थोड़ा सा और अंदर डालो

Antarvasna, hindi sex kahani:

Thoda sa aur andar dalo मेरा नाम रोहित है मैं बेंगलुरु का रहने वाला हूं बेंगलुरु में मेरा कॉफी शॉप है एक दिन मैं अपना कॉफी शॉप में ही था तभी मेरी पत्नी संगीता और मेघा दोपहर में ही मेरे पास आयी मैंने संगीता से पूछा क्या बात है तुम लोग दोपहर में ही यहां आई हो क्या कोई जरूरी काम है। मेघा ने मुझे कहा भैया आपको क्या बताऊं राजेश पिछले एक हफ्ते से घर नहीं आए हैं मैंने मेघा से कहा तुम क्या बात कर रही हो क्या राजेश पिछले एक हफ्ते से घर नहीं आया है वह कहने लगी हां भैया वह पिछले हफ्ते से घर नहीं आए हैं। मैंने मेघा से कहा क्या तुमने पुलिस स्टेशन में कंप्लेंट दर्ज करवाई है वह कहने लगी नहीं भैया मैंने वहां पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन मैंने सोचा कि मैं संगीता भाभी को इस बारे में बताऊं तो मैंने सबसे पहले उन्हें इस बारे में बताया। मैंने भी तुरंत राजेश के नंबर पर फोन किया लेकिन उसका नंबर बंद आ रहा था मैं भी चिंतित हो गया और मैं सोचने लगा कि आखिरकार उसने अपने नंबर को क्यों बंद किया हुआ है।

मेरी भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर राजेश कहां चला गया है राजेश और मेघा के बीच में तो सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन अचानक से राजेश कहां चला गया यह बहुत ही गंभीर बात थी। मैंने मेघा को शांत रहने के लिए कहा और उसे कहा क्या तुम पानी लोगी तो वह कहने लगी हां भैया, मैंने मेघा को एक गिलास पानी दिया और उससे पूछा क्या तुम दोनों के बीच में कोई तकलीफ थी या कोई झगड़ा चल रहा था। वह कहने लगी नहीं भैया ऐसा तो कुछ भी नहीं था हम दोनों के बीच में कोई तकलीफ या समस्या नहीं थी। मैंने भी आज तक कभी उन दोनों को झगड़ते हुए नहीं देखा था लेकिन न जाने ऐसी क्या बात थी कि जिससे राजेश घर से चला गया और उसका नंबर भी बंद आ रहा था। मैंने मेघा से कहा कि हम लोगों को पुलिस स्टेशन में ही कंप्लेंट दर्ज करवा लेनी चाहिए हम लोग पुलिस स्टेशन में चले गए और वहां पर हम लोगों ने कंप्लेंट दर्ज करवाई लेकिन राजेश का तो कोई अता पता ही नहीं था वह ना तो पुलिस को मिला और ना ही उसकी कोई खबर थी। मेघा बहुत ज्यादा चिंतित रहने लगी थी एक दिन मेघा ने मुझे कहा कि मुझे राजेश का फोन आया था और वह मुझे कह रहा था कि मुझे तुमसे मिलना है तो क्या आप भी मेरे साथ चलेंगे।

मैंने मेघा से कहा हां क्यों नहीं हम लोग साथ में चलते हैं और हम लोग उस दिन साथ में राजेश से मिलने के लिए गए राजेश ने काफी समय बाद मेघा को फोन किया था। जब हम लोग राजेश से मिले तो मैं राजेश को पहले तक तो पहचान ही नहीं पाया क्योंकि उसने बड़ी-बड़ी दाढ़ी रख ली थी और उसने अपने हुलिए को पूरी तरीके से बदल लिया था। मैंने राजेश से कहा तुमने अपना यह क्या हाल बना रखा है वह कहने लगा रोहित मैं तुम्हें क्या बताऊं बस पूछो मत मैंने राजेश से कहा लेकिन ऐसी क्या बात हुई कि तुम घर छोड़ कर चले गए और तुमने ऐसा क्यों किया। राजेश कहने लगा मेरे और मेघा के बीच में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था इसलिए मैंने मेघा को छोड़ने के बारे में सोच लिया था लेकिन मेघा मुझे छोड़ना ही नहीं चाहती थी और मैं अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहता हूं। मैंने राजेश को समझाया और कहा मेघा तुम्हारी पत्नी हैं और तुम ऐसी हरकत क्यों कर रहे हो लेकिन राजेश तो किसी और के साथ ही रहने लगा था। जब राजेश ने यह बात बताई तो मेगा बहुत ज्यादा गुस्सा हो गई मैंने राजेश को समझाया और कहा तुम मेघा की जिंदगी ऐसे बर्बाद नहीं कर सकते तुमने उससे शादी की है राजेश कहने लगा मैंने मेघा से शादी की थी लेकिन मेघा ने भी तो मेरे साथ बहुत गलत किया। मैंने राजेश से कहा मेघा ने तुम्हारे साथ क्या गलत किया, मेघा वही बैठी हुई थी मैंने मेघा से पूछा मेघा तुम कुछ क्यों नहीं बोलती लेकिन मेघा कुछ बोल ही नहीं रही थी। राजेश ने मुझसे कहा मेघा क्या बोलेगी मेघा तो खुद ही गलत है तो वह क्या कह सकती है मैंने मेघा से पूछा की क्या तुमने भी राजेश को धोखा दिया था मेघा ने कुछ भी नहीं कहा। राजेश मुझसे कहने लगा मैं इतने सालों तक मेघा पर भरोसा करता रहा और मेघा ने मेरे भरोसे को एक ही झटके में छोड़ दिया था।

जब मुझे इस बात का पता चला कि मेघा अब भी अपने पुराने रिलेशन को चला रही हैं तो मुझे इस बात का बहुत बुरा लगा और मैं बिल्कुल भी इस चीज को बर्दाश ना कर सका। मैंने मेघा से कहा इसमें तुम्हारी भी गलती है और तुम दोनों को पहले यह सब सोचना चाहिए था, मैंने मेघा को समझाया और कहा अब तुम दोनों को ही फैसला करना है कि तुम दोनों को क्या करना है। मैंने मेघा से कहा राजेश मेरा बहुत अच्छा दोस्त है और तुम्हें भी मैं काफी समय से जानता हूं इसलिए तुम दोनों आपस में ही सुलह कर लो कि तुम्हें क्या करना चाहिए लेकिन उन दोनों के बीच में कोई भी समझौता ना हो सका और राजेश भी चला गया। मेघा कहने लगी रोहित भैया आप भी चलिए मैं वहां से चला आया लेकिन मेघा और राजेश के बीच कोई बात नहीं हुई थी परंतु मुझे इतना तो मालूम चल चुका था कि मेघा ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया है। वह रास्ते भर मुझसे कुछ बात ही नहीं कर पा रही थी उसने मुझसे कुछ भी नहीं कहा और जब हम लोग घर पहुंचे तो मेघा कहने लगी मुझे संगीता से भी बात करनी चाहिए आप संगीता को फोन कीजिए। मैंने संगीता को फोन कर कर बुलाया तो मेघा ने हम दोनों को सारी बात बताई उसने कहा इसमें कहीं ना कहीं मेरी ही गलती है इसलिए मैं राजेश को अब कोई दोष नहीं देना चाहती और आप भी मेरी वजह से परेशान हो गए उसके लिए मैं आप दोनों से माफी मांगना चाहती हूं।

मैंने मेघा से कहा देखो मेघा इसमें कोई परेशानी वाली बात नहीं है लेकिन तुम्हें राजेश से पहले ही इस बारे में बात करनी चाहिए थी यदि तुम दोनों पहले आपस में बात कर लेते तो शायद आज यह नौबत नहीं आती और तुम दोनों का रिलेशन बहुत ही अच्छे से चल रहा होता। तुम दोनों की गलतियों की वजह से तुम दोनों को ही अलग होना पड़ा मैंने मेघा से पूछा तुमने आगे क्या सोचा है तो मेघा कहने लगी मैंने अभी तक कुछ नहीं सोचा है लेकिन मैं अपने मम्मी पापा के पास तो नहीं जाने वाली हूं। मैंने मेघा से कहा तुम अकेले क्या करोगी वह कहने लगी मैं अकेले अपना गुजारा चला लूंगी। मेघा की एक गलती की वजह से राजेश मेघा से दूर हो चुका था और अब राजेश को मेघा से कोई लेना देना ही नहीं था मेघा एक कंपनी में जॉब करने लगी थी और वह अकेली ही रहती थी। मेघा को जब भी हमारी जरूरत होती तो वह हमारे घर पर आ जाया करती थी हमारे बीच आज भी वैसा ही संबंध है और राजेश भी मुझे कभी कबार फोन कर देता है। राजेश के दिल में अब भी मेघा के लिए कहीं ना कहीं चिंता रहती है और वह उसके बारे में मुझसे पूछता ही रहता है मैं राजेश को मेघा के बारे में सब कुछ बता देता हूं और उसे कहता हूं कि तुम अब उसकी चिंता मत करो। मेघा की भी कुछ जरूरतें थी जिसे की शायद कोई भी पूरा नहीं कर सकता था लेकिन एक दिन मै मेघा के घर पर  गया वह घर पर ही थी मैं उससे मिलने गया तो वह बहुत उदास थी। वह मुझे कहने लगी रोहित भैया मैं अकेले बहुत परेशान हो चुकी हूं और कई बार मुझे राजेश की बहुत याद आती है हालांकि उसने मेरे साथ गलत किया लेकिन फिर भी मुझे उसकी कमी खलती है। मैंने मेघा से कहा तुम इस बारे में मत सोचो और ज्यादा चिंता मत किया करो तुम सिर्फ अपना ध्यान दो, ना जाने उसके दिल में क्या चल रहा था।

मैं जब उसके पास जाकर बैठा तो वह मुझसे चिपकने लगी जब वह मुझसे चिपकने लगी तो हम दोनों के शरीर से कुछ अलग ही गर्मी निकलने लगी। मैंने जैसे ही अपने हाथ को मेघा की जांघ पर रखा तो वह उत्तेजित होने लगी और मुझसे चिपकने लगी। उसके दिल में ऐसा क्या हुआ कि वह मेरे गोद में आकर बैठ गई जब वह मेरी गोद में आकर बैठी तो उसकी गांड से मेरा लंड खड़ा खड़ा होने लगा मेरा लंड खड़ा होता ही मैं अपने आपको ना रोक सका। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और मेघा ने उसे हाथ में लेते हुए हिलाना शुरु किया मेरा लंड 90 डिग्री पर खड़ा हो चुका था जब मेघा अपने मुंह के अंदर मेरा लंड लेती तो उसे बहुत मजा आता वह बडे मजे से मेरे लंड को अपने मुंह में लेती। जैसे ही मैंने मेघा की चूत पर अपने लंड को रगड़ना शुरू किया तो वह उत्तेजित होने लगी और उसके शरीर से गर्मी बाहर की तरफ को निकलने लगी उसकी योनि से ज्यादा ही तरल पदार्थ निकलने लगा था जिससे कि उसकी योनि के अंदर मेरा लंड जैसे ही प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी मुझे बड़ा दर्द हो रहा है।

मुझे उसे धक्के देने में बहुत मजा आता और मैं उसे लगातार तेजी से धक्के दिए जा रहा था मेरे धक्के इतने तेज होने लगे की उसका पूरा शरीर हिलने लगा। जब उसने मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ना शुरू किया तो उसके अंदर की गर्मी और भी ज्यादा बढने लगी और उसकी योनि से बाहर आने लगी। मुझे एहसास हो गया कि उसकी चूत के अंदर कुछ ज्यादा ही गर्मी बाहर की तरफ को निकलने लगी है और वह अपने आप पर बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं कर पा रही है। जैसे ही मेरा वीर्य पतन होने वाला था तो मैंने अपने वीर्य को मेघा की योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया उसने मुझे अपनी बाहों में लिया और कहने लगी आप मेरी इच्छाओं को पूरा करते रहना। मैंने उसे कहा ठीक है तुम चिंता मत करो मैं तुम्हारी इच्छाओं को पूरा करता रहूंगा और तुम्हारा पूरा ध्यान दूंगा तुम बिल्कुल भी टेंशन मत लो तुम्हारी चूत मे मारता रहूंगा।


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