स्कूल के प्यार से चुदाई तक

School ke pyar se chudai tak:

indian porn stories, hindi sex kahani

हाय फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी ? मेरा नाम मोना है और मैं केरल की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 26 साल है और अभी प्राइवेट जॉब करती हूँ | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 4 इंच है साथ ही मेरा फिगर गदराया हुआ है | दोस्तों मैं इस साईट की दैनिक पाठक हूँ और मुझे इस साईट में चुदाई की कहानियाँ पढ़ना बेहद पसंद है पर कभी मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ ही नहीं था कि मैं इस साईट में अपनी कहानी प्रकाशित कर सकूं | पर जब ऐसा हुआ तो मैंने सोचा कि आप लोगो के सामने अपनी बात रखूं | आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी लिखने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी और एक दम सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी जरुर पसंद आयगी | इस कहानी के आखिरी में मैं अपना सच खोल के रख दूँगी और आप लोगो के कमेंट्स का वेट करुँगी | ये मेरी पहली कहानी है तो अगर इसमें कुछ गलत नजर आये तो कृपया माफ़ करने का कष्ट करना | अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय नहीं लूंगी और सीधा अपनी कहानी पर आती हूँ |

दोस्तों मैं एक प्राइवेट स्कूल में जॉब करती हूँ और घर में कोचिंग भी पढ़ाती हूँ | मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और मेरा एक छोटा भाई है जो कि अभी अपने 12वी कक्षा में पढाई करता है | मेरे मम्मी पापा दोनों सरकारी कर्मचारी हैं और मेरा स्कूल दोपहर 12 बजे से रहता है तो मैं सुबह ही बच्चो को कोचिंग पढ़ाती हूँ | उस समय मेरा भाई स्कूल में रहता है और जैसे ही वो आता है मैं अपने जॉब पर निकल जाती हूँ | मैं बहुत ही शांत स्वभाव की हूँ और जितना मेरा मन बाहर से शांत है अन्दर से उतना ही चुलबुल भी है | जब से मेरी एक फ्रेंड ने मुझे इसे साईट के बारे में बताया था तब से मैं रोज ही इसमें कहानियां पढ़ कर अपनी चूत में ऊँगली कर के सो जाती | हमारे घर में एक लैपटॉप जो कि मेरे कमरे में रहता है और एक कंप्यूटर है जो कि भाई के कमरे में रहता है | मेरा रूम ऊपर है और मेरे भाई का रूम नीचे है | इसलिए मुझे इस बात का डर नहीं रहता कि मेरा भाई कभी ऊपर आयगा | जिस स्कूल में मैं पढ़ाती हूँ वहीँ पर एक सर हैं जिनका नाम अखिलेश है | वो देखने में बहुत सुन्दर और हट्टा कट्टा नौजवान है | हमारे स्कूल की कई लेडी टीचर उन सर के पीछे पड़ी रहती हैं और हर दम उनकी ही बात करती रहती हैं | इस बात से मेरा सिर हमेशा घूमता रहता था | एक दिन की बात है मैं अपनी फ्रेंड के साथ बैठ कर लंच कर रही थी तभी पता नहीं उसे क्या हुआ उसने कहा यार अखिलेश सर कितना हेंडसम लगते हैं न | मैंने कहा यार तुम सब थकते नहीं हो उसकी कितनी बाते करते हो यार तुम सब | तो उसने कहा अरे यार अपने स्कूल में एक ही तो इतना हेन्सम मुंडा है अब क्या उसकी बात भी न करे | तो मैंने कहा यार बात करने से होगा क्या ? चलो तुम उसकी गर्लफ्रेंड होती या उसकी वाइफ होती तो सही भी लगता बात करने में | अब उसका तुम्हारे साथ कोई रिश्ता नहीं है फिर भी उसकी बाते | उसने कहा चल अच्छा नहीं करती उसकी बात | अब खुश ! मैंने कहा हाँ और हम फिर ऐसे ही यहाँ वहां की बात करने लगे | उसके बाद एक दिन मैं स्कूल से छूटने के बाद मैं वहां से निकल ही रही थी कि मेरा बैग जमीन पर गिर गया क्यूंकि मेरे हाँथ में फाइल्स भी थी | तभी अखिलेश सर भी वहां से निकल रहे थे तो वो रुके और कहा अरे अरे अरे रुको मैं मदद कर देता हूँ | मैंने कहा सर रहने दीजिये मैं कर लूंगी | पर सर नहीं माने और मेरा सामान उठा कर मुझे दिया | मैंने सर को थैंक यू कहा तो सर ने बस स्माइल किया और कहा योर मोस्ट वेलकम |

मैंने सर को तब बहुत ही पास से और बहुत अच्छे से देखा | अब मुझे समझ में आया कि सभी लोग क्यूँ अखिलेश सर की बात करते हैं | अब मैं सर की बहुत बड़ी फैन बन गई थी | रोज सुबह शाम दोपहर रात हर समय बस सर के ही बारे में सोचती | शायद मुझे सर से प्यार हो गया था | मैं बहुत संकोच करती सर से बात करने में कि कैसे मैं अपने दिल की बात सर से कहूँ | हर दिन मैं ये सोच कर जाती कि सर से अपने दिल की बात करूँ पर मेरी हिम्मत उन्हें सामने देख कर ही टूट जाती | ऐसा ही मेरा समय बस उनकी यादो में गुजर रहा था | फिर एक दिन मैंने सोचा कि सर से अपने दिल की बात कह दूँगी और उस दिन मैं सज धज के गई थी | आईने में घर से निकलने के पहले मैंने देखा था सच में सुन्दर लग रही थी मैं | जब सर अपने रूम में बैठे हुए थे तब मैं उनके रूम में गई और सर से अपने दिल की पूरी बात कह दी | मैं सर का जवाब सुन कर दंग रह गई जब सर ने कहा कि प्यार तो मैं भी तुमसे करता हूँ पर मेरी हिम्मत नहीं होती तुमसे बात करने की | ये बात सुन कर मैं खुश भी थी कि चलो सर भी मुझसे प्यार करते हैं | हम दोनों की बात अब शुरू हो गई थी और हमारा रिलेशन बहुत ही अच्छे मोड़ में चल रहा था | हमारे बीच कभी अनबन नहीं होती और हम दोनों बहुत ही अंडरस्टैंडिंग से प्यार को निभा रहे थे | हम दोनों का प्यार अब बहुत ही आगे बढ़ चुका था | अब हमारे प्यार को सेक्स की जरुरत थी | अखिलेश ने मुझसे कहा कि कल मैं अकेले रहूँगा तुम चाहो तो हम कल अपने प्यार को और आगे बढ़ाना है तो आ जाना | मैंने कहा अखिलेश मैं क्यूँ नहीं आउंगी | मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ तुम जहाँ बुलाओगे मैं वहां आ जाउंगी | बस फिर क्या था मैंने कल सभी बच्चो को छुट्टी दे दी कोचिंग से | फिर अगले दिन मैं मैं अखिलेश के घर पंहुच गई |

अखिलेश ने मुझे अपनी बांहों में भर कहा मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ आई लव | मैंने भी अखिलेश के माथे को चूम कर कहा मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ आई लव यू टू | फिर उन्होंने मुझे नीचे उतारा और अपने होंठ को मेरे होंठ से लगा कर चुम्बन करने लगे | अखिलेश के चुम्बन से मैं बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गई थी | फिर मैंने अखिलेश के पूरे कपड़े उतार कर नंग कर दिया और अखिलेश ने मेरे एक एक कर के पूरे कपड़े उतार कर नंगा कर दिया | अब हम दोनों नंगे ही सांप की तरह एक दुसरे के बदन को सहला रहे थे | फिर उसने मेरे दूध को अपने मुँह में लिया और बारी बारी से चूसने लगा तो मेरे मुँह से अआहा ऊनंह ऊउम्ह ऊंह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्ह ऊउन्न्ह आहा की सिस्कारियां निकलने लगी | वो जोर जोर से मेरे दूध को मसल मसल कर चूस रहा था और मैं अआहा ऊनंह ऊउम्ह ऊंह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्ह ऊउन्न्ह आहा करते हुए उसके बदन को प्यार कर रही थी | फिर मैंने उसके लंड को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया तो उसके मुँह से भी अआहा ऊनंह ऊउम्ह ऊंह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्ह ऊउन्न्ह आहा की आवाज़ निकलने लगी | मैंने उसके लंड को चाट कर गीला किया और उसके बाद लंड को अपने मुँह में डाल कर चूसने लगी तो वो अआहा ऊनंह ऊउम्ह ऊंह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्ह ऊउन्न्ह आहा करते हुए मेरे मुँह में लंड पेलने लगा | उसके बाद उसने मुझे लेटाया और मेरी चूत पर अपनी लम्बी जीभ फेरने लगा तो मैं अआहा ऊनंह ऊउम्ह ऊंह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्ह ऊउन्न्ह आहा करते हुए आँखे बंद कर ली | उसके बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत के अन्दर डाल दिया और चोदने लगा तो मैं अआहा ऊनंह ऊउम्ह ऊंह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्ह ऊउन्न्ह आहा करते हुए सिस्कारियां लेने लगी | वो बहुत ही जोर जोर से मेरी चूत को चोद रहा था और मैं भी अआहा ऊनंह ऊउम्ह ऊंह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्ह ऊउन्न्ह आहा करते हुए अपनी कमर उचका उचका कर चुदाई के मजे ले रही थी | फिर उसने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से लंड डाल कर चोदने लगा तो मैं भी अआहा ऊनंह ऊउम्ह ऊंह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्ह ऊउन्न्ह आहा करते हुए अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चुदाई में साथ देने लगी | करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद उसने अपना माल मेरे दूध पर निकाल दिया |

आज भी हमे जब भी मौका मिलता है हम चुदाई कर लेते हैं | तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मजा आया होगा |


Comments are closed.