तेल लगा लंड डाला चिकनी गांड में

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Tel laga lund dala chikni gaand me मैं अपने मामा के घर काफी समय बाद गया वहां जाकर देखा तो उनके घर की स्थिति पूरी तरीके से बदल चुकी थी। मेरी मां के देहांत के बाद मामा के घर जाना बहुत ही कम हो पाता था लेकिन जब इतने वर्षों बाद मामा के घर पर गया तो मामा के चेहरे पर उदासी थी और उनकी उदासी का कारण सिर्फ और सिर्फ उनका बेटा कमल था। कमल अपने बूढ़े मां बाप को छोड़कर अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए अमेरिका चला गया उसके अमेरिका जाने के बाद मामा मामी घर पर अकेले रह गए और मुझे इस बात की खबर तक नहीं थी क्योंकि मां के देहांत के बाद हम लोगों का मामा के घर जाना बहुत कम ही हो पाता था। जब मैंने उनकी स्थिति देखी तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने मामा से कहा मामा आपने मुझे पहले क्यों नहीं बताया।

वह मुझे कहने लगे बेटा तुम्हें पहले क्या बताता मैं जिस परेशानी से गुजर रहा हूं क्या उसमें मुझे तुम्हें बताना चाहिए था मैंने मामा से कहा मामा आपको बताना चाहिए था यदि आप मुझे अपना समझते तो आप जरूर मुझे यह सब बताते लेकिन आपने मुझे इस बारे में नहीं बताया। मामा कहने लगे बेटा मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गया था और मेरे पास अब और कोई रास्ता ही नहीं था मैंने और तुम्हारी मामी ने तो अपने आप को घर की चारदीवारी में ही कैद कर के रख लिया था। आस पड़ोस के लोग हमारा मजाक बनाने लगे थे हम ने कमल को कभी भी किसी चीज की कमी महसूस नही होने दी और कमल ने हमारे साथ इतना बड़ा धोखा किया उससे मैं बिल्कुल भी खुश नहीं था। मुझे इस बात का बहुत दुख हुआ था और मैं अपने दुख को भला किसके सामने बयां कर पाता इसीलिए तो मैंने किसी को भी नहीं बताया कि मैं  किस स्थिति में हूं। मैंने मामा से कहा मामा आप लोग मेरे साथ चलिए वह मुझे कहने लगे बेटा हम तुम्हारे साथ नहीं आ सकते मैंने उन्हें कहा देखो मामा आपको मेरे साथ तो चलना ही पड़ेगा।

मामा जी भी अपनी जिद पर अड़े हुए थे और वह कहने लगे कि बेटा मैं तुम्हारे साथ आकर क्या करूंगा अब मैं बूढ़ा भी हो चुका हूं मैं तुम्हारे साथ नहीं आ सकता। मामी ने मुझे समझाया और कहने लगी बेटा हम लोग ठीक है तुम चिंता मत करो लेकिन मुझे चिंता तो थी मैं अपने मामा जी को लेकर बहुत ही चिंतित था और आखिरकार मुझे चिंता क्यों नहीं होती उन्होंने भी तो मुझे बचपन में अपने साथ रखा था। मैंने अपनी 12वीं की पढ़ाई अपने मामा जी के पास ही उत्तीर्ण की थी लेकिन मामा मामी से इतना आग्रह करने के बाद भी वह लोग मेरे साथ नहीं आए वह कहने लगे बेटा हम लोग ठीक हैं। मैं अपने मामा जी के घर से अपने घर को लौट चुका था लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ मेरे मामा जी का ही ख्याल आ रहा था और मैं मन ही मन यह सोचने लगा कि कमल ने मामा जी के साथ बिल्कुल भी अच्छा नहीं किया। कमल ने अपनी शादी अमेरिका में ही कर ली थी और वह अपनी पत्नी के साथ वहीं रहने लगा था लेकिन उसने अपने माता पिता के साथ ऐसा दुर्व्यवहार किया कि जिसकी मुझे कभी उम्मीद ही नहीं थी। मैं जब घर लौटा तो मैंने यह बात अपनी पत्नी को बताई मेरी पत्नी भी कहने लगी आप क्या बात कर रहे हैं मुझे तो बिल्कुल यकीन ही नहीं हो रहा है। मैंने अपनी पत्नी से कहा तुम यकीन करो या ना करो लेकिन कमल ने मामा मामी को अकेले रहने के लिए छोड़ दिया है और उनकी जिंदगी भर की मेहनत कमल ने एक झटके में खत्म कर दिया। मामा मामी ने कमल के लिए कितनी मेहनत की थी और आज कमल ने उनकी मेहनत का यह सिला दिया है मेरी पत्नी कहने लगी कि आप मामा जी को यहां क्यों नहीं ले आए। मैंने अपनी पत्नी से सारी बात कही और उसे बताया कि मैंने उन्हें कहा तो था लेकिन वह मेरे साथ आए ही नहीं मेरे लाख कोशिशों के बाद भी वह मेरे साथ नहीं आये। मेरी पत्नी कहने लगी उन्होंने आपकी भी तो बहुत मदद की है मैंने अपनी पत्नी से कहा उन्होंने मेरी बहुत मदद की है। जब हमारे घर की स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं थी उस वक्त उन्होंने हमारी बहुत ही मदद की और जिस प्रकार से उन्होंने हमारे परिवार को संभाला उससे हमारा परिवार दुबारा से अपनी आर्थिक स्थिति ठीक करने में एक कदम आगे बड़ा पाया।

यह सब मामा जी की वजह से ही हुआ है लेकिन आज मामा कि इस स्थिति को देखकर मैं बिल्कुल भी खुश नहीं हूं। मेरी पत्नी कहने लगी कोई बात नहीं सब ठीक हो जाएगा आप चिंता ना करें मैंने उसे कहा भला चिंता क्यों ना करूं मुझे तो बहुत चिंता हो रही है कि कमल ने ऐसा क्यों किया लेकिन उसके बाद भी मैं अपनी मामी को हर रोज फोन किया करता और बीच-बीच में उनसे मिलने के लिए भी चला जाया करता था। मैंने जब मामा जी से पूछा कि क्या कमल का फोन आपको आता है तो वह कहने लगे नहीं बेटा कमल का फोन मुझे नहीं आता और ना ही अब हम लोग उसे फोन करते हैं हमें लगता है कि वह बहुत बड़ा आदमी बन चुका है और अपने परिवार के लिए उसके पास समय तक नहीं है इसलिए उसे फोन करना ही व्यर्थ है। मुझे भी बहुत बुरा लग रहा था क्योंकि मामा जी की स्थिति देख कर मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता और दिन-ब-दिन मामा जी की तबीयत भी खराब होने लगी थी और उनकी तबीयत का ध्यान रखने वाला कोई था ही नहीं। मैं और मेरी पत्नी कुछ दिनों के लिए मामा जी के घर पर रहने के लिए चले गए ताकि हम लोग उन लोगों की देखभाल कर पाए। मेरे ऊपर मामा के ना जाने कितने ही एहसान है शायद उन्हें मैं अपनी पूरी जिंदगी भर भी नहीं उतार पाता इसलिए यह बिल्कुल सही समय था कि मैं अपने मामा जी के एहसानों को थोड़ा कम कर सकता हूं।

मैं और मेरी पत्नी मेरे मामाजी और मामाजी की पूरी सेवा कर रहे थे। वह लोग कहने लगे कि सुरजीत बेटा तुमने हमारी कितनी सेवा की है। मैंने मामा जी से कहा मामाजी आपने भी तो हमारे घर की स्थिति को सुधारने के लिए ना जाने क्या कुछ नहीं किया। मामा जी कहने लगे मैं तुम्हारा एहसान जिंदगी भर नहीं भूल सकता। मैंने मामा जी से कहा देखिए मामा जी आप मेरे अपने हैं और इसमें ऐहसान की कोई ऐसी बात ही नहीं है। मामा जी से मिलने के लिए आस पड़ोस के लोग आने लगे थे। एक दिन उनके पड़ोस में रहने वाली सुनैना भाभी मामा जी से मिलने के लिए आई मामा जी ने जो मेरी तारीफ के पुल बांधे वह मेरी और देखने लगी। सुनैना भाभी अपने साड़ी के पल्लू को बार-बार संभाल रही थी उनकी बड़ी गांड उनकी साड़ी से बाहर झाक रही थी। मैं चाहता था कि उनकी गांड मिल जाती तो मेरा जीवन सफल हो जाता परंतु ऐसी मेरी किस्मत नहीं थी लेकिन मुझे हमेशा सुनैना भाभी को पटाने की कोशिश किया करती और मैं भी उनकी ओर खिंचा चला जाता। मैं भी अपने आपको कितने समय तक रोक पाता एक दिन मौका पाकर मैंने सुनैना भाभी को पीछे से दबोच लिया। जब मैंने उन्हें पकडा तो वह कहने लगी आप यह क्या कर रहे हैं। मैने सुनैना भाभी से कहा आप ऐसे ही रहिए आपकी गांड से मेरा लंड टकरा रहा है। उन्हें भी अच्छा लगने लगा था मैंने उनकी पतली कमर में अपने हाथों को डाला उन्हें अपनी और उन्हे अपनी और खिचा। उन्होंने भी अपनी पूरी ताकत से मुझे अपने से दूर कर दिया वह घर में इधर से उधर दौड़ने लगी। उनकी शरारती चूत को लेने के लिए मैं भी उनकी पीछे दौड़ने लगा और जब मैंने उनको पकड़ा तो उनकी सांसे उनके गले की नली तक आ चुकी थी। मैंने भी अपने लंड को जैसे ही उनके मुंह के अंदर डाला तो उन्होने उसे अच्छे से चूसना शुरू किया उन्होने लंड को चूसकर बेहाल कर दिया था।

मुझे बड़ा मजा आया और उन्होने काफी देर तक मेरे लंड को चूसकर उसका बुरा हाल कर दिया था लेकिन मुझे भी तो मजा आ रहा था। मै उनकी गांड मारने वाला था मैंने काफी देर तक उनसे अपने लंड को चूसवाया जिससे कि उनके अंदर की उत्तेजना बढ़ने लगी थी। मैंने उनके बदन से उनके कपड़ों को निकाल कर अपने सामने नग्न अवस्था में खड़ा कर दिया उनकी कमर बड़ी ही पतली थी और उनकी गांड बाहर निकली हुई थी। मैं उन्हें देखे जा रहा था मैंने उनकी गांड को दबाना शुरू किया तो उनको भी मजा आने लगा। सुनैना भाभी मुझे कहने लगी आप बड़े अच्छे से मेरी चूतडो को दबा रहे है। मैने उन्हे कहा मैं आपकी गांड मारने वाला हूं तो वह कहने लगी कोई बात नहीं आप मार लीजिएगा तो मैंने उन्हें कहा ठीक है। मैंने उनके दोनों पैरों को खोल कर अपने लंड को उनकी चूत मे डालना शुरू किया तो उन्हें भी अच्छा लगने लगा मुझे भी मजा आ रहा था। मैंने काफी देर तक अपने लंड को उनकी चूत अंदर बाहर किया और उन्हें अपना बनाने की कोशिश की लेकिन उन्हें बिल्कुल भी मजा नहीं आ रहा था।

जब मैंने अपने लंड को तेल से पूरी तरीके से गिला कर लिया था तो मेरे लंड से तेल भी टपक रहा था। जब मेरे लंड से तेल टपक रहा था तो मैंने सुनैना भाभी से कहा इसे तुम अपनी गांड के अंदर ले लो तो वह कहने लगी लो मैंने अपनी चूतड़ों को चौड़ा कर लिया है। मैंने भी उनकी चूतडो के अंदर अपने लंड को घुसाया तो उन्हें बड़ा दर्द हो रहा था और वह चिल्लाने लगी। उनकी गांड से पसीना निकल रहा था उनकी गांड से पसीना टपकना लगा। मुझे बड़ा मजा आता और मैं पूरी तरीके से आनंदित हो जाता मैंने काफी देर तक उनकी गांड के मजे लिए और जब उनकी गांड मे लंड डाल रहा था तो मैंने सुनैना भाभी को अपना बना लिया था और उनकी बड़ी चूतड़ों के मजे मैंने लिए उनकी गांड के अंदर मेरा वीर्य टपकने लगा था। जैसे ही मैंने अपने वीर्य को उनकी गांड पर गिराया तो उनकी चूतडे चमक मारने लगी। वह खुश हो गई और कहने लगी मैं आपका इंतजार हर रोज करती रहूंगी वह मेरा इंतजार अब भी करती है।


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