तेल लगाकर लंड को चिकना बनाया

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Tel lagakar lund ko chikna banaya मेरा ट्रांसफर कुछ समय पहले ही पुणे में हुआ मैं एक सरकारी विभाग में नौकरी करता हूं और जब मेरा ट्रांसफर पुणे में हुआ तो मैं अपने परिवार को लेकर पुणे चला आया। काफी समय तक हम लोग नागपुर में रहे और अब मैं पुणे आ चुका था पुणे आने के बाद जिस जगह हम लोग रहते थे पहले वहां आस-पड़ोस में हम लोग किसी को भी नहीं जानते थे लेकिन जिस दिन हम लोग अपना सामान शिफ्ट कर रहे थे तो हमारे पड़ोस में रहने वाले सोहन ने उस दिन हमारा सामान शिफ्ट करने में हमारी काफी मदद की थी इसलिए सोहन से मेरा परिचय हो गया था। सोहन पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें कि मैं कॉलोनी में जानता था इसलिए उनके साथ ही मैं बात करता था लेकिन धीरे धीरे सोहन ने मुझे कॉलोनी में रहने वाले लोगों से भी मिलवाया तो अब मैं और लोगों को भी जानने पहचानने लगा था। एक दिन मुझे सोहन ने कहा कि क्या तुम शराब पीते हो तो मैंने सोहन को कहा कि नहीं मैं शराब नहीं पीता हम दोनों के बीच काफी अच्छी दोस्ती हो चुकी थी तो सोहन ने एक दिन मुझे अपने घर पर इनवाइट किया।

सोहन की पत्नी सुहानी जो कि खाना बहुत ही अच्छा बनाती है सोहन उसकी तारीफ हमेशा ही किया करता था उन दोनों के बीच बहुत प्यार है और उस दिन सुहानी हम लोगों के लिए खाना तैयार कर रही थी। मैं और मेरी पत्नी सुधा सोहन के साथ बैठे हुए थे सोहन और मैं आपस में बात कर रहे थे थोड़ी देर बाद सुहानी ने खाना तैयार कर दिया था और वह हम लोगों के साथ कुछ देर तक बैठी थी फिर हम सब लोगों ने साथ में डिनर किया। डिनर करने के बाद हम लोग अपने घर आ चुके थे मैंने भी एक दिन सुधा को कहा कि हमें भी सोहन और सुहानी को घर पर बुलाना चाहिए तो हम लोगों ने उन्हें भी अपने घर पर डिनर के लिए इनवाइट किया। उस दिन वह लोग जब डिनर के लिए आए तो हम लोग भी काफी खुश थे मेरे पापा और मम्मी कुछ दिनों के लिए मेरे पास पुणे आना चाहते थे उस दिन मैं अपने दफ्तर चला गया था इसलिए उस दिन मैंने सोहन को कहा कि यदि तुम्हारे पास समय हो तो तुम पापा और मम्मी को ले आना। सोहन मुझे कहने लगा कि ठीक है मैं तुम्हारे पापा और मम्मी को रेलवे स्टेशन से ले आऊंगा।

जब मैं अपने ऑफिस से घर लौटा तो पापा और मम्मी घर पर ही थे उन लोगों को काफी समय बाद देख कर मैं बहुत खुश था वह लोग कुछ दिनों तक हमारे पास ही रुकने वाले थे और मैं इस बात से काफी ज्यादा खुश हो रहा था। सुधा मुझे कहने लगी कि आप बहुत खुश हैं तो मैंने सुधा को कहा कि तुम तो जानती ही हो कि मैंने पापा और मम्मी से कितनी बार कहा है कि वह लोग मेरे साथ ही रहे लेकिन वह लोग अकेले रहना ही पसंद करते हैं। अब पापा और मम्मी मेरे साथ ही रहने लगे थे इसलिए सोहन और सुहानी भी अक्सर हमारे घर पर आते ही रहते थे वह लोग भी पापा और मम्मी के साथ काफी घुलने लगे थे। सुबह के वक्त पापा और मम्मी टहलने के लिए चले जाया करते थे लेकिन कुछ समय बाद पापा और मां वापस लौटने की बात करने लगे तो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा मैंने उन्हें कहा कि आप लोग कुछ दिन और मेरे पास रुक जाइए लेकिन वह लोग नहीं रुके और वह लोग कुछ दिनों बाद चले गए। उन लोगों के जाने के बाद मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा मैंने यह बात सुधा से भी कही थी कि अगर पापा और मम्मी हमारे पास ही रहते तो अच्छा होता लेकिन वह लोग ज्यादा दिनों तक हमारे पास नहीं रुके सुधा और मैं ही घर पर अकेले थे। एक दिन सुहानी और सुधा घर पर बैठे हुए थे उस वक्त मैं ऑफिस से घर लौटा ही था मैं जब अपने ऑफिस से घर लौटा तो मैंने सुहानी से कहा कि क्या सोहन घर पर ही है तो सुहानी मुझे कहने लगी कि हां सोहन तो घर पर ही हैं। मैंने भी अपने कपड़े बदले और उसके बाद मैं सोहन से मिलने के लिए चला गया मैं सोहन के पास गया तो सोहन टीवी देख रहा था मैंने सोहन को कहा कि तुम ऑफिस से कब लौटे। सोहन ने मुझे बताया कि वह करीब एक घंटे पहले ही ऑफिस से लौट चुका था मैंने सोहन से कहा कि हम लोग कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं तो सोहन मुझे कहने लगा कि हां तुम यह तो ठीक कह रहे हो वैसे भी काफी दिन हो गए हैं मैं और सुहानी कहीं घूमने भी नहीं गए हैं इसी बहाने हम लोग भी घूम लेंगे। हम लोगों ने उस दिन घूमने का प्लान बना लिया था थोड़े ही दिनों बाद हम लोग घूमने के लिए गोवा चले गए जब हम लोग गोवा गए तो वहां पर हम लोगों ने खूब इंजॉय किया और कुछ दिन वहां रुकने के बाद हम लोग वापस लौट आए।

काफी समय तक हम लोग सिर्फ गोवा की ही बात करते रहे। गोवा से लौटने के बाद एक दिन सोहन मुझसे मिलने के लिए घर पर आया वह कहने लगा अमन मैं कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस के काम के सिलसिले से बाहर जा रहा हूं तो तुम सुहानी का ध्यान रखना होगा। मैंने सोहन को कहा ठीक है मैं और सुधा सुहानी का ध्यान रख लेंगे तुम उसकी बिल्कुल भी चिंता मत करो। सोहन भी अब अपने काम से चला गया था सुहानी हमारे घर पर ही आ जाया करती थी। एक दिन दोपहर के वक्त मैं घर पर ही था उस दिन सुधा सो रही थी मैं उठा हुआ था मुझे नींद नहीं आ रही थी। मैंने सोचा कि मैं सुहानी से मिलाता हूं मैं उस दिन जब सुहानी से मिलने के लिए गया तो उनके घर का दरवाजा खुला हुआ था मैं जैसे ही अंदर गया तो मैंने देखा सुहानी ने अपने पैरों के बीच में तकिए को फंसा रखा है और वह उसके साथ अपनी इच्छा को पूरा करने की कोशिश कर रही है। यह सब देख कर मैं उत्तेजित हो गया मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेने के लिए बेताब था मै सुहानी के पास गया तो उसने मुझे देखते ही कहा उस तकिए को एक किनारे पर रखा और कहने लगी अमन तुम कब आए? मैंने उसे कहा मैं थोड़ी देर पहले ही आ गया था सुहानी ने मुझे कहा क्या तुमने सब कुछ देख लिया है।

मैंने उसे कहा हां मैंने सब कुछ देख लिया है वह मुझे कहने लगी तुम्हें कम से कम दरवाजा बंद करना चाहिए था। मैंने उसे कहा सुधा घर पर सो रही थी तो मैंने सोचा तुम्हें मैं मिलाता हूं लेकिन मुझे नहीं पता था कि तुम इतनी ज्यादा तड़प रही हो। दोपहर की गर्मी मे उसकी गर्मी और भी ज्यादा बढ़ चुकी थी अब उसने मुझे अपने पास बैठने के लिए कहा तो मैं सुहानी के पास बैठा। जब हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैंने उसकी जांघ कोसहचलाना शुरू किया जब मैं ऐसा कर रहा था तो उस वक्त उसकी चूत से पानी और भी अधिक निकलने लगा था। मैंने जैसे ही उसकी सलवार को नीचे उतारा तो मैंने देखा उसकी गुलाबी रंग की पैंटी पूरी तरीके से गिली हो चुकी थी मैंने उसे निकाल कर एक किनारे पर रख दिया। जब मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो वह अपने पैरों को खोल कर मुझे कहने लगी और अच्छे से चाटो मैं उसकी चूत को बड़े अच्छे से चाटता काफी देर तक ऐसा करने के बाद जब हम दोनों की गर्मी बढ़ने लगी थी तो सुहानी ने भी मेरे पैंट की चैन को खोलते ही मेरे मोटे लंड को अपने हाथों में ले लिया और उसे हिलाना शुरु किया काफी देर तक उसने ऐसा ही किया और उसके बाद जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो उसे मज़ा आने लगा था वह अपने पूरे मुंह के अंदर तक मेरे लंड को समाने लगी थी। जिससे कि मैं काफी ज्यादा खुश होने लगा था काफी देर तक ऐसे ही उसने मेरे लंड को सकिंग किया। जब उसने अपने पैरों को खोला तो उसने मुझे कहा तुम अपने लंड को मेरी योनि में प्रवेश करवा दो।

मैंने उससे कहा मैं तुम्हारी चछत तेल लगाकर मारना चाहता हूं अब मैंने उसकी योनि पर तेल की मालिश की जब मैंने उसकी चूत पर तेल की मालिश की तो मैंने उसकी चूत को पूरी तरीके से चिकना बना दिया था मैंने उसकी चूत के अंदर अपनी उंगली से तेल की मालिश की थी। मैंने भी अपने लंड पर तेल लगाया उसकी योनि से गर्म लावा बाहर की तरफ को आ रहा था जैसे ही मैंने उसकी योनि के अंदर लंड डाला तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी मुझे मजा आ गया। मैंने उसे कहा तुम्हारी चूत बड़ी टाइट है तो वह मुस्कुराने लगी मै उसे बड़ी तीव्र गति से चोदने लगा था जब मैं ऐसा कर रहा था तो वह मेरा साथ बखूबी निभा रही थी और अपने पैरों को खोल कर मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित करती जा रही थी।

मेरे लंड पर पहले से ही तेल लगा हुआ था इसलिए मेरा लंड पूरे तरीके से चिकना हो गया था मैंने उसे कहा मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है और मैं उसके साथ बडे अच्छी तरीके से संभोग कर रहा था वह भी बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। सुहानी की टाइट चूत मार कर मुझे मजा आ रहा था उसने मेरा साथ बखूबी निभाया मेरा वीर्य गिरने वाला था इसलिए मैंने उसकी चूत के अंदर ही अपने वीर्य को गिरा दिया। मैंने अपने वीर्य को उसकी योनि के अंदर डाला तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी तुम मुझे दोबारा से चोदो। मैंने दोबारा से अपने लंड पर तेल की मालिश करते हुए उसकी योनि के अंदर डाल दिया जब मैं उसे धक्के मारने लगा तो वह बड़ी जोर से चिल्लाने लगी और कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है। वह मेरा साथ बड़े अच्छे से दे रही थी उसने मुझे कहा आज मुझे बहुत ज्यादा मजा आ गया और ऐसा लग रहा है जैसे कि तुम्हारे साथ सेक्स करती रहू मैंने उसकी इच्छा को पूरा कर दिया था। जब मैंने उसकी चूत में दोबारा से वीर्य को गिराया तो उसके बाद वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी।


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