तुम्हे देखकर मैं खुद को भूल जाता हूँ

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Tumhe dekhkar mai khud ko bhool jata hoon मैं अपने बिजनेस टूर के लिए अहमदाबाद जा रहा था मैं मुंबई से जिस फ्लाइट में बैठा था उसी फ्लाइट में मेरे बगल की सीट पर एक लड़की बैठी हुई थी मैं अपने लैपटॉप पर अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें देख रहा था। कुछ समय पहले ही मैं अपने परिवार के साथ घूमने के लिए दुबई गया था वह हमारा फैमिली टूर था उसमें सब लोग साथ में थे मैं अपने सारे परिवार को एक साथ देख कर बहुत खुश था इतने सालों बाद हम सब लोग एक साथ जो मिले थे। मेरे बड़े भैया जो कि आज विदेश में अपना बिजनेस करते हैं उनकी हमेशा ही मुझे बहुत याद आती है लेकिन अब वह मुंबई नहीं आ पाते। पापा ने कई बार उनसे कहा कि तुम मुंबई में ही क्यों नहीं रहते लेकिन भैया ने अपनी मेहनत से अपना बिजनेस शुरू किया था और उनका बिजनेस अच्छा चल रहा है इसलिए वह अब अपने बिजनेस को छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहते। मैं वह तस्वीर देखकर कहीं ना कहीं भावुक हो गया था मेरे पास बैठी लड़की ने मेरी तरफ देखा और कहने लगी कि आप ठीक तो है।

मैंने उसकी तरफ देखा और कहा हां मैं ठीक हूं लेकिन जिस प्रकार से उसने मुझसे बड़ी शालीनता से बात की उससे मैंने भी उससे बात की और मैंने अपना परिचय उसे दिया मैंने कहा मेरा नाम गौरव है। वह मुझे कहने लगी कि मेरा नाम माधुरी है उसने मुझे अपना परिचय दिया माधुरी एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थी। मैंने जब उसे अपने बारे में बताया और कहा कि मैं अपने बिजनेस के लिए अमदाबाद जा रहा हूं। मैं चाहता था कि अहमदाबाद में ही मैं अपना कारोबार आगे बढ़ाऊँ क्योंकि मुझे लगता था कि अहमदाबाद में काम को लेकर काफी संभावनाएं हैं इसलिए मैं उन संभावनाओं को तलाशने के लिए अहमदाबाद जा रहा था लेकिन फ्लाइट में मेरी मुलाकात माधुरी से हुई तो मुझे माधुरी से मिलकर बहुत अच्छा लगा। कम वक्त में ही हम दोनों एक दूसरे के बारे में काफी कुछ जानने लगे माधुरी और मैं एक दूसरे से बात कर रहे थे लेकिन इत्तेफाक से माधुरी के बड़े भैया को मैं पहले भी मिल चुका था और मैं उन्हें जानता था।

अब हम लोग अहमदाबाद पहुंच चुके थे और अहमदाबाद पहुंच कर मैंने माधुरी को कहा तुम कहां रुकने वाली हो तो माधुरी ने मुझे कहा कि मैं किसी होटल में रुक रही हूं लेकिन अभी तक मुझे उस होटल का एड्रेस नहीं पता। मैंने माधुरी से कहा क्या तुम्हें कोई लेने के लिए आने वाला है तो माधुरी मुझे कहने लगी कि हां मुझे लेने के लिए हमारे ऑफिस से कोई आने वाला है लेकिन अभी तक वह आया नहीं है। मैं माधुरी के साथ ही था और उसके साथ मैं तब तक रहा जब तक कि उसके ऑफिस से कोई उसे लेने के लिए आया नही। थोड़ी देर में माधुरी जा चुकी थी और मैं भी एयरपोर्ट से बाहर आकर टैक्सी लेकर होटल में चला गया। मैं जब होटल में गया तो कुछ देर तो मैं रूम में बैठा रहा फिर मैं बाथरूम में नहाने के लिए चला गया मैं जैसे ही बाथरूम से बाहर नहा कर निकला तो मेरे पापा का फोन मेरे फोन पर आ रहा था मैंने उनका फोन उठाते ही तुरंत पापा से कहा हां पापा कहिए क्या काम था। पापा मुझे कहने लगे कि गौरव बेटा क्या तुम अहमदाबाद पहुंच चुके हो तो मैंने पापा से कहा हां पापा मैं अहमदाबाद पहुंच चुका हूं। मैं अहमदाबाद पहुंच चुका था और पापा और मैं एक दूसरे से बात कर रहे थे उन्होंने मुझे कहा कि बेटा तुम अहमदाबाद में कुछ दिन रुक कर आना लेकिन अपना ध्यान रखना मैंने पापा से कहा ठीक है पापा। मैं अब रूम में ही बैठा हुआ था मैंने सोचा कुछ खाने के लिए आर्डर कर देता हूं मैंने खाने के लिए आर्डर करवा दिया था करीब आधे घंटे बाद खाने का ऑर्डर भी आ चुका था और मैं अब खाना खा रहा था क्योंकि मुझे काफी तेज भूख भी लग रही थी। मैं अपने दोस्त की मदद से ही अहमदाबाद में काम शुरू करना चाहता था इसलिए मैंने अपने दोस्त को फोन किया और उसने मुझे कहा कि मैं अभी किसी जरूरी मीटिंग में हूं मैं तुमसे शाम को मुलाकात करता हूं। मैंने उसे कहा ठीक है हम लोग शाम को मुलाकात करते हैं शाम के करीब 5:00 बज रहे थे मैं अपने दोस्त के फोन का इंतजार कर रहा था क्योंकि उसने मुझे कहा था कि मैं तुम्हें 5:00 बजे के आसपास फोन करूंगा। 5:00 बजे के आस पास जब उसका फोन आया तो मैंने अपने दोस्त को कहा क्या तुम अब फ्री हो चुके हो तो वह मुझे कहने लगा हां गौरव मैं फ्री हो चुका हूं मैं तुमसे अभी मुलाकात करता हूं।

मैंने उसे अपने होटल का एड्रेस दिया और वह करीब एक घंटे बाद होटल में पहुंच चुका था जैसे ही वह होटल में आया तो मैंने उससे कहा कि तुम क्या कहीं बिजी थे तो वह मुझे कहने लगा कि हां मैं किसी जरूरी मीटिंग में था। मेरे दोस्त निखिल ने मुझसे पूछा तुम्हारा सफर कैसा रहा तो मैंने उससे कहा मेरा सफर तो ठीक था लेकिन अब तुम यह बताओ कि हम लोग काम यहां किस तरीके से शुरू करें। वह कहने लगा कि तुम उसकी बिल्कुल भी चिंता मत करो मैंने यहां पर कुछ लोगों से बात की है जो कि तुम्हारी कंपनी की फ्रेंचाइजी ले लेंगे और उसके बाद तुम्हारा काम यहां पर चलने लगेगा और परसों मैं उन लोगों को तुम से मिलवा देता हूं। मैंने जब अपने दोस्त निखिल से पूछा कि क्या तुम्हें लगता है यहां पर हमारे काम को लेकर कोई संभावनाएं हैं तो वह मुझे कहने लगा कि क्यों नहीं तुम उसकी चिंता बिल्कुल भी मत करो मैं कल तुम्हें यहां पर एक ऑफिस भी दिखा देता हूं। मैं चाहता था कि अहमदाबाद में भी हम लोग एक ऑफिस शुरू करें जिससे कि हमारे सामान की खपत ज्यादा होने लगे। मेरा दोस्त मेरे साथ काफी देर तक बैठा हुआ था और हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे हम लोग चाहते थे कि आज हम लोग साथ में डिनर करें।

मैंने निखिल से कहा कि आज तुम मेरे साथ में डिनर करो तो निखिल कहने लगा ठीक है मैं आज तुम्हारे साथ ही डिनर करता हूं। निखिल ने उस रात मेरे साथ डिनर किया फिर वह अपने घर चला गया और मैं होटल में ही था। अगले दिन निखिल सुबह होटल में आया और वह मुझे कहने लगा कि चलो गौरव हम लोग ऑफिस देखने के लिए चलते हैं। निखिल मुझे अपने साथ ऑफिस दिखाने के लिए ले गया जब वह मुझे अपने साथ ऑफिस दिखाने के लिए ले गया तो मुझे बहुत अच्छा लगा मुझे वह ऑफिस काफी पसंद आया और मैंने निखिल से कहा कि ठीक है मैं यहां पर ऑफिस लेने के लिए तैयार हूं। अब हम लोग आगे की तैयारी कर रहे थे निखिल ने मुझे होटल तक छोड़ दिया और मुझे कहा कि कल मैं तुम्हारी मुलाकात डिस्ट्रीब्यूटर से करवा देता हूं तो मैंने निखिल को कहा ठीक है हम लोग कल मुलाकात करते हैं। निखिल कहने लगा मैं कल सुबह तुम्हें लेने के लिए होटल में आ जाऊंगा। मैं होटल में अकेला बोर हो रहा था तो मैंने सोचा कि क्यों ना कहीं बाहर घुम आता हूं। मैं जब बाहर गया तो उसी वक्त मुझे माधुरी दिखाई थी माधुरी ने मुझे देखते ही कहा अरे गौरव तुम क्या इस होटल में रुके हो? मैंने उसे कहा हां मैं इसी होटल में रुका हुआ हूं माधुरी ने मुझे बताया कि वह भी पास के होटल में रुकी हुई है। उसने मुझे कहा चलो तुम मेरे साथ होटल मे चलो वह मुझे अपने रूम में ले गई वहां पर उसने कॉफी का ऑर्डर दिया और हम दोनों साथ में बैठकर कॉफी पी रहे थे। हम लोग बात कर रहे थे मुझे माधुरी के साथ बात करना अच्छा लग रहा था और वह भी मुझसे बात करके खुश थी। मैंने माधुरी से कहा अभी मैं चलता हूं लेकिन माधुरी कहने लगी थोड़ी देर और रुक जाओ मुझे नहीं पता था माधुरी अपनी गर्मी को मिटाना चाहती हैं और हम दोनों एक साथ बैठे हुए थे कि तभी माधुरी मेरी तरफ अपनी नशीली आंखों से देखने लग, मैं भी उसकी तरफ देख रहा था। मैने उसका हाथ पकड़ा उसने कुछ नहीं कहा और हम दोनों ने एक दूसरे के बदन को महसूस करना शुरू कर दिया हम दोनों एक दूसरे की बाहों में थ।

मुझे बहुत बड़ा मजा आ रहा था जिस प्रकार से मैं और माधुरी एक दूसरे की बाहों में थे उससे मै इतना ज्यादा उत्तेजित हो गया मैंने उसको बिस्तर पर लेटा दिया। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैं उसके होठों को चूम रहा था जिस प्रकार से मैं उसके होठों को चूम रहा था वह मेरे नीचे लेटी हुई थी। मैंने उसके कपड़े उतारे और उसके स्तनों को मैं अपने हाथों से सहलाने लगा मैं उसके स्तनों को अपने हाथों से दबा रहा था तो वह बहुत ज्यादा मजे मे आ रही थी। उसने अपनी जींस को खोला तो उसके पैंटी को मैने देखा और उसकी पैंटी को मैने उतार दिया मैंने उसकी चूत के अंदर उंगली को घुसाना शुरू किया और उसकी चूत के अंदर बाहर मै अपनी उंगली को करने की कोशिश कर रहा था लेकिन उसकी चूत टाइट थी। वह मुझे कहने लगी मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो रही हूं मैंने उसे कहा मुझे भी ऐसा ही लग रहा है मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसे माधुरी ने बहुत देर तक चूसा।

उसके बाद मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैंने उसकी चूत से पानी बाहर निकाल कर रख दिया था जैसे ही मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को धीरे धीरे डालना शुरू किया तो उसकी चूत के अंदर तक मेरा लंड घुस चुका था उसकी चूत मे लंड डालकर बहुत मजा आ रहा था। मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को कर रहा था तो मुझे बहुत ही आनंद आ रहा था और उसे भी बहुत मजा आ रहा था। काफी देर तक हम दोनों एक दूसरे के बदन को ऐसे ही महसूस करते रहे वह मुझे कहने लगी मैं बिल्कुल भी रहा नहीं पाऊंगी। मैंने उसे कहा मैं भी नहीं रह पा रहा हूं और आखिरकार मैंने भी उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो जब मैं उसे घोड़ी बनाकर धक्के मार रहा था तो उसकी चूत के अंदर बाहर मेरा लंड आसानी से हो रहा था, करीब 10 मिनट के बाद जैसे ही मैंने उसकी चूत के अंदर अपने वीर्य को गिराया है तो मुझे बहुत अच्छा लगा। हम दोनों ने एक दूसरे के बदन को बड़े अच्छे से महसूस किया उसके बाद भी माधुरी से मै अक्सर माधुरी को मिलता ही रहता और हम दोनों के बीच सेक्स होता रहता लेकिन अभी भी हम दोनों के रिश्ते का कोई नाम नहीं था परंतु हम दोनों एक दूसरे को खुश करने की पूरी कोशिश करते हैं।


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