थोड़ा और करो ना

Thoda aur karo na:

Kamukta, hindi sex story जीवन में परेशानियां बढ़ती ही जा रही थी मेरे पिताजी ने जो घर बनाया था वह भी बैंक से पैसे लेकर बनाया था लेकिन उनकी तबीयत खराब रहने लगी तो उसके बाद बहुत परेशानी आने लगी घर की किस्त चुकाने के लिए बैंक में हमेशा पैसे देने पड़ते जैसे तैसे हम लोग पैसे दे रहे थे लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अब मुझे क्या करना चाहिए। मैं उस वक्त नौकरी करने की स्थिति में भी नहीं था घर में मेरी मम्मी और बहन अकेली रहती थी तो उन्हें भी देखना पड़ता था और पिताजी की तबीयत भी बहुत खराब रहने लगी थी। एक दिन मेरी मौसी घर पर आती हैं उनका लड़का मोहित जो कि मेरी ही उम्र का है मौसी मुझे कहती हैं बेटा तुम मोहित के साथ कुछ काम कर लो।

मुझे भी लगता है कि मुझे मोहित के साथ कुछ काम कर लेना चाहिए क्योंकि इससे हमारे घर की स्थिति भी सुधर जाएगी, मोहित और मेरी काफी अच्छी बातचीत है मेरी मौसी का परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है इसलिए मैंने मोहित के साथ काम करने की सोच ली। मोहित ने मुझे कहा संजीव तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा और इसीलिए मैंने भी मोहित के कहने पर उसके साथ काम करने की सोची मोहित और मैंने एक गिफ्ट शॉप खोली जो कि हमने मॉल में खोली उसका सारा काम मैं ही संभालता था मोहित कम ही काम पर आया करता था क्योंकि उसे और भी काम होते थे। अब मुझे उससे पैसे आने लगे थे मेरी मौसी और मोहित ने हम लोगों की बहुत मदद की क्योंकि मेरी मां और मेरे पिताजी बहुत ही स्वाभिमानी हैं वह लोग किसी से भी पैसे नहीं ले सकते यह बात मेरी मौसी को अच्छे से मालूम थी इसलिए उन्होंने मुझे अपने साथ काम पर रखने की सोची। सब कुछ बड़े अच्छे से चल रहा था मेरा जीवन भी अब पहले से बेहतर हो चुका था पापा की तबीयत भी ठीक होने लगी थी और अब हमारे घर की स्थिति भी ठीक हो चुकी थी मुझे ऐसा लगता जैसे सारी परेशानियां दूर हो चुकी हैं सब कुछ ठीक हो गया था। उसी दौरान मेरी बहन का भी कॉलेज पूरा हो गया और उसके लिए भी रिश्ते आने लगे मेरी बहन के लिए काफी अच्छे रिश्ते आ रहे थे।

एक दिन मेरी मौसी ने मुझे एक लड़के से मिलवाया उससे मिलकर मुझे अच्छा लगा मुझे लगा कि वह मेरी बहन का ख्याल रखेगा और हम लोगों ने उससे मेरी छोटी बहन की शादी करवा दी। कुछ समय बाद उन लोगों की शादी हो गई और जब भी मैं अपनी बहन को फोन करता तो वह बहुत खुश नजर आती है मुझे इस बात की खुशी है कि मेरी बहन अपने जीवन में बहुत खुश है और मैं नहीं चाहता कभी भी उसके जीवन में ऐसी कोई तकलीफ तकलीफ आये जिससे कि उसे परेशानी हो। एक बार मोहित ने मुझे अपनी स्कूल की फ्रेंड से मिलवाया उसका नाम रुचिका है रुचिका से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा उससे भी मेरी दोस्ती हो चुकी थी। मोहित और मेरी बात अक्सर रुचिका को लेकर होती रहती थी मोहित ने मुझे बताया कि रुचिका बहुत अच्छी लड़की है और उसके पिताजी एक बड़े डॉक्टर हैं मेरी भी रुचिका से अच्छी दोस्ती हो चुकी थी लेकिन हमारी बातचीत सिर्फ दोस्ती तक ही थी। मुझे नहीं मालूम था कि रुचिका जब मेरे साथ समय बिताएगी तो उसे मेरा नेचर पसंद आने लगेगा और वह मेरी तरफ आकर्षित हो चुकी थी वह दिल ही दिल मुझे चाहने लगी थी। एक दिन उसने मुझसे अपने दिल की बात कह दी मैंने रुचिका से कहा लेकिन मैंने तो कभी तुम्हारे बारे में ऐसा नहीं सोचा, उससे मुझ में ना जाने क्या अच्छाई देखी कि उसने मुझसे अपने दिल की बात कह दी। मैं भी उसके दिल को नहीं तोड़ सकता था क्योंकि मुझे मालूम है वह बहुत अच्छी लड़की है और उसके जैसी लड़की मुझे मिल पाना शायद मुश्किल होगा इसलिए हम दोनों ने एक दूसरे के साथ रिलेशन में रहने की सोच ली। मैंने यह बात मोहित को बताई तो मोहित कहने लगा तुम बहुत किस्मत वाले हो जो तुम्हें रुचिका जैसी लड़की मिली क्योंकि उसके जैसी लड़की मिल पाना शायद मुश्किल है और वह तुम्हारा बहुत ध्यान रखेगी।

मैंने भी जितना रुचिका को समझा था उससे मुझे यही अंदाजा लग गया था कि वह बहुत अच्छी लड़की है और मेरा बहुत ध्यान रखेंगी सब कुछ बड़े अच्छे से चल रहा था और मेरे जीवन में रुचिका को लेकर एक अलग ही फीलिंग थी। रुचिका और मैं ज्यादातर समय साथ में बिताया करते मैंने उसे अपनी बहन से भी मिलवाया मेरी बहन रुचिका से मिलकर बहुत खुश थी जब रुचिका हमारे घर में आई तो हमारा घर इतना बड़ा नहीं था लेकिन रुचिका को उस बात से कोई तकलीफ नहीं थी वह मेरी मम्मी और पापा से मिलकर काफी खुश थी। उसने मुझे कहा तुम्हारे मम्मी-पापा ने तुम्हें बहुत अच्छे संस्कार दिए हैं और उन्होंने तुम्हारी परवरिश बहुत ही अच्छे से की है, रुचिका को मेरी बारे में सब कुछ मालूम था उसे यह भी पता था कि मैंने कितने कठिनाइयां अपने जीवन में झेली हैं। उसके बाद मोहित और मेरी मौसी ने हीं हमारी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया था लेकिन मुझे कई बार लगता कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि रुचिका और मेरे बीच हमारी स्थिति को लेकर कभी कोई दिक्कत पैदा हो जाए क्योंकि उसके पिताजी एक बहुत बड़े डॉक्टर हैं और मेरे घर की स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन अब हम लोग सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। कई बार मेरे दिमाग में यह सब बात चलती लेकिन जब भी मैं रुचिका से इस बारे में बात करता तो वह मुझे कहती तुम इस बारे में कभी सोचा ही मत करो मैंने तुमसे प्यार किया है मैंने कभी तुम्हारी स्थिति के बारे में नहीं सोचा और ना ही मैंने कभी उस बारे में सोचना की कोशिश की।

मोहित कहने लगा आज कहीं बाहर चलते हैं काफी समय हो गया है कहीं घूमने भी नहीं गए मैंने मोहित से कहा लेकिन हम लोग कहां जाएंगे तो मोहित मुझसे कहने लगा मेरे दोस्त ने एक रिजॉर्ट खोला है हम लोग वहीं चलते हैं मैंने सुना है वहां पर काफी अच्छा है। मैंने मोहित से कहा ठीक है हम लोग वहां चलते हैं और मैंने रुचिका को इस बात के लिए मना लिया अब हम तीनों ही मोहित के दोस्त के रिजॉर्ट में चले गए। जब हम लोग रिजॉर्ट में गए तो वहां का माहौल काफी अच्छा था रिजॉर्ट काफी बड़ा था और वहां पर मनोरंजन के सारे साधन थे मुझे स्विमिंग का बड़ा शौक है क्योंकि मैं स्कूल के समय में स्विमिंग किया करता था इसलिए मैं स्विमिंग पूल में चला गया। मेरे साथ मोहित और रुचिका भी थे हम तीनों ही वहां बैठे हुए थे और आपस में बात कर रहे थे मोहित ने रुचिका से पूछा तुम कब एक दूसरे से शादी का फैसला कर रहे हो मैंने मोहित से कहा मैंने तो फिलहाल ऐसा कुछ भी नहीं सोचा है तुम यह बात रुचिका से ही पूछ लो। मोहित ने जब रुचिका से यह बात पूछी तो रुचिका मुस्कुराने लगी उसने कोई जवाब नहीं दिया लेकिन मैं मोहित से कहने लगा हम लोग जल्द ही शादी का फैसला कर लेंगे। हम लोग रिजॉर्ट में काफी एंजॉय कर रहे थे दोपहर के वक्त हम लोगों ने खाना खाया और कुछ देर हम लोग साथ में बैठ कर बात करते रहे मोहित कहने लगा यार रूम में चल कर आराम करते हैं। हम तीनों रूम में चले गए क्योंकि दोपहर में गर्मी काफी होने लगी थी इसलिए हम लोग रूम में जाकर बात करने लगे हैं और एक दूसरे से हम लोग बात कर रहे थे मोहित ने मुझसे और रुचिका से पूछा तुम्हें यहां आकर कैसा लगा तो हम दोनों ने कहा यहां पर काफी अच्छा है।

मुझे नहीं मालूम था उस दिन हम दोनों के बीच में गरमा गरम चुंबन हो जाएगा मोहित की आंख लग चुकी थी वह काफी गहरी नींद में सो गया था। हम दोनों आपस में बात कर रहे थे हम एक दूसरे के नजदीक आ गए और हम दोनों एक दूसरे के शरीर की गर्मी को बर्दाश्त ना कर पाए। मैंने रुचिका के होठों को चूमना शुरू किया जब वह मेरी बाहो में आ गई तो मैंने रुचिका से कहा आई लव यू। रुचिका ने मुझे गले लगा लिया हम दोनों के बदन से गर्मी निकलने लगी थी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया। उसके स्तनों को मैंने काफी देर तक अपने मुंह में लेकर चूसा उसे बहुत अच्छा लग रहा था और मुझे भी बड़ा मजा आता। मैंने काफी देर तक रुचिका के बड़े स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसा जब मैंने उसकी योनि के अंदर उंगली डालनी शुरू की तो वह मचलने लगी उसका बदन पूरा गर्म होने लगा। मैंने जैसे ही अपने लंड को बाहर निकाल कर उसकी योनि पर लगाना शुरू किया तो वह कहने लगी तुम अपने गरम लंड को मेरी योनि में डाल दो। मैंने अपने लंड को रुचिका की योनि में घुसा दिया जैसे ही मेरा मोटा लंड उसकी योनि में गया तो उसके मुंह से एक हल्की सी चीख निकली। मैंने मोहित की तरफ देखा तो वह अब भी सो रहा था मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के मारने शुरू किए वह अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लेती और मैं उसे बहुत तेज गति से धक्के मार रहा था।

उसे भी मजा आता और मुझे भी काफी आनंद आ रहा था मैंने काफी देर तक उसकी योनि की मजे लिए और जब हम दोनों के बीच में गर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी तो मैंने रुचिका से कहा अब शायद में तुम्हारी गर्मी को बर्दाश्त ना कर पाऊं। वह मुझे कहने लगी मुझे अब भी पूरी तरीके से संतुष्टि नहीं हुई है उसके कुछ देर बाद मेरा वीर्य पतन हो गया लेकिन उसकी इच्छा पूरी नहीं हुई थी इसलिए मैंने दोबारा से अपने लंड को खड़ा करते हुए रुचिका की योनि में घुसा दिया। उसकी योनि में मेरा लंड जाते ही उसके मुंह से चीख निकल पड़ी और मैं उसे तेज गति से धक्के देने लगा उसका पूरा शरीर हिल जाता मैंने उसकी चूत को बुरी तरीके से छील कर रख दिया था। मैंने उसके साथ 5 मिनट तक संभोग किया और उसी बीच मेरा वीर्य पतन हो गया जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मैं खुश हो गया और उसे भी बहुत मजा आया। हम लोग उसके बाद वहां से वापस लौट आए लेकिन उस रिसोर्ट में हम दोनों ने एक दूसरे की इच्छाओं को बहुत अच्छे से पूरा किया।


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