा आप कभी हमारे घर पर आइएगा तो मैंने उन्हें कहा जी सर क्यों नहीं जब भी मुझे समय मिलेगा तो मैं आपके घर पर जरूर आऊंगा। उन्होंने मुझे अपना नंबर दे दिया राकेश बात करने में बड़े ही अच्छे हैं और उनकी पत्नी कोमल भी बहुत ही अच्छी हैं। मैं उस दिन जब ऑफिस पहुंचा तो मुझे ऐसा लगा जैसे आज मैंने कोई अच्छा काम किया है मैं जब ऑफिस में अपने केबिन में बैठा हुआ था तो वहां पर मैंने अपने दोस्तों को यह बात बताई तो वह लोग कहने लगे तुमने बहुत ही अच्छा काम किया जो एक प्रेग्नेंट महिला को सीट दे दी। काफी समय बाद मुझे राकेश जी का फोन आया और वह कहने लगे क्या आप फ्री हैं? मैंने उन्हें कहा जी सर आप कहिए आप कैसे हैं वह मुझे कहने लगे मैं ठीक हूं मैंने उन्हें कहा और कोमल भाभी कैसी हैं तो वह कहने लगे वह भी ठीक है और कुछ समय बाद ही उसकी डिलीवरी हो जाएगी मैंने कहा चलिए यह तो बहुत खुशी की बात है। वह मुझसे बात कर रहे थे और जब उन्होंने मुझे कहा आप हमारे घर नहीं आए तो मैंने कहा सर अभी तो मेरे पास समय नहीं है क्योंकि ऑफिस में कुछ ज्यादा काम है इसलिए मैं आपसे मिलने नहीं आ पा रहा हूं परंतु जल्द ही मैं आपसे मिलने के लिए आऊंगा वह कहने लगे जिस दिन आप हमारे घर पर आए तो आप हमें फोन कर दीजिएगा।

अब मैंने फोन रख दिया था एक दिन मैंने सोचा कि आज मैं राकेश जी और कोमल भाभी को मिल ही आता हूं उस दिन मेरी छुट्टी थी तो मैं उनसे मिलने के लिए चला गया जब मैं उनसे मिलने गया तो वह लोग मुझे देखकर बहुत खुश हुए और कहने लगे चलिए कम से कम आप हमारे घर पर तो आए मैंने उन्हें कहा नहीं ऐसी कोई बात नहीं है मैं दरअसल आपके घर आना चाहता था लेकिन आपको तो मालूम ही है कि ऑफिस के काम के चलते कितनी व्यस्तता हो जाती है। वह मुझे कहने लगे हां आप बिल्कुल सही कह रहे हैं ऑफिस में तो काफी सारा काम होता है जिस वजह से समय तो नहीं मिल पाता। वह कहने लगे चलिए कोई बात नहीं अब आपने समय निकाल लिया है तो आज आपको हमारे घर पर ही रुकना पड़ेगा मैंने उन्हें कहा नहीं सर मैं आपके घर पर तो नहीं रुक पाऊंगा लेकिन मैं आपके साथ आज कुछ समय बिता सकता हूं। राकेश जी और कोमल भाभी मेरे साथ बैठ कर बात कर रहे थे वह मुझसे मेरे बारे में पूछने लगे मैंने उन्हें अपने बारे में काफी कुछ चीजें बताई और जब राकेश जी ने मुझसे अपनी प्रेम कहानी बयां की तो मैंने उन्हें कहा आपने और भाभी ने क्या लव मैरिज की थी तो वह कहने लगे हां हम दोनों ने लव मैरिज की थी उसके बाद हम दोनों ने चोरी छुपे शादी कर ली और अब हमारे परिवार वाले हमें अपनाने को तैयार नहीं है इसलिए हम लोग अलग ही रहते हैं। मैंने उन्हें कहा लेकिन आपको तो बहुत तकलीफो का सामना करना पड़ा होगा वह कहने लगे मुझे तो काफी तकलीफ झेलनी पड़ी लेकिन मेरे साथ कोमल थी तो मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई कोमल ने मेरा हर जगह साथ दिया और जिसकी वजह से हम दोनों ने अपनी जिंदगी को अपने हिसाब से जीने के बारे में सोचा और हम दोनों एक दूसरे के साथ खुश हैं। मैं उनकी प्यार भरी कहानी को सुनकर बहुत इंप्रेस हो गया मैंने उन्हें कहा काश कोमल भाभी जैसी लड़की मेरी जिंदगी में भी आती वह कहने लगे क्यों नहीं तुम भी बहुत अच्छे लड़के हो और जरूर तुम्हारे जिंदगी में भी कोई अच्छी लड़की आ जाएगी।

मैंने उन्हें कहा यह तो देखते हैं कब वह लड़की मेरे जीवन में आती है इस बात से हम सब लोग हंसने लगे उस दिन मैंने उनके साथ काफी अच्छा समय बिताया और उसके बाद जब भी कोमल भाभी और राकेश जी मुझे बुलाते तो मैं उनसे मिलने के लिए चले जाया करता था मेरी उन दोनों के साथ बहुत अच्छी बनने लगी थी जिस कारण से वह लोग मुझे बहुत मानते थे और मैं भी उन लोगों की बड़ी ही इज्जत किया करता था। यह सिलसिला चलता ही आ रहा था और एक दिन मेरे जीवन में वह लड़की आ ही गयी जिसका मैं इंतजार कर रहा था और शायद राकेश जी और कोमल भाभी की कही हुई बात बिल्कुल सच हो गई थी मुझे क्या पता था कि सब कुछ इतनी जल्दी हो जाएगा मेरे जीवन में महिमा आ चुकी थी। महिमा की और मेरी मुलाकात एक दिन इत्तेफाक से हो गई हम दोनों एक ही कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए गए हुए थे मेरा उसी कंपनी में सलेक्शन हो गया और महिमा का भी उसी दौरान सलेक्शन हो गया।

जब हम दोनों की मुलाकात हुई तो ना जाने मुझे महिमा को देखकर ऐसा क्यों लगा कि महिमा और मैं एक दूसरे के लिए ही बने हैं लेकिन महिमा इस बात को स्वीकार करने को तैयार नहीं थी क्योंकि उसका पहले से ही किसी लड़की के साथ अफेयर चल रहा था परंतु जब उसका ब्रेकअप हुआ तो उसने मेरा हाथ थाम लिया और जब उसने मेरा हाथ थामा तो मैंने भी महिमा को अपने बारे में सब कुछ बता दिया और महिमा को भी मेरे बारे में सब कुछ पता चल गया, मैंने उसे राकेश जी और भाभी से भी मिलवाया। कोमल भाभी की डिलीवरी हो चुकी है और उनका एक छोटा सा बच्चा भी है वह बहुत प्यारा है, महिमा को वह अपनी छोटी बहन ही मानती हैं। राकेश जी और कोमल भाभी की वजह से ही हम दोनों ने लव मैरिज करने की सोची और शायद हमारे साथ भी वही स्थिति पैदा हो गई थी जैसे कि राकेश जी और कोमल भाभी के साथ हुई। हमारे परिवार वाले हम दोनों की शादी के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे क्योंकि हम दोनों के परिवार वाले एक दूसरे से बहुत अलग हैं महिमा का परिवार महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव का रहने वाला है और मेरा परिवार हरियाणा का है हम लोगों के बीच शायद इसी वजह से शादी नहीं हो सकती थी लेकिन हम दोनों ने एक दूसरे से शादी करने के बारे में सोच लिया था। राकेश जी और कोमल भाभी ने हमारी बहुत मदद की उन्होंने कहा तुम्हें हम दोनों की जरूरत पड़ेगी तो हम दोनों तुम्हारे साथ खड़े हैं और इसी के चलते हम दोनों ने एक दिन शादी करने का फैसला कर लिया। हम दोनों कोर्ट में चले गए और कोर्ट में हमने शादी कर ली राकेश जी और भाभी भी खुश थे क्योंकि हम दोनों की शादी हो चुकी थी और फिर मुझे भी अपना घर छोड़ना पड़ा कुछ दिनों के लिए हम लोग राकेश जी के घर पर ही रुके। जिस दिन हमारी सुहागरात की पहली रात थी उस दिन कोमन भाभी और राकेश जी कहने लगे आप दोनों हमारे रूम में लेट जाओ क्योंकि वहां पर बड़ा सा बैड था हम दोनों उसी रुम में लेटे हुए थे।

मैंने लाईट को बंद कर दिया कमरे का माहौल पूरी तरीके से बदल गया, रूम में काफी अंधेरा हो चुका था महिमा मेरे साथ बैठी हुए थी, हम दोनों कुछ देर तक तो बात करते रहे। जब मैंने महिमा को अपनी बाहों में लिया तो वह कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है, मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया था उसे बहुत अच्छा लगता, जब मैंने उसके होठों को चूमना शुरू किया तो वह जोश में आ गई। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह के अंदर ले लिया मैंने उसके बदन से सारे कपड़े उतार दिए थे जिससे की वह नग्न अवस्था में मेरे सामने थी उसका बदन इतना ज्यादा हॉट और सेक्सी था कि मैं अपने आप पर बिल्कुल बेकाबू ना कर सका मैंने जल्दी से महिमा की योनि को चाटना शुरू किया और उसकी योनि को गिला कर दिया मेरे अंदर का जोश और भी दोगुना हो जाता काफी देर तक ऐसा करने के बाद जब महिमा पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई तो वह मुझे कहने लगी अब तुम जल्दी से मेरी योनि में अपने लंड को डालो।

मैंने भी अपने लंड को हिलाते हुए महिमा की योनि में प्रवेश करवा दिया, जैसे ही मेरा मोटा और बड़ा लंड उसकी योनि में प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी तुमने तो मुझे मजे दे दिए, मेरा मोटा लंड उसकी चूत के पूरे अंदर जा चुका था और वह चिल्ला रही थी। उसे बड़ा मजा आता जब मै उसे झटके दिए जाता जिससे उसकी चूत का बुरा हाल हो जाता। मुझे धक्के देने में बहुत मजा आ रहा था और उसे भी बहुत मजा आ रहा था, मैं उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था ताकि उसकी योनि के अंदर मेरा लंड आसानी से जा सकें। उसकी टाइट चूत को मै ज्यादा देर तक बर्दाश्त ना कर सका और मेरा वीर्य उसकी योनि में जा गिरा। हम दोनों के लिए वह पहली रात यादगार रही उसके  कुछ समय बाद महिमा प्रेगनेंट हो गई लेकिन महिमा ने मेरे साथ हर मोड़ पर दिया। कुछ समय बाद मेरे परिवार ने हमें अपना लिया है अब हम दोनों एक साथ में ही रहते हैं हम दोनो बहुत ज्यादा खुश हैं। राकेश जी और कोमल भाभी भी एक दूसरे के साथ बहुत खुश है वह भी हमारे साथ हमेशा खड़े नजर आते हैं, उन दोनों ने हमारी बहुत मदद की इसलिए मैं और महिमा उनकी बहुत रिस्पेक्ट करते हैं। मेरा जीवन बड़े ही अच्छे से चल रहा है, मैं अपने परिवार के साथ खुश हूं।


Comments are closed.


error: