वो चूत की रात सुहानी थी

Wo chut ki raat suhani thi:

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मेरा नाम रंजीत है और मैं कॉलेज में पढ़ने वाला एक छात्र हूं मेरी उम्र 22 वर्ष है मैं अपने स्कूल के समय से ही क्रिकेट का बहुत बड़ा शौक रखता था इसलिए कॉलेज में भी मैं क्रिकेट ही खेलने लगा कॉलेज कि हमारी टीम चीजों की बहुत ही अच्छी थी और हम सब अन्य कॉलेजों में भी जाते थे और हम वहां से मैं जीत का हमेशा आते थे हमारे कॉलेज की टीम सबसे अच्छी चाहिए और हमारी टीम का कैप्टन सोहन था जब मैं शुरू में अपने कॉलेज गया था तो मुझे लगता भी नहीं था कि शायद कॉलेज में हमारे इतनी अच्छी टीम होगी लेकिन जैसे ही मैंने खेलना शुरू किया तो मुझे पता चला कि हमारी टीम में सब लोग अच्छे से खेलते हैं और सोहन भी बहुत अच्छा प्लेयर है ऐसे ही जितना टूर्नामेंट हमारे स्कूल या कॉलेज के बाहर होते तो हम सब वहां चले जाते हैं मुझे सिर्फ क्रिकेट का ही शौक था और मुझे किसी भी चीज का शौक नहीं है जिस वजह से मेरे पिताजी भी मुझे कहते रहते थे कि तुम क्रिकेट खेलो क्योंकि तुम्हारा क्रिकेट में बहुत ही अच्छा है वह इस बात से खुश भी थे क्योंकि हमारे परिवार की स्थिति ठीक थी और हमें किसी भी प्रकार से कोई समस्या नहीं थी इसलिए मैं क्रिकेट पर ही ध्यान दिया करता था।

मै कॉलेज भी जाता था कॉलेज में पढ़ने में थोड़ा कम ही मन लगा करता था हमारे कॉलेज में बहुत सी मैडमे में थी और बहुत सारे टीचर भी थे लेकिन वह सब बहुत ही उम्रदराज है लेकिन एक दिन हमारे कॉलेज में एक बहुत ही सुंदर टीचर आई उनका नाम सीमा था वाह वाह इतनी ज्यादा सुंदर है कि सारा कॉलेज ही उन्हें देखता रहता था और हमारे जितने भी टीचर थे वह भी सब उन पर नजरें गड़ाए रखते थे उनकी अभी शादी भी नहीं हुई थी जब हमारे क्लास में आती थी तो हम लोग पीछे की बेंच पर ही बैठे रहते थे क्योंकि हम लोगों का पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं था हम लोग सिर्फ क्रिकेट ही खेलते रहते थे वह भी इस बात को जानती थी इसलिए वह हमें ज्यादा कुछ नहीं बोलती थी और कहती थी कि तुम मैसेज नहीं भी आओगे तो तुम पास हो जाओगे लेकिन मैं मैडम की कोई भी क्लास नहीं छोड़ता था मैं उनकी सारी क्लास होना चाहता था क्योंकि वह बहुत ही अच्छा पढ़ाती थी और मैं उन्हें देखकर बहुत ही खुश भी होता था

एक दिन हमारे कॉलेज मैं एक बहुत बड़ा क्रिकेट का टूर्नामेंट रखा जिसमें अन्य कॉलेजों के भी बच्चे आए हुए थे वह काफी दिनों तक चलने वाला था इस वजह से मैं क्लास में नहीं जा पा रहा था और हम लोग अपनी प्रेक्टिस में ही लगे हुए थे क्योंकि हम लोग बिल्कुल भी नहीं चाहते थे कि हम किसी भी तरीके से मैच हार जाएं और हमारी बेइज्जती हो क्योंकि यह टूर्नामेंट हमारे कॉलेज में ही था इसलिए हम चाहते थे कि हम सब में जीते हैं और ऐसे ही हम लोग उसकी तैयारी में लगे रहे जब हमारा मैच होता तो हमारे कॉलेज के सभी टीचर हमारे मैच देखने आते हैं और हमारा हौसला अफजाई होता जिससे कि हम लोग भी बहुत खुश होते चाहते हैं टॉस जीतकर सोहन ने बैटिंग का फैसला कर लिया था और हम लोग बहुत ही अच्छे से खेल रहे थे हम लोगों ने बहुत ज्यादा रन बना लिए थे जिससे कि दूसरी टीम हार गई है और हम लोग अपना पहला मैच जीत चुके थे सब लोगों ने हमें बहुत बधाई दी और सीमा मैडम भी हमें बधाई देने लगे उन्होंने मुझे भी उस दिन बधाई दी मैंने उनसे पूछा क्या आप को भी क्रिकेट का बहुत शौक है वह कहने लगे कि हां मुझे भी क्रिकेट का बहुत ज्यादा शौक है जब हम लोग कॉलेज में थे तो तो हम हम भी क्रिकेट खेला करते थे मैं यह बात सुनकर बहुत ही खुश हुआ और उन्हें कहने लगा कि आपने उसके बाद कभी दोबारा क्रिकेट नहीं खेला वह कहने लगे नहीं उसके बाद मुझे कभी समय ही नहीं मिला और अपनी पढ़ाई में मैं बहुत व्यस्त हो गई मेरे लिए तो यह अच्छी बात है क्योंकि मेरी बात सीमा मैडम से होने लगी थी। वह भी मेरी पढ़ाई में बहुत मदद कर दिया करते क्योंकि मैं ज्यादा था मैच खेलने में ही लगा रहता था इसलिए मेरी पढ़ाई छूट जाती थी और वहां मुझे नोट्स दे दिया करती थी

एक दिन सीमा मैडम ने मुझे कहा कि तुम मेरे ऑफिस में आ जाना मुझे तुमसे कुछ काम है। मैंने कहा ठीक है मैं आपके ऑफिस में आ जाऊंगा। वह मुझे कहने लगी कि मुझे तुम बहुत ही अच्छे लगते हो और मैं तुम्हारे साथ कुछ समय बिताना चाहती हूं। मैंने जैसे ही यह बात सुनी तो मैं बहुत खुश हो गया और मैं जब उनके ऑफिस में गया तो वह वहां पर बैठी हुई थी। उन्होंने मुझे कहा कि तुम कुछ लोगे। मैंने उन्हें कहा नहीं मैं तो आपका दूध पीना चाहता हूं। यह बात जैसे ही मैंने उन्हें कही तो उन्होंने तुरंत ही अपने स्तनों को बाहर निकालते हुए मेरे मुंह के अंदर डाल दिया। मैं उसे बहुत देर तक चूसता रहा मैंने उनके दोनों स्तनों को अपने हाथ से दबाता रहता और ऐसे ही बहुत देर तक चूसता रहता जिससे कि वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई। अब मैंने भी अपने लंड को बाहर निकालते हुए उनके मुंह के अंदर डाल दिया और उन्हें ऐसे ही झटके मारने लगा। वह मेरे लंड को अपने गले तक ले लेती और कहती कि तुम्हारा तो बहुत ही अच्छा और मोटा है। मैं बहुत ही खुश हो रहा था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही थी। अब जैसे ही उन्होंने अपने सारे कपड़े खोले तो मैं उनके शरीर को देखकर दंग रह गया। उनके शरीर पर एक भी बाल नहीं था और उनकी चूत एकदम से चिकनी थी। मैंने उनकी चिकनी चूत को चाटना शुरू कर दिया और मुझे बहुत ही अच्छा स्वाद आ रहा था। जब मैं उनकी चूत मे अपनी जीभ को डाल रहा था मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरे अंदर कुछ ताकत आ गई हो और मैं उसे बहुत ही अच्छे से चाटता जाता। थोड़ी देर बाद मैंने वहीं पर लेटाते हुए उनके दोनों पैरों को चौड़ा कर दिया और उनकी टाइट चूत मे अपने लंड को डाल दिया।

मैंने जैसे ही अपने लंड को डाला तो वो चिल्ला उठी और कहने लगी तुम्हारा तो वाकई में बहुत ज्यादा मोटा है। वह अपने मुंह से मादक आवाज निकाले जा रही थी और सिसकियां लेती जिससे कि मेरे अंदर की सेक्स भावना और ज्यादा बढ़ जाती और मैं उन्हें ऐसे ही बड़ी तीव्र गति से धक्के देने लगा। जब मैं झटके मार रहा था तो उनका शरीर पूरा हिलता जाता उनके स्तन भी हिल रहे थे। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उनके स्तनों को अपने हाथ में पकड़कर अपने मुंह के अंदर लेता जाता। वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और उन्हें भी बहुत मजा आ रहा था। अब वो कहने लगी कि  मैं तुम्हारे ऊपर से आ जाती हूं और तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहना। अब वह मेरे ऊपर से आ गई और जैसे ही वह मेरे लंड पर बैठी तो उन का पानी मेरे लंड पर टपकने लगा। थोड़ी देर तक तो मैंने उन्हें झटके देने चालू रखा लेकिन कुछ देर बाद वह भी अपनी चूतडो को ऊपर नीचे करने लगी। जिससे कि मुझे बहुत ही आनंद आने लगा और मैं ऐसे ही उन्हें बड़ी तीव्र गति से झटके मारता जाता।

वह भी अपनी चूतड़ों को बहुत तेज ऊपर नीचे कर रही थी। मुझे साफ दिखाई दे रहा था कि उनके चूत से मेरा लंड अंदर बाहर हो रहा है। कुछ देरे ऐसे करने के बाद मैंने उन्हें अपनी गोद में उठाते हुए उनकी चूत मे अपने लंड को डाल दिया और मैं उन्हें ऐसे ही तेज तेज धक्के मारने लगा। वह बड़ी तेजी से चिल्ला रही थी और उन्होंने मुझे कसकर पकड़ा हुआ था। मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो रही है। मैं उन्हें बड़ी तेज गति से झटके देता  जाता जिससे कि उनके गले से आवाज निकल रही थी मुझे वह अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी। मैंने उन्हें भी इतनी जोर से चोदना शुरू किया कि उनका पूरा शरीर हिलता और वह मुझसे कस कर चिपक गई। कुछ देर बाद मेरा लंड से पिचकारी निकली और मैडम कि चूत मे जाकर गिर गई। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी। उन्होंने बहुत देर तक मेरे को लंड को चूसना जारी रखा जिससे कि मेरा दोबारा से खड़ा हो गया। कुछ देर बाद मेरा वीर्य दोबारा से उनके गले के अंदर गिर गया और वह उन्होंने अपने अंदर ही निगल लिया। सीमा मैडम की चूत मुझे बहुत ही अच्छा लगी और अब मैं हमेशा ही उनके चूत मारता रहता हूं।

 


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