तेज चोदो ना भैया

Tej chodo na bhaiya:

Antarvasna, kamukta मेरे माता पिता को हमेशा ही यह लगता था कि मैं बिल्कुल ही निकम्मा हूँ वह लोग मुझ पर कभी भरोसा ही नहीं करते थे इसकी वजह से मुझे कई बार बहुत ज्यादा शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता था। वह लोग मेरी बहन पायल पर बहुत ज्यादा भरोसा किया करते थे क्योंकि पायल पढ़ने में भी बहुत अच्छी है और मेरे मम्मी पापा दोनों ही उसे बहुत पसंद करते हैं। मुझसे कभी भी कोई गलती हो जाती थी तो वह लोग मुझे बहुत डांटा करते थे और हमेशा यही कहते कि अब तो तुम्हारे कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी हो चुकी है लेकिन तुम कुछ करते क्यों नहीं हो। मुझे भी कई बार यही एहसास होता कि मुझे कुछ कर लेना चाहिए लेकिन मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए क्योंकि आज तक शायद कभी भी मेरे पापा ने मुझे नहीं समझा था उन्होंने मुझसे कभी कुछ बात ही नहीं की। मैंने भी फैसला कर लिया था कि मैं भी कुछ ना कुछ करके ही रहूंगा इसलिए मैं अपने दोस्तों की मदद से अपना काम खोलने के बारे में सोचने लगा।

मैंने उनकी मदद से एक कंपनी की फ्रेंचाइजी ले ली और उसके बाद मैं मेहनत से काम करने लगा लेकिन काम इतना भी अच्छा नहीं चल रहा था और मैं काफी टेंशन में रहता था उसी दौरान घर में कुछ दिनों से चोरी होने लगी थी। एक दिन मेरे पापा ने मुझे कहा कि आकाश तुम कब सुधरोगे मैंने कहा पिता जी क्या हुआ वह कहने लगे आकाश एक बात बताओ तुम्हें यदि पैसों की आवश्यकता है तो तुम हमसे ले सकते हो लेकिन तुम्हें पैसे चोरी करने की क्या जरूरत है। मैंने अपने पिताजी से कहा पिता जी आप यह क्या कह रहे हैं मैं भला पैसे क्यों चोरी करूंगा मेरे पापा मुझे कहने लगे तुमने ही पैसे चोरी किए हैं मुझे सब कुछ मालूम है कि तुमने अपनी अय्यासी के लिए पैसे चोरी किए होंगे। मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि मेरे पिताजी मेरे बारे में ऐसा भी सोच सकते हैं मैंने कभी चोरी के बारे में सोचा तक नहीं था लेकिन कुछ दिनों से कुछ ज्यादा ही चोरियां घर पर होने लगी थी और वह लोग मुझ पर ही शक करते थे। मैंने भी सोचा कि मैं देखता हूं कि आखिर यह चोरी कौन कर रहा है तब मुझे मालूम पड़ा कि इस चोरी के पीछे तो पायल का हाथ है लेकिन मुझे मालूम नही था कि पायल आखिर ऐसा क्यों कर रही है।

मैंने एक दिन पायल से अकेले में बात की और उसे कहा देखो पायल मुझे मालूम है कि तुम ही चोरी कर रही हो लेकिन मैं यह जानना चाहता हूं कि आखिरकार तुम घर से पैसे क्यों चोरी कर रही हो तुम्हारी वजह से मुझे पापा की डांट सुननी पड़ रही है। वह मुझे कहने लगी तुम यह क्या बात कर रहे हो भला मैं क्यों पैसे चोरी करूंगी मैंने पायल को कहा देखो पायल मुझे सब मालूम है कि तुम ऐसा क्यों करोगी लेकिन मुझे उसके बारे में कुछ मालूम नहीं था कि वह घर से क्यों चोरी कर रही है मैं सिर्फ उसके बारे जानना चाहता था। मैंने उसे ऐसे ही कहा कि मुझे सब मालूम है तुम चोरी क्यों कर रही हो वह घबरा गयी और कहने लगी हां वह पैसे मैंने चोरी किए थे और मुझे वह पैसे अपने बॉयफ्रेंड को देने थे उसे कुछ पैसों की जरूरत थी तो मैंने उसकी मदद के लिए पैसे चोरी किए। मैंने पायल से कहा लेकिन तुम्हारी वजह से पापा मेरे बारे में गलत सोच रहे हैं पापा तुम पर बहुत भरोसा करते हैं और वह मुझे ही गलत समझ रहे हैं उन्हें लगता है कि मैंने हीं पैसे चोरी किए हैं। पायल मुझे कहने लगी देखो मुझे पैसे की जरूरत थी तो मुझे यही ठीक लगा मैंने पायल से कहा तुम अभी अपने बॉयफ्रेंड के बारे में सोचना छोड़ दो क्योंकि मुझे नहीं लगता कि तुम दोनों का रिलेशन ज्यादा समय तक चल पाएगा। तुम दोनों के रिश्ते की नीव पैसो पर टिकी हुई है। मैं पायल के बॉयफ्रेंड के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानता था लेकिन मुझे इतना मालूम था कि उन दोनों का रिलेशन काफी समय से चल रहा है और वह एक दूसरे को प्यार करते हैं उसके बॉयफ्रेंड का नाम संजीव है। संजीव के बारे में जब मैंने पता लगाया तो मुझे मालूम पड़ा की वह बिल्कुल भी ठीक नहीं है वह सिर्फ शराफत का ढोंग करता है और उसकी कॉलोनी में भी उसे कोई पसंद नहीं करता।

उससे पहले भी उसने एक लड़की को अपने प्यार के जाल में फसाया था उसके साथ उसने काफी बुरा किया और जब उस लड़की को उसकी असलियत पता चली तो उस लड़की ने उसे छोड़ दिया। पायल को संजीव के बारे में कुछ भी पता नहीं था संजीव स्कूल में पायल के साथ ही पढाता था वह दोनों एक ही कि स्कूल में थे। मैंने एक दिन सोचा कि क्यों ना पायल को मैं संजीव की असलियत से रूबरू करवाऊं और उस दिन मैंने संजीव की असलियत पायल को बता दी। पायल को भी यकीन नहीं हो रहा था क्योंकि उसके आंखों पर तो संजीव के प्यार का खुमार चढ़ा हुआ था इसलिए वह मेरी बात को समझने को तैयार नहीं थी। जब संजीव की पुरानी गर्लफ्रेंड से मैंने पायल को मिलवाया तो उसने संजीव के बारे में सब कुछ पायल को बता दिया और फिर उस वक्त पायल को एहसास हुआ कि उसने बहुत बड़ी गलती की है उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। उस दिन के बाद उसके प्यार का भूत उसके सर से निकल गया और वह अब संजीव से अपना पीछा छुड़ाने लगी लेकिन संजीव पायल का पीछा नहीं छोड़ना चाहता था वह उसे फोन करता रहता था। पायल ने एक दिन मुझसे कहा कि आकाश संजीव मुझे काफी फोन कर रहा है तो मुझे क्या करना चाहिए अब मैं उससे बिल्कुल भी बात नहीं करना चाहती मुझे उससे कोई भी संपर्क नहीं रखना। मैंने पायल से कहा देखो पायल तुम जिस स्कूल में पढ़ाती हो पहले तो उस स्कूल में पढ़ाना तुम छोड़ दो और अपने लिए किसी दूसरी जगह जॉब ढूंढ लो।

पायल ने अपने लिए दूसरी जगह जॉब ढूंढ ली और वह अब संजीव से किसी भी प्रकार से संपर्क में नहीं थी वह दोनों अब एक दूसरे से किसी भी प्रकार से संपर्क में नहीं थे पायल को अपनी गलती का एहसास हो चुका था। एक दिन हम दोनों साथ में बैठे हुए थे पायल मुझसे कहने लगी मुझे बहुत पछतावा हो रहा है कि मैंने घर से पैसे चोरी किए जिस वजह से तुम्हे भी पापा के सामने शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। मैंने उसे कहा कोई बात नहीं तुमने अब संजीव को छोड़ दिया है इससे बड़ी खुशी की बात कोई भी नहीं है। पायल ने मुझे बताया कि संजीव ने उससे कहा कि उसके घर में कुछ पैसों की जरूरत है और वह कुछ समय बाद ही पैसे लौटा देगा लेकिन संजीव झूठ कह रहा था। जब इस बात का पता मुझे चला तो मैंने पायल से कहा संजीव तुम्हें झूठ कह रहा था उसके घर में ऐसा कुछ भी नहीं है उसे तो सिर्फ अपने ऐश के लिए पैसा चाहिए होता है और उसे तुम जो मिल गई थी इसलिए तो वह ऐसा कर रहा था। मैंने जब पायल को यह सब बताया तो पायल कहने लगी मुझे अब इन सब चीजों के बारे में बिल्कुल भी बात नहीं करनी है उस दिन के बाद हम दोनों ने कभी इस बारे में बात नहीं की। मैं भी अपने काम में बिजी था और मैं अपने काम को बढ़ाने के बारे में सोचने लगा धीरे धीरे मेरा काम भी ठीक होने लगा था और समय के साथ-साथ पायल ने संजीव को भुला दिया था वह अपने स्कूल जाती और शाम के वक्त घर लौटती यही उसकी दिनचर्या थी। पायल ने अपने दिमाग से राजीव के ख्याल को निकाल दिया था एक दिन रात को वह अपने बेडरूम में ही लेटी हुई थी उस दिन मुझे घर आने में देरी हो गई।

मैं जब घर आया तो मैंने देखा पायल के कमरे की लाइट ऑन थी मैंने जैसे ही दरवाजे को खोला तो मैं अंदर देखकर दंग रह गया पायल ने अपनी चूत के अंदर अपनी दो उंगलियों को घुसाया हुआ था और उसे वह अंदर बाहर कर रही थी। वह पूरे जोश में थी लेकिन तब तक मैंने उसे देख लिया मै पायल के पास गया तो मैंने उसकी योनि पर नजर मारी उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। मैंने जैसे ही अपनी उंगली को उसके चूत के अंदर डाला तो वह और भी ज्यादा मचलने लगी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैंने उसके स्तनों का रसपान शुरू किया तो उसकी योनि से कुछ ज्यादा गिला पदार्थ बाहर निकलने लगा वह पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी। जैसे ही मैंने अपने मोटे लंड को उसकी योनि पर सटाया तो उसकी योनि से गिला पदार्थ बाहर की तरह को गिरने लगा। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने मोटे लंड को प्रवेश करवा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में गया तो मुझे एहसास हुआ कि उसकी योनि बड़ी टाइट है। मुझे उसे धक्के मारने में बहुत आनंद आ रहा था मैं उसके दोनों पैरों को पकड़ कर उसे अच्छे से चोद रहा था पायल मुझे कहने लगी तुमने आज मेरी इच्छा पूरी कर दी। मैंने उसे कहा कोई बात नहीं मुझे भी तो तुम्हें धक्के मारने में मजा आ रहा है।

मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो मेरे लंड से गर्मी निकलने लगी और उसकी चूत से इतनी ज्यादा गर्मी बाहर निकलने लगी कि हम दोनों ही पूरे जोश में आ गए। वह मुझसे अपनी चूतडो को टकराने लगी तो मेरे अंदर की उत्तेजना में और भी ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती। मैं उसे तेज गति से धक्के दिए जा रहा था, वह मादक आवाज में मुझे कहती आकाश और तेज धक्के मारो ना मैंने उसकी चूतडो को कसकर पकड़ लिया और उसे बड़ी तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए उसे बड़ा मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत आनंद आता। मैं उसे तेज गति से धक्के देता जिससे कि उसके अंदर की गर्मी बाहर को निकालने लगी हम दोनों ही पसीना पसीना होने लगे लेकिन मुझे उससे चोदने में बड़ा मजा आया। जैसे ही मैंने अपने वीर्य को पायल की चूत में गिराया तो वह खुश हो गई और कहने लगी आज तो मजा आ गया वह कहने लगी यही सो जाओ ना मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हारे पास ही सो जाता हूं।


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