तलाक के बाद भी मेरी जवानी बरकरार है

Talak ke baad bhi meri jawani barkarar hai:

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मेरा नाम रोशनी है और मेरी उम्र 28 वर्ष है। मैं नोएडा की रहने वाली हूं और मैं एक अच्छे संस्थान में नौकरी करती हूं। मुझे नौकरी करते हुए काफी वर्ष हो चुके हैं। जिस वजह से मुझे ऐसा लगता है कि मुझे अब आगे अपना ही काम कर लेना चाहिए। कुछ समय बाद मैंने अपना ही काम शुरू कर दिया। मैंने डिजाइनर कपड़ों का काम शुरु किया और जिस के सिलसिले में मैं अक्सर बाहर जाया करती थी। क्योंकि इसमें मेरे एक दोस्त ने मेरी बहुत मदद की। वह फैशन इंडस्ट्री से है और उसने मुझे कहा कि तुम इस में काम शुरू करो। मैं तुम्हारी मदद इसमें कर दिया करूंगी। हम दोनों अब सामान लेने के लिए काफी जगह जाते रहते थे। क्योंकि हम कुछ अलग तरीके का सामान बनाना चाहते थे। इसलिए हम सामान की क्वालिटी पर विश्वास रखते थे। अब हमारा काम भी अच्छे से चल रहा था और हम लोग नई नई जगह जाकर अपनी सप्लाई भी दे आते थे। उसी दौरान मेरी एक लड़के से मुलाकात हुई। जिसका नाम सुशील था। उनका बहुत ही बड़ा कारोबार था। वह हमसे भी कपड़े लिया करते थे।

अब हमारी ऐसे ही मुलाकात होने लगी और हम दोनों के बीच काफी नजदीकियां बढ़ गई। हमारे बीच इतनी बाते होने लगी कि हम लोगों की बात शादी तक पहुंच गई। सुशील फिर भी मुझे कहता रहता था कि तुम थोड़ा समय ले लो लेकिन मैं उससे कह रही थी कि मुझे तुमसे ही शादी करनी है और जल्दी से जल्दी मैं तुमसे शादी करना चाहती हूं। मैंने जब इस बारे में अपने पिताजी को बताया तो वह बहुत दुखी हुए और कहने लगे कि तुम किसी भी लड़के से शादी नहीं कर सकती। मैंने तुम्हारे लिए पहले से ही एक लड़का पसंद किया हुआ है और तुम दूसरे लड़के से शादी करने की सोच रही हो। मैंने तो उन्हें जबान भी दे दी है और तुम इस तरीके से किसी भी लड़के से शादी कर के मेरी जुबान भी ख़राब करवा रही हो। वह मेरे पुराने दोस्त हैं और तुम इस तरीके से शादी नहीं कर सकती। इस बात से पिताजी बहुत ही दुखी थे और वह कहने लगे कि यदि तुम शादी करती हो तो तुम मुझे कभी भी अपनी शक्ल मत दिखाना और घर से चले जाना। मैंने उन्हें कहा कि आप मेरी भावनाओं को नहीं समझ रहे हैं और मुझे आप गलत समझ रहे हैं लेकिन वह बिल्कुल भी मानने को तैयार नहीं थे। मैंने उनसे कहा कि आप एक बार सुशील से मिल लीजिए तो आपको अच्छा लगेगा लेकिन वह मिलने के लिए भी तैयार नहीं थे और ना ही वह मेरी कुछ बात सुनने को तैयार थे। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया की यदि तुम उससे शादी करोगी तो घर मत आना लेकिन मेरा दिल तो सुशील की तरफ ही था।

और फिर हम दोनों ने एक दिन शादी कर ली। मैंने शादी की तो मुझे लगा शायद मेरे पिताजी मान जाएंगे और वह समझ जाएंगे कि सुशील एक अच्छा लड़का है। जब मैं शादी कर कर अपने घर गई तो उन्होंने मुझे दरवाजे से ही कह दिया कि घर में आने की आवश्यकता नहीं है। अब तुम्हारे लिए इस घर के दरवाजे बंद हो चुके हैं। उसके बाद हम वहां से चले गए और सुशील मुझे अपने साथ ले गया। जब सुशील मुझे अपने घर पर ले गया तो मुझे बहुत ही बुरा लग रहा था लेकिन फिर भी मेरे पास कोई रास्ता नहीं था और मैं सुशील के साथ ही रहने लगी। सुशील के पिताजी भी शादी से बिल्कुल खुश नहीं थे और हम दोनों अलग ही रहते थे। हम दोनों ने अलग ही जगह पर रहने के लिए एक फ्लैट ले लिया था। मुझे बहुत ही बुरा लग रहा था लेकिन मेरी नई-नई शादी हुई थी। इसलिए मुझे सुशील ने कहा कि हम लोग कहीं घूम आते हैं। अब हम लोग घूमने के लिए नैनीताल चले गए और  नैनीताल से जब वापस लौटे तो हम दोनों बहुत ही खुश थे। अब हम दोनों बहुत ही अच्छे से अपनी जिंदगी चला रहे थे लेकिन थोड़े समय बाद ही सुशील को पता नहीं क्या हुआ और वह मुझसे बिल्कुल ही गलत तरीके से व्यवहार करने लगा। जो कि मुझे बहुत बुरा लगा  मुझे यह भी लग रहा था कि मैंने अपने पिताजी को सुशील की वजह से छोड़ दिया और अब मेरे पास कोई भी रास्ता नहीं है। एक दिन हम दोनों का बहुत ज्यादा झगड़ा हुआ और सुशील अपने पिताजी के पास वापस चला गया। उसके बाद वह मेरे पास नहीं लौटा। अब मैं अकेली हो चुकी थी और बहुत ज्यादा टूट चुकी थी। इसलिए मैंने अब सोचा कि अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाना ही बेहतर है। अब मैं अपने काम में ही लगी रहती और अपने काम में ही बिजी थी। उसी काम के दौरान मेरी फ्रेंड ने मुझे एक लड़के से मिलाया। उसका नाम सूरज था। वह बहुत ही अच्छा लड़का था और हम दोनों बहुत बातें भी किया करते थे लेकिन जब हमारा रिलेशन क्या बढ़ने लगा तो मुझे डर भी था कि कहीं मेरा रिलेशन भी पहले जैसा ही ना हो जाए। इसलिए मैं सूरज से सिर्फ काम की बातें ही किया करती थी। सूरज को मैंने अपने बारे में सब कुछ बता दिया था लेकिन वह फिर भी मुझे किसी ना किसी तरीके से समझाता रहता था कि वह पुरानी बात हो चुकी है और अब तुम्हे अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहिए।

मैं भी अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाने लगी और जब भी मैं सूरज को मिलती तो मुझे बहुत ही खुशी होती क्योंकि वह मुझे बहुत ही सपोर्ट करता था। वह मेरी फीलिंग्स को बहुत अच्छे से समझता था। एक दिन उसने मुझे कहा कि मैं तुम्हारे घर पर आना चाहता हूं। अब वह मेरे घर पर आ गया और हम दोनों बैठकर काम कर रहे थे। हम लोग कुछ डिजाइन तैयार कर रहे थे वह मेरे बगल में बैठा हुआ था। हम दोनों डिजाइन बना रहे थे तभी मैंने उससे कुछ मजाक में बात कही तो उसने मेरी जांघों पर अपने हाथ को रख दिया और तेजी से दबा दिया। जिससे कि मेरे अंदर करंट सा उत्पन्न हुआ और मैंने उसे कहा कि तुम ने यह क्या किया। मैंने भी तुरंत उसके होठों को अपने होंठ मे ले लिया और उसे किस करने लगी। मैं उसे बहुत ही अच्छे से स्मूच कर रही थी जिससे कि उसका शरीर भी गर्म होने लगा और वह भी मुझे कस करने लगा तो मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिया और मेरी चूत को चाटने लगा हो जब वह मेरी चूत को चाट रहा था तो मुझे बहुत ही आनंद आ रहा था। वह इतने अच्छे से मेरी चूत को चाटता रहता कि मेरा शरीर बहुत गर्म हो गया और उसने तुरंत ही मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जब उसने अपने लंड को डाला तो मैं चिल्लाने लगी। वह मुझे ऐसे ही बड़ी तेजी से चोद रहा था वह मेरे स्तनों को भी अपने मुंह में लेकर चूसता जाता जिससे कि मेरे अंदर की उत्तेजना बहुत बढ़ने लगी थी मैं भी चिल्लाने लगी। अब उसने अपने लंड को बाहर निकालते हुए मुझे अपने ऊपर बैठा दिया। जब मैंने उसके लंड को अपनी योनि में लिया तो मुझे बहुत तेज दर्द हुआ।

थोड़ी देर तक तो वह मुझे बहुत तेज गति से धक्के दिए जा रहा था लेकिन अब मैं भी अपनी चूतड़ों को उससे मिलाने लगी। जब वह झटके मारता तो उससे जो आवाज निकलती वह बहुत तेज निकल रही थी और मैं ऐसे ही उसे अपनी चूत मरवा रही थी। अब मेरे अंदर की उत्तेजना कुछ ज्यादा चरम सीमा पर पहुंच गई तो मैंने उसके लंड से अपनी चूत को बाहर निकालते हुए उसके सामने अपने चूतड़ों को कर दिया। जब मैंने अपनी चूतडो को उसके सामने किया तो उसने भी तुरंत ही मेरी चूत मे अपने लंड को डाल दिया और वह बड़ी तेजी से मुझे झटके देने लगा। वह मुझे इतनी तेज चोदे जा रहा था कि मेरी चूतडे उसके लंड से टकरा रही थी और वह ऐसे ही धक्के मारने पर लगा हुआ था। वह इतनी तीव्र गति से धक्के मारता कि मेरे शरीर के अंदर से करंट निकलने लगा। कुछ समय बाद उसका माल मेरी चूत मे गिर गया।

अब हम दोनों ऐसे ही बैठे रहे और काफी देर तक बात कर रहे थे। सूरज ने मुझसे कई बार शादी के बारे में बात की लेकिन मैंने उसे मना कर दिया। मैंने उसे कहा कि मैं शादी नहीं करना चाहती और अकेले ही रहना चाहती हूं लेकिन वह मुझे चोदने आ जाता है और वह मुझे बहुत ही अच्छे से चोदता है। वह मेरी इच्छाओं को पूरी करता है मैं बहुत ही खुश हूं उसके साथ और वह भी मेरे साथ बहुत ज्यादा खुश है। अब मुझे बिल्कुल भी अपनी पुरानी जिंदगी की बातें याद नहीं आती हैं।


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