वह आधे घंटे की चुदाई का खेल

Antarvasna, kamukta:

Wah aadhe ghante ki chudai ka khel मैं जॉब करने के लिए हैदराबाद में आ चुका था मेरी नई नई जॉब लगी थी और मुझे सिर्फ एक महीना ही हुआ था एक महीने से मैं हर रोज सुबह 8:00 बजे की बस से ऑफिस जाया करता। मैंने जिस जगह रहने के लिए घर लिया था वहां से ऑफिस की दूरी काफी ज्यादा थी इसलिए मुझे करीब एक घंटा लग जाया करता था सुबह के वक्त जाम भी होता था जिससे कि ट्रैफिक में काफी देर तक इंतजार भी करना पड़ता था। एक दिन मैं बस स्टॉप पर खड़ा था उस दिन मैं काफी देर तक बस का इंतजार करता रहा लेकिन बस नहीं आई और मैं काफी परेशान हो गया था क्योंकि मुझे अपने ऑफिस में जल्दी पहुंचना था लेकिन मुझे काफी देर हो रही थी। वहीं सामने एक महिला बैठी हुई थी उनकी उम्र यही कोई 50 55 के आसपास रही होगी उन्होंने मुझसे पूछा कि बेटा क्या अभी तक बस नहीं आई है तो मैंने उन्हें कहा नहीं आंटी अभी तक बस नहीं आई है।

मैं काफी देर तक बस का इंतजार करता रहा मैंने जब अपने रिस्ट वॉच की तरफ देखा तो उस वक्त घड़ी में 8:20 हो रहे थे मैंने सोचा कि आज मुझे ऑफिस पहुंचने में लेट हो जाएगी। मैं ऑटो का भी इंतजार करने लगा लेकिन वहां से कोई भी ऑटो आता हुआ दिखाई नहीं दे रहा था लेकिन थोड़ी देर बाद ही बस आ गई और बस में जब मैं चढ़ा तो उस वक्त बस स्टॉप पर काफी ज्यादा भीड़ हो चुकी थी जिससे कि लोग आपस में धक्का-मुक्की कर रहे थे परंतु मुझे बस में बैठने के लिए जगह मिल चुकी थी और मैं बस में बैठ चुका था। मैं जब बस में बैठा तो मेरे सामने वाली सीट में ही एक लड़की बैठी हुई थी वह बार बार मेरी तरफ देख रही थी मैं भी उसकी तरफ देखने लगा उसके सुनहरे बाल और उसकी आंखें मुझ पर जैसे जादू कर रही थी। मैंने उससे उस दिन कोई भी बात नहीं की और मैं अपने ऑफिस के बस स्टॉप पर उतर गया लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ उसी लड़की का ख्याल चलता रहा। मैं जब ऑफिस पहुंचा तो मेरे सीनियर ने मुझसे पूछा कि तुम आज ऑफिस क्यों लेट से आए हो तो मैंने उन्हें ऑफिस लेट से पहुंचने का सारा कारण बता दिया और उन्होंने भी मुझे उसके बाद कुछ नहीं कहा मैं अपना काम करने लगा।

उस दिन मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे उस लड़की का चेहरा बार-बार मेरे सामने आ रहा है और ना चाहते हुए भी मेरे दिमाग में उसी का चेहरा बार बार सामने आ रहा था मैं जब लंच टाइम में अपने दोस्तों के साथ बात कर रहा था तो उस वक्त मैंने उन्हें यह बात बताई। वह लोग मुझ पर हंसने लगे और कहने लगे कि अजीत तुम भी पता नहीं क्या बेवजह की बातें करते हो वह लोग कहने लगे कि हमें तो नहीं लगता कि वह लड़की अब तुम्हें कभी दोबारा मिलेगी भी इतने बड़े शहर में भला तुम उसे कहां ढूंढोगे लेकिन मुझे पूरा यकीन था कि मुझे वह लड़की जरूर मिलेगी और मैं उससे बात भी करूंगा। इस बात को करीब एक महीना बीत चुका था एक महीने हो जाने के बाद मैं भी सोचने लगा कि शायद उस लड़की से मैं दोबारा कभी नहीं मिल पाऊंगा लेकिन एक दिन मैं अपने ऑफिस से जब बाहर की तरफ निकला तो मुझे वही लड़की दिखाई दी मैंने उसे देखा तो मैं उसके पीछे पीछे चलने लगा। मैं उससे बात करना चाहता था लेकिन मेरी हिम्मत ही नहीं हुई फिर अचानक से वह पलटी और मेरी तरफ देखने लगी जब वह मेरी तरफ देख रही थी तो मैंने अपनी नजरों को उससे छुपाने की कोशिश की। वह मेरे पास आई और मुझसे कहने लगी कि क्या आप मेरे पीछे ही आ रहे थे मैंने उसे कहा कि लेकिन यह बात तुम्हें कैसे पता कि मैं तुम्हारे ही पीछे आ रहा था तो वह मुझे कहने लगी कि बस मुझे ऐसा लगा कि तुम मेरे पीछे आ रहे थे। मैंने उससे कहा खैर यह बात छोड़ो मैं तुमसे तुम्हारा नाम जानना चाहता हूं उसने मुझे अपना नाम बताया और कहा कि मेरा नाम पायल है मैंने भी उसे अपना परिचय दिया मैंने उसे अपना नाम बताया और उसके बाद मैंने उससे कहा यदि तुम्हें बुरा ना लगे तो क्या तुम मेरे साथ कुछ देर कॉफी शॉप में बैठकर एक कॉफी पी सकती हो। पायल ने मुझे कहा कि भला मुझे क्यो बुरा लगेगा और हम दोनों ही कॉफी शॉप में चले गए पायल और मैं एक साथ कॉफी पी रहे थे मैं पायल की आंखों में देख रहा था। वह मेरी तरफ देख कर कहने लगी कि अजीत पहली बार जब मैंने तुम्हें बस में देखा तो तुम मुझे अच्छे लगने थे।

मैंने पायल को कहा देखो पायल मैं तुम्हें क्या बताऊं मैंने जबसे तुम्हें देखा है उसके बाद से मैं तुमसे मिलना चाहता था और मैंने जब यह बात अपने दोस्तों को बताई तो वह लोग मुझ पर हंस रहे थे और कहने लगे की तुम्हें वह दोबारा कभी नहीं मिलेगी लेकिन मुझे पूरा यकीन था कि तुम मुझे जरूर मिलोगी और मैं तुमसे बात भी करूंगा, देखो आज हम दोनों साथ में बैठे हुए हैं और बात कर रहे हैं। पायल मुस्कुराने लगी और कहने लगी कि क्या तुम्हें इतना यकीन था कि मैं तुम्हें जरूर मिलूंगी मैंने पायल को कहा हां मुझे पूरा यकीन था कि तुम मुझे जरूर मिलोगी। हम दोनों ने अब अपनी कॉफी खत्म की और उसके बाद मैंने बिल पे किया और हम दोनों साथ में वहां से बाहर चले आए। मैंने पायल से कहा कि यदि तुम्हें बुरा ना लगे तो क्या तुम मुझे अपना नंबर दे सकती हो पायल ने कहा क्यों नहीं। पायल ने मुझे अपना नंबर दे दिया और मैं बहुत ज्यादा खुश हुआ हमारी यह दूसरी मुलाकात थी इससे पहले तो सिर्फ मैंने पायल को देखा ही था लेकिन आज मैंने पायल से बात भी की थी और मैंने उसका नंबर भी ले लिया था मैं बहुत खुश था। उसके कुछ दिनों बाद मैंने पायल को फोन किया तो पायल ने मेरा फोन रिसीव नहीं किया मुझे लगा कि शायद पायल ने मुझे गलत नंबर दे दिया है लेकिन काफी दिनों बाद उसका मुझे फोन आया तो हम लोग एक दूसरे से बात करने लगे।

हम दोनों एक दूसरे से मिलने लगे थे और हमारी मुलाकातें अब बढ़ने लगी थी। हम दोनों की मुलाकातों का दौर बहुत अधिक होने लगा था एक दिन पायल मेरे साथ मेरे घर पर आई जब पायल घर पर आई तो उस दिन मैंने पायल से पूछा कि क्या तुम्हारे लिए चाय बना दूं? वह कहने लगी नहीं मैंने पायल को फ्रिज से पानी निकाल कर दिया उसने पानी पी लिया। उसने मुझे कहा अजीत तुम अकेले कैसे मैनेज कर लेते हो? मैंने उसे कहा अब मुझे आदत हो चुकी है मुझे अब अकेला रहना ही अच्छा लगता है। उस दिन पायल और मैंने काफी देर तक बात की क्योंकि हम दोनों अकेले बैठे हुए थे इसलिए मेरा मन कहीं ना कहीं पायल के साथ सेक्स करने का तो हो ही रहा था। वह इतनी ज्यादा सेक्सी है कि उसकी लंबी टांगे और उसके बड़े स्तन देखकर मेरा वीर्य मेरे पजामे को फाडते हुए बाहर की तरफ आने की कोशिश कर रहा था उसने मुझे कहा लगता है तुम काफी अनकंफरटेबल हो रहे हो। मैं इस बात से मुस्कुराने लगा मैने उसे कहा नहीं ऐसी कोई बात नहीं है। मैं पायल के पास जाकर बैठा जब मैं उसकी जांघों को सहला रहा था तो वह भी अब अपने आपको बिल्कुल रोक ना सकी और मेरे साथ वह किस करने लगी। हम दोनों एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे तरीके से किस कर रहे थे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मै जिस तरीके से उसके पतले और गुलाबी होठों को चूम रहा था और उसके अंदर की गर्मी को बढा रहा था उससे वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही मजा आ रहा है तुम ऐसे ही मेरा साथ देते रहो मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारा साथ देने में बहुत अच्छा लग रहा है। अब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसे पायल ने अपने हाथों में लेते हुए हिलाना शुरू किया जब वह मेरे लंड को हिला रही थी तो मुझे अच्छा लग रहा था।

उसने काफी देर तक मेरे लंड को ऐसे ही हिलाया मेरा वीर्य बाहर आने वाला था। मैंने पायल से कहा मेरा वीर्य गिरने वाला है पायल ने मेरे वीर्य को अपने मुंह के अंदर ही ले लिया और उसने अपने मुंह के अंदर मेरे वीर्य को लिया तो मेरे अंदर की आग अब कुछ ज्यादा बढ चुकी थी। मैंने पायल के कपड़े उतारते हुए उसकी ब्रा को फाड़ दिया और उसकी पैंटी को उतार दिया मैंने जब उसकी चूत के अंदर उंगली डालने की कोशिश की तो मेरी उंगली पायल की चूत मे नही जा रही थी। मैंने उसके स्तनों को मसल कर रखने का फैसला किया मैं उसके स्तनों को जोर से दबा रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है और बहुत आनंद आ रहा है। वह बड़ी खुश नजर आ रही थी उसने मेरा साथ बहुत देर तक दिया। मेरी गर्मी पूरी तरीके से बढ चुकी थी मै पायल की चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाना चाहता था मैंने उसके पैरों को खोला तो उसकी चूत पर जैसे ही मैंने अपने लंड को लगाया तो मुझे गर्मी का एहसास होने लगा।

मैंने उसे धक्के देते हुए उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया उसकी चूत के अंदर मेरा लंड जाते ही वह जोर से चिल्लाई और कहने लगी मजा आ गया। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर की तरफ जा चुका था अब वह बड़ी जोरदार तरीके से चिल्लाने लगी। वह जिस प्रकार से चिल्ला रही थी उससे मेरी गर्मी और भी अधिक बढ़ती जा रही थी मैं बिल्कुल भी अपने आप पर काबू नहीं कर पा रहा था। मैंने उसे बहुत तेज गति से धक्के देने शुरू किए मेरी गति बढ़ती ही जा रही थी मैंने जब पायल की चूत की तरफ देखा तो मैंने उसे पेट के बल लेटाते हुए उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मेरा लंड उसकी चूत मे घुस चुका था। उसकी चूत की चिकनाई बढ चुकी थी मैं उसकी योनि के अंदर लंड डाले जा रहा था। वह बहुत तेजी से चिल्लाए जा रही थी उसकी सिसकियां इतनी तेज हो रही थी कि मेरा वीर्य भी बाहर की तरफ आने वाला था। मैंने अपने वीर्य को उसकी चूतड़ों पर गिराया तो वह खुश हो गई लेकिन मेरी इच्छा अभी तक नहीं भरी थी। जिसके बाद मैंने उसके साथ करीब आधे घंटे तक और सेक्स का मजा लिया।


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