उठा उठा कर चोदा

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Utha utha kar choda अपने पुराने ऑफिस से रिजाइन देने के बाद मैंने नया ऑफिस ज्वाइन कर लिया था, जब मैंने नया ऑफिस ज्वाइन किया तो वहां पर मुझे सिर्फ तीन दिन ही हुए थे इन तीन दिनों में लगभग सब लोगों से मेरी बातचीत हो गई थी और सब लोगों के साथ मेरा काफी अच्छा व्यवहार भी था। ऑफिस में एक महीना हो जाने के बाद हमारे ऑफिस में रचना आई, जब रचना ने ऑफिस ज्वाइन किया तो रचना मेरे सामने वाले डेक्स में ही बैठा करती थी इसलिए उससे मेरी काफी अच्छी बातचीत होने लगी। रचना और मैं एक दूसरे से अब अच्छे से बात करने लगे थे और एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करने लगे। हम दोनों के बीच की दोस्ती प्यार में तब्दील होने लगी जब हम दोनों के बीच की दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई तो उसके बाद मैं और रचना एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा खुश रहने लगे थे। हम दोनों चाहते थे कि हम दोनों जल्द से जल्द शादी कर ले लेकिन यह इतना आसान होने वाला नहीं था क्योंकि रचना के पिताजी बड़े ही सख्त मिजाज हैं और वह चाहते हैं कि रचना की शादी उनकी मर्जी से हो, रचना ने मुझे यह बात बता दी थी।

हम दोनों एक दूसरे से मिला करते थे और एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करते थे। एक दिन रचना के भाई ने हम दोनों को साथ में देख लिया जब उसने हम दोनों को साथ में देखा तो शायद वह हम दोनों के मिलने का आखिरी दिन था उस दिन के बाद रचना से ना तो मेरी कभी बात हो पाई और ना ही मैं कभी उसे मिल पाया। रचना मेरी जिंदगी से दूर हो चुकी थी उससे मेरा संपर्क किसी भी तरीके से नहीं हो पाया। मैं रचना से मिलने के लिए बेताब था लेकिन रचना से मेरी मुलाकात हो ही नहीं पा रही थी मेरे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं रचना से कैसे मुलाकात करूं लेकिन जब रचना से मेरी बात हुई तो उसने मुझे बताया कि उसकी सगाई हो चुकी है। रचना के परिवार वालों ने अपने ही पसंद के लड़के के साथ उसकी सगाई कर दी और कुछ समय बाद उसकी शादी होने वाली थी। रचना बहुत ज्यादा परेशान थी लेकिन मेरे हाथ में भी कुछ नहीं था मैं कुछ भी नहीं कर पा रहा था रचना की की रजामंदी इस शादी को लेकर बिल्कुल भी नहीं थी लेकिन उसे मजबूरन शादी करनी पड़ी।

उसकी शादी हो जाने के बाद तो मेरी उससे कभी मुलाकात हुई ही नहीं मुझे तो कभी भी ऐसा लगा ही नहीं कि जैसे रचना कभी मेरी जिंदगी में थी मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था। रचना का ख्याल जब भी मेरे मन में आता तो मुझे काफी ज्यादा बुरा महसूस होता मैं सोचने लगता कि क्या मुझे उस वक्त रचना के साथ शादी कर लेनी चाहिए थी लेकिन मेरे पास किसी भी बात का कोई जवाब नहीं था मैं अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था। मैं जिस कंपनी में जॉब कर रहा था वहां पर मैं मैनेजर के पद पर था और मेरी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था बस मेरी जिंदगी में कमी थी तो सिर्फ एक लड़की की। मेरे पापा मुझे कहते कि तुम शादी क्यों नहीं कर लेते लेकिन मैं शादी करने कि बिल्कुल भी मूड में नहीं था क्योंकि मैं चाहता था की मैं जिस लड़की से प्यार करूं उसी से मैं शादी करूं। हम लोगों के ऑफिस में एक लड़की जॉब करने के लिए आई जब वह जॉब करने के लिए आई तो मैं देखा की उसका मिजाज बड़ा ही बिंदास किस्म का था उसका नाम आशा है। आशा के अंदर कुछ तो बात थी जो मुझे अपनी ओर खींच रही थी आशा से जब भी मैं बात करता तो मुझे काफी अच्छा लगता है। एक दिन आशा ने अपने बर्थडे की पार्टी के लिए मुझे भी इनवाइट किया उसने अपने कुछ दोस्तों को बुलाया हुआ था और हमारे ऑफिस से भी कुछ लोग आशा की बर्थडे पार्टी में गए हुए थे। जब हम लोग आशा की बर्थडे पार्टी में गए तो वहां पर मैं और आशा एक दूसरे से बात कर रहे थे मैंने आशा को उसके जन्मदिन की बधाई दी और आशा को कहा कि तुम हमेशा ऐसे ही मुस्कुराती रहो। आशा मुझे कहने लगी कि सर मैं जब भी आप से बात करती हूं तो मुझे काफी अच्छा लगता है। अब आशा और मेरे बीच भी काफी बातें होने लगी थी और हम दोनों एक दूसरे से बहुत बातें करने लगे थे। मैंने भी आशा को अपने दिल की बात कह दी और आशा को मैंने प्रपोज कर दिया। जब मैंने उसे प्रपोज किया तो आशा बहुत ज्यादा खुश हो गई थी और वह कहने लगी कि सर जब से मैंने आपको पहली बार देखा तब से ही मैं आपको अपना दिल दे बैठी थी। मैंने आशा को कहा कि तुम्हें मुझे सर कहने की जरूरत नहीं है अब तुम मुझे आकाश कह सकती हो।

आशा को मेरा साथ बहुत ही अच्छा लगता है और हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी खुश थे हम दोनों की जिंदगी अच्छे से चल रही है और हम दोनों को एक दूसरे का साथ काफी अच्छा लगता है। आशा बड़ी ही मस्त मिजाज किस्म की थी इसलिए आशा ने अपने परिवार से मेरे बारे में बात कर ली और उन्हें भी इस बात से कोई एतराज नहीं था। आशा और मैं एक दूसरे से ऑफिस के बाद मिलते हैं और ऑफिस खत्म हो जाने के बाद हम दोनों ज्यादा से ज्यादा समय साथ में बताया करते। हमारे ऑफिस में भी सब को यह बात पता चल चुकी थी कि आशा और मेरे बीच रिलेशन है जब भी हम दोनों का कहीं घूमने का मन होता तो हम दोनों साथ में चले जाया करते और आशा को मेरे साथ काफी अच्छा लगता। एक दिन मैं और आशा साथ में शॉपिंग करने के लिए गए हुए थे जब मैं और आशा शॉपिंग करने के लिए साथ में गए तो आशा मुझे कहने लगी कि आकाश आज हम लोग डिनर भी साथ में चलते हैं मैंने आशा को कहां ठीक है। शॉपिंग करने के बाद मैंने आशा को घर पर छोड़ दिया था उसके बाद मैंने आशा को शाम के वक्त फोन किया तो आशा कहने लगी कि मैं थोड़ी देर में तैयार हो जाऊंगी तुम मुझे लेने के लिए आ जाना।

मैं आशा को लेने के लिए उसके घर पर चला गया और जब मैं आशा को लेने के लिए उसके घर पर गया तो मैंने आशा को देखा तो वह काफी ज्यादा सुंदर लग रही थी और वह बहुत ज्यादा खुश भी थी। उस दिन हम दोनों डिनर पर साथ में गए हमने उस दिन काफी अच्छा समय बिताया। हम दोनो डिनर पर साथ मे गए वहां पर मैने उस दिन आशा को गिफ्ट दिया। हम दोनो ने डिनर साथ मे किया और फिर हम दोनो ने उस दिन साथ मे रूकने का मन बना लिया था। मैने और आशा ने उस दिन साथ मे रहने का प्लान बनाया। हम दोनो साथ मे रूके। मै बहुत ही ज्यादा खुश था। मैं आशा को महसूस करने लगा था मैंने उसके बदन को महसूस किया। मै जब उसके होंठों को किस कर रहा था तो वह बहुत ही ज्यादा खुश हो रही थी। मै आशा के होंठो को बड़े अच्छे से चूमने लगा था। मैं उसके होठों को जिस तरह से चूम रहा था उससे मुझे बड़ा मजा आ रहा था। आशा भी अब उत्तेजित होती जा रही थी। उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी थी मैं अब रह नहीं पा रहा था। आशा भी अब रह नहीं पा रही थी। मै आशा को चोदने के लिए उतावला था। हम दोनों ही एक दूसरे के लिए तड़पने लगे थे। मैंने आशा से कहा मुझसे रहा नही जा रहा है मै तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालना चाहता हूं। अब आशा तैयार थी उसकी चूत से पानी निकल रहा था। मैंने आशा के कपड़े उतारकर उसकी ब्रा को खोल दिया था। जब मैने उसके स्तनों को अपने हाथों से दबाना शुरु किया तो वह तड़पने लगी थी और उसकी उत्तेजना बहुत ज्यादा बढने लगी थी। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में ले लिया था मैं अब उसके स्तनो को बड़े अच्छे से चूसने लगा था। मै आशा के स्तनों को चूस रहा था तो वह बहुत ही ज्यादा गरम हो चुकी थी। मैंने अब अपने लंड को बाहर निकाल लिया था। आशा मेरे लंड को देख खुश थी मैने जब उसकी चूत पर लंड को रगडना शुरु किया तो वह मजे मे आने लगी थी। आशा की चूत से पानी बाहर आ गया था और मेरा लंड भी पूरी तरीके से गर्म हो चुका था। आशा की चूत से बहुत पानी बाहर निकलने लगा था।

मैं आशा की चूत से निकलते हुए पानी को पहचान ना सका और अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाया। मैंने आशा की चूत मे अपने लंड को अंदर डाला। जब मेरे लंड आशा की चूत के अंदर गया तो वह जोर से चिल्लाई और मेरा लंड उसकी चूत को फाडता हुआ अंदर तक जा चुका था जिससे आशा की चूत से खून निकल आया था। आशा बहुत जोर से चिल्ला रही थी वह मुझे कहने लगी मेरी चूत से खून निकल रहा है। आशा की योनि से बहुत ज्यादा खून निकलने लगा था। आशा बहुत ज्यादा तड़पने लगी थी। आशा ने मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ लिया था। मुझे आशा को चोदने मे बहुत ही मजा आ रहा था। मैंने आशा के स्तनों का रसपान किया जिस से उसकी गर्मी बढ़ चुकी थी। मैंने आशा को तेजी से चोदा मुझे उसे चोदना में बड़ा मजा आ रहा है। आशा की चूत से खून तेजी से बाहर निकलने लगी थी मुझे उसको धक्के मारने में बड़ा आनंद आ रहा था। आशा से अब झेला नहीं जा रहा था वह झड चुकी थी और जब मेरा वीर्य बाहर की तरफ गिरा तो वह खुश थी। जब मेरा माल आशा की चूत मे गिरा मैंने अपने लंड को साफ़ किया। आशा की चूत से पानी निकल रहा था।

मैंने आशा की चूत मे अपने लंड को लगाया। आशा बोली डालो मेरी चूत मे लंड। जब मैंने आशा की चूत मे लंड डाला तो वह खुश हो गई थी मैने उसकी चूत मै धक्के मारा तो वह बोली मजा आ रहा है। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने हाथों से ऊपर उठाया। वह मुझे बोली मेरी जांघो को कस कर पकड लो। मैंने अब उसकी मोटी जांघ को कसकर पकड़ा हुआ था और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। जब मेरा लंड आशा की चूत को फाडकर अंदर बाहर हो रहा था। जब आशा की चूत मेरे लंड से टक्करती तो उस से गर्मी पैदा होती जा रही थी। मुझे मजा आ रहा था और आशा को भी मजा आता। मेरी गर्मी बढ गई थी मैंने आशा को घोडी बना दिया। जब मैंने उसे घोडी बनाया तो मै आशा की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को कर रहा था। जब आशा की चूत के अंदर बाहर मेरा लंड हो रहा था तो मुझे बहुत मजा आ रहा था। वह मेरा साथ बड़े ही अच्छे से दे रही थी। मै उसकी चूतड़ों पर जिस तरह से प्रहार करता उससे आशा की चूतडो से आवाज पैदा होती। मैंने आशा को बहुत देर तक चोदा। जब आशा की चूत की गर्मी को मे झेल नही पाया तो मैने आशा की चूत मे माल को गिरा दिया। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुश थे। मैने आशा की चूत मारकर मजा आ गया था।


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