तुम्हारी बॉडी कमाल है

Tumhari body kamal hai:

antarvasna, kamukta मुझे पहलवानी का बहुत शौक है और मैं पहलवानी भी करता हूं इसके लिए मैं दिन-रात घर पर ही मेहनत करता हूं मेरे पिताजी भी बहुत बड़े पहलवान रह चुके हैं, हम लोग अब दिल्ली में ही रहते हैं मैं दिल्ली में अपना बिजनेस करता हूं मुझे अपना बिजनेस करते हुए करीब 5 वर्ष हो चुके हैं। एक दिन मैं अपनी कार से घर लौट रहा था तो मैंने रास्ते में देखा कि कुछ लड़के एक लड़की को बहुत परेशान कर रहे हैं पहले तो मैं सब देखता रहा जब मुझे लगा कि अब कुछ ज्यादा ही होने लगा है तो मैं अपनी कार से उतरा और उन लड़कों ने जैसे ही मेरी तरफ देखा तो वह लोग वहां से भाग गए वह लड़की मुझे देखकर कहने लगी कि सर यदि आप नहीं आते तो यह लड़की मुझे बहुत परेशान करते, मैंने उसे कहा कि तुम यहां पर क्या कर रही हो तो वह कहने लगी कि मैं यहां पर ऑटो का इंतजार कर रही थी लेकिन काफी देर से कोई ऑटो मिल ही नहीं रहा था तब तक कुछ लड़के आ गये और वह लोग शराब के नशे में थे इसलिए मुझे बहुत डर लग रहा था लेकिन आप यदि समय पर नहीं आते तो शायद वह लोग मुझे और भी परेशान करते, मैंने उस लड़की से कहा कि चलो मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूं वह कहने लगी नहीं मैं चली जाऊंगी आप मुझे किसी ऑटो में बैठा दीजिए मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें ऑटो में बैठा देता हूं।

मैं उस लड़की के साथ वही खड़ा हो गया लेकिन काफी देर तक कोई ऑटो ही नहीं आया इस बीच मैंने उसका नाम पूछा उसका नाम संजना है, मैंने संजना से कहा तुम क्या करती हो तो वह कहने लगी मैं एक कंपनी में नौकरी करती हूं और अपने काम के सिलसिले में यहां आई थी लेकिन यहां से कोई ऑटो जाने को तैयार ही नहीं था इसलिए मैं यहीं पर बैठ कर इंतजार करती रही मैंने उसे कहा इसलिए तो मैं तुम्हें कह रहा हूं मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ देता हूं। वह मेरी बात मान गई और मेरे साथ मेरी कार में बैठ गई मैंने संजना से पूछा तुम्हारे घर में कौन-कौन है संजना मुझे कहने लगी कि मेरे घर में मेरे माता-पिता और बड़े भैया हैं वह मुझसे पूछने लगी आप तो अच्छे खासे दिखते हैं और अच्छे घर के लगते है आपका कोई बिजनेस ही होगा, मैंने उसे कहा यह बात तुम्हें कैसे पता वह कहने लगी कि आपके हाव भाव और आपके पहनावे से मुझे लग रहा है कि आपका बिजनेस ही होगा, मैंने उसे कहा हां मैं एक बिजनेसमैन हूं और मैं अपनी मीटिंग के सिलसिले में ही कहीं गया हुआ था और वहीं से लौट रहा था।

मैंने संजना को बताया कि मेरे घर में पहलवानी का भी सब लोग शौक रखते हैं और मेरे पिताजी बहुत बड़े पहलवान थे। मैंने संजना को उसके घर छोड़ दिया और उसके बाद सोनिया मुझे कभी मिली नहीं मैं भी अपने काम में बिजी था और एक दिन संजना मेरी ही कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए आ गई उसे मिले मुझे करीब एक वर्ष से ऊपर ही हो चुका था मैंने जब संजना को देखा तो मैंने संजना को अपने केबिन में बुला लिया वह मुझे कहने लगी कि सर आप यहां पर कैसे? मैंने उसे सब कुछ नहीं बताया मैंने उसे कहा बस ऐसे ही यह मेरे दोस्त का ऑफिस है और उसे ही मिलने मैं आया हूं। मैंने संजना से पूछा तुम यहां क्या कर रही हो तो वह कहने लगी कि मैं यहां जॉब के लिए आई हूं, मैं संजना को कुछ नहीं बताना चाहता था क्योंकि मैं उसकी काबिलियत के आधार पर ही उसे नौकरी देना चाहता था मैंने संजना से कहा ठीक है तो फिर तुम इंटरव्यू दो जैसे ही तुम्हारा इंटरव्यू क्लियर हो जाएगा तो तुम मुझे फोन कर देना संजना ने मुझे कहा ठीक है सर मैं आपको फोन कर दूंगी आप मुझे अपना नंबर दे दीजिए, मैंने संजना को अपना नंबर दे दिया और वह इंटरव्यू देने के लिए मेरे एचआर के पास चली गई जब उसका इंटरव्यू क्लियर हो गया तो उसने मुझे फोन करते हुए कहा कि सर मेरा इंटरव्यू क्लियर हो चुका है मैंने उसे कहा चलो यह तो बहुत खुशी की बात है लेकिन मैंने उसे अब तक भी नहीं बताया था कि यह मेरी ही कंपनी है। मैंने संजना से कहा कि चलो आज मेरी तरफ से तुम्हें एक छोटी सी ट्रीट देता हूं मैं उसे अपने ऑफिस के पास के कैफे में ले गया और वहां हम दोनों ने एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताया संजना के बारे में मुझे और भी चीजें जानने का मौका मिला मुझे नहीं पता था कि मैं संजना के साथ ऐसा कर क्यों रहा था संजना और मैंने उस दिन साथ में अच्छा समय बिताया मुझे संजना के साथ समय बिताना अच्छा लगा मैंने उस दिन उसे उसके घर छोड़ दिया।

संजना का जब पहला दिन था तो वह ऑफिस में आई मैं अपने केबिन में बैठा हुआ था वह मेरे पास आई और जब मेरे ऑफिस के एंप्लाई ने उसे मुझसे यह कह कर मिलाया की वह हमारे बॉस है तो संजना मेरी तरफ आंखें फाड़कर देखने लगी और वह कुछ कह ही नही पाई जैसे ही वह लड़की वहां से चली गयी तो संजना मुझसे कहने लगी कि आपने मुझे पहले क्यों नहीं बताया कि आप इस कंपनी के बॉस है, मैंने उसे कहा संजना मैं चाहता तो तुम्हें सीधा ही नौकरी पर रख लेता लेकिन मैं यह देखना चाहता था कि तुम्हारे अंदर कितनी काबिलियत है और तुम अपने ही बलबूते पर क्या नौकरी पा सकती हो। मैंने संजना को बैठने के लिए कहा संजना मेरे सामने बैठ गई संजना मुझसे कहने लगी कि सर यह तो आपने बहुत अच्छा किया लेकिन यदि आप मुझे बता देते तो शायद मुझे अच्छा लगता आपको भी मुझसे यह बात नहीं छुपानी चाहिए थी मैंने संजना से कहा की कभी कभी ऐसा करना पड़ जाता है, मैंने उसे कहा फिलहाल तुम यह सब बात छोड़ो आज ऑफिस का तुम्हारा पहला दिन है और तुम यहां के तौर तरीके देख लो यहां पर कैसे काम किया जाता है मैंने संजना को कहा कि तुम्हें आने वाले भविष्य के लिए शुभकामनाएं मैं चाहता हूं कि तुम यहां पर अच्छे से काम करो और अपनी पूरी मेहनत से इस कंपनी को आगे बढ़ाने में हमारा साथ दो, वह कहने लगी सर बिल्कुल क्यों नहीं मैं अपनी पूरी मेहनत से काम करूंगी उसके बाद वह चली गई और उसका पहला दिन बहुत ही अच्छा रहा।

वह हमेशा मुझे देख कर मुस्कुरा देती मुझे नहीं पता था कि मेरे दिल में संजना के लिए क्या चल रहा है लेकिन मैं भी जब उसकी तरफ देखता तो मुझे अच्छा लगता है उसके मासूम से चेहरे को देखकर मुझे बहुत ही खुशी मिलती संजना को भी इस बात की बहुत खुशी थी कि मैं ही उसका बॉस हूं मैंने संजना को कभी भी काम के लिए कुछ नहीं कहा वह काम बड़े अच्छे से किया करती और अपनी पूरी मेहनत से वह काम किया करती मैं भी उसके काम से बहुत खुश था। एक एक दिन संजना कहने लगी कि मुझे यहां काम करते हुए 6 महीने हो चुके हैं और 6 महीने में मेरी सैलरी बढ़ चुकी है आज मैं आपको अपनी तरफ से एक छोटी सी ट्रीट देना चाहती हूं मैं संजना को जिस कैफे मैं पहली बार ले गया था वहां पर वह मुझे लेकर गई और हम दोनों ने उस दिन बैठ कर बात की मुझे उसके साथ बात करना अच्छा लगा और मैं उसकी आंखों में बड़ी ही ध्यान से देख रहा था उसकी झील सी आंखों को देख कर मैं शायद उसकी आंखों में ही खो गया और उससे बात करने लगा। संजना मुझे कहने लगी सर आप के साथ बात करना मुझे अच्छा लगता है मैंने संजना से कहा हां मुझे भी तुम्हारे साथ बात करना बहुत अच्छा लगता है हम दोनों ने उस दिन उस कैफे में दो घंटे साथ में बिताए और उसके बाद हम लोग वापस लौट आए, मै और संजना ऑफिस लौट आए थे। संजना भी ऑफिस में बड़े अच्छे से काम करती है लेकिन शायद संजना भी मुझ पर लाइन मारने लगी थी वह जब भी मुझे देखती तो उसके चेहरे पर एक अलग ही मुस्कुराहट होती उसकी मुस्कान मुझे अपनी तरफ खींच लेती।

एक दिन में संजना के साथ लॉन्ग ड्राइव पर चला गया हम दोनों लॉन्ग ड्राइव पर गए तो हम दोनों के बीच में किस हो गया। उसके गुलाबी होठों को चुमकर मुझे बड़ा अच्छा लगा उसके साथ मैने बहुत देर तक किस किया। हम दोनों काफी दूर आ चुके थे मैंने होटल में रूम भी ले लिया, हम दोनों उस दिन साथ में रुक गए मैंने जब संजना को नंगा किया तो उसक फिगर को देखकर मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो गया और उसके स्तनों को चूसने लगा। मैंने उसे बेड पर लेटा दिया उसने भी मेरे कपड़े उतारे तो वह मुझे कहने लगी आपकी बॉडी तो कमाल की है। उसके बाद उसने मेरे लंड का जमकर मजा लिया मैंने भी उसके बदन के मजे लिए, जब मैंने उसकी चूत को बड़े अच्छे तरीके से चाटा तो वह भी खुश हो गई। जैसे ही मैंने उसकी चूत मे लंड डाला तो उसकी सील टूट चुकी थी उसे दर्द होने लगा उसकी चूत से खून निकलने लगा, उसने पहले कभी भी किसी के साथ सेक्स नहीं किया था इसलिए मुझे उसे चोदने में अलग ही अनुभूति हो रही थी।

जब मेरे लंड से उसकी योनि में वीर्य गिरा तो उसे भी बहुत अच्छा लगा। उसने अपनी योनि से वीर्य को साफ कर लिया था मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो गया मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए अपने लंड को उसकी चूत मे प्रवेश करवा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाते हुए मुझे कहने लगी मुझे बड़ा मजा आ रहा है। उसकी गर्म सांसों से यह एहसास हो रहा था कि उसे वाकई में बहुत मजा आ रहा है वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। उसने मेरा साथ बड़े अच्छे से दिया जब दोबारा से मैंने अपने वीर्य को संजना की बड़े स्तनों पर गिराया तो वह मुझे कहने लगी ललित जी आपके साथ तो आज सेक्स करने का मजा आ गया। उसके बाद हम दोनों वापस घर लौट आए मैने संजना को उसके घर छोड़ दिया लेकिन उस दिन के बाद हम दोनों जब एक दूसरे को देखते तो हमारे अंदर एक दूसरे के साथ सेक्स करने की इच्छा जाग जाती। संजना अब भी मेरे ऑफिस में काम करती है हम दोनों के बीच क्या रिलेशन है मुझे नहीं पता।


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