सील पैक चूत की गहराइयों में लंड खो गया

Seal pack chut ki gahraiyon me lund kho gaya:

antaravasna, hindi sex story दोस्तों, कैसे हैं आप लोग? दोस्तों, आप लोगों को आशा है की इस वेबसाइट पर सेक्स कहानियां पढ़ना अच्छा लगता होगा। मेरा नाम राज है मैं उत्तर प्रदेश के शामली का रहने वाला हूं। मेरे पिताजी एक किसान हैं और वह खेती कर के ही अपना गुजर-बसर करते हैं। उन्होंने मुझे कभी भी कोई कमी नहीं होने दी। मैंने जब भी उनसे जो चीज मांगी है उन्होंने मुझे वह उसी वक्त दी है। मेरे स्कूल की पढ़ाई होने के बाद ही उन्होंने मुझे बेंगलुरु पढ़ने के लिए भेज दिया। यह मेरे कॉलेज का पहला ही वर्ष है। मैं जब अपने कॉलेज में आया तो मुझे लगा कि सब लोग ठीक होंगे लेकिन हमारे सीनियरो का एक ग्रुप है जो कि सब लोगों को बहुत परेशान करता है और वह सबसे बड़ी बदतमीजी से बात करते हैं। मैं भी जब उनसे पहली बार मिला तो मुझे नहीं पता था कि वह लोग हमारे सीनियर हैं। उन्होंने मुझसे उस दिन बड़ी बदतमीजी की और सबके सामने मेरी बेज्जती भी की और उसके बाद तो जब भी वह मुझे देखते तो हमेशा ही मुझे परेशान करने से नहीं चूकते।

हमारी क्लास में एक लड़का है उसका नाम कमल है। जब कमल को वह लोग परेशान कर रहे थे तो कमल ने उन्हें उल्टा जवाब दे दिया और उस दिन उनके बीच में लड़ाई हो गई। उन्होंने कमल को बहुत ज्यादा पीटा लेकिन कमल भी एक नंबर का टेढ़ा बंदा है वह भी बिल्कुल हार नहीं मानने वाला था और उसने भी एक दिन एक सीनियर की बहुत ही जमकर धुनाई कर दी। जब उसने उसे पीटा तो कॉलेज में इस बात को लेकर बड़ी चर्चाएं होने लगी। कमल से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई और सारे सीनियर हम दोनों को देखकर बहुत नफरत करते थे। एक दिन हम दोनों अपने हॉस्टल से बाहर ही निकले थे तो हमारे कॉलेज के सीनियर आगे डंडा लेकर खड़े थे। मैंने कमल से कहा कि भाई लगता है आज तो हमारी खैर नहीं वह कहने लगा तुम चिंता मत करो। बीच में एक गली है हम दोनों वहां से भाग जाते हैं। हम दोनों वहां से बड़ी तेजी से निकले और वह हमारा पीछा भी नहीं कर पाए। जब हम लोग वहां से काफी आगे निकल गए थे तो हम दोनों जोर जोर से हंसने लगे और वह कहने लगा कभी-कभी भागना ही अच्छा होता है। मैंने उसे कहा हमने आज बहुत अच्छा किया कि वहां से बिल्कुल सही समय पर निकल गए नहीं तो वह हम दोनों को मार मार कर आज हमारा भरता बना देते।

कमल और मेरी दोस्ती दिन ब दिन गहरी होती जा रही थी और हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त हो गये। जब एक बार कमल के मम्मी पापा उससे मिलने आए तो वह लोग मेरे लिए भी गिफ्ट लेकर आए हुए थे क्योंकि कमल ने उन्हें बता दिया था कि राज मेरा दोस्त है और वह लोग मेरे लिए गिफ्ट लाए हुए थे। कमल का घर चंडीगढ़ में है और वह एक अच्छे घर से ताल्लुक रखता है। उसके पिताजी एक बड़े पद पर हैं। उसके बावजूद भी कमल बिल्कुल ही सिंपल और साधारण है। उसकी यही आदत मुझे बहुत अच्छी लगती है। वह अपने दोस्तों पर अपनी जान छिड़कता है। जब भी किसी को मदद की जरूरत होती है तो सब लोग कमल के पास ही आते हैं। कमल ने कभी किसी को मना नहीं किया। चाहे उसे कैसे भी जरूरत हो इसीलिए कमल को सब लोग बहुत पसंद करते हैं। हमारे क्लास में एक लड़की है उसका नाम प्रियंका है। प्रियंका तो जैसे कमल पर जान छिड़कती थी लेकिन कमल उसे कभी भाव नहीं देता और उसे हमेशा टालने की कोशिश करता। मैंने एक दिन कमल से कहा अरे यार वह तुम्हारे पीछे इतना पागल है और तुम उसे इतना तड़पा रहे हो। कमल मुझसे कहने लगा कि मैं भी प्रियंका से प्यार करता हूं लेकिन यदि मैंने उसे इतनी आसानी से हां कहदी तो हो सकता है कि हम दोनों का उसके बाद रिलेशन ना रहे। मैंने कमल से कहा तुम्हें समझना तो बड़ा मुश्किल है। तुम पता नहीं क्या क्या सोचते रहते हो और तुम्हारे दिमाग में पता नहीं क्या चलता रहता है। वह मुझे कहने लगा प्रियंका को अभी थोड़ा और तड़पने दो जब तक कि वह मुझे अपने मुंह से ना कह दे कि वह मुझसे प्यार करती है। प्रियंका ने भी काफी दिन तक उससे कुछ नहीं कहा लेकिन एक दिन उसका भी सब्र का बांध टूट गया और उसने कमल को प्रपोज कर दिया। उसने कमल को पूरी क्लास के सामने प्रपोज किया और जब उसने सबके सामने कमल को प्रपोज किया तो कमल ने भी उसे किसी फिल्मी हीरो की तरह अपने गले लगा लिया। वह दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में बहुत खुश रहने लगे कमल और प्रियंका अक्सर साथ रहने लगे। कमल मेरे साथ अब कम रहने लगा था क्योंकि वह ज्यादा समय प्रियंका को देने लगा।

एक दिन मैंने कमल से कहा लगता है अब तो भाई तुम मुझे भूल ही गए हो। वह कहने लगा दोस्त ऐसी बात नहीं है। सारी चीजों को एक साथ मैनेज करना मुश्किल होता है लेकिन मेरी दोस्ती आज भी उतनी ही गहरी है। उस दिन मुझे कमल कहने लगा की मैं तुम्हें आज कहीं बाहर लेकर चलता हूं। मैंने उसे कहा नहीं यार मेरा मन नहीं हो रहा। वह कहने लगा कि तुम चलो आज मैं तुम्हें अपनी तरफ से पार्टी दे रहा हूं। उसने प्रियंका को भी फोन कर दिया और प्रियंका भी अपने घर से सीधा ही कमल के बताए हुए पते पर आ गई और हम दोनों भी वहां पहुंच गए। जब हम दोनों उसके बताए पते में पहुंचे तो प्रियंका के साथ एक लड़की और बैठी हुई थी उसे देखकर तो मेरे दिल की धड़कन बहुत ज्यादा तेज हो गई। प्रियंका ने मुझे उससे मिलवाया उसका नाम निकिता है। निकिता प्रियंका की बहन है वह उसके मामा की लड़की है। मैं निकिता पर चांस मारने लगा। मैंने कमल के कान में कहा यार तुम निकिता से मेरी बात करवा दो। कमल ने प्रियंका से कह दिया। कुछ दिनों बाद प्रियंका ने निकिता का नंबर मुझे दे दिया।

हम दोनों के बीच बातें होने लगी थी। हम दोनों की बातें इतनी बढ़ गई कि हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल रह नहीं पा रहे थे। एक दिन मैं निकिता को मिलने के लिए चला गया। निकिता ने उस दिन मुझे अपने घर पर बुला लिया। मैं जब उसके घर गया तो उसका घर बहुत बड़ा था और उसके घर पर कोई भी नहीं था। मैंने उसे देखते ही गले लगा लिया। हम दोनों बैठकर मूवी देखने लगे। जब हम दोनों मूवी देख रहे थे उस वक्त हम दोनों मूवी का पूरा एंजॉय कर रहे थे। जब मैंने निकिता के होठों को चूमना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी यह ठीक नहीं है लेकिन मैंने उसके होंठो को चूमना जारी रखा। जिससे कि हम दोनों के अंदर गर्मी पैदा होने लगी। मैंने धीरे धीरे उसके कपड़े खोलने शुरू कर दिए। हम दोनों एक दूसरे को बड़ी गर्मजोशी से चुम रहे थे। जब निकिता ने मेरे कपड़े खोला तो उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर हिलाना शुरू किया। मैंने उसके नंगे स्तनों का रसपान करना शुरू कर दिया। मैं उसके स्तनों को बड़े अच्छे से चूम रहा था मैंने उसके स्तनों पर लव बाइट भी दे दी।

जब मैने उसकी योनि को चाटा तो उसे बहुत मजा आया। उसने मेरे लंड को मुंह मे लेकर चूसा और जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह से बाहर निकाला तो वह कहने लगी तुम्हारे लंड से बहुत ज्यादा बदबू आ रही थी लेकिन मुझे चूसने में बहुत अच्छा लगा। हम दोनों बेड पर लेट गए और काफी देर तक तो मैंने उसके बदन को अपने हाथों से सहलाया जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि पर सटाया तो वह मुझे कहने लगी बाबू मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो रहा तुम मेरी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दो। जैसे ही मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डालने की कोशिश की तो मेरा लंड उसकी योनि के अंदर नहीं गया। मैंने उसे कहा तुम अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लो उसने अपने पैर चौडे कर लिए और मैंने भी धीरे धीरे उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो उसके मुंह से चीख निकल गई और उसकी योनि से खून की धार बाहर की तरफ निकल गई। जैसे ही उसकी योनि से खून की धार बाहर निकली तो वह मुझे कहने लगी तुमने मेरी चूत से खून निकाल कर रख दिया। मैंने उसे तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए। मैं उसे इतनी तेज गति से चोद रहा था कि मेरे लंड में दर्द होने लगा था और मुझे ऐसा लगा मेरे लंड से भी खून निकलने लगा है लेकिन मुझे निकिता को चोदने में बड़ा मजा आ रहा था। वह भी लगातार अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी और मेरे भी सांसे फूलने लगी थी। मेरे भी शरीर से पसीना निकलने लगा और उसके शरीर से भी और पसीना बाहर की तरफ को आने लगा और उसी गर्मी के बीच में मेरा वीर्य पतन पता नहीं कब हुआ मुझे मालूम ही नहीं पड़ा। जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो निकिता की योनि से खून बाहर की तरफ निकल रहा था।


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