सौम्या को सुख दिया

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Saumya ko sukh diya कॉलेज का मेरा पहला वर्ष था और पहले ही वर्ष में जब मुझे रुपाली मिली तो रुपाली और मैं एक दूसरे को प्यार करने लगे। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करने लगे थे लेकिन रुपाली के पापा का बहुत बड़ा बिजनेस है जिस वजह से वह चाहते थे की रुपाली की शादी किसी अच्छे घराने में हो जाए। अब हम दोनों का कॉलेज भी पूरा हो चुका था और मैं अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद अपनी जॉब पर पूरी तरीके से ध्यान दे रहा था। मैं काफी खुश था कि मैं एक अच्छी कंपनी में जॉब कर पा रहा हूं लेकिन दीपावली की शादी उसके पापा ने कहीं और ही तय कर दी और उसकी शादी हो जाने के बाद मैं पूरी तरीके से टूट चुका था। मेरी जिंदगी में अब कोई भी ऐसा नहीं था जो कि मेरा साथ दे पाता और जिससे मैं अपनी फीलिंग शेयर कर पाता इसलिए मैं बहुत ज्यादा परेशान रहने लगा था। पापा और मम्मी भी मुझे कई बार कहते कि बेटा तुम बहुत ज्यादा परेशान रहते हो तुम्हें अब शादी कर लेनी चाहिए।

मैंने भी उम्र के 28वे वर्ष में कदम रखा और मेरी भी शादी तय हो गई। मेरी शादी सौम्या से तय हो गई सौम्या से जब मैं पहली बार मिला तो सौम्या से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा और उसे भी मुझसे मिलकर बहुत ही अच्छा लगा। अब हम दोनों के बीच काफी ज्यादा नजदीकियां बढ़ चुकी थी और हम दोनों ने एक दूसरे को पसंद भी कर लिया था। हम दोनों के परिवार पहले से ही एक दूसरे को जानते थे जिस कारण सौम्या और मैंने एक दूसरे से शादी करने का फैसला कर लिया था और अब हम दोनों की शादी तय हो चुकी थी। मैं भी सौम्या को कहीं ना कहीं पसंद करने लगा था और सौम्या को भी मेरा साथ अच्छा लगने लगा तो हम दोनों की शादी हो गई और सौम्या मेरी पत्नी बन चुकी थी। जब सौम्या मेरी पत्नी बनी तो उसके बाद मेरे जीवन में काफी बदलाव आने लगे थे मैं ज्यादातर समय सौम्या के साथ ही बिताया करता और उसे भी मेरे साथ बहुत ही अच्छा लगता जब भी हम दोनों साथ में होते हैं। हम दोनों के बीच प्यार काफी ज्यादा बढ़ता जा रहा था और अब हम दोनों बहुत ही ज्यादा करीब आ चुके थे। एक समय ऐसा आया जब सौम्या और मुझे कुछ समय के लिए अलग होना पड़ा क्योंकि मैं अपने ऑफिस के काम के सिलसिले में कुछ दिनों के लिए बाहर गया हुआ था जिस कारण मैं और सौम्या एक दूसरे के लिए बहुत ज्यादा तड़प रहे थे मैं सौम्या को बहुत ज्यादा मिस कर रहा था।

जब मैं अपने घर लौटा तो उस दिन सौम्या और मैंने साथ में समय बिताने का फैसला कर लिया और हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया। हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे जिस तरीके से हम दोनों ने उसके साथ में समय बिताया। मुझे तो सौम्या के साथ हमेशा ही अच्छा लगता है। सौम्या कुछ दिनों के लिए अपने मायके जाना चाहती थी और उसने मुझे कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए अपने मायके जाना चाहती हूं मैंने सौम्या को कहा कि ठीक है तुम कुछ दिनों के लिए पापा मम्मी से मिल आओ। वह कुछ दिनों के लिए पापा मम्मी से मिलने चली गयी और कुछ दिन बाद वह घर वापस लौट आई थी। उसके बाद सौम्या चाहती थी कि वह किसी कंपनी में जॉब करें लेकिन मैंने उसे मना कर दिया था फिर सौम्या ने हमारे घर के पास ही एक प्राइवेट स्कूल है वहां पर उसने जॉब के ट्राई किया और उसकी जॉब वहां पर लग गई। अब वह स्कूल में पढ़ाने लगी थी और जब भी हम दोनों को समय मिलता तो हम दोनों साथ में काफी अच्छा समय बिताया करते हैं और हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी खुश भी थे। एक दिन मैं और सौम्या साथ में बैठे हुए थे उस दिन जब हम दोनों साथ में बैठकर बातें कर रहे थे तो सौम्या ने मुझे कहा  कल उसकी छोटी बहन कुसुम हमसे मिलने के लिए आ रही है। मैंने सौम्या को कहा कि कुसुम तो मुंबई में जॉब कर रही थी क्या वह घर आ गई है तो वह मुझे कहने लगी कि हां वह कुछ दिनों के लिए घर आई हुई है इसीलिए तो कल वह हम लोगों से मिलने के लिए आने वाली है।

मैंने सौम्या को कहा चलो यह तो बहुत अच्छी बात है कि कुसुम कुछ दिनों के लिए घर पर आ रही है और इस बहाने हमारी उससे मुलाकात भी हो जाएगी। सौम्या की छोटी बहन कुसुम जो पढ़ने में बहुत ही अच्छी थी और उसका कॉलेज कैंपस प्लेसमेंट में सलेक्शन हुआ और वह मुंबई की एक बड़ी कंपनी में जॉब करने लगी। अगले दिन सुबह मैं अपने ऑफिस चला गया था ऑफिस में कुछ ज्यादा ही काम था इसलिए मुझे घर लौटने में उस दिन काफी ज्यादा देर हो गई थी। जब मैं घर लौटा तो उस दिन कुसुम घर पहुंच चुकी थी मैंने कुसुम से कहा कि तुम्हारा सफर कैसा रहा तो वह कहने लगी कि जीजा जी मेरा सफर तो अच्छा रहा उसके बाद कुसुम और मैं कुछ देर साथ में बैठे रहे फिर मैं अपने रूम में चला गया। मैं अपने रूम में चला गया था और वहां पर मैं कपड़े चेंज करने लगा फिर मैं बाहर हॉल में आकर बैठा तो कुसुम और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे। थोड़ी देर तक हम लोगों ने बातें की और फिर सौम्या मुझसे कहने लगी कि आप खाना खा लीजिए। हम लोगों ने खाना खा लिया था और उसके बाद मैं सोने के लिए रूम में चला गया कुसुम और सौम्या साथ में बैठकर बातें कर रहे थे। थोड़ी देर के बाद सौम्या भी रूम में आ गई और वह मेरे बगल में आकर लेट गई। वह मेरे बगल में आकर लेटी तो मैंने उसकी छाती पर अपने हाथ को रखा वह मचलने लगी।

मैं काफी खुश था मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू कर दिया था उसके बदन से मैं पूरे कपड़े उतार चुका था जिसके बाद वह काफी ज्यादा उत्तेजित हो गई थी और मुझे कहने लगी मैं बहुत ज्यादा गरम हो गई हूं। मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था ना ही वह अपने आपको रोक पा रही थी शायद यही वजह थी मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो सौम्या ने उसे अपने हाथों में ले लिया। उसे जैसे लंड को सकिंग करने की आदत थी वह मेरे लंड को पूरे मुंह के अंदर तक लेने लगी थी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था जिस तरीके से वह मेरे मोटे लंड को चूस कर मेरी गर्मी को बढाए जा रही थी। मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी मैं पूरी तरीके से उत्तेजित भी हो चुका था क्योंकि मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था इसलिए मैंने सौम्या की चूत मारने का फैसला किया लेकिन उसने मेरे लंड पर कंडोम चढ़ा दिया। कंडोम चढ़ाने के बाद उसने मुझे कहा तुम मेरी चूत मार लो। उसने अपने पैरों को खोल लिया था उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था उसकी योनि के अंदर जब मैंने अपने लंड को प्रवेश करवाया तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया और मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था। मैं उसे अच्छे से चोदे जा रहा था। मैं उसकी चूत के अंदर बाहर लंड को करे जा रहा था।

वह मुझे कहने लगी तुम ऐसे ही मुझे धक्के मारते रहो। मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था और उसकी चूत मारने में मुझे जो आनंद आ रहा था वह एक अलग ही अनुभूति पैदा कर रहा था। मैं बड़ा खुश था जिस तरीके से मैंने उसकी चूत का आनंद लिया मेरे अंडकोष से वीर्य बाहर निटलने वाला था लेकिन मैं चाहता था मैं अपने वीर्य को उसकी योनि के अंदर गिरा दूं। मैंने अपने लंड से कंडोम को उतार कर उसकी चूत के ऊपर अपने वीर्य की पिचकारी डाली जिस से कि उसकी योनि पूरी तरीके से गीली हो गई थी और वह मुझे कहने लगी आज तो मजा ही आ गया। उसके बाद उसने अपनी योनि को साफ करते हुए कहा तुमने मुझे अपना दीवाना बना दिया है यह कहकर उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे बहुत अच्छे से सकिंग करने लगी। वह जब मेरे मोटे लंड को सकिंन कर रही थी तो मुझे मज़ा आ रहा था और उसे भी काफी ज्यादा मजा आने लगा था जिस तरीके से वह मेरे मोटे लंड को चूसकर मेरे वीर्य को बाहर निकालने वाली थी उससे मैं बड़ा खुश हो गया था और उसने ऐसा ही किया। उसने मेरे लंड से मेरे वीर्य को बाहर निकाल दिया था उसके बाद मैं और वह एक दूसरे की बाहों में लेट चुके थे। मैं सौम्या की चूत मारने के लिए अक्सर तैयार रहता हूं मैं उसे चोदने के लिए उसके घर पर चला जाता था।


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