विमला भाभी की गांड का कीड़ा भाग १

प्रेषक : दीनू …

हैल्लो दोस्तों, में दीनू सबसे पहले सभी चूत वालियों और लंड वालों को धन्यवाद देता हूँ, क्योंकि मेरी पिछली कहानियां लोगों को काफ़ी पसंद आई, जिससे आप लोगों ने मुझे और सत्य कथा लिखने का हौसला दिया, इसलिए में फिर से आप लोगों के सामने अपनी एक सच्ची कहानी पेश कर रहा हूँ। मुझे आशा है कि मेरी पिछली कहानियों की तरह यह कहानी भी आप लोगों को बहुत पसंद आएगी। जैसे कि आप सब जानते हैं कि में एक सरकारी कर्मचारी हूँ और आये दिन दफ्तर के काम से मुझे मुंबई से बाहर जाना पड़ता है।

फिर एक दिन मुझे काम के सिलसिले में कुछ महीनों के लिए उत्तरप्रदेश के एक छोटे से गाँव में जाना पड़ा। मेरा एक दोस्त उसका गाँव भी वहीं पर था तो उसने कहा कि यार दीनू तुम वहाँ जाकर मेरे घर पर रह लेना, वहाँ मेरा पूरा परिवार है तो तुम्हारा मन भी लग जाएगा, वैसे भी में करीब 2 साल से गाँव नहीं गया हूँ, सिर्फ़ फोन पर ही बातें होती है और तुम जितने दिन वहाँ रहोंगे, उन्हें संभाल भी लोगे। फिर मैंने कहा कि ठीक है और उसने तो मेरे आने की सूचना गाँव में अपने परिवार को दे दी थी। फिर जब में वहाँ पहुँचा तो उन्होंने मेरा बहुत जोरदार स्वागत किया। उनके परिवार में दोस्त की माँ, दोस्त के बड़े भाई की बीवी और दोस्त की वाईफ थी, उनके नाम, उम्र और शरीर की खूबियाँ निम्नलिखित है।

फूलवंती = दोस्त की माँ, उम्र करीब 48 साल, मोटी, बड़े-बड़े चूतड़ और बड़े बूब्स वाली सेक्सी महिला है (विमला और बीना की सास) और इनके पति का देहांत दोस्त के पैदा होने के कुछ ही महीनों के बाद हो गया था।

विमला = दोस्त के बड़े भाई की बीवी है, वो करीब 30 साल की है, वो थोड़ी साँवली सी और भरे-भरे चूतड़ और बड़े बूब्स वाली मध्यम कद की महिला है, (बीना की जैठानी) इसका पति 3 साल के कांट्रेक्ट पर दुबई में काम कर रहा है।

बीना = दोस्त की वाईफ, उम्र करीब 24 साल, ना ज़्यादा मोटी ना ज़्यादा पतली, सुंदर नयन नक्श वाली महिला थी। (विमला की देवरानी)

राजा = यह उनके घरेलू कुत्ते का नाम है, वो भी मोटा ताज़ा कुत्ता था, यानि उस घर में दोस्त के परिवार के केवल 3 सदस्य रहते थे, देवरानी, जैठानी और सासू माँ और उनका पालतू कुत्ता।

अब कुछ ही दिनों में में इस परिवार में खूब घुल-मिल गया था। में दोस्त की माँ को चाची कहकर बुलाता था और विमला, बीना को भाभी कहकर बुलाता था, वो लोग भी मुझे इस घर का ही सदस्य समझते थे। उस दिन शनिवार था और मेरी छुट्टी थी तो में घर पर ही था तो इतने में चाची आई और बोली कि दीनू बेटा शाम को तुम और विमला बहु शहर जाकर कुछ सामान ले आओ और सामान की लिस्ट विमला के पास है। फिर मैंने कहा कि ठीक है और करीब 4 बजे हम घर से निकले और शहर गाँव से करीब 50 किलोमीटर दूर था, यानि कि करीब 1 घंटा बस में सफ़र करना था। अब जाते वक्त हमें बस में खाली सीट मिल गयी थी। अब विमला भाभी खिड़की के पास बैठी थी और में उनके बगल में बैठा था। अब हवा के कारण विमला भाभी को नींद आने लगी और वो मेरे कंधे पर अपना सर रखकर सो गयी।

फिर जब शहर आया तो मैंने उन्हें जगाया और हम करीब 5 बजे शहर के मार्केट पहुँचकर सामानों की खरीदारी करने लगे। फिर मैंने भी 1 विस्की की बोतल खरीदी और करीब 7 बजे हमने बस पकड़ी। अब बस में इतनी भीड़ थी कि हमें खड़े-खड़े सफ़र करना पड़ा। अब में विमला भाभी के पीछे खड़ा था और अब बस के धक्को से उनके चूतड़ के बीच की दरार बार-बार मेरे लंड पर रगड़ मार रही थी, जिस कारण मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया था। जब मैंने कुर्ता पजामा पहना था, इसलिए मेरा तनकर खड़ा हुआ लंड उनके चूतड़ की दरार में खड़ापन दिखा रहा था। अब मेरे लंड के खड़ेपन को अपने चूतड़ की दरार में महसूस करते ही विमला भाभी ने एक बार पीछे मुड़कर मेरी तरफ देखा, लेकिन वो कुछ नहीं बोली। अब थोड़ी देर के बाद वो खुद अपने चूतड़ से मेरे लंड पर दबाव डाल रही थी। अब में समझ नहीं पा रहा था कि बस के धक्को के कारण ऐसा हो रहा है या वो जानबूझ कर ऐसा कर रही है।

खैर फिर हम करीब रात 8 बजे घर पहुँचे। अब विमला और बीना रसोई घर में थी और में छत पर आकर विस्की पीने लगा और 2-3 पेग पीने के बाद में नीचे उतरा। फिर थोड़ी देर के बाद हम सबने खाना खाया और कुछ देर आँगन में बैठकर बातें करने लगे। फिर करीब 11 बजे चाची और बीना भाभी को नींद आने लगी तो वो लोग अपने अपने कमरे में जाकर सो गयी। अब में और विमला भाभी ही आँगन में बैठकर बातें कर रहे थे। अब में केवल लूंगी और बनियान पहनकर कुर्सी पर बैठा था और विमला भाभी जमीन पर बैठी थी। फिर मैंने उनके पति के बारे में पूछा और कहा कि वो कब से दुबई गये है? तो वो बोली कि 2 साल हो गये है। फिर मैंने बातों को आगे बढ़ाते हुए पूछा कि विमला भाभी जी क्या आप लोग परिवार नियोजन करते है, जो इतने सालों से आपको कोई भी औलाद नहीं हुई? तो विमला भाभी बोली कि नहीं रे दीनू, हमने काफी मन्नते माँगी, काफ़ी मंदिरों में माथा टेका, लेकिन अभी तक हमें संतान नहीं हुई, बस यही गम मुझे खाए जा रहा है। फिर मैंने पूछा कि क्या आपने और भाई साहब ने चैकअप कराया?

फिर भाभी बोली कि हाँ दीनू, लेकिन लेडी डॉक्टर ने तो मुझमें कोई भी खराबी नहीं बताई, 1 मिनिट रूको में अभी आती हूँ कहकर वो उठकर अपने कमरे में गयी और कुछ देर के बाद अपने हाथ में एक पर्चा लाकर कहा कि तुम तो पढ़े लिखे हो, ज़रा यह रिपोर्ट तो पढ़कर बताओ इसमें क्या लिखा है? तो में रिपोर्ट अपने हाथ में लेकर पढ़ने लगा और वो मेरे सामने अपने दोनों पैर के घुटने ऊपर करके जमीन पर बैठ गयी और लगातार मुझे देखते हुए बोली कि यह उनके टेस्ट की रिपोर्ट है, इसमें क्या लिखा है? में जब भी उनसे पूछती हूँ तो वो कहते है कि कोई खराबी नहीं है। फिर मैंने कहा कि भाभी जी मुझे बताते हुए थोड़ी शर्म आ रही है, लेकिन वैसे कोई खास बात नहीं है। फिर भाभी बोली कि दीनू शरमाओ मत निसंकोच मुझे सही-सही बताओं, तुम्हें मेरी कसम है। फिर मैंने कहा कि भाभी जी इसमें लिखा है कि भाई साहब का वीर्य बहुत पतला है और अगर नियमित रूप से इलाज कराए तो वीर्य ठीक हो जाएगा। फिर ये सुनकर भाभी जी अपना सर झुकाते हुए बोली कि मुझे पहले से ही शक था, क्योंकि मैंने कई बार महसूस किया है कि उनका वीर्य पानी जैसा पतला है और वो जल्दी ही खल्लास हो जाते थे।

(TBC)…


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