उसकी चूत की जकड़न

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Uski chut ki jakdan काफी लंबे समय के बाद मैं अपने घर आया था मैं इंदौर में नौकरी करता हूं और पापा मम्मी मुंबई में रहते हैं पापा और मम्मी दोनों ही नौकरी पेशा है इसलिए वह लोग मुझे कभी भी समय नहीं दे पाए थे। मैंने अपनी एमबीए की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद मेरी जॉब इंदौर में लग गई। मैं इंदौर की एक अच्छी कंपनी में जॉब करता हूं और मेरी जिंदगी में सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा है लेकिन पापा और मम्मी मुझे कभी समय नहीं दे पाये जिस वजह से मुझे हमेशा ही लगता की उन लोगों को मुझे समय देना चाहिए था लेकिन ऐसा कभी हो नहीं पाया था। मम्मी पापा ने मेरी देख रेख के लिए एक आया को रखा था उन्होंने ही मेरी देख रेख की। समय के साथ साथ मैं बड़ा हो गया मुझे कुछ पता ही नहीं चला लेकिन पापा और मम्मी मुझे कभी भी वह प्यार नहीं दे पाए जो कि मुझे उन लोगों से चाहिए था।

मैं जब घर गया तो पापा और मम्मी दोनों ने हीं कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली और वह लोग मेरे साथ में समय बिताना चाहते थे। हम लोगों ने साथ में काफी अच्छा टाइम बिताया मैं घर करीब 15 दिनों तक रहा उसके बाद मैं इंदौर लौट आया था। मुझे भी अच्छा लगा कि पापा और मम्मी ने मेरे साथ में टाइम स्पेंड किया पापा और मम्मी दोनों ही एक अच्छी कंपनी में नौकरी करते हैं। घर पर पैसों को लेकर कोई भी परेशानी नहीं है घर की आर्थिक स्थिति भी सही है लेकिन उसके बावजूद भी पापा और मम्मी हमेशा ही अपनी जॉब में बिजी रहे जिसकी वजह से वह लोग मुझे कभी समय नहीं दे पाए थे। अब पापा और मम्मी को भी यह लगने लगा था कि उन लोगों को मुझे समय देना चाहिए इसलिए उन लोगों ने अपनी जॉब से रिजाइन देने का फैसला कर लिया था और वह दोनों अब मेरे साथ में इंदौर में रहना चाहते थे। पापा मम्मी मेरे साथ अब इंदौर में ही रहने लगे थे मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि पापा और मम्मी मेरे साथ इंदौर में रहने लगे हैं।

मैं सुबह के वक्त ऑफिस जाता और शाम के वक्त घर लौटता तो पापा और मम्मी के साथ मैं काफी अच्छा समय बिताया करता। एक दिन पापा ने मुझे कहा कि बेटा आज मेरे पुराने दोस्त की फैमिली हमारे घर पर आने वाली है तो तुम ऑफिस से जल्दी लौट आना। मैंने पापा से कहा ठीक है पापा मैं ऑफिस से घर जल्दी लौट आऊंगा। उस दिन मैं जब अपने ऑफिस गया तो मैं उस दिन घर जल्दी लौट आया था। जब मैं घर लौटा तो पापा और मम्मी ने मुझसे कहा कि बेटा हम लोगों ने सारी तैयारी कर ली है बस थोड़ी देर बाद वह लोग आते ही होंगे। मैं भी अपने रूम में बैठा हुआ था कि तभी घर की डोर बेल बजी और जैसे ही मम्मी ने दरवाजा खोला तो दरवाजे पर वह लोग खड़े थे। मैं अपने हॉल में बैठा हुआ था तो पापा ने मेरी मुलाकात रविंद्र अंकल के साथ करवाई और उनकी पत्नी से मिलकर भी मुझे अच्छा लगा।

मैं पहली बार ही उनकी बेटी मोनिका से मिला था मोनिका भी मेरी उम्र की थी हम दोनों का परिचय हुआ तो हम दोनों उस दिन एक दूसरे के साथ में बहुत अच्छा टाइम बिता पाए थे। मुझे मोनिका से बात कर के अच्छा लगा और उस दिन के बाद मोनिका और मैं एक दूसरे को मिलने लगे थे और हम दोनों जब भी एक दूसरे से मिलते तो हम दोनों को ही अच्छा लगता था। मोनिका कई बार हमारे घर पर आ जाया करती थी क्योंकि पापा और मम्मी को इस बात से कोई ऐतराज नही था और वह जब भी मुझसे मिला करती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था। एक दिन मैं अपने ऑफिस से घर लौटा ही था कि मोनिका का मुझे फोन आया और उसने मुझे कहा कि मुझे तुमसे बात करनी है। मैंने भी मोनिका से कहा कि ठीक है मैं तुमसे मिलने के लिए अभी आता हूं और उस दिन मैं मोनिका को मिलने के लिए चला गया। मैं जब मोनिका को मिलने के लिए गया तो मोनिका चाहती थी कि हम दोनों साथ में समय बिताये तो मैं भी उसकी बात को मना ना कर सका और हम दोनों ने उस दिन साथ में काफी अच्छा टाइम स्पेंड किया। हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगा था जिस तरीके से हम दोनों ने उस दिन साथ में टाइम स्पेंट किया था। एक दूसरे के साथ में हम लोगों ने समय बिताया तो मुझे समय का पता ही नहीं चला की कब रात हो गई।

मैंने मोनिका को कहा कि मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ देता हूं मोनिका ने कहा कि नहीं मैं चली जाऊंगी लेकिन मैंने उसे कहा मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ देता हूं। मोनिका को मैंने उस दिन उसके घर तक छोड़ा फिर मैं अपने घर लौट आया था। उस रात हम दोनों ने फोन पर भी एक दूसरे से बहुत देर तक बातें की थी और हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगा जब हम दोनों ने एक दूसरे से फोन पर बातें की थी। मैं मोनिका को बहुत ही ज्यादा पसंद करता हूं और समय के साथ साथ हम दोनों एक दूसरे को प्यार भी करने लगे थे। मोनिका और मैं एक दूसरे के साथ में ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करते थे शायद यही वजह थी कि हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझने लगे थे। हम दोनों अब एक दूसरे से शादी भी करना चाहते थे हालांकि हम दोनों अभी एक दूसरे को थोड़ा समय देना चाहते थे। एक दूसरे के साथ हम दोनों जब भी होते तो हम दोनों का अच्छा लगता हम दोनों का रिलेशन बड़े अच्छे से चल रहा था और मैं बहुत ज्यादा खुश भी था कि मोनिका मेरी जिंदगी में आ चुकी है। जब से मोनिका मेरी जिंदगी में आई थी तब से मेरी जिंदगी में सारी खुशियां लौट आई और मेरी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चलने लगा था।

एक दिन हम दोनो डिनर करने के लिए गए। उस रोज हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय साथ मे बिताया। मैंने मोनिका को उस दिन अपने साथ रूकने के लिए कहा। वह मेरी बात मान गई थी। वह मेरे साथ आ गई हम दोनो एक होटल मे चले गए थे। हम दोनो साथ मे लेटे हुए थे। मैं अपने आप को रोक ना सका और मोनिका के कपडो को उतार दिया। वह भी मेरे साथ सेक्स करना चाहती थी। उसके गोरे बदन को देख कर मेरा लंड खड़ा हो चुका था। मोनिका मेरे सामने बैठी हुई थी जब मैंने मोनिका की जांघ पर अपने हाथ को रखा तो मेरा लंड तन कर खड़ा होने लगा था। मैं मोनिका की जांघ को सहलाने लगा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैं जिस तरीके से उसकी जांघ को सहला रहा था और उसकी गर्मी को बढाए जा रहा था। मैंने मोनिका की गर्मी को बढा कर रख दिया था मोनिका अब पूरी तरीके से गर्म होने लगी थी। उसकी गर्मी बहुत बढ़ चुकी थी वह मेरी बाहों मे आने को तडप रही थी। जब वह मेरी बाहों में आ गई तो मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया था। वह बिस्तर पर लेटी हुई थी। मैंने उसके होंठों को चूमना शुरु कर दिया था वह गरम होने लगी थी। उसका बदन बहुत ही गर्म हो रहा था हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे थे। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत मजा आने लगा है। मेरी भी गर्मी बढ रही थी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था वह मेरी गर्मी को बढा रही थी।

मै उसके निप्पल को महसूस करने लगा था जिस तरीके से मैं उसके निप्पलो का रसपान कर रहा था उससे वह बहुत ज्यादा गर्म होती जा रही थी। वह मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुम और ना बढ़ाओ मैं बिल्कुल भी अपने आपको रोक नहीं पाऊंगी। मैंने मोनिका को कहा मैं भी अपने आपको नहीं रोक पा रहा हूं। हम दोनों बहुत ही ज्यादा गरम हो चुके थे इसलिए मैंने जब मोनिका की पैंटी को नीचे उतार कर उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो वह गर्म सिसकारियां भरने लगी थी। उसकी गर्म सिसकारियां इतनी अधिक बढ़ने लगी थी वह बिल्कुल भी नहीं रह पा रही थी। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा रहा हूं।

वह मुस्कुराने लगी मैंने उसकी योनि के अंदर लंड को घुसा दिया। मै उसकी चूत में लंड डालकर खुश था। मोनिका की चूत गीली होती जा रही थी उसकी चूत से इतना पानी निकलने लगा था मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और उसे मैं बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था। मैंने उसे बहुत तेज से चोदा मैं उसे जब तेजी से चोदता तो उसकी चूत पूरी गीली हो गई थी। उसकी चूत से बहुत अधिक मात्रा में पानी निकलने लगा था वह मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकड़ने की कोशिश करने लगी। जब वह मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ने की कोशिश करने लगी तो मुझे अच्छा लग रहा था और मैं मोनिका को बड़ी तेजी से चोद रहा था। मेरा वीर्य मेरे लंड से बाहर की तरफ आ चुका था मोनिका भी झड़ चुकी थी। मेरा वीर्य गिरने को था जैसे ही मेरा वीर्य मोनिका की चूत में गिरा तो वह बहुत खुश हो गई और बोली राजेश आज तो तुमने मेरी चूत को अपना बना लिया है। यह बात सुनकर मैं बड़ा खुश हुआ उस दिन के बाद से हम दोनों के बीच में शारीरिक संबंध बनने लगे। मोनिका को जब भी मेरी जरूरत होती तो वह मुझे घर पर बुला लेती और हम दोनों एक दूसरे के साथ में सेक्स कर के एक दूसरे को संतुष्ट कर दिया करते और एक दूसरे को खुश कर देते।


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