सिमरन की गांड तेल लगाकर मारी

Simran ki gaand tel lagakar maari:

gaand chudai ki kahani, antarvasna

मेरा नाम नीरज है और मेरी उम्र 25 वर्ष है। मैं अभी कॉलेज में ही पढ़ता हूं और इसलिए मैं अक्सर अपने कॉलेज आता जाता रहता हूं तो मुझे मोहल्ले के सारे लोग मिल जाते हैं और मैं सब को पहचानता भी हूं। मैं यहां पर बचपन से ही रह रहा हूं। कुछ समय बाद हमारे मोहल्ले में एक लड़की रहने आई उसका नाम सिमरन था। मैंने जब उसे देखा तो मुझे वह बहुत ही अच्छी लगी लेकिन मैं उसके बारे में ज्यादा कुछ जानता नहीं था। इसलिए मैं उसके बारे में जानने के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक था। जब मैंने उसके बारे में जानकारी इकट्ठा की तो मुझे पता चला कि वह स्कूल में एक टीचर है। मैं सोच रहा था कि कैसे उससे बात करूं। अब मैंने एक दिन उसका पीछा करने की सोची और मैं उसके पीछे पीछे उसके स्कूल चला गया। जब मैं उसके स्कूल पहुंच गया तो मैं चुपके से उसे देख रहा था और जब वह अपने स्कूल से आती तो मैं फिर उसके पीछे पीछे अपने घर की तरफ आ जाता।

मैं ऐसे ही उसका पीछा करता रहता था। मैं अपने घर के बाहर उसका इंतजार करता रहता था कि कब वह आए और मैं उसको देखूं लेकिन वह मेरी तरफ कभी भी नहीं देखती थी और मेरे अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं उससे जाकर बात करूं। इसलिए मैं उससे बात भी नहीं कर पा रहा था। एक दिन मैंने अपने अंदर हिम्मत की और मैंने सोचा आज मैं सिमरन से बात कर ही लेता हूं। जैसे ही मैं उसके पास गया लेकिन अचानक से वह मेरी तरफ पलट गई और मैं एकदम से डर गया। फिर उसके बाद मैं वहां से चला गया। मेरी उस दिन भी बिल्कुल हिम्मत नहीं हुई कि मैं उससे कुछ बोल पाऊं लेकिन शायद अब वह भी समझने लगी थी। अब जब भी मैं उसके पीछे जाता तो उसे पता चल जाता कि मैं उसका पीछा कर रहा हूं। इस वजह से वह भी मुझे देखा करती थी। अब जब भी मैं उसके पीछे उसके स्कूल जाता तो वह भी पलट पलट कर देखती रहती थी। क्योंकि उसका स्कूल हमारे घर से थोड़ा ही दूरी पर था इसलिए वह भी पैदल जाती थी और मैं भी उसके पीछे कभी पैदल चले जाता। कभी कभी तो मैं अपनी बाइक से उसका पीछा करता था। ऐसे ही मुझे काफी समय हो गया था उसका पीछा करते हुए लेकिन अभी मेरी उससे कुछ बात आगे बढ़ी नहीं थी लेकिन मैं उससे किसी भी तरीके से बात करने की सोच रहा था।

जब एक दिन वह अपने घर से अपने स्कूल के लिए निकली तो उसके बैग से कुछ पेपर बाहर की तरफ गिर गये और मैंने वहां पर उन पेपरो को उठा लिया। जब मैंने वह पेपर देखा तो वह उसके स्कूल के कुछ इंपोर्टेंट पेपर थे तो मुझे लगा कि अब शायद मेरी बात सिमरन से हो जाएगी। और इसी बहाने मैंने सिमरन से बात कर ली। मैंने उसे कहा कि आपके कुछ पेपर छूट गए थे, सुबह जब आप स्कूल जा रही थी। तो मैंने सोचा आपको यह पेपर लौटा दू। यह कहते हुए मैं उससे बात करने लगा। वह भी अब मुझसे बातें करने लगी और पूछने लगी आप तो शायद हमारे बगल में ही रहते हैं। मैंने उसे बताया कि हां मैं आपके पड़ोस में ही रहता हूं। इस वजह से वह बहु अब मुझसे खुलकर बातें करने लगी और मुझे पूछने लगी आप क्या करते हैं। मैंने उसे बताया कि मैं अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रहा हूं और उसके बाद मैं नौकरी की तैयारी करूंगा। मैंने उससे पूछा कि आप को कितने वर्ष हो चुके हैं पढ़ाते हुए। वह कहने लगी कि मुझे काफी वर्ष हो चुके हैं पढ़ाते हुए लेकिन उसकी उम्र मुझसे ज्यादा थी। पर वह अपनी उम्र से बिल्कुल भी ज्यादा नहीं लगती थी। वह अपनी उम्र से छोटी लगती थी। वह ऐसी लगती थी कि जैसे अभी 20 साल की कोई लड़की होगी। इसलिए मैं उसकी तरफ बहुत ज्यादा मोहित था। अब हमारी बातें होने लगी थी और एक दिन जब वह अपने स्कूल के लिए जा रही थी। तो मैंने उससे उसका नंबर मांग लिया। पहले तो वह नंबर देने में हिचकिचा रही थी लेकिन बाद में उसने अपना नंबर दे दिया और मुस्कुराते हुए वहां से चली गई। और मैं उसे देखता रहा। एक दिन मैंने उसके फोन पर कॉल कर ही ली। जब मैंने उसे कॉल किया तो वह बहुत ही खुश हुई और कहने लगी कि आप तो बहुत ही अच्छे से बात करते हैं। अब हमारी बातें भी बहुत आगे बढ़ने लगी और मैं उसे हमेशा पूछता कि आप स्कूल से आई या नहीं जब वह स्कूल से आ जाती तो मैं उसके पास उसे मिलने चले जाता। अब मैं उसके पीछे नही जाता था। बल्कि उससे आते जाते मिलता था और उससे फोन पर बाते किया करता था।

एक दिन वह अपने स्कूल से घर के लिए लौट रही थी तो उसके पैर में अचानक से मोच आ गई। मैं भी उसके पीछे से ही आ रहा था। मैं तुरंत ही उसके पास गया और कहने लगा आप को चोट आई है। वह कहने लगी कि हां मेरे पैर में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। मैंने उसे कहा कि यदि आप से नहीं चला जा रहा तो मैं आपको लेकर चलता हूं। मैं उसे  उसके घर तक ले आया और जब मैं उसे उसके घर पर लाया तो वह मुझे कहने लगी कि तुम थोड़ी देर बैठ जाओ। मैं उसके बगल में ही बैठा हुआ था और उसके स्तनों को देखे जा रहा था उसके स्तन बहुत  बाहर की तरफ निकले हुए थे। मेरा मूड पूरा खराब था लेकिन मैं कुछ नहीं कर पा रहा था। फिर उसने मुझे कहा कि तुम मेरे पैर में तेल की मालिश कर दोगे। मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हारे पैर में तेल लगा देता हूं। जब मैं उसके पैर में तेल लगा रहा था तो मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने अपने हाथों को उसकी चूत में लगाना शुरु कर दिया और वह भी उत्तेजित होने लगी। वह अपने दोनों पैरों को खोलने लगी मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया और उसके होठों को बहुत देर तक मैं चूसता रहा।

मैंने उसके सारे कपड़ों को जब खोला तो उसका शरीर बहुत ही गोरा था उसके स्तन गोल थे और उसकी चूतड बहुत ही बड़ी थी मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मैं उसकी चूतडो को देख रहा था। अब मैंने उसकी योनि को चाटना शुरू कर दिया। मैंने उसकी योनि को बहुत देर तक चाटा जिससे कि उसकी चूत का पानी निकल रहा था और मैं उस पानी को अच्छे से चाट रहा था। फिर मैंने भी अपने मोटे लंड को बाहर निकालते हुए उसके मुंह के अंदर डाल दिया। उसने बहुत ही अच्छे से मेरे लंड को चूसना शुरू किया और बहुत देर तक ऐसे ही चूसती रही। अब मैंने अपने लंड को उसकी योनि में डाल दिया और उसे चोदना शुरू कर दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में गया तो वह बहुत तेज तेज चिल्ला रही थी और कह रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा है। मैं उसे ऐसे ही चोदने पर लगा हुआ था। कुछ देर बाद वह झड गई और उसने अपने दोनों पैरों को खोल लिया और थोड़े समय बाद मेरा भी वीर्य पतन हो गया।

परंतु जब मैंने उसकी बड़ी बड़ी गांड को देखा तो मैंने उसके चूतड़ों को पकड़ते हुए उसे घोड़ी बना दिया। मैंने अपने लंड के ऊपर बहुत तेल लगा लिया और अब मेरा लंड पूरा चिकना हो चुका था मैंने तुरंत ही उसकी गांड के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जब मेरा लंड उसकी गांड मे गया तो वह चिल्ला रही थी और बहुत तेज तेज आवाज में वह चिल्लाने लगी। उसकी आवाज मेरे कानों तक जा रही थी और वह अपनी चूतडो को मेरे लंड से मिलाने लगी। जब वह अपने चतडो को मेरे पर मिला रही थी तो मुझे बहुत ही आनंद आ रहा था और ऐसा लग रहा था जैसे मेरा लंड किसी टाइट चीज के अंदर घुसा हुआ है। अब वह मेरे लंड पर बहुत तेज तेज धक्के देने लगी जिससे कि मुझे भी अच्छा लग रहा था और मैं भी उसे बड़ी तीव्रता से झटके देते जाता। जब मैं उसकी गांड मार रहा था तो उसकी गांड से कुछ चिपचिपा पदार्थ निकलने लगा और मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे अब मेरा भी वीर्य छूटने वाला है। मैंने बड़ी तेजी से उसे झटके दिए जिससे कि मेरा माल उसकी गांड के अंदर ही चला गया और जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो वह मुझसे चिपक गई और कहने लगी मुझे बहुत ही मजा आया तुमने मेरी गांड पर तेल लगाकर मारा। अब जब भी मेरा मन होता तो मैं सिमरन की गांड मारने उसके घर घर चला जाता उसकी चूतडे बहुत मोटी हो चुकी थी क्योंकि मैंने उसके अंदर अपना माल भर दिया।


Comments are closed.