तुमने तन बदन मे आग लगा दी

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Tumne tan badan me aag laga di रविवार के दिन मैं घर पर ही था उस दिन मेरी छोटी बहन नंदिनी मुझे कहती है कि भैया आप आज मुझे शॉपिंग करवाने ले जाइए। मैंने नंदिनी को कहा लेकिन किस खुशी में तो नंदिनी कहने लगी कि भैया आपकी अभी जॉब लगी है और आपने मुझे कुछ शॉपिंग भी नहीं करवाई। मुझे भी लगा कि मुझे नंदिनी को अपने साथ शॉपिंग के लिए लेकर जाना चाहिए नंदिनी मुझसे उम्र में 5 वर्ष छोटी है लेकिन नंदिनी को मैं बहुत प्यार करता हूं। नंदनी को मैं अपने साथ शॉपिंग करवाने के लिए ले गया जब हम लोग शॉपिंग कर के लौटे तो मेरी मां कहने लगी कि राहुल बेटा तुम कहां चले गए थे मैं तुम दोनों को कब से घर में देख रही थी लेकिन तुम दोनों दिखे ही नहीं और ना ही तुम्हारा फोन लग रहा था। मैंने मां को कहा मां आपने ही तो हमें कहा था कि मैं थोड़ी देर बाद लौट आऊंगी लेकिन आप तो लौटी नहीं मां मुझे कहने लगी कि बेटा मुझे थोड़ा वक्त लग गया था।

मां मुझे कहने लगी कि मैं घर लौट ही रही थी कि तुम्हारी मामी ने मुझे फोन कर दिया और उन्होंने मुझे घर पर बुला दिया था। मेरे मामा का घर भी हमारे घर के पास में ही है इसलिए वह लोग अक्सर हम से मिलने के लिए आते रहते हैं। मैंने मां को बताया कि मैं नंदिनी को अपने साथ शॉपिंग पर ले गया था तो मां कहने लगी कि तुमने नंदिनी को आज क्या शॉपिंग करवाई तो मैंने मां को कहा कि आप नंदिनी से ही पूछ लीजिए। मैं अपने रूम में चला गया और मैं जब अपने रूम में गया तो मैं अपने फेसबुक पर अपने दोस्तों से बात कर रहा था लेकिन मुझे नहीं पता था कि उस दिन मेरे फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई है। मैंने जब देखा कि किसी लड़की ने मुझे रिक्वेस्ट भेजी है तो मैंने उस फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लिया और उसके बाद मैंने उसे मैसेज करते हुए लिखा कि क्या मैं आपको जानता हूं। उस लड़की ने बोला कि हां मैं आपको जानती हूं लेकिन मैं उसे पहचान ना सका और ना ही मुझे लग रहा था कि मैं उससे कभी मिला हूं। सिमरन ने मुझे बताया कि हम लोगों की मुलाकात कॉलेज के समय में हुई थी तब मुझे ध्यान आया कि सिमरन मेरे दोस्त की मामा की लड़की है।

मैंने सिमरन से उसके हालचाल पूछे और मैं तो जैसे उससे बात करने में खो चुका था मम्मी मुझे आवाज लगाने लगी और कहने लगी कि बेटा तुम खाना खाने के लिए आ जाओ। मैंने जब घड़ी में वक्त देखा तो उस वक्त रात के 10:00 बज रहे थे बात करते करते मैं इतना ज्यादा खो गया कि मुझे कुछ पता ही नहीं चला कि समय कितना हो गया है। मैंने अपनी मां से कहा कि मां बस थोड़ी देर बाद आता हूं मैंने सिमरन को मैसेज में रिप्लाई किया और कहा कि मैं तुमसे बाद में बात करूंगा। हम लोगों ने डिनर किया और उसके बाद मैं अपने रूम में आया मैंने सिमरन को मैसेज भेजा लेकिन उसका मुझे कोई जवाब नहीं आया। उसके बाद सिमरन का अगली सुबह मुझे मैसेज आया और मैं सिमरन से बात करने लगा क्योंकि मैं अपने ऑफिस में था इसलिए सिमरन से ज्यादा बात नहीं कर सकता था परंतु मुझे जितना भी समय मिलता मैं उतनी देर सिमरन से बात करता। सिमरन से बात करना मुझे अच्छा लगता धीरे-धीरे हम दोनों की बात बढ़ने लगी और सिमरन ने मुझे अपना नंबर दे दिया। सिमरन के पिताजी पुलिस में है और वह लुधियाना में रहती है मैं चंडीगढ़ में रहता था इसलिए मैंने सोचा कि क्यों ना सिमरन से मिलने के लिए जाऊं। जब मैं सिमरन से मिलने के लिए गया तो मुझे बहुत अच्छा लगा सिमरन से मिलने के लिए मैं लुधियाना गया। हम दोनों की पहली मुलाकात थी और पहली ही मुलाकात हम लोगों की बड़ी अच्छी रही मुझे सिमरन से मिलकर बहुत अच्छा लगा। मैं उसके बाद चंडीगढ़ लौट आया था कुछ दिनों बाद सिमरन का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगी कि मैं कुछ दिनों के लिए चंडीगढ़ आ रही हूं। जब वह चंडीगढ़ आई तो सिमरन से मेरी मुलाकात हुई अब हम दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगी थी और मैंने कभी भी उम्मीद नहीं की थी कि हम दोनों के बीच इतनी नजदीकियां बढ़ जाएंगी। हम दोनों फोन पर घंटों बात किया करते और मुझे सिमरन से फोन पर बात करना अच्छा लगता सिमरन से जब भी मैं बातें करता तो मुझे एक अपनापन सा महसूस होता।

सिमरन ने मुझे अपने पुराने रिलेशन के बारे में बताया मैंने सिमरन को कहा कि यदि मैं तुमसे यह कहूं कि मैं तुम्हें बहुत चाहने लगा हूं तो सिमरन मुझे कहने लगी कि लेकिन राहुल मैंने तो तुम्हारे बारे में कभी ऐसा नहीं सोचा। मैंने सिमरन से कहा कि सिमरन जब से मेरी मुलाकात तुमसे हुई है तब से मेरे दिल में तुम्हारे लिए एक जगह बन गई है और मैं सोचता हूं कि तुम मेरी जिंदगी में आ जाओ तो मैं खुश रहूंगा। सिमरन से मेरी जितनी भी मुलाकात हुई मुझे बहुत अच्छा लगा सिमरन को भी यह रिश्ता स्वीकार था और सिमरन ने मेरे रिश्ते को स्वीकार कर लिया था। उसके बाद तो हम लोगों की बातें और भी होने लगी मैं चाहता था कि सिमरन को अपने मम्मी से मिलवाऊँ। जब सिमरन चंडीगढ़ आई थी तो मैंने उसे अपनी मम्मी से मिलवाया मेरी बहन सिमरन से मिलकर खुश थी और मुझे बहुत अच्छा लगा कि सिमरन को भी मेरी मम्मी और मेरी बहन पसंद आए। सिमरन मेरी मम्मी और बहन की बड़ी तारीफ कर रही थी और मेरी मां ने भी सिमरन की बहुत तारीफ की। मुझे इस बात की खुशी थी की कम से कम मेरे जीवन में सब कुछ ठीक तो चल रहा है सिमरन भी मेंरी जिंदगी में आ चुकी थी और सिमरन ने मेरी जिंदगी में एक अलग ही जगह बना ली थी। सिमरन मेरी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा थी और जब सिमरन से मेरी मुलाकात होती तो मुझे बहुत अच्छा लगता।

हम दोनों एक दूसरे से कम ही मिला करते थे परंतु जब भी हम लोग एक दूसरे से मिलते तो मुझे बहुत अच्छा लगता। जब सिमरन ने अपने पापा से इस बारे में बात की तो मैंने भी अपने पापा से इस बारे में बात की वह चाहती थी कि मैं उसके पापा से मुलाकात करूं। मैंने सिमरन के पापा से मुलाकात की परन्तु मुझे इस बात का डर था कि कहीं उसके पापा मुझे मना ना कर दे लेकिन उसके पापा ने मेरे और सिमरन के रिश्ते को मंजूरी दे दी थी। इससे ज्यादा बढ़कर खुशी शायद मेरे लिए कुछ भी नहीं थी कि सिमरन पूरी तरीके से मेरी जिंदगी में आ चुकी है उसके पापा ने भी अब हमारे रिश्ते को स्वीकार कर लिया था। सिमरन चंडीगढ़ आई हुई थी मैं और सिमरन फोन पर बात कर रहे थे हम दोनों की बातें फोन पर हो रही थी। उस दिन हम दोनों की बातें फोन पर कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ने लगी मैंने सिमरन के साथ अश्लील बातें शुरू कर दी हम दोनों के बीच फोन सेक्स हुआ। सिमरन भी अपने आपको रोक ना सकी अगले ही दिन सिमरन मुझसे मिलने के लिए आई सिमरन के दिल में क्या चल रहा था यह में अच्छे से जानता था और सिमरन भी मेरे इरादे जानती थी। हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आना चाहते थे मैंने जब सिमरन को अपनी बाहों में लेकर उसके होंठों को चूमना शुरू किया तो सिमरन को भी अच्छा लगने लगा। सिमरन को मैंने अपनी गोद में बैठा लिया जब मैंने सिमरन को बिस्तर पर लेटाया तो वह अपने आपको रोक ना सकी मै उसके होठों को चूम रहा था। सिमरन मुझे कहती तुम ऐसे ही मेरे होंठों को चूमते रहो मैंने सिमरन के बदन को कसकर पकड़ लिया था जब उसकी कमर को मैंने कसकर दबाना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी मुझसे रहा नहीं जा रहा है। हम दोनों एक दूसरे की बाहों में थे जिस प्रकार से मैंने सिमरन को अपनी बाहों में ले रखा था उससे वह बहुत ज्यादा खुश थी। मैंने सिमरन की चूत के अंदर उंगली डाली सिमरन की चूत के अंदर मेरी उंगली घुस गई सिमरन अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी।

मैंने सिमरन के कपड़े उतारते हुए उसके गोरे बदन को देखा तो मैं अपने आप को रोक ना सका। मैं उसके स्तनों को दबा रहा था मैं जब उसकी चूचियों को दबाता तो मुझे बड़ा मजा आता उसकी चूचियों को मैंने अपने मुंह में ले लिया था मैंने उसकी चूचियों के बीच में अपने लंड को रगड़ना शुरू किया मुझे इतना मजा आया मेरे लंड से पानी भी बाहर निकल आया था। मैं चाहता था सिमरन मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले सिमरन ने मेरे लंड का रसपान बहुत देर तक किया वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी। उसकी चूत से निकलते हुए पानी को मैंने जब अपनी जीभ से चाटना शुरू किया तो वह मचलने लगी वह मुझे कहने लगी तुम अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दो।

मैंने अपने लंड को सिमरन की चूत के अंदर जैसे ही प्रवेश करवाया तो उसके मुंह से एक चीख निकली और मेरा लंड उसकी चूत के अंदर तक जा चुका था। मैं सिमरन के स्तनों का रसपान कर रहा था मैं उसे धक्के मारता वह अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लेती। मैंने देखा कि सिमरन की चूत से खून निकल रहा है। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है सिमरन की चूत से लगातार गर्मी बाहर की तरफ को निकल रही थी मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था। सिमरन भी अपने आप को रोक नहीं पा रही थी और ना ही मैं अपने आपको रोक पा रहा था। सिमरन की टाइट चूत और मेरे लंड की रगडन से मेरे लंड से वीर्य बाहर की तरफ को निकलने वाला था उसे मैने सिमरन की चूत के अंदर गिराया तो सिमरन कहने लगी राहुल आज तो मुझे मजा ही आ गया। उसके बाद सिमरन और मैं बैठे रहे मेरी मम्मी और मेरी बहन थोड़ी देर बाद घर पर आ गए वह सिमरन से कई सवाल पूछने लगे, सिमरन उनके सवालों का जवाब देती। मैं और सिमरन इस बात से खुश थे कि पहली बार हम दोनों ने एक दूसरे के बदन की गर्मी को महसूस किया।


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