तेल लगा कर गांड पेली

Tel laga kar gaand peli:

Kamukta, antarvasna मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं मैंने कुछ समय पहले इस कंपनी में अपनी नौकरी ज्वाइन की थी लेकिन मुझे वहां से कुछ समय बाद नौकरी छोड़नी पड़ी। मैं अब घर पर ही था मैं घर पर कम रहता था जिस वजह से मुझे घर के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं चल पाता था लेकिन कुछ दिनों से मैं घर पर था तो मैंने देखा मेरी भाभी का बर्ताव बिल्कुल भी मेरी मां के प्रति ठीक नहीं है। मेरी भाभी का रवैया देख कर मुझे बहुत ज्यादा बुरा लगा मैंने इस बारे में अपने भैया से बात की मेरे भैया का नाम मनोज है, उन्होंने मुझे कहा मैं तुम्हारी भाभी मोहनी से बात करूंगा। उन्होंने शायद भाभी से बात भी की थी लेकिन फिर भी उनका रवैया वैसा ही था मेरे भैया की शादी को दो वर्ष हो चुके हैं लेकिन दो वर्षों बाद भी मेरी भाभी मेरी मां को नहीं समझ पाई।

एक दिन मेरी छोटी बहन हमारे घर पर आई थी मेरी बहन की शादी कुछ समय पहले ही हुई है और उसके साथ भी मेरी भाभी का रवैया बिल्कुल ठीक नहीं था मुझे समझ नहीं आ रहा था भाभी तो बिल्कुल भी मेरी मां और बहन की इज्जत नहीं करती है इसलिए मैंने उन्हें सबक सिखाने के बारे में सोच लिया। एक दिन उनके भैया घर पर आए हुए थे मैंने भी उनके साथ बड़ी बदतमीजी से बात की और उन्हें एहसास दिलाने की कोशिश की कि वह जिस प्रकार से मेरे माता-पिता के साथ व्यवहार करते हैं यदि उनके परिवार के साथ भी वैसा व्यवहार हो तो किसी व्यक्ति को कैसा लगता है। वह जब अपनी मां से बात करते हैं तो मैं उन्हें फोन पर बात नहीं करने दिया करता मैं कहता आपको मम्मी बुला रही हैं वह मुझसे बहुत परेशान रहने लगी थी और वह मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं करती थी। मैं तो सिर्फ उन्हें इस बात का एहसास दिलाना चाहता था कि यह भी उन्ही का परिवार है यदि वह इस प्रकार का बर्ताव मेरे परिवार के साथ करेंगे तो बिल्कुल भी अच्छा नहीं होगा लेकिन वह तो किसी की बात सुनने को तैयार ना थी। एक दिन उन्होंने मेरे भैया से मेरी शिकायत की जब उन्होंने भैया से मेरे बारे में कहा तो भैया मुझे कहने लगे रितेश वह तुम्हारी भाभी हैं तुम उससे प्यार से भी बात कर सकते हो यदि इस प्रकार से तुम उनके साथ व्यवहार करोगे तो उन्हें बुरा लगेगा।

मैंने भैया से कहा भैया मैं सब समझता हूं लेकिन भाभी का व्यवहार तो मां के प्रति बिल्कुल भी अच्छा नहीं है और मैं नहीं चाहता कि वह मां को कुछ भी गलत कहे। भाभी इस बात से गुस्सा हो गई थी शायद वह मुझसे बात भी नहीं करना चाहती थी और उन्होंने मुझसे बात नहीं की, हम दोनों बात नहीं किया करते थे। मैंने भी एक कंपनी में अपनी जॉब के लिए ट्राई किया और वहां पर मेरा सिलेक्शन हो गया मैं अब अपनी जॉब में बिजी था इसलिए मैं ऑफिस से शाम के वक्त घर आया करता। अब मुझे बिल्कुल भी पता नहीं चल पाता था कि घर पर क्या चल रहा है क्योंकि मैं सिर्फ अपनी छुट्टी के दिन ही घर पर होता था और उस दिन भी मुझे कोई ना कोई जरूरी काम होता जिससे कि मैं अपनी मम्मी को भी टाइम नहीं दे पा रहा था। मेरी मां मुझसे बहुत ज्यादा प्यार करती है और उनके प्रति मेरा बहुत लगाव है शायद यह बात मेरी भाभी को पसंद ही नहीं थी। मेरे लिए भी अब कुछ रिश्ते आने लगे थे एक दिन मेरे मामा घर पर आये और वह कहने लगे रितेश बेटा तुम्हे शादी कर लेनी चाहिए और हमने तुम्हारे लिए लड़की देखी है यदि तुम्हे वह पसंद हो तो हम आगे बात बढ़ाएं। मैंने मामा से कहा मामा जी आप देख लीजिए मैं इसमें क्या बोल सकता हूं मेरे मामा मुझे कहने लगे बेटा शादी सोच समझकर करनी चाहिए हम तो सिर्फ तुम्हें लड़की दिखा सकते हैं और जब तक तुम उससे मिलोगे नहीं या उसे समझोगे नहीं तो शादी कैसे करोगे। मैंने मामा से कहा आप लोग देख लीजिए और वैसे भी मुझे इन सब चीजों से कोई ज्यादा खास फर्क नहीं पड़ता लेकिन मेरे लिए मेरे मामा ने लड़की देख ली थी और मैं जब पहली बार कामिनी से मिला तो उससे मिलकर मुझे अच्छा लगा। कामिनी एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती है और हम दोनों ने उस दिन एक दूसरे को समझने की कोशिश की कामिनी का नेचर मुझे बहुत अच्छा लगा मैंने उसे यह बात पहले ही बता दी थी कि मेरी भाभी और मेरे बीच में बिल्कुल भी बातचीत नहीं होती लेकिन मैं नहीं चाहता कि तुम भी कुछ ऐसा करो जिससे कि मेरी मां को बुरा लगे।

कामिनी ने मुझे भरोसा दिलाया और कहा मैं कभी भी आपको शिकायत का मौका नहीं दूंगी और कुछ समय बाद हम दोनों की सगाई हो गई। हम दोनों की सगाई हो चुकी थी मेरी मम्मी की कामिनी से फोन पर बात होती रहती थी लेकिन मेरी भाभी को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं थी उन्हें लगता था कि शायद कामिनी के आने से वह दुखी होने वाली है। मेरी जब कामिनी से शादी हुई तो मेरी भाभी वाकई में दुखी हो गई क्योंकि उन्हें अब कोई घर में कोई कुछ कहता ही नहीं था इसलिए वह दिन भर कोई ना कोई ऐसे काम करने की सोचती की किसी भी तरह कामिनी को मेरी मम्मी कुछ कहे। मेरी मां कामिनी से बहुत प्यार करती थी और कामिनी भी उनका बहुत ध्यान रखती थी लेकिन मेरी भाभी के दिल में तो कामिनी के लिए नफरत थी यह नफरत मेरी वजह से ही उनके दिल में पैदा हुई थी। मुझे नहीं मालूम था कि वह इतनी ज्यादा गिर जाएंगे कि वह कुछ भी करने के लिए उतारू हो जाएंगे वह कामिनी को किसी ना किसी तरीके से नुकसान पहुंचाने के बारे में सोचती रहती थी लेकिन हर बार वह अपने ही जल में फंस जाती। कामिनी और मेरी मां के बीच बहुत ज्यादा प्यार था यदि मेरी मां को कुछ भी जरूरत होती तो वह सबसे पहले कामिनी को ही कहती थी मेरी भाभी को ऐसा लगता कि जैसे उन्हें कोई कुछ पूछता ही नहीं है। मेरी भाभी का नेचर बिल्कुल भी अच्छा नहीं था और उन्होंने एक दिन सीढ़ी पर तेल डाल दिया जिससे की मेरी पत्नी कामिनी को चोट लगे और हुआ भी कुछ ऐसा ही।

मेरी पत्नी का पैर जैसे ही सीढ़ी पर पड़े तेल पर पड़ा तो उसका पैर फिसल गया और वह बड़ी तेजी से गिरी उसके हाथ और पैर पर बहुत ज्यादा चोट आई। मैं इस बात को समझ नहीं पाए कि आखिरकार कामिनी कैसे गिरी जब कुछ दिनों बाद मैंने कामिनी से इस बारे में पूछा कि तुम सीढ़ियों से कैसे गिरी तो वह मुझे कहने लगी ना जाने वहां पर पैर रखते ही मेरा पैर फिसल गया था और मुझे कुछ पता ही नहीं चला। मैंने कामिनी से कहा कोई बात नहीं तुम आराम करो वह कुछ दिनों से घर पर आराम करती रही उसके हाथ और पैर में बहुत ज्यादा चोट लगी थी जिससे कि वह चल नहीं पा रही थी लेकिन मैं इस बात का पता करना चाहता था कि आखिरकार यह किस की करामात है। मैंने जब जानने की पूरी कोशिश की तो मुझे मालूम पड़ा कि यह सब मेरी भाभी का किया धरा है, मैं अंदर से बहुत ज्यादा गुस्सा हो गया मैंने अपनी भाभी से इस बारे में पूछा तो वह मना करने लगी। मैंने कहा देखिए भाभी आपने यह बहुत गलत किया यह सब आपकी वजह से ही हुआ है आप घर में सिर्फ नफरत का माहौल बनाना चाहती हैं। आपको इस बात का बुरा लगता है कि कामिनी को मां बहुत ज्यादा पसंद करती है और वह हर बात में कामिनी को ही कहती हैं लेकिन आपने यह बहुत गिरी हुई हरकत की है, मैं इस बात से बहुत ज्यादा दुखी था। मै भी भाभी को सबक सिखाना चाहता था और मैंने मोहनी भाभी को सबक सिखाने के बारे में सोच लिया था एक दिन वह बाथरूम से नहा कर बाहर निकली तो मैंने उनके आगे तेल गिरा दिया जिससे कि वह भी फिसल पड़ी।

उन्होने जो तोलिया लपेटा हुआ था वह तोलिया उनके शरीर से निकल गया मैंने जब उनके गोरे बदन को देखा तो मैं अपने आप पर काबू ना कर सका और उनके बड़े स्तन और उनकी गांड देखकर में उत्तेजित हो गया। मैंने उन्हें कसकर पकड़ा और उन्हें उठाते हुए बिस्तर पर लेटा दिया मैंने जब भाभी को बिस्तर पर लेटाया तो मैंने उनसे पूछा आपको कहीं लगी तो नहीं तो वह कहने लगी नहीं मुझे कहीं नहीं लगी। मैंने मोहनी भाभी के स्तनों को दबाना शुरू किया तो उन्हे भी मजा आने लगा मैंने जब अपनी उंगलियों को उनकी चूत पर फेरना शुरु किया तो उनकी चूत गिली होने लगी और वह मचलने लगी उनकी योनि से गिला पदार्थ बाहर की तरफ को निकल चुका था। मै उनकी योनि को चाटने लगा उनकी योनि पर एक भी बाल नहीं था मैंने जैसे ही अपने मोटे लंड की उनकी योनि के अंदर डाला तो वह मचलने लगी।

वह मुझसे कहने लगी तुमने ही वह तेल जानबूझकर नीचे गिराया था मैंने कुछ नहीं कहा और मैं धक्के मारता रहा मै उनके स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था और उन्हें बड़ा मजा आता लेकिन मैं ज्यादा देर तक उनकी योनि की गर्मी को नहीं झेल पाया और मेरा वीर्य पतन हो गया परंतु मैं उनके बदन की गर्मी को महसूस करना चाहता था। उन्होंने मेरे लंड को हिलाते हुए अपने मुंह में लिया और उसे दोबारा से खड़ा कर दिया मेरे लंड मे दोबारा जान आ चुकी थी। मैंने जैसे ही अपने लंड पर तेल लगाया तो वह समझ गई और कहने लगी तुमने ही यह सब किया है। मैंने उन्हें कुछ नहीं कहा और अपने लंड को उनकी गांड के डाल दिया मेरा लंड उनकी गांड में जाते ही वह चिल्लाने लगी और कहने लगी तुमने मुझे आज मजे दे दिया है। वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलाती जाती मैंने उनके दोनों हाथों को कसकर पकड़ा हुआ था और उन्हें बिस्तर पर लेटा कर बड़ी तेजी से धक्के दे रहा था। मै उनकी गांड की आग को ज्यादा देर तक नहीं झेल पाया, उनकी गांड से जो गर्मी बाहर की तरफ निकलने लगी उसे मैं ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं कर पाया और मेरा वीर्य पतन हो गया। मेरा वीर्य पतन होते ही मुझे बड़ा मजा आया मैंने भाभी की गांड मार कर उन्हें अपना बना लिया था। मैने उन्हें कहा तुम्हें अब कामिनी को दुख देने की जरूरत नहीं है वह मेरी बात मान गई और उन्होंने उसके बाद कभी भी कामिनी को कोई तकलीफ नहीं पहुंचाई।


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