शाम को दूधवाले ने मेरा दूध निकाला

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Sham ko doodhwale ne mera doodh nikala मैं घर की साफ सफाई का काम कर के सोफे पर बैठी ही थी कि तभी बाहर से सब्जी वाला आवाज लगाने लगा मैं अपनी बालकोनी में आई तो मैंने देखा सब्जी वाला कॉलोनी के गेट से अंदर घुस रहा है मैंने भी सोचा कि कुछ सब्जियां ले लेती हूं। मैं अपने फ्लैट से नीचे उतरी और सब्जी वाले के पास गई तो मैंने उससे कहा भैया टमाटर कैसे दिए तो वह कहने लगा मेम साहब 40 रुपये किलो। मैंने उसे कहा कल ही तो तुमने 30 रुपये किलो दिए थे वह मुझे कहने लगा कि मेम साहब महंगाई भी तो बहुत बढ़ गई है और आप देख ही रही हैं कि कितनी मेहनत से मैं यहां पर सब्जी लेकर आता हूं। मैंने भी उससे ज्यादा मोलभाव नहीं किया और उसे पैसे दे दिए मैंने उससे अब सब्जियां खरीद ली थी और मैं जब घर की तरफ लौट रही थी तो पड़ोस की बिल्डिंग में रहने वाली लता दीदी मुझे मिली उन्होंने मुझे कहा कि सुमन तुम कहां से आ रही हो। मैंने दीदी को कहा बस दीदी अभी सब्जियां लेकर आ रही थी उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या सब्जी वाला अभी भी वहां पर खड़ा है तो मैंने दीदी को कहा हां दीदी सब्जीवाला अभी सामने की बिल्डिंग के सामने ही खड़ा है।

लता दीदी मुझे कहने लगी कि चलो सुमन तुमसे मैं बाद में मिलती हूं मैं भी सब्जी ले लेती हूं और लता दीदी सब्जी लेने के लिए चली गई। मैं अपने घर लौट आई मैं जब घर आई तो मेरे दिमाग से बिल्कुल ही यह बात उतर गई थी कि मैंने गैस के चूल्हे पर दूध रखा है और दूध सारा गिर चुका था। मैंने जल्दी से गैस को बंद किया और थोड़ी देर तक मैं हॉल में ही बैठी रही फिर मैंने सोचा कि क्यों ना दूध ले आऊं तो मैं जब दूध लेने के लिए गई तो उस वक्त गर्मी काफी होने लगी थी और मैं जैसे ही दुकान में पहुंची तो दुकानदार मुझे कहने लगे भाभी जी बताइए आपको क्या चाहिए। मैंने उससे कहा कि मुझे आप दूध के दो पैकेट दे दीजिए मैंने उससे दूध के दो पैकेट लिये और मैं वापस अपने घर आई। मैंने वह दूध गर्म किया और थोड़ी देर बाद मैंने उसे फ्रिज में रख दिया मैं घर में ही बैठी हुई थी कि तभी मेरी ननंद का फोन मुझे आया। काफी दिनों बाद मेरी ननंद का फोन मुझे आया था तो वह मुझसे पूछने लगी कि भाभी आप कैसी हैं मैंने उसे बताया मैं तो बहुत अच्छी हूं लेकिन तुम बताओ तुम कैसी हो।

वह मुझे कहने लगी कि बस भाभी मैं भी अच्छी हूं सोचा कि आप से बात कर लूं काफी समय से आप से बात नहीं हो पाई है मैंने अपनी ननद को कहा तुम हमसे मिलने के लिए कब आ रही हो। वह मुझे कहने लगी कि भाभी अभी तो आप से मिलने नहीं आ पाऊंगी लेकिन थोड़े समय बाद मैं अपने पति से इस बारे में बात करूंगी तो हो सकता है हम लोग बच्चों को लेकर कुछ दिनों के लिए आपके पास आ जाएं। मैंने अपनी ननद को कहा ठीक है तुम बच्चों को ले आना और हम लोग आपस में बात करने लगे मैंने अपनी ननद के हाल-चाल पूछे तो वह मुझे कहने लगी कि भाभी इनका प्रमोशन हो चुका है। मैंने अपनी ननद को बधाई दी और कहा चलो यह तो बड़ी खुशी की बात है कि तुम्हारे पति का प्रमोशन हो गया। अब हम लोग ज्यादा देर तक तो बात नहीं कर पाए मैंने फोन रखा और मैं टीवी देखने लगी क्योंकि घर पर मैं अकेली थी मेरा समय कट ही नहीं रहा था मैं सोचने लगी कि घर पर अकेली क्या करूं टीवी भी भला मैं कितनी देर तक देखती। मैंने टीवी बंद किया और अब मैं रसोई में चली गई रसोई में साफ सफाई का काम करने लगी लेकिन मेरा समय कट ही नहीं रहा था। मैंने अपने पति रमेश को फोन किया तो रमेश भी उस वक्त बिजी थे और वह मुझे कहने लगे कि सुमन मैं अभी बिजी हूं मैं तुमसे बाद में बात करता हूं। हर रोज की तरह घर पर अकेले रहने की मुझे आदत सी पड़ गई थी लेकिन उस दिन मेरा समय बिल्कुल भी कट नहीं रहा था और मैं सोचने लगी कि अब क्या करूं। मैंने सोचा कि आज मैं अपनी मम्मी को फोन करती हूं और मैंने मम्मी को फोन किया तो मम्मी से मेरी काफी देर तक बात हुई मम्मी से उस दिन करीब मेरी डेड घंटे तक बात हुई और मम्मी से बात कर के मुझे अच्छा लगा। मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश थी कि मम्मी और मैं इतने समय बाद एक दूसरे से बात कर पाए क्योंकि मैं काफी समय से सोच रही थी कि मम्मी को फोन करुं लेकिन जब मैं उन्होंने फोन करती तो तब तक कोई ना कोई काम आ जाता था जिस वजह से मैं मम्मी से बात कर नहीं पाती थी। थोड़ी देर बाद मैंने फोन रखा और बच्चे भी थोड़ी देर बाद स्कूल से लौट चुके थे बच्चों को मैंने खाना खिलाया बच्चे कहने लगे कि मम्मी हमें बहुत नींद आ रही है।

मैंने उन्हें कहा कि बेटा आप लोग सो जाओ वह लोग अब सो चुके थे और शाम के वक्त जब वह लोग उठे तो मुझे कहने लगे कि मम्मी हमें पार्क में जाना है। हमारी सोसाइटी के अंदर ही पार्क है तो मैंने भी सोचा कि मैं भी बच्चों के साथ टहल आती हूं और मैं बच्चों को अपने साथ ले गई। पार्क में ही हम लोग बैठे रहे काफी देर तक हम लोग पार्क में ही थे बच्चे खेलने में इतने ज्यादा मस्त हो चुके थे कि उन्हें मेरा ध्यान ही नहीं रहा। मैंने बच्चों को कहा चलो बच्चों अब हमें घर चलना चाहिए लेकिन बच्चे कहने लगे कि मम्मी थोड़ी देर और रुको ना हम लोगों का अच्छा लग रहा है। वह अपने दोस्तों के साथ खेल रहे थे और मैं अकेली ही पार्क में बैठी हुई थी अंधेरा भी अब होने लगा था तभी लता दीदी मेरे पास आई और वह मुझसे कहने लगी कि सुमन आज तुम यहां अकेली बैठी हुई हो। मैंने लता दीदी को कहा हां दीदी मैं बच्चों को यहां लेकर आई थी तो मैं यहीं बैठ गई, वह मेरे साथ बैठे और मुझसे पूछने लगी कि घर में सब कुछ ठीक तो है ना मैंने दीदी को कहा हां दीदी घर में सब कुछ ठीक है। हम लोग आपस में बात कर रहे थे तो दीदी ने मुझे बताया कि उनके घर पर आज कल उनके मेहमान आए हुए हैं मैंने दीदी को कहा आजकल तो आप दिखाई नहीं देती हैं।

दीदी कहने लगी मैं आज कल अपने मेहमानों के चलते बिजी हूं और घर से मैं ज्यादा बाहर भी नहीं निकलती हूं दीदी मुझे कहने लगी कि सुमन अभी मैं चलती हूं। मैं भी बच्चों को लेकर घर पहुंची जैसे ही मैं घर पहुंची तो रमेश भी घर लौट चुके थे। रमेश मुझसे कहने लगे क्या तुम पार्क से आ रही हो? मैंने रमेश को कहा हां मैं पार्क से आ रही हूं कई दिनों से रमेश के साथ मेरे सेक्स संबंध बन नहीं पाए थे उसके लिए मैं तड़प रही थी मैं सोचने लगी काश मैं रमेश के साथ सेक्स करत पाती लेकिन रमेश ऑफिस से थके हारे आते वह मेरे साथ सेक्स का मजा नहीं ले पाते। अगले दिन दूध वाला आया उसने मुझे कहा भाभी दूध के पैसे आपसे लेने थे। मैंने उसे कहा तुम शाम के वक्त आना वह कहने लगा ठीक है मैं शाम को आऊंगा वह शाम वक्त से पैसे लेने के लिए आया था। मैंने उसे अपने दूध का सेवन करवाया जब उसने मुझे अपनी बाहों में लिया तो मेरी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा था मैं इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई थी मुझे बहुत मजा आ रहा था उसने अपने लंड को बाहर निकालते हुए मेरे मुंह के अंदर डाला मैंने उसके मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत ही मजा आ रहा था वह बडे ही आनंद में था। उसने मुझे कहा भाभी आपकी चूत मुझे चाटनी है? दूधवाले ने मेरी चूत को चाटा तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था वह मेरी चूत का मजा लेता रहा उसने जिस प्रकार से मेरी चूत को चाट कर मेरी चूत से गर्म पानी बाहर निकाल दिया था उस से मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी।

जब उसने लंड को मेरी चूत पर लगा कर अंदर की तरफ डालना शुरू किया तो उसका लंड मेरी चूत के अंदर घुस चुका था। जैसे ही उसका मोटा लंड मेरी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं चिल्ला उठी मेरी चीख काफी तेज थी उसने मुझे कहा भाभी आपकी चूत के अंदर मेरा लंड चला गया है लेकिन मुझे बड़े टाइट पन का एहसास हो रहा है। मैंने उसे कहा मेरे पति कहां मुझे चोदते हैं आज तुम मेरी चूत की खुजली को मिटाओगे वह कहने लगा आपकी चूत की खुजली को मैं आज बहुत ही अच्छे तरीके से मिटा दूंगा। वह लगातार तेज गति से मुझे धक्के मार रहा था मेरी चूत से लगातार पानी बाहर की तरफ को निकाल रहा था काफी देर तक तो उसने मुझे अपने नीचे लेटा कर ही धक्के मारे लेकिन उसके बाद उसका लंड कुछ ज्यादा ही कड़क होने लगा उसने मेरी चूत मे अपने वीर्य को गिराया और कहने लगा भाभी मैं आपकी चूत से अपने वीर्य को साफ कर देता हूं।

उसने मेरी चूत से अपने वीर्य को साफ किया जैसे ही उसने अपने लंड को दोबारा खड़ा करते हुए मेरी चूत पर लगाया तो मेरी चूत से अभी भी पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था। उसने धीरे से मेरी चूत के अंदर लंड को घुसाया जैसे ही उसका लंड मेरी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं चिल्ला उठी मेरी चूत के अंदर तक उसका लंड जा चुका था मैं चिल्ला रही थी। उसे मज़ा आ रहा था और वह मुझे लगातार तेजी से धक्के मार रहा था उसने मेरी चूतड़ों को कस कर पकड़ लिया था जिस प्रकार से वह मेरी चूत के मजे लेता उससे मेरी चूत से लगातार पानी बाहर निकलता और मैं अपने आपको बिल्कुल रोक नहीं पा रही थी। मैंने उसे कहा मैं झड़ने वाली हूं वह मुझे कहने लगा थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य पतन हो जाएगा लेकिन वह तो मुझे ऐसा चोद रहा था जैसे कि उसका वीर्य पतन होगा ही नहीं। मैंने उसे कहा तुम्हारा वीर्य पतन अभी तक नहीं हुआ। वह मुझे कहने लगा नहीं भाभी बस थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य पतन हो जाएगा उसने मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया था। जब उसने अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर गिराया मैंने उसे कहा तुमने तो मेरी चूत के अंदर ही अपने वीर्य को गिरा दिया। वह कहने लगा भाभी आज आपके साथ मुझे बड़ा मजा आया और आगे भी मैं आपसे मिलने आता रहूंगा। मैंने उसे कहा ठीक है तुम शाम के वक्त मुझसे मिलने आ जाया करो।


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