सेक्सी सौम्या के साथ लाइव चैट

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मेरा नाम आरती है और मेरी पढ़ाई कंप्लीट हो चुकी है। मै घर पर ही रहती हूं। क्योंकि मेरे पिताजी एक बड़े कारोबारी हैं। इसलिए हमें किसी भी प्रकार की कोई पैसे की तंगी नहीं है और मैंने कभी कहा भी नहीं कि मुझे नौकरी करनी है और ना ही मुझे शौक है। मैं कभी कबार अपने पिताजी के साथ उनके ऑफिस चली जाती हूं और उनका काम देख लेती हू। मैं ज्यादातर घर पर ही रहती हूं। मेरे घर पर मेरे बड़े भैया भी हैं और वह भी बहुत अच्छे हैं। हम लोग हर शनिवार को घूमने जाते हैं। जिससे कि घर का माहौल बहुत ही अच्छा बना रहता है। अब मेरे भाई के लिए रिश्ते भी आने लगे थे। वह उन के लिए पहले तो मना कर रहा था लेकिन पिता जी ने उसे समझाया कि अब तुम्हारी उम्र हो चुकी है और तुम्हें शादी कर लेनी चाहिए।

मैंने अपने भाई से पूछा क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है तो तुम पिताजी को इस बारे में बता दो। वह पहले तो मना कर रहा था लेकिन बाद में उसने कहा कि हां मेरी एक गर्लफ्रेंड है और मैं उसी से शादी करना चाहता हूं लेकिन वह थोड़ा समय चाहती है। इसलिए मैं इसके बारे में घर में नहीं बताना चाहता था। यदि मैं इस बारे में बताऊंगा तो वह फिर मेरे पीछे पड़ जाते और कहते कि तुम अभी जल्दी से शादी कर लो और हमें कुछ भी नहीं सुनना है। इसलिए मैंने उन्हें कुछ भी नहीं बताया। मैंअपने काम पर ही ध्यान देता हूं। मैंने उससे पूछा तुम्हारी गर्लफ्रेंड अभी क्या करती हैं। वह कहने लगा कि उसने अपना एक छोटा सा बिजनेस शुरू किया है। वह चाहती है कि थोड़ा काम चलने लगे तो उसके बाद हम लोग शादी कर लेंगे। क्योंकि अभी वह अपने काम पर बहुत ही फोकस कर रही है। इस वजह से वह अभी शादी नहीं करना चाहती। मैंने अपने भाई से कहा कि तुम घर में इस बारे में बात कर लो तो पिताजी तुम्हारे लिए कहीं पर भी रिश्ता नहीं ढूढेंगे। वह कहने लगा मेरी हिम्मत नहीं होगी केस बारे में कुछ कहने की। तुम ही बात कर लो। मैंने अपने पिताजी से इस बारे में बात कर ली। वह कहने लगे कि तुम मुझे उस लड़की से पहले मिलवाओ। उसके बाद ही मैं कुछ फैसला ले पाऊंगा।

अब एक दिन भैया हमारे घर पर अंजना को ले आए। अंजना दिखने में काफी सुंदर और खूबसूरत थी। पिताजी उसे देखकर बहुत ही खुश हुए। क्योंकि अंजना पिता जी को बहुत ही पसंद आई। तो मुझे भी वह बहुत ही अच्छी लगी। इसलिए पिताजी इस रिश्ते के लिए मान गए और उन्होंने मेरे भैया को थोड़ा समय दे दिया। पिताजी कहने लगे ठीक है। जब तक अंजना चाहती है तब तक हम लोग रुक जाते हैं। अब अंजना का भी हमारे घर पर आना जाना लगा रहता था और कभी हम लोग भी उससे मिलने जाया करते थे। इस बारे में अंजना के घर वालों को भी पता था। तो कोई समस्या वाली बात नहीं थी और वह दोनों कभी घूमने भी चले जाया करते थे औ अच्छे से समय बिताते थे। कुछ समय बाद आंजना का बिजनेस अच्छे से चलने लगा। अब वह शादी के लिए मान चुकी थी और उसने भैया से कहा कि अब हम लोग शादी कर लेते हैं। तुम इस बारे में अपने घर पर बात कर लेना। अब उन दोनों की शादी की तैयारियां शुरू हो गई और शादी बड़ी ही धूमधाम से हुई। सब लोग बहुत ही खुश थे और अंजना मेरी भाभी बन गयी थी। मेरे भैया हनीमून पर उसे दुबई भी लेकर गए थे। वह जब वापस लौटे तो उन्होंने मुझे अपनी दुबई की फोटो भी देखाई। वह लोग बहुत ही खुश थे और उनकी जिंदगी भी अच्छे से चल रही थी  कुछ दिनों बाद हमारे पड़ोस के अग्रवाल जी के यहां पर कुछ लड़के रहने आये।

मैं उन्हें अक्सर अपने छत पर देखा करती थी। वह दिखने में कॉलेज के स्टूडेंट ही लग रहे थे और वह दो तीन लड़के थे लेकिन मैंने कभी उन पर इतना ध्यान नहीं दिया। मैं सिर्फ अपने घर पर ही रहती थी। जैसे जैसे उन्हें रहते हुए वहां पर समय होने लगा तो उनका शोर शराबा बढ़ने लगा और वह बहुत ज्यादा शोर शराबा किया करते थे। जिससे कि हम लोगों को बहुत ही परेशानी होती। मेरी भाभी कई बार मुझे कहते हैं कि यह लोग इतना शोर शराबा क्यो करते हैं। अग्रवाल जी से हमने इस बारे में बात भी की लेकिन वह भी कहते कि मैंने उनसे बात कर ली है। उन्हें भी वह लोग किराया दे रहे थे और वह उन्हे कुछ नहीं कहते थे। क्योकि उन्हें समय पर उनका पैसा मिल जाया करता था लेकिन हम लोग बहुत ज्यादा परेशान होते थे। एक दिन तो ज्यादा ही बात बढ़ गई और मैंने सोचा आज मैं उन लड़कों से बात कर ही लेता हूं। मैं अब उनके कमरे में गई तो मैंने देखा वहां पर उनका कमरा पूरा अस्त-व्यस्त हो रखा है। तभी एक लड़का बाहर आया। वह टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने हुए था। मैंने उसे कहा तुम लोग इतना शोर शराबा क्यों करते हो। वह कहने लगा कि आप कौन हैं। मैंने उसे बताया मैं यहां पड़ोस में रहती हूं। वह कहने लगा कि आज के बाद हम लोग नहीं कभी भी शोर शराबा नही करेंगे। आज के बाद आपको कुछ परेशानी नहीं होगी। अब हम कुछ दिनों तक तो ठीक से रहने लगे। तभी वही लड़का मुझे वापिस एक दिन दिखा। उसने मुझ से हाथ मिलाया और अपना नाम बताया। उसका नाम रोशन था और उसके साथ में एक और लड़का था। उसका नाम सतीश था। वह दोनों साथ में ही रहते थे। जब उन्होंने मुझसे अच्छे से बात की तो मैंने भी उनसे बात कर ली। मैंने उन्हें पूछा क्या तुम दोनों साथ में रहते हो। वह कहने लगे कि हां हम दोनों यहां पर साथ मे ही रहते हैं। अब जब भी वह मुझे मिलते तो बहुत ही अच्छे से बात किया करते हैं और अब उन लोगों ने शोर शराबा करना भी बंद कर दिया था।

एक दिन में अपने छत पर थी तो मैंने देखा कि रोशन अपने बाथरूम में मुठ मार रहा है। यह सब देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने सोचा उसे जा कर बताती हूं कि तुम यह सब क्या कर रहे हो। मैं जैसे ही उनके घर पर गई तो मैंने दरवाजा खटखटाया तो सतीश ने दरवाजा खोला और उसके बाद मैं कमरे में चली गई। जैसे ही मैं कमरे में गई तो रोशन बाथरुम से बाहर निकला और कहने लगा तुम यहां क्या कर रही हो। मैंने उसे बताया कि मैंने तुम्हें मुठ मारते हुए देख लिया था जैसे ही यह बात मैंने उसे कही तो उसने अपने तुरंत ही अपने लंड को बाहर निकाल लिया और वह अपने लंड को हिलाने लगा। मैंने जैसे ही उसके बड़े और मोटे लंड को देखा तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने तुरंत ही उसे अपने मुंह में समा लिया। जैसे ही मैंने उसके लंड को मुंह में लिया तो सतीश ने मेरे कपड़े उतार दिए और वह मेरी चूत को अपनी उंगलियों से रगड़ने लगा मेरी चूत पूरी गीली हो चुकी थी और मेरी उत्तेजना भी बढ़ने लगी। मैंने रोशन के लंड को अपने गले तक ले लिया और सतीश ने भी मेरे मुंह में आपने लंड को डाल दिया और उसके लंड को भी मैंने बहुत ही अच्छे से चूसा। उन्होंने मुझे वहीं नीचे लेटाते हुए रोशन ने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही उसने अपने लंड को डाला तो मेरे मुंह से बहुत तेज चीख निकल पड़ी और मैं मादक आवाज में चिल्लाने लगी वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था और मैं सतीश के लंड को अपने हाथों से हिला रही थी। थोड़ी देर बाद सतीश ने मेरे मुंह के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मैं उसके लंड को भी बहुत ही अच्छे से मुह मे लेती और रोशन मुझे अच्छे से चोद रहा था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब वह मुझे चोद रहा था थोड़ी देर बाद उसका वीर्य मेरी योनि के अंदर ही गिर गया और उसने अपने लंड को बाहर निकालते हुए थोड़ी देर ऐसे ही लेट गया।

अब सतीश ने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मेरी योनि से अब भी वीर्य टपक रहा था और उसने ऐसे ही मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। उसने मेरे दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया और बड़ी तीव्र गति से मुझे धक्के देने लगा। वह इतनी तेजी से मुझे चोद रहा था कि मेरी चूत का भोसड़ा बन चुका था और मेरी चूत का छेद बहुत ही चौड़ा हो गया था। उन्होंने उसे पूरा गड्ढा बनाकर रख दिया थोड़ी देर बाद रोशन ने मेरे मुंह के अंदर अपने लंड को डाल दिया और मैं उसके लंड को चूसने लगी। सतीश मुझे अब भी ऐसे ही धक्के देते जा रहा था जब उसका वीर्य गिरने वाला था तो उसने मेरे स्तनों पर अपने वीर्य को गिरा दिया। रोशन का वीर्य भी दोबारा से गिरने वाला था वह उसने मेरे पूरे मुंह के ऊपर गिरा दिया। मैं ऐसे ही लेटी रही उसके बाद मैंने अपने मुंह को धोया और अपने घर पर चली गई। उसके बाद से वह दोनों मुझे हमेशा ही चोदते हैं।


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