तुम बहुत सेक्सी हो

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Tum bahut sexy ho कॉलेज के दिनों में मेरी दोस्ती रमेश के साथ बहुत गहरी थी लेकिन कॉलेज खत्म होने के बाद रमेश से मेरी मुलाकात हो नहीं पाई थी मैं भी अपनी नौकरी के सिलसिले में मुंबई आ गया और रमेश अभी भी लखनऊ में ही था। एक दिन मैंने रमेश को फोन किया जब मैंने उसे फोन किया तो वह मुझे कहने लगा कि आज तूमने मुझे काफी समय बाद फोन किया है तो मैंने रमेश को कहा कि मैं तुमसे मिलना चाहता था लेकिन मैं तुमसे मिल ना सका। रमेश मुझे कहने लगा कि राजेश तुम काफी समय से लखनऊ नहीं आए हो मैंने उसे कहा अब हम लोग मुंबई में ही सेटल हो चुके हैं इस वजह से मेरा लखनऊ आना नहीं होता। उसने मुझे कहा कि तुम कुछ दिनों के लिए लखनऊ आ जाओ मैंने उसे कहा मैं तुम्हें कुछ कह तो नहीं सकता लेकिन मैं कोशिश जरूर कर सकता हूं।

कुछ समय के बाद मैं लखनऊ चला गया मैं जब लखनऊ गया तो मैं रमेश के घर पर ही रुका रमेश के साथ काफी समय बाद रुकना मुझे अच्छा लगा पहले कॉलेज के समय मैं अक्सर रमेश के घर चला जाया करता था। रमेश मुझे कहने लगा कि राजेश तुम्हें वह दिन याद है जब तुम मेरे घर पर ही रुके थे और तुमने अपने घर में इस बारे में कुछ भी नही बताया था जिससे कि तुम्हारे पापा काफी चिंतित हो गए थे और जब तुमने उन्हें बताया कि तुम मेरे घर पर हो तो वह तुम पर बहुत गुस्सा हो गए थे। मैंने रमेश को कहा हां रमेश तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो मुझे वह दिन भी याद है उस दिन जब मैं घर पर गया था तो पिताजी ने मुझे बहुत डांटा था उन्होंने मुझसे कहा था कि आइंदा से मैं कभी ऐसा ना करूं। मेरे परिवार को मुंबई में रहते हुए करीब 5 वर्ष हो चुके हैं मेरी जॉब लगने के बाद ही हमने लखनऊ का घर बेच दिया था और हम लोग मुंबई में रहने चले गए क्योंकि घर में मैं इकलौता हूं इसलिए मेरे पापा और मम्मी चाहते थे कि वह लोग मेरे साथ ही रहे इसलिए उन्होंने घर बेचकर मुंबई में घर खरीद लिया।

मैं अपनी नौकरी से बहुत खुश हूं और रमेश से भी मैंने उसकी जिंदगी के बारे में पूछा तो रमेश ने मुझे बताया कि वह भी अपने काम पर पूरा ध्यान दे रहा है वह अपने पिताजी की गारमेंट के शोरूम को संभालता है। रमेश से काफी समय बाद मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा था और इसी बीच रमेश ने मुझे बताया कि उसकी सगाई होने वाली है रमेश की सगाई के समय मैं लखनऊ में ही था और जब उसकी सगाई हुई तो उसके कुछ दिनों के बाद मैं मुंबई लौट आया। मैं मुंबई लौट आया था उसके बाद मैं अपने ऑफिस जाने लगा था हर रोज की तरह मैं अपने ऑफिस चला जाया करता और शाम के वक्त ही मैं घर लौटता शाम को घर लौटने में मुझे अक्सर देर हो जाया करती थी। एक दिन मैं अपने घर लौट रहा था और उस दिन मैं अपनी मोटरसाइकिल से घर आ रहा था कि तभी अचानक से मेरी मोटरसाइकिल की टक्कर एक कार से हो गई जिसके बाद कार में बैठे हुए व्यक्ति से मेरा काफी झगड़ा भी हुआ। हालांकि गलती उनकी ही थी लेकिन वह अपनी गलती मानने को तैयार नहीं थे परंतु जब आस पास के लोगों ने उन्हें बताया कि सर गलती आप की ही थी और आपकी गलती की वजह से ही एक्सीडेंट हुआ है तो वह वहां से चले गए उसके बाद मैं भी डॉक्टर के पास चला गया। डॉक्टर के पास जब मैं गया तो मेरे पैर में हल्की सी चोट आई हुई थी मैंने उनसे अपने पैर में पट्टी करने के लिए कहा तो उन्होंने मेरे पैर पर पट्टी कर दी और मुझे कुछ दवाइयां दे दी उन्होंने कहा कि तुम कुछ दिन के लिए घर पर ही आराम करना। मैंने उन्हें कहा ठीक है सर मैं कोशिश करूंगा कि मैं घर पर आराम कर पाऊं लेकिन यह संभव नहीं था कि मैं घर पर आराम कर पाता मैं उसके बाद अपने घर लौट आया मैं जब घर लौटा तो मैंने यह बात किसी को भी नहीं बताई थी। रोज की तरह मैं अपने ऑफिस जाया करता हमारे ही ऑफिस में काम करने वाली मीनाक्षी मुझे बहुत ही पसन्द थी मीनाक्षी को जब भी मैं देखता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था हम दोनों एक दूसरे को देखकर हमेशा प्यारी सी मुस्कुराहट दे दिया करते थे लेकिन मुझे नहीं पता था कि मीनाक्षी के दिन में मेरे लिए क्या चल रहा है और ना ही उसे पता था कि मैं उसे पसंद करने लगा हूं। एक दिन हम लोग हमारे ऑफिस की कैंटीन में बैठे हुए थे तो उस दिन मैंने मीनाक्षी से काफी देर तक बात की उस वक्त मुझे पता चला कि मीनाक्षी बहुत ही अच्छी लड़की है और उससे बात कर के मुझे काफी अच्छा लगा। इससे पहले हम लोगों की इतनी बात नहीं हो पाती थी लेकिन जब उस दिन मीनाक्षी से मेरी बात हुई तो मुझे काफी अच्छा लगा और मीनाक्षी भी बहुत खुश थी।

मैंने मीनाक्षी से काफी देर तक बात की और उसके बाद तो हम लोगों की बातें जैसे आम होने लगी हम दोनों एक दूसरे से अक्सर बातें किया करते और मुझे मीनाक्षी का साथ बहुत ही अच्छा लगता। मीनाक्षी ने भी मुझे अपने बारे में सब कुछ बता दिया था क्योंकि मीनाक्षी और मेरी बात कुछ ज्यादा ही होने लगी थी जिस कारण से मीनाक्षी और मैं एक दूसरे से बातें किया करते थे। एक दिन मीनाक्षी ने मुझे मूवी देखने की बात कहीं तो मैंने भी मीनाक्षी से कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे साथ मूवी देखने के लिए तैयार हूं और मैं उस दिन मीनाक्षी के साथ मूवी देखने के लिए चला गया। मुझे काफी अच्छा लगा जब उस दिन मैं मीनाक्षी के साथ मूवी देखने के लिए गया मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और मीनाक्षी भी बहुत ज्यादा खुश थी हम लोग रोज एक दूसरे को मिला करते। हम दोनों के बीच की नजदीकियां भी कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी थी मुझे ऐसा लगता कि जैसे मैं मीनाक्षी के बिना रह ही नहीं सकता हूं और मीनाक्षी को भी ऐसा ही लगता था क्योंकि अब हम दोनों एक दूसरे से अपने दिल की बात कह चुके थे इसलिए हम दोनों बहुत करीब आने लगे थे।

हम दोनों एक दूसरे के नजदीक आ चुके थे मैं मीनाक्षी से जितनी देर बात करता मुझे कम लगता था। एक शाम मैंने मीनाक्षी को अपने साथ अपने घर पर आने के लिए कहा तो मीनाक्षी मेरे साथ मेरे घर पर आ गई क्योंकि उस दिन मेरा मीनाक्षी के साथ सेक्स करने का मन था और उसके साथ में सेक्स करना चाहता था इस वजह से मैंने उसे अपने घर पर बुलाया था और मीनाक्षी घर पर आ गई थी। मीनाक्षी के घर आने पर मैं बहुत ज्यादा खुश हो चुका था मेरी खुशी इस वजह से भी बढ़ चुकी थी कि मैं मीनाक्षी के साथ समय बिता पा रहा था। मैंने मीनाक्षी को जब अपने पास बैठने के लिए कहा तो वह पहले शर्मा रही थी लेकिन फिर वह मेरे पास आकर बैठी और जब वह मेरे पास आकर बैठी तो मैंने उसकी जांघ पर हाथ लगाकर उसे कहा कि मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। वह मेरी तरफ देख रही थी वह अब मेरी तरफ अपनी प्यासी नजरों से देख रही थी इसलिए मैं बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो चुका था मीनाक्षी भी अब पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी उसने मेरे लंड को कसकर पकड़ लिया। जब उसने मेरे लंड को दबाया तो मैंने मीनाक्षी को कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मीनाक्षी ने मेरे लंड को मेरी पैंट से बाहर निकाल कर उसे हिलाना शुरू किया तो मैंने मीनाक्षी की तरफ देखा और उससे पूछा कि क्या तुम मेरे लंड को मुंह में लोगी। उसने अपने हाथों से मेरे लंड को हिलाना शुरू कर दिया था जब उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा था और मेरे अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी। मुझे उससे अपने लंड को चूसवाकर बहुत मजा आ रहा था उसने मेरे मोटे लंड से पानी भी बाहर निकाल कर रख दिया था।

मैं पूरी तरीके से जोश में आ चुका था मेरी गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैं अपने आपको बिल्कुल भी ना रोक सका मैंने अपने कपड़े उतार दिए और मीनाक्षी से भी उसके कपड़े उतारने के लिए कहा उसने मेरे सामने अपने कपड़े उतारे तो मैंने उसकी चूत को देखा और उसकी नर्म और मुलायम चूत पर हल्के भूरे रंग के बाल थे वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थी। मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ लगाई वह बिल्कुल भी नहीं रह पा रही थी वह मुझे कहने  लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मैंने जैसे ही मीनाक्षी की चूत बहुत देर तक चाटी तो मीनाक्षी की चूत को चाट कर मैं पूरी तरीके से जोश में आ चुका था। अब मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डालना शुरू किया धीरे-धीरे मेरा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश होने लगा वह अपने पैरों को खोलने लगी जब वह अपने पैरों को खोल रही थी तो मेरे अंदर की गर्मी और भी ज्यादा बढ़ रही थी।

मैंने उसकी चूत के अंदर तक अपने लंड को घुसा दिया हालांकि उसके लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी लेकिन मेरा मोटा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश हो चुका था अब वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थी और उसकी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी कि वह मुझे बिल्कुल भी नहीं झेली जा रही थी। मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कि उसकी चूत से गर्म लावा बाहर की तरफ निकल रहा हो उसने अपने पैरों को खोलना शुरू किया तो मैं भी उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारता और वह भी मेरा बड़े अच्छे तरीके से साथ देती। वह मेरा साथ बहुत ही अच्छे से दे रही थी वह मुझे कहती तुम मुझे बस ऐसे ही धक्के मारते रहो। मैंने उसे ऐसे ही धक्के मारे और मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था मैं उसे तब तक धक्के मारता रहा जब तक वह पूरी तरीके से संतुष्ट नहीं हो गई। मीनाक्षी मुझे कहने लगी मेरे अंदर से इतनी ज्यादा गर्मी निकल रही है मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जैसे मेरी योनि से खून बाहर निकलने लगा है मैं बिल्कुल नहीं रह पा रहा हूं। मै उसकी चूत के अंदर बाहर लंड को कर रहा था मैं बहुत ही खुश हो गया था। जब मेरा वीर्य गिरा तो उसने मुझे किस किया। कुछ देर तक हम दोनों ने साथ मे बहुत ही अच्छा समय बिताया मीनाक्षी ने कहा कि मैं तुम्हारे साथ मूवी देखना चाहती हूं। हम दोनों ने साथ में बैठकर मूवी का मजा लिया और फिर वह चली गई चली गई। उस रात हम लोगों ने फोन पर बात की और फोन पर भी हम लोगों ने फोन सेक्स का मजा लिया। उसके बाद मेरा जब भी मन होता तो मैं मीनाक्षी के साथ संभोग कर लिया करता हूं वह मेरी गर्मी को पूरी तरीके से मिटा दिया करती है।


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