वो मेरा साथ देती चली गई

Antarvasna, kamukta:

Wo mera sath deti chali gayi मुझे पुणे जाने के लिए देर हो रही थी मैंने मां से कहा कि मां जल्दी तैयार हो जाइए तो मां कहने लगी बस बेटा थोड़ी देर में तैयार हो जाती हूं। मुझे अपनी मीटिंग के सिलसिले से पुणे जाना था और मां ने मुझे कहा कि मैं भी तुम्हारे साथ पुणे चलती हूं। पुणे में मेरी दीदी रहती हैं और वह वहां पर काफी वर्षों से रह रही हैं उनकी शादी को 5 वर्ष हो चुका है। दीदी ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई पुणे से ही की थी। मां कुछ ही देर में तैयार हो चुकी थी और उसके बाद हम लोग अपनी कार से पुणे के लिए निकल पड़े। रास्ते में मां और मैं बातें कर रहे थे हम दोनों मुंबई से सुबह के वक्त निकले थे और जब हम पुणे पहुंचे तो मैंने मां को दीदी के घर पर छोड़ दिया था और वहां से मैं अपने काम के सिलसिले में चला गया और मुझे वहां से लौटने में शाम हो चुकी थी। जब मैं शाम को लौटा तो जीजा जी भी घर पर आ चुके थे और उस दिन जीजा जी से थोड़ी देर तक मेरी बात हुई फिर मैं आराम करने के लिए रूम में चला गया।

अगले दिन हम लोगों को सुबह ही पुणे से मुंबई के लिए निकलना था। दीदी ने कहा कि कुछ दिन तुम पुणे में रह लो लेकिन मुझे कुछ जरूरी काम था इसलिए मैं पुणे में नहीं रह सकता था। मां और मैं पुणे से वापस मुंबई लौट चुके थे जब हम लोग वापस लौटे तो हम लोग करीब 12:00 बजे के आस पास मुंबई पहुंच चुके थे। मैंने मां को घर पर छोड़ा और वहां से मैं अपने ऑफिस चला गया। मेरा बिजनेस जो कि मैं पिछले 3 वर्षों से संभाल रहा हूं और वह बड़े ही अच्छे से चल रहा है। मैं उस दिन ऑफिस में ही था मुझे ऑफिस में बहुत ज्यादा काम था और शाम के वक्त मैं वापस घर लौटा तो मुझे घर लौटने में देरी हो गई थी। मां ने ही मेरी परवरिश की है और हमेशा ही वह मुझे कहती है कि बेटा तुम शादी कर लो लेकिन फिलहाल मैं शादी करना नहीं चाहता हूं। मैं अपनी जिंदगी में बहुत ज्यादा खुश हूं और मेरी जिंदगी बड़े अच्छे से चल रही है। एक दिन मैं अपने दोस्त सुधीर के साथ था सुधीर मुझे काफी लंबे समय के बाद मिल रहा था। हालांकि सुधीर हमारी कॉलोनी में ही रहता है लेकिन हम दोनों की मुलाकात हो नहीं पाती है। उस दिन मैं अपने घर वापस लौट रहा था तो मुझे उस दिन सुधीर मिला और सुधीर से मैंने उसके हालचाल पूछे।

जब उस दिन मैंने सुधीर से बातें की तो मुझे बहुत अच्छा लगा और सुधीर को भी बड़ा अच्छा लगा था। सुधीर ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए अपनी फैमिली के साथ जयपुर जा रहा है। मैंने सुधीर को कहा यह तो बहुत अच्छी बात है। सुधीर ने मुझे बताया कि वह जल्द ही शादी करने वाला है। मैंने सुधीर से जब उसकी शादी के बारे में पूछा तो उसने मुझे बताया कि उसके ऑफिस में काम करने वाली लड़की सुनीता से वह प्यार करता है और बहुत जल्द वह उससे शादी करने वाला है। मुझे यह बात पहली बार ही सुधीर ने बताई थी क्योंकि उस दिन हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी देर तक बातें करते रहे इसलिए सुधीर ने मुझे अपनी शादी के बारे में भी बता दिया था। सुधीर से काफी देर बात करने के बाद मैं घर लौट आया था और मां उस दिन मुझे कहने लगी कि बेटा मैं तुम्हारे लिए खाना बना देती हूं। मेरा खाना खाने का फिलहाल मन नहीं था लेकिन मैंने मां से कहा कि मां ठीक है आप खाना बना दीजिए। मां ने खाना बनाया और उसके बाद हम दोनों ने डिनर साथ में किया। मैं अपने रूम में लेटा हुआ था लेकिन मेरी आंखों से नींद गायब थी मुझे नींद नहीं आ रही थी।

मैं अपने फोन को टटोल रहा था तो उस दिन मेरी बात फेसबुक मैसेंजर पर अंकिता के साथ हुई। अंकिता से जब मेरी बात हुई तो मुझे बहुत अच्छा लगा अंकिता से मैं काफी लंबे समय के बाद बातें कर रहा था लेकिन उस दिन जब हम लोगों की बातें हुई तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा और मैं बहुत खुश था। जिस तरीके से अंकिता और मेरी उस दिन बातें हुई उससे मुझे बड़ा ही अच्छा लगा। अंकिता ने मुझे बताया कि वह मुझसे कुछ दिन पहले संपर्क करना चाह रही थी लेकिन मेरा नंबर नहीं लग रहा था इसलिए वह मुझसे बात नहीं कर पाई। मैं जब कुछ दिनों बाद अंकिता को मिला तो मुझे अंकिता से मिलकर बड़ा ही अच्छा लगा और अंकिता भी बहुत ज्यादा खुश थी जब वह मुझसे मिली थी। हम दोनों एक दूसरे को अक्सर मिला करते और जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को अच्छा लगता।

समय के साथ अब हम दोनों का मिलना कुछ ज्यादा ही होने लगा था इसलिए मेरे दिल में भी अंकिता को लेकर बहुत प्यार बढ़ने लगा था और मैं उससे प्यार करने लगा था। मैं अंकिता को काफी वर्षों से जानता हूं लेकिन मैंने कभी भी उसके बारे में ऐसा नहीं सोचा था लेकिन अब ना जाने क्यों मैं उससे प्यार करने लगा था। अंकित की अच्छाइयां मुझे बहुत ज्यादा प्रभावित करने लगी थी जिससे कि मुझे बड़ा ही अच्छा लगता और अंकिता भी बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ होते हैं। जब हम दोनों एक दूसरे के साथ होते तो हमें बड़ा ही अच्छा लगता और हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करते। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करने लगे थे और यही वजह थी कि हम दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। मैंने अंकिता को अपनी मां से मिलवाया तो वह बहुत खुश थी और उन्हें अंकिता और मेरे रिलेशन से कोई भी ऐतराज नहीं था।

मैं भी यही चाहता था कि अंकिता और मैं शादी कर ले और जल्द ही हम दोनों ने अब शादी करने का फैसला कर लिया था। अंकिता के परिवार को भी इससे कोई परेशानी नहीं थी और जब हम दोनों ने शादी करने का फैसला किया तो मैं बहुत ज्यादा खुश था। मैं चाहता था कि अंकिता और मैं जल्द से जल्द शादी कर ले और कुछ समय के बाद हम दोनों ने इंगेजमेंट कर ली। इंगेजमेंट के कुछ ही महीनों के बाद हम दोनों की शादी का दिन भी तय हो गया और हम दोनों की शादी होने वाली थी। मैं बहुत ज्यादा खुश था जब मेरी और अंकिता की शादी हुई अंकिता मेरी पत्नी बन चुकी थी और वह घर की देखभाल बड़े अच्छे से कर रही थी। वह मां की देखभाल करती तो मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि वह मां की देखभाल अच्छे से कर रही है और सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा है। मेरे और अंकिता के बीच में बहुत ही ज्यादा प्यार है और हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी नहीं रह पाते। मुझे जितना समय मिल पाता मैं उतना अंकिता के साथ बिताने की कोशिश किया करता और अंकिता के साथ मैं टाइम स्पेंड कर के बहुत खुश था। जिस तरीके से मैं और अंकिता एक दूसरे के साथ होते हैं उससे हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता।

अंकिता और मेरे बीच बहुत ही ज्यादा प्यार है हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं इसलिए जब भी मुझे अंकिता के साथ सेक्स करना होता तो कहीं ना कहीं वह भी मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार रहती। वह मेरे लिए हमेशा ही तड़पती है। एक दिन मैं और अंकिता साथ में थे उस दिन वह मुझे कहने लगी आज मेरा सेक्स करने का मन है। उस दिन मुझे भी लग रहा था मुझे अंकिता के साथ शारीरिक संबंध बनाना हैं। उस दिन जब अंकिता ने मेरे लंड को पकड़ा तो मैं और अंकिता एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए मचलने लगे थे। हम दोनों की गर्मी बढ़ने लगी थी मैंने अपने होठों को अंकिता के गुलाबी होठों पर टकराना शुरू कर दिया। जब मैं ऐसा कर रहा था तो वह मेरी बाहों में आने की कोशिश करने लगी। जब वह ऐसा कर रही थी तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरा साथ दे रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। हम दोनों पूरी तरीके से मचलने लगे और मेरी गर्मी बढ़ने लगी थी। मैंने अंकिता के स्तनों को कुछ देर तक चूसा और फिर उसके निप्पल को चूसने के बाद में उसकी गर्मी को बढ़ाने लगा। मैं धीरे धीरे उसकी चूत को भी चाटने लगा और उसकी योनि से पानी निकलने लगा था।

मुझे बहुत मजा आने लगा था और अंकिता की चूत गीली हो चुकी थी। मैंने अपने लंड को अंकिता के सामने किया तो वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे चूसने लगी। अंकिता ने मेरे लंड से पूरी तरीके से पानी निकाल दिया था अब मेरी गर्मी को वह बढ़ा रही थी। मैंने भी अंकिता की चूत में लंड को घुसा कर उसकी योनि के अंदर बाहर करना शुरू किया तो वह मचलने लगी। अब वह मुझे कहने लगी मुझे और तेजी से चोदो। अंकिता ने मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ लिया था जिस से मुझे उसकी योनि के अंदर बाहर अपने लंड को करने में बड़ा ही मजा आ रहा था। वह बहुत ज्यादा मचल रही थी हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होते जा रहे थे। मेरी गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी मैं बिल्कुल भी रह ना सका और अंकिता भी अपने आपको रोक ना सका।

जब अंकिता ने मुझे कहा मैं झड़ चुकी हूं तो मैं समझ चुका था अंकिता की गर्मी शांत हो चुकी है। मेरा वीर्य उसकी चूत में जा चुका था। हम दोनों ने उसके बाद एक दूसरे को दोबारा से गर्म किया। मैं अंकिता की चूत के मजे ले रहा था और उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था। मेरा लंड उसकी योनि के अंदर बाहर हो रहा था और मेरा वीर्य अंकिता की चूत से अभी भी टपक रहा था। मुझे उसे चोदने में मजा आ रहा था वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। हम लोगों ने 10 मिनट तक एक दूसरे के साथ सेक्स किया। जब मेरा वीर्य गिरने को था तो मैंने अंकिता के स्तनों पर अपने वीर्य को गिराया।

 


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