सट्टे के बाद आया जोरदार मजा

Satte ke baad aaya jordar maja:

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मेरा नाम राहुल है मेरी उम्र 22 वर्ष है और मैं कल काठी में बहुत लंबा हूं अभी फिलहाल में पढ़ाई ही कर रहा हूं। यह मेरा लास्ट ईयर है उसके बाद मेरी पढ़ाई कंप्लीट हो जाएगी तो मैं जॉब के लिए ट्राई करूंगा। मेरे मम्मी पापा भी मुझ पर ज्यादा फोर्स नहीं डालते हैं वह सिर्फ मुझे कहते हैं कि तुम पढ़ाई में ध्यान देते रहो बाकी हम सब करते है। क्योंकि उन्होने मुझे आज तक कभी भी किसी चीज के लिए मना नहीं किया और ना ही मुझे कभी रोका है। कुछ भी करने से मैं अपने दोस्तों के साथ भी बहुत सारी पार्टियां करता हूं और बहुत इंजॉय करता हूं। मैं घर पर कम ही रहता हूं जिसकी वजह से मेरे घर वाले सिर्फ मुझे इसी बात के लिए कहते हैं कि बेटा थोड़ा घर पर भी समय दे दिया करो। इसके बाद तुम कहीं जॉब पर चले जाओगे तो तब तुम समय नहीं दे पाओगे। तब मुझे भी अहसास हुआ कि मुझे घर पर ही थोड़ा समय देना चाहिए और मैंने उसके बाद उन्हें घर पर टाइम देना शुरू किया।

मैं कॉलेज से सीधा ही अपने घर आ जाता था और मैंने दोस्तों से मिलना भी काफी कम कर दिया था। मुझे बहुत कम जानकारी रहती थी कि हमारे अगल बगल में कौन रहता है। मुझे एक दिन एक सुंदर सी लड़की दिखी मैंने एक-दो दिन तक तो उससे बात नहीं की मुझे लगा शायद किसी के घर रिश्तेदारी में आई होगी। लेकिन ऐसा नहीं था वह हमारी कॉलोनी में ही रहती थी मैं अपनी कॉलोनी में बहुत कम रहता था। इस वजह से मुझे ज्यादा जानकारी नहीं थी मैं जब भी अपने घर से बाहर निकलता तो वह लडकी अधिकांश मुझे दिख जाती थी। एक दिन मैंने ऐसे ही उससे पूछ लिया क्या आप हमारी कॉलोनी में रहती है। उसने कहा हां मैं यहीं पर रहती हूं। मैंने भी उसे कहा कि मैं यही रहता हूं तो उसने मुझे बोला कि मैंने कभी आपको देखा नहीं है। मैंने उसे बताया कि मैं घर पर थोड़ा कम ही रहता हूं ज्यादातर अपने दोस्तों के साथ ही रहता हूं और रात को घर आता हूं। इस वजह से शायद आपने कभी मुझे देखा ना हो। उस लड़की का नाम सुनीता था वह एकदम हॉट और सेक्सी फिगर वाली थी। मेरी उससे इतनी ही बात हुई थी।

एक दिन मुझे पता चला कि उसकी शादी होने वाली है तो मैं सोचने लगा यार वह तो बहुत ज्यादा माल थी और उसने इतनी जल्दी शादी कर रही है पता नहीं कैसे उसकी शादी हो रही है। मैंने ज्यादा उसके बारे में सोचा नहीं और अपनी पढ़ाई पर लगा रहा। मेरा कॉलेज भी कंप्लीट होने आ गया था और तभी उस लड़की की शादी हो चुकी थी। मेरे कॉलेज के कंप्लीट होने के एक साल बाद मुझे जयपुर में जॉब मिल गई और मैं जयपुर ही चला गया। पहले तो मुझे काफी दिक्कत हुई जयपुर में सारी चीजों को सेटल करने में और मैंने जब सेटल कर लिया था। उसके बाद धीरे-धीरे मेरा रूटीन सही बैठ गया था। मैं अब अपने ऑफिस जाता था ऑफिस से घर आता था। घर में मेरे लिए मेड खाना बना कर रखती थी और बस यही मेरी दिनचर्या थी। 6 महीने बाद वह लड़की मुझे मेरे कॉलोनी में दिखी मैंने उससे पहचाना नहीं क्योंकि वह थोड़ा सी मोटी हो चुकी थी। मुझे लगा शायद कोई और होगी उसके जैसी शक्ल मिलती होगी। एक दिन ऐसे ही जब मैं ऑफिस के लिए जा रहा था तो वह भी कुछ सामान लेकर आ रही थी। मैंने उससे पूछा क्या आप अजमेर में रहती थी तो उसने बताया कि हां मैं अजमेर की ही रहने वाली हूं। मैंने उसे जब बताया मेरा नाम राहुल है मैं आपके पड़ोस में ही रहता था। तो उसने मुझे पहचान लिया और वह बहुत खुश हुई क्योंकि आपके शहर का यदि कोई अनजान व्यक्ति भी आपको मिल जाता है तो आपको बहुत खुशी होती है। वह मुझे कहने लगी कि तुम मेरे घर पर आना तब हम बात करेंगे।

मैंने उसे कहा ठीक है अभी तो मैं जल्दी मैं भी हूं और इस समय मेरे पास भी टाइम नहीं है। जब फ्री होऊंगा तो उस दिन आपके पास आता हूं। मैंने उससे उसके घर का एड्रेस ले लिया था। जिस दिन हमारे ऑफिस की दो दिन की छुट्टियां थी तो मैंने सोचा कि मैं यहां पर भी ज्यादा किसी को जानता भी नहीं हूं। मै सुनीता के घर ही चला जाता हूं तो मैं सुनीता के घर पर चला गया। मैं जब उसके घर गया तो उसने अपने पति से मुझे मिलाया। उसके पति मर्चेंट नेवी में थे और उसी दिन शाम को जाने वाले थे। उन्होंने मुझे कहा कि यहां पर कहां जॉब करते हो तुम मैने अपने जॉब के बारे में बताया उसके बाद वह कहने लगे कि मैं आज शाम को निकल रहा हूं। मुझे 2 महीने हो चुके हैं घर पर चलो अब तुम आ गए हो तो सुनीता को भी कंपनी मिल जाया करेगी। मैंने बोला जी बिल्कुल क्यों नहीं मैं सुनीता को भी कंपनी दे दिया करूंगा। हम लोगों ने काफी बातें की उस दिन मैंने सुनीता का नंबर भी ले लिया था और मैं अपने घर पर आ गया। शाम को उसके पति मुझे जाते हुए मिल गए थे और वह दोबारा से मुझे कहने लगे कि तुम सुनीता का ध्यान रखना। मैंने कहा बिल्कुल आप चिंता मत कीजिए मैं सुनीता का बिल्कुल ध्यान रखूंगा।

अगले दिन सुबह मैं सुनीता के घर पर चला गया। वह मुझे देख कर बहुत खुशी हुई और कहने लगी तुम सुबह-सुबह कैसे आ गए मैंने बोला बस ऐसे ही सोचा आज पूरा दिन तुम्हारे साथ ही रहू। वह कहने लगी क्यों नहीं हम लोग ऐसे ही बैठे हुए थे तो मैंने उससे पूछ लिया की तुम्हें बहुत अजीब सा लग रहा होगा जब तुम्हारे पति जा रहे थे। वो कहने लगी हां लग ही रहा है पिछले दो-तीन महीने से वह मेरे साथ थे। मैंने उसे यह भी पूछ लिया कि क्या तुम लोग सेक्स 2 महीने से कर रहे थे। वह कहने लगी कि 2 महीने  उन्होंने मुझे बहुत अच्छे से चोदा जिससे कि मुझे अब आदत सी हो गई है। उसने जैसे ही मुझे यह सब कह तो मैं समझ गया कि इसको मेरा लंड चाहिए। मैंने तुरंत ही अपने लंड को अपनी पैंट से बाहर निकाल दिया। जैसे ही उसने मेरा लंड देखा तो वह बहुत ज्यादा उत्साहित हो गई और तुरंत ही मेरे पास आकर बैठ गई। मुझे सुनीता ने कहा तुम्हारा लंड बहुत ज्यादा मोटा है। मैंने बोला हां इसने भी बहुत आंटियों को चोदा है। अब तो तुम भी मेरे लंड को अपने अंदर लोगी।

वह कहने लगी हां ऐसे कहते ही उसने मेरे लंड को अपने मुंह में समा लिया और उसे अंदर बाहर करने लगी। जब वह सकिंग करती तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मुझे ऐसा लग रहा था मानो कितने समय बाद किसी ने मेरा लंड को अपने मुंह में लिया। मैंने उसे अपने गोद में बैठा लिया। मैंने भी उसकी चूत मे हाथ डाल दिया क्योंकि उसने लोअर पहना हुआ था तो मुझे उसकी चूत में हाथ डालने मे कोई दिक्कत नहीं हुई। मैंने तुरंत ही उसके लोअर को उतार कर साइड में रख दिया। अब ऐसे ही वह मेरे ऊपर बैठी रही मैंने उसकी पैंटी को फाडते हुए फेंक दिया। अब वह मेरे लंड पर बैठी हुई थी। जैसे ही वह बैठी थी तो मैं उसे ऐसे ही झटके मारने लगा। मैं बड़ी तेजी से उसे धक्के मारता और वह भी अपने चूतड़ों को मेरे लंड पर लाकर रख देती। मैं जैसे ही यह सब देख रहा था तो मुझे काफी अच्छा लग रहा था उसकी बड़ी-बड़ी चूतडे मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी। मैंने उसे कहा कि तुम्हारे पति ने लगता है तुम्हें बहुत अच्छे से चोदा है। वह कहने लगी 2 महीने से उन्होंने मुझे पैंटी भी नहीं पहनने दी वह तो आज ही पहनी है नहीं तो वह मुझे ऐसा पेला करते थे कि मुझे पता ही नहीं चलता था कि मेरे शरीर का अंजर पंजर कहां है लेकिन मज़ा भी बहुत आता था।

वह मुझे कहने लगी कि तुम्हारे साथ बहुत मजा आ रहा है तुम्हारा लंड भी बहुत मोटा और बड़ा है। जिससे कि मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने में अच्छा लग रहा है। यह कहते हुए मै उसे बड़ी तेजी से झटके मारते जा रहा था। अब मैंने उसके ऊपर के टॉप को भी उतार दिया और उसके स्तनों को अपने मुंह से चूसने लगा। मैं ऐसे ही काफी देर तक करता रहा लेकिन मुझे तो उसके मुंह में वीर्य गिराना था। मैंने तुरंत लंड को बाहर निकाला मेरा वीर्य उसके मुंह में जाकर गिर गया। जैसे ही मेरा वीर्य उसके मुंह में गया तो मुझे ऐसा लगा पता नहीं कितने समय बाद मुझे अच्छा लगा हो। अब तो मेरा उसके घर पर आना जाना लगा हुआ है।


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