सर्विस सेंटर की लड़की को चोदा

Service center ki ladki ko choda:

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मेरा नाम राहुल है और मै 25 वर्ष का लड़का हूं। मैं एक स्टूडेंट हूं और मैं कंप्यूटर्स में गेम खेलने का बहुत ही शौकीन हूं। इसलिए मेरे पास बहुत सारे गेम पड़े रहते हैं और मेरा कंप्यूटर थोड़ा पुराना हो चुका था। इसलिए मैंने सोचा कि मैं एक नया लैपटॉप ले लेता हूं। मैं जब मैं लैपटॉप लेने के लिए गया तो मैंने एक बहुत ही अच्छा सा लैपटॉप ले लिया। मेरे पापा ने वह मुझे गिफ्ट के रूप में दिया था क्योंकि उसी वक्त मेरा बर्थडे भी था और उन्होंने कहा कि तुम्हारे बर्थडे के लिए मेरी तरफ से गिफ्ट है। जब उन्होंने मुझको गिफ्ट दिया तो मैं बहुत ही खुश था। मैंने उसमें बहुत सारे गेम डाल दिए थे और मुझे बहुत ही अच्छा लगता था जब मैं उसमें गेम खेला करता था लेकिन थोड़े समय बाद मेरा लैपटॉप चलना बंद हो गया। जब मैं उसे सर्विस सेंटर में ले गया तो वहां पर एक बहुत ही सुंदर लड़की बैठी हुई थी। जैसे ही मैंने उसे देखा तो मैंने उसे कहा कि मेरा लैपटॉप खराब हो चुका है, अभी मैंने कुछ दिनों पहले ही लिया था। उसने जब मेरा लैपटॉप चेक किया तो उसने देखा कि यह तो वारंटी में है। वह कहने लगी कि आप इसे यही छोड़ जाइए और कुछ दिन बाद आप इसे ले जाना। मैंने वह लैपटॉप वही छोड़ दिया और उस लड़की का नंबर ले लिया। उस लड़की का नाम आकांक्षा था और अब मैं उसका नंबर ले चुका था।

एक दिन मैंने उसे फोन कर के पूछा कि मेरा लैपटॉप सही हो चुका है। वह कहने लगी कि अभी कुछ दिन और लगेंगे। आप दो दिन बाद हमारे सर्विस सेंटर आ जाइए, उसके बाद अपना लैपटॉप ले जाना। मैंने उसे कहा ठीक है मैं दो दिन बाद आप के सर्विस सेंटर आ जाता हूं। मैं जब दो दिन बाद उनके सेंटर गया तो मेरा लैपटॉप बन चुका था और उन्होंने मुझे चेक कर के दिखाया। मैं उसे लेकर अब अपने घर आ गया और मैं आकांक्षा के फोन पर अक्सर फोन कर दिया करता था और वह भी मुझसे बात करने लगी थी। हम दोनों एक अच्छे दोस्त बन चुके थे और वह मेरे साथ घूमने भी आ जाती थी। मैं उसे कई बार अपनी बाइक पर घुमाने ले जाता था। जिससे की वह बहुत खुश होती थी और कहती थी कि तुम्हारे साथ घूम कर मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। आकांक्षा को मेरे साथ घूमना अच्छा लगता था और एक दिन मैंने उसे अपने घर पर बुला लिया। जब वह मेरे घर पर आई तो मैंने अपने माता पिता से उसे मिलाया। वह मेरे मम्मी-पापा से मिलकर बहुत खुश थी और वह कहने लगी की तुम्हारे मम्मी-पापा कितने अच्छे हैं और जब उसने मुझे अपने पापा के बारे में बताया तो मुझे बहुत ही दुख हुआ। उसके पापा बहुत ज्यादा शराब पीते थे और अपने घर में बहुत ज्यादा शोर शराबा किया करते हैं। इस वजह से वह बहुत ही परेशान रहती है। जब उसने मुझे अपने पिताजी के बारे में बताया तो मुझे यह सब सुनकर बहुत ही दुख हुआ। अब हम दोनों एक दूसरे की भावनाओं को भी समझने लगे थे और हमें एक दूसरे के साथ समय बिताना भी अच्छा लगता था। जिस दिन भी उसकी छुट्टी होती थी तो हम लोग घूमने के लिए चले जाया करते थे, या फिर वह मेरे घर पर आ जाती थी। मेरे पास भी जब वक्त होता तो मैं उसके सर्विस सेंटर में चले जाता था और उसे वहीं पर मिल लेता था। कुछ दिनों के बाद आकांक्षा का बर्थडे था तो मैंने सोचा कि उसे कुछ सरप्राइज गिफ्ट दे दूँ। उसके लिए मैं पैसे जमा करने लगा और मैंने उसके लिए एक महंगी सी रिंग बना ली। जब मैंने उसे वह हो रिंग दी तो वह बहुत ही खुश हुई और वह कहने लगी कि आज मैं तुम्हें अपनी तरफ से पार्टी देना चाहती हूं। उसने मुझे एक बहुत ही बढ़िया से रेस्टोरेंट में बुलाया और हम दोनों वहां बैठकर कैंडल लाइट डिनर कर रहे थे। मुझे उसे देख कर बहुत ही अच्छा लग रहा था। क्योंकि वह उस दिन बहुत ही सुंदर लग रही थी। मैं उसे बस देखे ही जा रहा था और मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। जब मैंने उसका हाथ पकड़ा तो वह भी बहुत खुश हो गई और उसने भी मेरा हाथ पकड़ते हुए एक प्यारी सी स्माइल दी और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब हम दोनों बैठकर कैंडल लाइट डिनर कर रहे थे। हम दोनों आपस में बहुत बातें कर रहे थे और अब काफी समय बीत चुका था तो मुझे लग रहा था अब हमें घर चलना चाहिए। मैंने इस बारे में आकांक्षा से बात की तो वो कहने लगी कि हम लोगों को घर चले जाना चाहिए। क्योंकि रात बहुत हो चुकी थी। जब हम लोग घर जा रहे थे तो तभी रास्ते में मेरी बाइक खराब हो गई। अब हम दोनों वहीं पर खड़े हो गए।

हम दोनों आपस में ही बात कर रहे थे और मुझे उसके साथ बात करना बहुत अच्छा लग रहा था। हम दोनों काफी देर तक ऐसे ही बात कर रहे थे। आकांक्षा ने मेरे होठों को किस कर लिया और जब उसने मेरे होठों को किस किया तो मुझे भी बहुत अच्छा लगने लगा। मैंने भी उसके होठों को किस कर लिया। मैंने उसके होठों को बहुत देर तक किस किया जिससे कि उसके होठों से खून भी निकलने लगा था। अब मैं उसे वहीं पास में झाड़ियों में ले गया और हम दोनों वही नीचे लेट गए। मैंने उसके कपड़ों को उतार दिया और जब मैंने उसके स्तनों को देखा तो वह बहुत ही मुलायम और बड़े बड़े थे। मैंने उन्हें तुरंत ही अपने मुंह के अंदर समा लिया और उन्हें अच्छे से चूसने लगा। मै इतने अच्छे से उसके स्तनों का रसपान कर रहा था मुझे बहुत मजा आने लगा और मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं उन्हें चूसता ही रहूं। मैंने उसके स्तनों पर भी अपने दांत के निशान मार दिए। अब उसे बिल्कुल भी नहीं रहा गया और उसने अपने पैरों को चौड़ा कर दिया। मैंने जब उसकी चूत को चाटा तो उसकी उत्तेजना चरम सीमा पर पहुंच गई और उसकी चूत से पानी निकलने लगा। मैंने भी अपने लंड को उसके मुंह में डाल दिया और जब मैंने उसके मुंह में अपने लंड को डाला तो वह अच्छे से चूसने लगी। उसने बहुत ही अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर तक लिया और मैंने काफी देर तक उसके मुंह के अंदर अपने लंड को डाले रखा।

मैंने अपने लंड को उसके मुंह से निकालने के बाद उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए उसकी योनि के अंदर डाल दिया। जब मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी। मुझे बड़ा मजा आने लगा मैं उसे चोदे जा रहा था जिससे कि उसका पूरा शरीर गरम होने लगा। आकांक्षा मुझे कहने लगी कि मेरे शरीर से गर्मी निकल रही है मै उसे बड़ी तेजी से चोदे जा रहा था। वह मेरा पूरा साथ दे रही थी मैंने उसे इतनी तेजी से चोदना शुरू किया कि उसका शरीर का पूरा लाल हो चुका था और मुझे बड़ा मजा आ रहा था। थोड़ी देर बाद मैंने उसे अपने ऊपर लेटा दिया और उसने मेरे लंड के ऊपर अपनी चूतड़ों को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया। जिससे कि उसकी चूतडे मेरे लंड से टकराने लगी और मैं उसे बड़ी तेजी से  चोदे जा रहा था। मैं इतनी तेजी से उसे झटके मार रहा था तो उसके पूरे शरीर से करंट निकल रहा था उसे बहुत ही मजा आ रहा था वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैं उसे ऐसे ही झटके दिए जा रहा था मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए उसे खड़ा कर दिया और अब उसे घोड़ी बना दिया। मैंने जैसे ही अपने लंड को। उसकी योनि में डाला तो उसके गले से आवाज निकल पड़ी और मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मैं उसे ऐसे ही झटके दिए जा रहा था। मै काफी देर तक उसे झटके देने के बाद  मेरे अंदर की उत्तेजना भी बाहर निकलने लगी। कछ देर बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था मैने उसे बड़ी तेजी से धक्के देने शुरू कर दिया जिससे कि उसका शरीर पूरा टूटने लगा और मेरे शरीर से भी वीर्य बाहर निकल गया। जब मेरा माल बाहर निकला तो मैंने उसके चूतड़ों पर ही गिरा दिया। हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे उसके बाद हम दोनों ने कपड़े पहन लिए। मैंने उसे कहा कि हम दोनों सुबह तक  यही रुक जाते हैं उसके बाद हम लोग चल पड़ेंगे। अब हम सुबह तक वहीं बैठे रहे और सुबह हम लोग अपने घर निकल पड़े। मैं आकांक्षा को उसके घर तक छोड़ने गया और उसके बाद अपने घर आकर सो गया।


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