वो गन्ने का खेत

Wo ganne ka khet:

kamukta, antarvasna मेरे परिवार की स्थिति ठीक नहीं थी गांव में मेरे माता पिता ध्याडी मजदूरी का काम किया करते थे लेकिन जब मैं बड़ा हो गया तो मैंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी, मैंने अपनी 12वीं के बाद पढ़ाई नहीं की और उसके बाद मैंने अपना ही कुछ काम शुरू करने की सोच ली थी इसी के चलते मैंने दुकान में नौकरी करनी शुरू की। हमारे गांव में एक परचून की दुकान है उस पर मैं काम करने लगा उस पर मुझे काम करते हुए 5 वर्ष हो चुके थे और मैं जो भी पैसे बचाता था वह सब मैं अपने बैंक अकाउंट में जमा कर दिया करता था कि आगे चलकर मैं अपना कुछ काम शुरू कर सकूं। कुछ समय बाद मैंने वह नौकरी छोड़ दी और कुछ दिनों के लिए मैं घर पर ही बैठा रहा उस वक्त मेरा दोस्त मुझे मिला मैंने उससे कहा कि मैंने अब वह नौकरी छोड़ दी है और अपना ही कोई काम शुरू करने के बारे में सोच रहा हूं तो वह मुझे कहने लगा तुम ट्रक में ड्राइवरी क्यों नहीं कर लेते जब तुम पूरी तरीके से काम सिख जाओ तो उसके बाद तुम अपना ही ट्रक ले लेना। मैंने भी सोचा चलो यह कोई बुरा फैसला नहीं है मैं अपने दोस्त के साथ ही ड्राइवरी करने लगा।

उसने मुझे गाड़ी चलाना तो सिखा ही दिया था और मुझे काम भी पूरी तरीके से आने लगा उसके कुछ समय बाद मैंने एक ट्रक ले लिया कुछ पैसे तो मेरे पास थे और कुछ पैसे मैंने बैंक से लोन लेकर ट्रक फाइनेंस करवा लिया अब मुझे अपने गांव में काम मिलने लगा मैंने अपने ट्रक को एक कंपनी में लगा दिया क्योंकि हमारे गांव के पास ही एक बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा था वहां पर मैंने अपने ट्रक को लगा दिया मै इस ट्रक में खुद ड्राइवरी किया करता था इसलिए मुझे कोई भी दिक्कत नहीं थी और मैं काम करने लगा अब मैं पैसे भी बचाने लगा था क्योंकि मुझे अपने भविष्य की चिंता थी मेरे माता-पिता बूढ़े हो चले थे और मुझ पर ही मेरी बहन की शादी की भी जिम्मेदारी थी मैं नहीं चाहता था कि मेरी बहन की शादी में मैं कुछ भी कमी करूं इसीलिए मैंने अपनी बहन की शादी एक अच्छे घर में कराने के बारे में सोचा क्योंकि मेरी बहन को मैंने अच्छे कॉलेज में पढ़ाया है और उसे मैंने किसी भी चीज की कोई कमी नहीं होने दी इसलिए मैं उसके लिए एक अच्छा लड़का ही देखना चाहता था।

मेरे माता पिता ने उसके लिए एक लड़का देखा वह मुझे बहुत पसंद आया और वह अच्छी नौकरी करता है इसलिए मैंने अपनी बहन का हाथ उसके हाथ में देने का निर्णय कर लिया जब उन दोनों की शादी की बात हो गई थी उसके एक साल बाद मेरी बहन की शादी भी हो गई उसकी शादी में भी मैंने पूरी तरीके से खर्च किया कोई भी कमी नहीं होने दी क्योंकि मैं अपनी बहन से बहुत ज्यादा प्यार करता हूं और मैं नहीं चाहता कि उसकी शादी में कोई भी कमी हो। मैंने उसके पति को जितना हो सकता था उतना दहेज भी दिया अब मेरी बहन की शादी हो चुकी थी घर में मेरे माता-पिता और मैं ही रह गए थे मुझे मेरी बहन की कमी बहुत खलने लगी थी क्योंकि मुझे जब भी अकेलापन महसूस होता तो मैं अपनी बहन से ही बात किया करता था परंतु अब उसकी शादी हो चुकी थी इसलिए उससे मेरी बात अब ज्यादा नहीं होती थी, मैं भी अपने काम में ही जाता रहता था एक दिन हमारे गांव की एक लड़की मुझे दिखी मैंने उसे बहुत पहले देखा था क्योंकि मैं अपने काम में ही ज्यादातर व्यस्त रहता था इसलिए मुझे तब कुछ भी नहीं पता चल पाता था परंतु जब मैंने कमला को पहली बार देखा तो उसे देख कर मेरा दिल धड़कने लगा और मुझे शायद उससे प्यार हो गया था कमला ने उस दिन पटियाला सूट पहना हुआ था और उसकी नशीली आंखों और उसके लंबे बाल देख कर मैं उस पर पूरी तरीके से मोहित हो गया था और मैं किसी भी सूरत में अब कमला से बात करना चाहता था क्योंकि मुझे पहली बार किसी लड़की से प्यार हुआ था और मैंने कमला से अपने दिल की बात कह दी परंतु जब मैंने उसे अपने दिल की बात कही तो उसे शायद अच्छा नहीं लगा वह मुझे कहने लगी कि तुम्हें पता भी है मैं आखिरकार कौन हूं, जब उसने अपने पिता जी का नाम मुझे बताया तो उसके पिताजी हमारे गांव के सबसे अमीर व्यक्ति हैं और मुझे बहुत ज्यादा बुरा लगा मैंने उसे कहा ठीक है मुझे तुम माफ कर दो मैं आज के बाद तुमसे कभी भी बात नहीं करूंगा लेकिन कमला को मैं अपने दिल से नहीं भुला पाया था और उससे मेरी बात करने की इच्छा हमेशा ही होती रहती।

एक दिन मैंने सोचा कि क्यों ना मैं कमला से दोबारा बात करूं और मैंने कमला से दोबारा बात की कमला कहने लगी कि देखो सोनू जब हम दोनों के बीच कुछ हो ही नहीं सकता तो क्यों इस बात को हम लोग आगे बढ़ाएं, उस दिन कमला का मूड बहुत अच्छा था। मैंने उसे कहा यार मुझे तुमसे बात करनी है और तुम्हारे साथ समय बिताना है उस दिन मैं कमला को अपने गांव से बाहर की एक दुकान पर ले आया वहां पर हमारे गांव के लोग नहीं आते थे इसलिए मैं कमला को अपने साथ लेकर वहीं चला गया जब मैं और कमला साथ में बैठे हुए थे तो हम दोनों आपस में बात करने लगे मुझे कमला से बात करके बहुत अच्छा लग रहा था मैंने कमला को समझाया क्या तुम्हें मेरे बारे में कुछ पता भी है, कमला कहने लगी देखो सोनू मुझे तुम्हारे बारे में ज्यादा तो पता नहीं है लेकिन मुझे इतना पता है कि मेरे पिताजी इस रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं करेंगे और मैं तुम्हें समझा रही हूं कि यह सब कभी संभव हो ही नहीं पाएगा यदि मैंने अपने पिताजी से यह बात कही तो शायद वह मुझे भी घर से निकाल देंगे इसलिए तुम मुझे भूल जाओ और कभी भी मेरे ख्याल को अपने दिल में मत लाना, मैंने कमला से कहा देखो कमला यह हो नहीं सकता क्योंकि मैं तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं और मैं तुम्हें भूल भी नहीं सकता।

मैंने कमला को उस दिन अपने जीवन के बारे में सब कुछ बता दिया मैंने कहा मेरा खुद का ट्रक है और मैं उसमें ही ड्राइवर हूं मेरे माता पिता ने गरीबी में बहुत समय देखा है लेकिन मैं नहीं चाहता कि अब मैं वह समय देखूं इसलिए मैं मेहनत से कभी भी पीछे नहीं हटा और मैं तुम्हें हमेशा खुश रखूंगा इस चीज का मैं तुमसे वादा करता हूं,, कमला कहने लगी सब लोग पहले यही कहते हैं लेकिन बाद में सब लोग बदल जाते हैं, मैंने कमला से कहा ऐसा कभी नहीं होगा मैंने जब पहली बार तुम्हें देखा तो तभी मुझे तुमसे प्यार हो गया था। कमला ने मेरे रिश्ते को स्वीकार नहीं किया लेकिन उसके दिल में मेरी बात बैठ चुकी थी और शायद कुछ समय बाद उसने मेरे रिश्ते को स्वीकार कर ही लिया मुझे इसके लिए एक साल का लंबा इंतजार करना पड़ा एक साल बाद कमला ने जब मुझे फोन किया तो मैं बहुत खुश हो गया क्योंकि मैंने भी कभी सोचा नहीं था कि कमला और मेरे बीच में रिलेशन हो पाएगा लेकिन अब हम दोनों एक दूसरे के साथ थे और मैं बहुत ज्यादा खुश भी था क्योंकि मेरे लिए तो यह सब सपने जैसा ही था मुझे लग रहा था कि मेरा सपना शायद सच हो चुका है कमला मेरी जिंदगी में आ चुकी थी और हम दोनों अब फोन पर बात किया करते हम दोनों फोन पर घंटों तक बात किया करते। मैं जब भी कमला से फोन पर बात करता तो मुझे उससे बात करना अच्छा लगता लेकिन उससे अपने काम की वजह से मैं ज्यादा नहीं मिल पाता था। कमला को मैंने अपने माता पिता से मिलाने की सोची पर मुझे डर था कहीं उसके पिताजी को यह बात पता चल गई तो शायद उसके पिताजी मेरे परिवार वालों के साथ कुछ गलत ना कर दे इसलिए मैंने उसे अपने माता पिता से नही मिलाया। कमला और मैं चोरी चुप मिलते, एक दिन कमला को लेकर मे गन्ने के खेत में चला गया गन्ने का खेत बहुत ही घना था इसलिए वहां बीच में कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था।

मैं और कमला साथ मे बहुत देर तक बैठे रहे कमला ने उस दिन पटियाला सूट पहना था उसे भी अच्छा लगा। मैंने उसके बदन को सहलाना शुरु कर दिया उसके होंठो को चुसना शुरू किया उसकी चूत से पानी निकलने लगा। जैसे ही मैने उसकी चूत पर उंगली लगाई तो उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ निकला तो मैंने अपने मुंह में लेकर चाटा। कमला को मजा आने लगा वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उसकी गीली चूत पर मैंने जैसे ही अपने लंड को घुसाया तो उसे भी मजा आने लगा। वह अपने मुंह से चिल्लाते हुए मुझे कहने लगी सोनू मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा तुम जल्दी से करो। मैंने तेजी से उसे चोदना शुरू कर दिया वह बड़ी तेज तेज मादक आवाज मे सिसकिया लेने लगी। उसके मुंह से चीख निकल जाती गन्ने के खेतों के बीच में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, मैंने जब उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो उसे भी मजा आने लगा। उसकी बड़ी चूतडो को मैंने अपने हाथों से पकड़ रखा था और उसे धक्के दिए जा रहा था।

उसकी चूतड़ों को मैंने अपने हाथ में पकड़ा था ताकी मेरा लंड आसानी से उसकी योनि में जा सके मेरा लंड उसकी योनि की पूरे अंदर जा रहा था जब मेरा वीर्य कमला की चूत मे गिरा तो वह मुझे कहने लगी मुझे डर लग रहा है। मैंने उसे कहा पहले तो तुम कपड़े पहन लो हम लोग जल्दी से यहां से चलते हैं उसने कपड़े पहन लिए हम दोनों वहां से बाहर निकल आए लेकिन कमला बहुत डरी हुई थी। मैंने उसे कहा कुछ नहीं हुआ कुछ समय बाद कमला प्रेगनेंट हो गई उसके पिताजी एक दिन मेरे घर पर आए। वह मुझे कहने लगे तुमने मेरी लड़की के साथ बहुत गलत किया मैंने उन्हे कहा मैं कमला से प्यार करता हूं और उससे शादी भी करना चाहता हूं। उनके पास कोई और दूसरा रास्ता था ही नहीं उन्होंने मुझे स्वीकार कर लिया मुझसे कमला की शादी की बात कर ली। मैंने भी कमला से शादी करने की सोच ली थी अब कमला और मेरी शादी हो चुकी है हम दोनों पति पत्नी हैं। कमला मेरे बूढ़े माता-पिता का बहुत ध्यान रखती है, जब भी हम दोनों उस गन्ने की खेत की बात याद करते हैं तो हमें हंसी आ जाती है।


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