तुम्हें देख कर लंड खड़े हो जाते हैं

Tumhe dekh kar lund khade ho jate hain:

Kamukta, antarvasna मैं अपने पिताजी का बिजनेस संभालता हूं मेरे पिताजी की तबीयत अब ठीक नहीं रहती इसलिए मैं ही उनके कारोबार को आगे बढ़ा रहा हूं मेरे पिताजी ने प्लास्टिक के आइटम बनाने की फैक्ट्री शुरू की थी और लगभग उन्हें काम करते हुए काफी वर्ष हो चुके थे। पिछले 10 12 वर्षों से मैं ही इस काम को आगे बढ़ा रहा हूं जब से मैंने काम संभाला है तबसे मेरी मेरे दोस्तों के साथ मुलाकात कम ही हुआ करती है अब सब लोग अपने जीवन में व्यस्त हो चुके हैं। एक दिन मैं सुबह अपनी फैक्ट्री के लिए निकल रहा था तभी मेरे दोस्त आकाश का मुझे फोन आया आकाश लंदन में रहता है और वह मुंबई में कम ही आया करता है। जब मुझे आकाश का फोन आया तो मैंने उसके फोन को रिसीव किया और पूछा क्या तुम मुंबई आए हुए हो तो वह कहने लगा हां यार मैं मुंबई आया था तो सोचा तुमसे मिल लेता हूं मैंने आकाश से कहा ठीक है हम लोग मिल लेते हैं।

मैं सुबह ही आकाश के घर पर चला गया मैंने उससे पूछा और कौन-कौन आए हुए हैं तो आकाश ने कहा मेरी पत्नी और बच्चे सब लोग आए हुए हैं आकाश कहने लगा हम लोग कुछ दिन और यहां पर रुकेंगे। मैंने आकाश से कहा चलो ठीक है तो क्या मैं तुम्हें शाम के वक्त मिलूं वह कहने लगा ठीक है जब तुम फ्री हो जाओ तो मुझे फोन करना, मैं वहां से फैक्ट्री में चला गया। उस दिन फैक्ट्री में कुछ ज्यादा ही काम था तो मैं वहां पर काम करने वाले लोगों को कहने लगा कि भैया जल्दी से काम करो क्योंकि आज काफी ऑर्डर है। कुछ दिनों बाद काफी बड़ा ऑर्डर जाने वाला था इसलिए मुझे वह काम करवाना था मैंने शाम को फ्री होकर आकाश को कहा क्या तुम फ्री हो तो वह मुझसे कहने लगा हां मैं फ्री हूं। मैंने आकाश से कहा तो मैं तुम्हें तुम्हारे घर पर लेने आता हूं आकाश कहने लगा ठीक है तुम आ जाओ मैं तुम्हारा इंतजार करता हूं और जब तुम आओगे तो तब मैं तैयार भी हो जाऊंगा मैंने आकाश से कहा ठीक है मैं तुम्हारे घर पर आता हूं।

जैसे ही मैं आकाश के घर पर पहुंचा तो आकाश ने मुझसे कहा तुम तो बड़ी जल्दी पहुंच गए मैंने आकाश से कहा हां यार अभी ट्रैफिक नहीं था तो मैं जल्दी आ गया। मैंने आकाश से कहा तो फिर हम लोग कहां चले आकाश कहने लगा वह तो तुम ही देखो कि हमें कहां चलना है, कुछ ही दिनों पहले मेरे एक फ्रेंड ने अपना एक बार खोला था तो मैंने सोचा वहां पर चलते हैं इसी बहाने उससे भी मेरी मुलाकात हो जाएगी। मैं उससे मिलने के लिए चला गया मैं और आकाश उसके बार में गए जैसे हम लोग बार में पहुंचे तो वह मुझे दिखा और कहने लगा अरे रमेश तुम कितने दिनों बाद यहां आ रहे हो। मैंने उसे कहा यार तुम्हें तो मालूम है कि काम में से बिल्कुल भी फुर्सत नहीं मिलती है इसीलिए तो कहीं आना जाना नहीं होता। मैंने उसे आकाश से मिलवाया और उसे कहा कि यह मेरा दोस्त आकाश है मैंने दोनों का परिचय करवाया। वह आकाश से पहली बार ही मिला था क्योंकि आकाश मेरे बचपन का दोस्त है और मनोज से मेरी मुलाकात कुछ वर्ष पहले ही हुई है इसलिए वह आकाश को नहीं जानता। मनोज कहने लगा तुम बैठो मैं काम संभालता हूं मैंने मनोज से कहा तुम हमारे साथ कुछ देर तो बैठो मनोज कहने लगा ठीक है मैं तुम्हारे साथ बैठ जाता हूं। मनोज हमारे साथ कुछ देर बैठ गया और वह हमसे बात करने लगा मनोज मुझसे पूछने लगा तुम्हारा काम कैसा चल रहा है मैंने उसे कहा काम तो बहुत अच्छा चल रहा है। मनोज ने पूछा अंकल की तबीयत कैसी है मैंने उसे कहा पापा भी ठीक है और घर में सब कुछ ठीक है मनोज कहने लगा चलो यह तो अच्छी बात है। हम तीनों एक दूसरे से बात कर रहे थे तभी मैंने वेटर से कहा हम लोगों का ऑर्डर ले आना हम तीनों बैठकर शराब पी रहे थे और आपस में बात कर रहे थे लेकिन मनोज कुछ देर बाद चला गया क्योंकि उसे अपने बार का काम संभालना था तो वह चला गया।

आकाश और मैं साथ में बात कर रहे थे आकाश ने मुझे कहा मनोज काफी अच्छा है और मुझे उससे मिलकर बहुत अच्छा लगा। मैंने आकाश को बताया कि मनोज ने कितनी मेहनत की है और उसके बाद ही वह आज अपना खुद का बार खोल पाया है मैंने आकाश से पूछा तुम कितने दिनों तक यहां रुकने वाले हो। आकाश मुझे कहने लगा यार मैं देखता हूं कितने दिनों तक रुकता हूं क्योंकि वहां पर भी आजकल काफी काम चल रहा है लेकिन मैं कुछ समय बाद मुंबई आना चाहता हूं। मैंने आकाश से कहा तो फिर तुम मुंबई आ जाओ वह मुझे कहने लगा कि यार फैमिली तो अब वही सेटल हो चुकी है और बच्चे भी अब वही पढ़ते हैं तो वह लोग शायद मुंबई में एडजेस्ट नहीं कर पाएंगे इसलिए मैं उन लोगों को यहां पर नहीं लेकर आ सकता लेकिन मैं सोच रहा हूं कि कुछ दिनों के लिए मुंबई में ही रहूं। मैंने आकाश से कहा ठीक है तो तुम फिर जब भी आओगे तो मुझे बता देना आकाश और मैं एक दूसरे से काफी समय बाद मिल रहे थे। हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे और हम दोनों को एक दूसरे से बात करना अच्छा लग रहा था मुझे तो ऐसा लग रहा था जैसे कि हम दोनों की बातें खत्म ही नहीं होने वाली है। हम दोनों वहां से घर के लिए निकल पड़े मैने आकाश को उसके घर पर छोड़ा और मैं वहां से अपने घर चला आया मैं जब घर पहुंचा तो मेरी पत्नी निधि ने मुझे कहा आज आप देर से आ रहे हैं।

मैंने निधि को बताया कि आकाश आया हुआ है निधि कहने लगी तो फिर कल उन लोगों को डिनर पर क्यों नहीं बुला लेते। वैसे भी आकाश भैया से हम लोग काफी समय से नहीं मिले हैं और उनकी पत्नी संगीता से मिले भी काफी समय हो चुका है तो आप उनको डिनर पर बुला लीजिए। मैंने निधि से कहा ठीक है मैं कल आकाश को कह दूंगा, मैं बाहर से ही खाना खाकर आ चुका था तो मैंने उस रात खाना नहीं खाया और मैं सो गया। अगले दिन मैं सुबह उठकर अपनी फैक्ट्री चला गया मैंने दोपहर के वक्त आकाश को फोन किया और कहा निधि मुझे कह रही थी कि तुम और संगीता भाभी बच्चों के साथ शाम के वक्त घर पर आ जाना आकाश कहने लगा ठीक है हम लोग आ जाएंगे। मैं जब घर पहुंचा तो आकाश और उसकी पत्नी संगीता और उनके बच्चे पहुंच चुके थे मैंने आकाश से कहा तुम कब आए तो आकाश कहने लगा बस 10 मिनट हो गए होंगे। मैंने आकाश से कहा मैं फ्रेश हो जाता हूं फिर हम लोग साथ में बैठते हैं मैं फ्रेश होने के लिए चला गया उसके बाद आकाश और मैं साथ में बैठे हुए थे। निधि ने उस दिन घर की मेड को कह दिया था कि खाने में कोई कमी नहीं होनी चाहिए और निधि ही सारा काम देख रही थी। आकाश और मैं बालकनी में बैठे हुए थे और जब निधि ने आवाज लगाई तो हम लोग खाने के लिए चले गए हम लोगों ने उस दिन साथ में डिनर किया। संगीता और निधि तो एक दूसरे को काफी समय बाद मिले थे इसलिए वह तो एक दूसरे से काफी बात कर रहे थे उन दोनों की बातें तो जैसे खत्म ही नहीं हो रही थी। उस रात हम सब लोगों ने बहुत ही अच्छा समय साथ में बिताया आकाश संगीत और बच्चों को लेकर देर रात हमारे घर से गया। अगले दिन आकाश मुझे मिला और कहने लगा कल संगीता तुम्हारे घर पर बने खाने की बड़ी तारीफ कर रही थी मैंने उसे कहा हां संगीता तो तारीफ करेगी ही क्योंकि वह भी कम अच्छा खाना नहीं बनाती।

हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तभी ना जाने हमारे दिमाग में कहां से अपने पुराने समय की बात याद आ गई, आकाश मुझे कहने लगा क्या तुम किसी लड़की का बंदोबस्त करवा सकते हो। मैंने उसे कहा वह तो मैं अभी करवा देता हूं मैंने एक लड़की को फोन किया उससे मेरा संपर्क काफी समय से है जब भी मुझे उसे चोदने का मन होता है तो मैं उसे बुला लिया करता हूं लेकिन आकाश की वजह से मैंने उसे बुलाया था। जब वह हमारे पास आई तो आकाश ने कहा यार यह तो बहुत टाइट माल है मैंने आकाश से कहा उसकी चूत भी बड़ी टाइट है तुम्हें उसे चोदने में बहुत मजा आएगा। आकाश ने उससे अपने लंड को सकिंग करवाया और कुछ देर बाद जब आकाश ने उसकी चूत मारी तो उसे बड़ा मजा आ रहा था। आकाश ने उसकी चूत 3 बार मारी और उसे बहुत आनंद आया मैंने भी सोचा कि मैं भी आज उसकी चूत मार ही लेता हूं दरअसल मेरी मुलाकात मीना से एक मीटिंग के दौरान हुई थी मुझे नहीं मालूम था कि मीना एक कॉल गर्ल है लेकिन जब मैंने उसका नंबर लिया तो एक रात मैंने उससे बात की और उस रात हमारी काफी अश्लील बातें हुई उसके बाद मैंने उसे बुला लिया और उसकी चूत के मजे लिए।

मैं अब मीना को चोदने के लिए चला गया मैंने मीना से कहा तुम मेरे लंड को चूसो वह मेरे लंड चूसना बडे अच्छे से चूसती। काफी देर तक उसने मेरे लंड को अच्छे से चूसा मैंने जब उसे घोड़ी बना कर चोदना शुरू किया तो उसे भी मजा आने लगा। वह मुझसे अपनी चूतडो को मिला रही थी वह मुझे कहने लगी आपके दोस्त ने तो मुझे बहुत देर तक चोदा और मुझे ऐसा लगा जैसे कि वह काफी दिनों से भूखे थे। मैंने उसे कहा ऐसी बात नहीं है शायद उसने अपनी पत्नी को काफी समय से चोदा नहीं है इसलिए उसने तुम्हारे ऊपर अपनी सारी भड़ास निकाल दी लेकिन तुम्हारा बदन भी लाजवाब है और भला तुम्हें देखकर किस का खड़ा नहीं होगा। मैं उसे यह कहते हुए तेजी से धक्के दे रहा था और वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलाए जा रही थी। उसकी चूतडे जब मुझसे मिलती तो मेरे अंदर का जोश और भी ज्यादा बढ़ जाता। मेरे अंदर उत्तेजना बढने लगी थी और कुछ ही समय बाद मेरा वीर्य पतन मीना की योनि के अंदर हो गया लेकिन आकाश को बहुत मजा आया और आकाश कहने लगा यार तुम्हारे पास तो गजब का माल है।


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