सेक्स का बढ़ता चलन

Sex ka badhta chalan:

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मेरा नाम सचिन है मैं पटना का रहने वाला हूं और मैं एक गरीब परिवार से था। अबसे कुछ समय पहले की बात है जब मैं अपने घर में अपनी मां के साथ रहता था। उस समय हमे कोई पूछता भी नहीं था हमारे पड़ोस के लोग हमसे बात भी नहीं करते थे। हमारे गरीब होने के कारण कोई हमें अपने किसी फंक्शन में भी नहीं बुलाता था। वह लोग यह सोचते थे कि हमारे उनके यहां जाने से उनकी रेपुटेशन ख़राब ना हो जाए वह इसलिए ऐसा सोचते थे।  क्योंकि हमारे पास अच्छे और नए कपड़े नहीं होते थे हमारी गरीबी के कारण मुझे कहीं नौकरी भी नहीं मिल रही थी। मैं कहीं भी जाता तो वह मेरा मजाक उड़ा कर मुझे वहां से भगा देते। फिर मैंने छोटा सा काम शुरु किया मैं लोगों के घर में अखबार देने जाया करता था। उसके बाद काफी समय तक मैंने अखबार बेचे और मेरी मां उन लोगों के घर में जाकर साफ सफाई का काम करती थी। इससे हमारे पास थोड़े से पैसे इकट्ठे हो गए थे उन पैसों का मैंने एक रिक्शा ले लिया। रिक्शा लेने के बाद मैं रिक्शा चलाने लगा मैंने रिक्शे से ही काफी पैसे कमा लिए थे। उन पैसों से मैंने अपने लिए कुछ जरूरत का सामान खरीद लिया था। ऐसे ही धीरे-धीरे करके मैं मेहनत करता रहा और पैसे कमाता रहा। एक दिन मैं अच्छे कपड़े पहन कर इंटरव्यू के लिए गया। कुछ समय तक तो मुझे कहीं नौकरी नहीं मिली काफी समय तक मैं यूं ही भटकता रहा।

एक दिन जब मैं घर जा रहा था तो मुझे रास्ते मै एक आदमी दिखा उसकी गाड़ी खराब हो गई थी और उसे कोई जरूरी मीटिंग के लिए जाना था। मैं वहां गया और उनसे पूछा कि क्या हो गया आप परेशान से लग रहे हो। उन्होंने कहा कि मेरी गाड़ी खराब हो गई है और मुझे अभी किसी जरूरी मीटिंग में जाना है तो मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी मदद करता हूं गाड़ी ठीक करने में फिर मैंने उनकी गाड़ी ठीक करने में मदद की और उनकी गाड़ी ठीक हो गई थी। वह मुझे गाड़ी ठीक करने के पैसे दे रहे थे लेकिन मैंने उनसे पैसे लेने से इंकार कर दिया और उनसे कहा कि मैं तो आपकी मदद कर रहा था। वह मुझसे खुश हो गए फिर उन्होंने मुझसे मेरा फोन नंबर मांगा मैंने उनसे कहा कि मेरे पास तो फोन है ही नहीं फिर उन्होंने मेरे घर का पता मांगा। मैंने उन्हें अपने घर का पता दिया और वह वहां से चले गए कुछ दिन बाद वह हमारे घर आए। मैं उन्हें देखकर हैरान हो गया कि वह अचानक हमारे घर आ गए। हमने उन्हें बैठाया और उनकी अच्छे से खातिरदारी की उन्होंने पूछा कि तुम क्या करते हो। मैंने उन्हें बताया कि मैं रिक्शा चलाता हूं और कहीं अच्छी जॉब ढूंढ रहा हूं ताकि अपने घर की स्थिति ठीक कर सकूं। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तुम बहुत मेहनती हो और एक अच्छे इंसान भी हो तुम मेरे साथ चलो मैं तुम्हें अच्छी नौकरी दिलाऊंगा। मैं यह सुनकर खुश हो गया मैंने उनसे कहा कि मुझे इतनी बड़ी नौकरी भी नहीं चाहिए। मुझे बस इतना चाहिए कि मेरे घर परिवार का खर्च आसानी से चल सके फिर उन्होंने मुझे अपने ऑफिस बुलाया।

दूसरे दिन मैं उनके ऑफिस गया और उन्होंने मेरा इंटरव्यू लिया। मेरा इंटरव्यू लेने के बाद उन्होंने मुझे एक अच्छे पद पर रख लिया और कहा कि हमें तुम्हारी बहुत जरूरत है। तुम यही नौकरी करोगे और हमारे साथ रहोगे।

मैं एक अच्छी नौकरी लग चुका था और मेरी एक अच्छी तनख्वाह भी थी जिसे मैं बहुत खुश था। मैं अपने काम में बहुत ही ज्यादा ध्यान देता था और कभी भी किसी तरीके से अपने काम से भागा नहीं जिससे कि मेरे बाँस बहुत खुश होते उनका नाम रवि है। हमारा रहन सहन भी बहुत अच्छे से सुधर चुका था और मैंने अपनी मां को भी किसी के घर काम करने से मना कर दिया था। वह भी अब किसी के घर काम करने नहीं जाती थी क्योंकि मेरी आमदनी से घर चल जाता था इसलिए उन्हें कहीं जाने की आवश्यकता नहीं थी। वह सिर्फ घर पर ही रहती थी। हमारी कॉलोनी में भी हमारी रेपुटेशन हो गई थी सब लोग अब हमें एक अच्छी तरीके से देखा करते थे। पहले वह लोग हमारे से किसी भी तरह का संबंध नहीं रखते थे लेकिन अब वह लोग हमें अपनी पार्टियों में भी बुलाते हैं।

एक दिन मुझे मेरे बॉस ने अपने कैबिन में बुलाया और कहने लगे यार आज बहुत ज्यादा मन हो रहा है सेक्स करने का तो मैं सोचने लगा शायद वह किसी कॉल गर्ल को बुलाएंगे। लेकिन मुझे उनके शौक के बारे में पता नहीं था। उनका शौक तो लड़कों की गांड मारने का था। मैं वही चेयर में बैठा हुआ था और उन्होंने मेरे हाथों को अपने हाथों में पकड़ते हुए कहा आज तुम मेरी भूख को शांत कर दो। मैं थोड़ा घबरा सा गया मैंने उन्हें मना करा कि मैं इस तरीके से नहीं करता और ना ही आज तक कभी भी मैंने किसी से अपनी गांड मरवाई है। वह मुझे समझाने लगे कि तुम मेरी इच्छाओं को पूरी करोगे तो मैं तुम्हारी हर इच्छा को पूरी करता रहूंगा। मेरी भी मजबूरी थी मैं वह नौकरी भी नहीं छोड सकता था और ना ही किसी तरीके से कोई भी रिस्क ले सकता था। वह नौकरी छोड़ने का क्योंकि मेरे पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं था। उन्होंने मुझे बहुत अच्छे से समझाया कि देखो ऐसा कुछ नहीं होता है। तुम्हें पता भी नहीं चलेगा कि मैंने तुम्हारे साथ सेक्स किया और मेरा काम भी हो जाएगा।

मेरा भी थोड़ा सा मन होने लगा था कि मैं ट्राई करूं और मैंने भी उन्हें हां कह दिया शायद यह मेरी गलती थी कि मैंने उन्हें हां कहा मुझे नहीं पता था कि मेरी गांड का छेद आज कुछ ज्यादा ही मोटा होने वाला है। उन्होंने अपने पीयून को बुलाया और कहा कि किसी को भी ऑफिस के अंदर मत आने देना। हम लोग कुछ जरूरी काम कर रहे हैं उसने कहा ठीक है मालिक मैं किसी को भी अंदर नहीं आने दूंगा।  जैसे ही मेरे बॉस ने अपने लंड को बाहर निकालो तो मैं देखकर डर गया। मैंने कहा इतना मोटा तो मेरा भी नहीं है। मैं यही सोच रहा था कि उनका लंड मेरे छोटे से छेद में कैसे घुसेगा लेकिन उन्होंने मुझे कन्वेंस कर लिया था। उनके लंड से बहुत ही ज्यादा बदबू आ रही थी और मैंने ऐसे ही अपने मुंह में ले लिया। पहले तो मुझे बहुत ही अटपटा सा लग रहा था लेकिन बाद में मुझे अच्छा लगने लगा और मैं उनके लंड को ऐसे ही अपने मुंह से चूसता जा रहा था। मैंने उनके लंड को बहुत अच्छे से चूसा और उनके लंड को पूरे लाल कर दिया। मेरी इस परफॉर्मेंस से वह बहुत ज्यादा खुश हुए और मुझे कहने लगे कि तुमने बहुत ही अच्छे से मेरे लंड को चूसा है। अब उन्होंने मेरी पैंट को नीचे उतारा और मेरी गांड को चाटना शुरु किया। जैसे ही वह मेरी गांड क चाट रहे थे तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अब उन्होंने मेरी गांड को अच्छे से चाट लिया था और उन्होंने अपने हाथ में एक लिक्विड तरल पदार्थ लिया और अपने पूरे लंड पर लगा लिया। उनका लंड एकदम चमकने लगा था और बहुत ज्यादा चिकना हो गया था। उन्होंने मुझे टेबल पर अपने हाथ रखने को कहा और मेरी चतडो को अपने हाथ से पकड़ लिया।

उन्होंने मुझे बहुत कस कर पकड़ा और जैसे ही उन्होंने अंदर की तरफ धक्का मारा तो बहुत कोशिशों के बाद उनका लंड अंदर घुस गया। मैं बहुत तेज चिल्ला रहा था यह मेरा पहला ही मौका था जब किसी ने मेरी गांड मारी थी। मुझे बहुत ही अजीब महसूस हो रहा था और वह ऐसे ही मेरी गांड को मारे जा रहे थे। अब मुझे भी अच्छा लगने लगा और मैं भी अपने चूतडो को पीछे उनके तरफ करता जाता और वो मुझे बड़ी तेजी से झटके मारते जाते। उन्होंने 5 मिनट तक मेरी गांड मारी और उसके बाद  उन्होंने अपने वीर्य को मेरी गांड के अंदर ही डाल दिया। जैसे ही उन्होंने अपना लंड बाहर निकाला तो मुझे बहुत राहत महसूस हुई और उन्होंने अब मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया। मेरी गांड से उनका माल टपक रहा था और वह मेरे लंड को अच्छे से अपने मुंह में लेकर चूस रहे थे। कुछ समय बाद मेरा वीर्य भी उनके ही मुंह में गिर गया और उन्होंने वह अंदर निगल लिया। मुझे भी यह बहुत अच्छा लगा। उन्होंने मुझे अपने बिज़नेस में पार्टनर बना लिया है और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत अच्छे से सेक्स करते हैं। मैंने अब बहुत तरक्की कर ली है। जिससे कि सब लोग मुझसे जलने लगे हैं।

 


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