स्तन पूरे आकार मे थे

Antarvasna, hindi sex story:

Stan pure aakar me the सुबह के वक्त मैं मॉर्निंग वॉक पर अपने घर से निकला मैं जब अपने घर से निकला तो मुझे सामने से आती हुई एक लड़की दिखाई दी उसके सुनहरे बाल देख मैं उस पर फिदा हो गया और मैं उसे ही देखता रहा लेकिन मैं उसके बारे में जानता नहीं था। यह पहला ही दिन था जब मैंने उसे देखा था अगले दिन भी सुबह मैंने उसे देखा और अब हर रोज मैं उसे देखा करता मेरे अंदर उसके बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ती ही जा रही थी और मैं चाहता था कि मैं उसके बारे में पता लगाऊँ कि आखिरकार वह रहती कहां है। मैं अपनी लाइफ में इतना ज्यादा बिजी था कि मेरे पास बिल्कुल भी समय नहीं होता था सुबह के वक्त ही मैं बस अपने लिए थोड़ा बहुत समय निकाल पाता था और उसके बाद अपने काम में इतना ज्यादा उलझा रहता कि मुझे अपने लिए बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता था। एक दिन वह लड़की मुझे मेरे घर पर ही दिखाई दी वह मेरी बहन के साथ बात कर रही थी मैं यह सब देख कर थोड़ा हैरान हो गया और जब मेरी बहन ने मेरा परिचय अवंतिका से करवाया तो अवंतिका से मिल कर मैं बहुत खुश था। मैंने अवंतिका से हाथ मिलाया और उससे कहा कि मैं तो तुम्हें अक्सर सुबह मॉर्निंग वॉक पर देखा करता हूं तो वह कहने लगी कि हां मैं सुबह के वक्त अक्सर जोगिंग के लिए पार्क में ही जाती हूँ।

हमारे घर के पास ही एक बड़ा पार्क है और वह वहां अक्सर आया करती थी लेकिन मुझे नहीं पता था कि वह मेरी बहन को जानती है मेरी बहन ने हीं मेरी मुलाकात अवंतिका से करवाई थी उसके बाद हम लोगों की बात अक्सर होने लगी थी। अगले ही दिन से मैं अवंतिका से बात करने लगा और उसे मैं जानने की कोशिश करने लगा अवंतिका हमारी कॉलोनी में ही रहती थी लेकिन मुझे इस बारे में कुछ पता नहीं था वह मेरी बहन को काफी समय से जानती है। अब मैं और अवंतिका सुबह मॉर्निंग वॉक पर साथ में ही जाया करते थे लेकिन मेरे पास ज्यादा समय नहीं होता था इसलिए मैं अवंतिका को कभी मिल नहीं पाता था। एक दिन अपने घर लौटते वक्त मुझे अवंतिका बस स्टॉप पर खड़ी दिखाई दी और जब मैंने उसे देखा तो मैंने कहा कि तुम अभी कहां जा रही हो वह मुझे कहने लगी कि मैं तो घर जा रही थी और यहां पर मैं टैक्सी का इंतजार कर रही थी लेकिन टैक्सी अभी तक नहीं आई तो मैंने सोचा कि मैं बस से ही घर चली जाती हूं।

मैंने अवंतिका से कहा कि मैं भी घर ही जा रहा हूं अवंतिका मेरे साथ कार में बैठ गई मैंने अवंतिका से पूछा कि अभी तुम कहां से आ रही थी तो वह मुझे कहने लगी की मैं अपने लिए शॉपिंग करने आई थी और मेरी एक सहेली यही पास में रहती है तो सोचा उसे भी मिल लेती हूं काफी समय हो चुका था उससे मैं मिली भी नहीं थी। मैंने अवंतिका से कहा कि चलो यह तो बड़ा ही अजीब इत्तेफाक था कि मुझे तुम दिखाई दी। मैं और अवंतिका साथ में ही थे उसके बाद हम लोग घर पहुंचे तो अवंतिका मुझे कहने लगी कि तुम्हारा बहुत शुक्रिया जो तुमने मुझे घर तक छोड़ा। मैंने अवंतिका से कहा इसमें इतनी फॉर्मेलिटी करने की जरूरत नहीं है उसके बाद मैं भी अपने घर आ चुका था जब मैं अपने घर आया तो पापा और मां आपस में बात कर रहे थे थोड़ी देर बाद पापा ने मुझे कहा कि अजीत बेटा क्या तुम कुछ दिनों के लिए फ्री हो। मैंने पापा से कहा पापा मैं इस बारे में तो कुछ कह नहीं सकता लेकिन आप बताइए आपको क्या काम था पापा और मम्मी कहने लगे कि बेटा हम लोग तुम्हारी जयपुर वाली मौसी के घर जा रहे हैं और तुम्हारी बहन भी हमारे साथ जयपुर चलने के लिए तैयार हो चुकी है तो क्या तुम भी हमारे साथ जयपुर चलोगे। मैंने पापा से कहा पापा मुझे नहीं लगता कि मैं आप लोगों के साथ आ पाऊंगा क्योंकि मुझे ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल पाएगी। पापा कहने लगे कि ठीक है अजीत बेटा तुम फिर भी कोशिश करना अगर संभव हो सके तो हम सब लोग तुम्हारी मौसी से मिल आएंगे मैंने पापा से कहा ठीक है पापा मैं कोशिश करूंगा। अगले दिन मैंने अपने ऑफिस में अपनी छुट्टी के लिए बात की तो मुझे मेरे ऑफिस से कोई छुट्टी नहीं मिली क्योंकि ऑफिस में उस वक्त काफी सारा काम था इसलिए मुझे छुट्टी नहीं मिली।

पापा मम्मी और मेरी बहन जयपुर जाने के लिए तैयार थे उन्होंने रिजर्वेशन भी करवा लिया था और वह लोग जयपुर चले गए। उस वक्त मैं घर पर अकेला ही था कुछ दिनों तक तो मैं अपने दोस्तों के साथ रहने के लिए चला गया क्योंकि मेरा घर पर अकेले मन ही नहीं लगता था इसलिए मैं अपने दोस्तों के पास रहने के लिए चला गया। कुछ समय उनके पास रुकने के बाद मैं वापस लौट आया था पापा मम्मी अभी तक वापस नहीं लौटे थे। एक दिन मैं घर पर ही था उस दिन अवंतिका घर पर आ गई जब अवंतिका घर पर आई तो उसे शायद इस बारे में कुछ पता नहीं था कि मेरी बहन और पापा मम्मी जयपुर गए हुए हैं। उसने मुझसे पूछा कि अंकल आंटी जयपुर से कब लौटने वाले हैं? मैंने उसे बताया वह लोग कुछ दिनों बाद लौटेंगे अवंतिका कहने लगी मैं अभी चलती हूं। मैंने अवंतिका से कहा क्या तुम मेरे साथ नहीं बैठ सकती अवंतिका कहने लगी नहीं अजीत ऐसी बात नहीं है वह मेरे साथ ही कुछ देर बैठी रही। हम दोनों बात करने लगे बात करते करते मेरी नजर उसके स्तनों की तरफ जा रही थी उसने जो टीशर्ट पहनी हुई थी उस से उसके स्तनो का सेप दिखाई दे रहा था। मै यह देख कर बहुत खुश था उसके स्तन देखकर मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में ले लूं। मैंने उस दिन उसके फिगर के बारे में पूछा और कहा कि तुम अपने फिगर को बहुत ही मेंटेन रखती हो।

अवंतिका अपने खाने का विशेष ध्यान रखती थी वह बहुत ज्यादा हॉट और सेक्सी है। वह मुझे कहने लगी अजीत क्या तुम्हारे मन मे मेरे लिए कुछ चल रहा है। मैंने अवंतिका से कहा नहीं अवंतिका ऐसा तो कुछ भी नहीं है लेकिन मैं तो उसके साथ संभोग करना चाहता था और उसके शरीर को मैं महसूस करना चाहता था। मैंने अवंतिका से बात की और उसके स्तन दबा दिए उसने अपनी टीशर्ट को उतार दिया उसने जब अपनी टीशर्ट उतारी तो मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया और उसके स्तनों को मैं दबाने लगा। जब मैं उसके स्तनों को दबा रहा था तो मुझे बहुत ही अच्छा महसूस होने लगा और अवंतिका को भी बहुत अच्छा लगने लगा था। अवंतिका का शरीर पूरी तरीके से गर्म होने लगा था उसकी गर्माहट के आगे मैं भी शायद अपने आप पर काबू नहीं कर पाया उसने जब मेरे लंड को बाहर निकालते हुए मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर हिलाना शुरू किया तो मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा था वह बहुत ज्यादा खुश थी। उसने मेरे मोटे लंड को हिलाया उसने मुझे कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर उसका रसपान करना शुरू किया तो मेरे लिए यह एक अलग ही फीलिंग थी मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया था। उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसा जब वह मेरे लंड को चूसती तो मुझे मजा आता उसने बहुत देर तक ऐसा किया। जब मैंने उसकी टाइट जींस को उतार कर उसके पैंटी को नीचे उतार दिया तो उसकी पैंटी उतारकर मुझे महसूस हुआ कि वह बड़ी ही लाजवाब है उसकी चूत से पानी निकल रहा था उसकी चूत को देखकर मैं बहुत खुश था। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था जिसे देखकर मेरी उत्तेजना अब पूरी तरीके से चरम सीमा पर पहुंच चुकी थी मैं उसकी चूत में लंड घुसाना चाहता था। उसकी चूत को मै अपनी जीभ से चाटने की कोशिश करता तो मुझे बहुत अच्छा लगता और उसे भी बड़ा अच्छा लग रहा था।

काफी देर तक उसने मेरे ऐसा किया जब उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकलने लगा तो वह अपने हाथों से मेरे बाल को खींचने लगी मैं समझ चुका था कि अब वह बिल्कुल भी नहीं सह पा रही है इसलिए मैंने उसकी योनि पर अपने लंड को लगा दिया जैसे ही मेरा लंड मैंने उसकी चूत मे लगाया तो वह अपने पैरों को खोलने लगी। उसने अपने पैरों को खोल लिया था जिससे कि मेरा लंड आसानी से उसकी चूत के अंदर जाने लगा था मेरा आधा लंड उसकी योनि में घुसते ही वह जोर से चिल्लाई और कहने लगी मेरी चूत से खून निकल आया है मैंने उसकी तरफ देखा उसकी आंखों में देखकर मुझे जोश चढ़ने लगा था।

मैंने उसके पैरों को खोलकर पूरी तेजी से उसे चोदना शुरू किया तो वह चिल्लाने लगी उसकी सिसकियां पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी उसकी गरम सांसे मुझे और भी ज्यादा गर्म कर रही थी और मुझे उसने इतना ज्यादा गर्म कर दिया था कि मैंने उसे घोड़ी बना दिया और घोड़ी बनाते ही जब मैंने उसकी चूत में लंड डाला तो उसकी चूत से खून निकल रहा था। उसकी उत्तेजना बढती जा रही थी वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहो। वह मुझसे अपनी चूतड़ों को मिलाने लगी थी वह ऐसा कर रही थी तो मुझे बहुत अच्छा लगता है और उसे भी बडा मजा आ रहा था। मैंने उसकी चूत के मजे बहुत देर तक लिए मैंने उसे कहा मुझे लगने लगा है शायद मैं अपने आपको बिल्कुल रोक नहीं पाऊंगा यह कहते हुए मैंने अपने वीर्य की पिचकारी को उसकी चूत में घुसा दिया और कुछ देर बाद उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसका रसपान करना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा और काफी देर तक उसने ऐसा ही किया और मेरी गर्मी को पूरी तरीके से वह बढ़ा चुकी थी। जब मेरा वीर्य बाहर की तरफ को गिराने वाला था तो उसने अपने अंदर ले लिया और कहने लगी तुम्हारा माल बड़ा ही स्वादिष्ट है।


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