सरिता के साथ मजेदार सेक्स

Antarvasna, hindi sex story:

Sarita ke sath majedar sex भैया की शादी बड़े ही धूमधाम से हुई और सब लोग बड़े ही खुश थे। शादी के बाद भाभी ने घर की सारी जिम्मेदारी संभाल ली थी और भैया की शादी हो जाने के बाद भैया भी बड़े खुश थे। भैया और भाभी कुछ दिनों के लिए शिमला घूमने के लिए चले गए। जब वह लोग वहां से वापस लौटे तो तब तक मेरी जॉब भी मुंबई में लग चुकी थी और मुझे कुछ दिनों बाद मुंबई जाना था। मुंबई जाने से पहले मैं अपने पुराने दोस्तों से मिलना चाहता था और मैं जब अपने दोस्तों से मिला तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा। काफी समय बाद मैं अपने दोस्तों से मिल रहा था लेकिन जब मैं मुंबई गया तो मुझे शुरुआत में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुझे मुंबई में रहने में भी काफी परेशानी हुई और उसके बाद मैं मुंबई में अलग से रहने लगा। पहले मैं अपने दोस्त के साथ रहता था लेकिन ज्यादा समय मैं उसके साथ नहीं रह पाया और फिर मैंने अलग रहने का मन बना लिया था। मैं अब जिस कॉलोनी में रहता हूं वहां पर मेरे ऑफिस में  काम करने वाला दोस्त रजत भी रहता है रजत और मैं साथ में ही ऑफिस जाया करते हैं।

एक दिन सुबह रजत और मैं ऑफिस के लिए निकले थे जब उस दिन हम दोनों अपने ऑफिस पहुंचे तो रजत ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए पुणे जा रहा है। मैंने रजत से पूछा कि क्या तुम किसी जरूरी काम से जा रहे हो तो रजत ने मुझे कहा कि हां वह अपनी दीदी से मिलने के लिए पुणे जा रहा है। मैंने रजत को कहा कि तुम वहां से वापस कब लौटोगे तो रजत ने मुझे बताया कि वह वहां से जल्द ही वापस लौट आएगा। रजत अब कुछ दिनों के लिए पुणे चला गया था और वह कुछ दिनों तक पुणे में ही रहा। जब वह वहां से वापस लौटा तो रजत काफी खुश था मैंने उससे जब इस बारे में पूछा तो रजत ने मुझे बताया कि उसकी मुलाकात राधिका से हुई थी। मैं राधिका को पहचानता नहीं था जब मैंने रजत से इस बारे में पूछा तो उसने मुझे बताया कि राधिका और वह साथ में पढ़ा करते थे। रजत कभी भी राधिका से अपने दिल की बात नहीं कह पाया था परन्तु अब रजत ने अपने दिल की बात राधिका से कह दी थी और उन दोनों का रिलेशन भी चलने लगा था इस बात से रजत बड़ा ही खुश था।

मैंने रजत को कहा कि चलो यह तो बड़ी अच्छी बात है कि तुम्हें तुम्हारा प्यार मिल चुका है। रजत और राधिका अपने रिलेशन को आगे बढ़ा रहे थे और वह दोनों अब शादी भी करना चाहते थे। मैंने जब रजत से इस बारे में पूछा कि आखिर तुम लोग शादी कब कर रहे हो तो रजत ने मुझे कहा कि राधिका की फैमिली अभी इसके लिए तैयार नहीं है लेकिन हम दोनों शादी करने के लिए तैयार हैं। मैंने रजत से कहा कि तुम लोग कोर्ट मैरिज क्यों नहीं कर लेते, अगर राधिका और तुम दोनों शादी के लिए तैयार हो तो तुम दोनों को कोर्ट मैरिज कर लेनी चाहिए। रजत और राधिका ने कोर्ट मैरिज करने का फैसला कर लिया था। जब दोनों की कोर्ट मैरिज हो गई तो उसके बाद राधिका की फैमिली ने भी उन दोनों के रिलेशन को स्वीकार कर लिया था और राधिका और रजत बहुत ही ज्यादा खुश थे।

रजत और राधिका मुझे हर रोज मिला करते थे और जब भी वह दोनों मुझे मिलते तो मुझे काफी अच्छा लगता। एक दिन रजत ने मुझे कहा कि क्या तुम राधिका को आज रेलवे स्टेशन से लेकर जाओगे तो मैंने रजत को कहा कि हां मैं राधिका को रेलवे स्टेशन से लेके आ जाऊंगा। रजत को अपने किसी जरूरी काम से अपने एक रिलेटिव के घर जाना था और उस दिन मैं राधिका को लेने के लिए रेलवे स्टेशन चला गया। जब मैं राधिका को लेने के लिए रेलवे स्टेशन गया तो उस दिन राधिका के साथ में एक लड़की और भी थी और जब राधिका ने मेरा परिचय सरिता से करवाया तो मुझे सरिता से मिलकर अच्छा लगा। सरिता से मैं पहली बार ही मिल रहा था लेकिन मुझे उससे मिलकर अच्छा लगा सरिता राधिका की चाचा की लड़की है और मुझे सरिता से मिलकर अच्छा लगा था, मैं सरिता से मिलकर बड़ा खुश था।

मैं उस दिन राधिका और सरिता को घर ले आया था और शाम के वक्त जब मुझे रजत मिला तो रजत ने मुझे कहा कि आज हम लोग कहीं डिनर पर चलते हैं और उस दिन हम लोग डिनर पर गए। हम चारों लोग साथ में बैठे हुए थे और मैं बार-बार सरिता की तरफ देखे जा रहा था और सरिता जब भी मेरी तरफ देखती तो वह मुस्कुरा दिया करती। मुझे भी सरिता काफी पसंद आने लगी थी इस वजह से मैं चाहता था कि मैं सरिता से अपने दिल की बात कह दूं लेकिन यह इतना आसान होने वाला नहीं था। कुछ ही दिनों बाद सरिता पुणे चली गई और मेरा सरिता से उसके बाद कोई भी संपर्क नहीं हो पाया था। मैंने सरिता का नंबर भी नहीं लिया था लेकिन मैंने जब यह बात रजत को बताई तो रजत ने मेरी काफी मदद की और रजत ने मुझे सरिता का नंबर दे दिया। उस दिन के बाद मेरी बात सरिता से होने लगी तो हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी खुश थे और एक दूसरे के साथ हम लोग फोन पर बातें किया करते।

मैं चाहता था कि मैं सरिता को अपने दिल की बात कह दूं और मैंने सरिता से जब अपने दिल की बात शेयर की तो सरिता भी मुझे मना ना कर सकी और हम दोनों का रिलेशन चलने लगा था। हम दोनों एक दूसरे से दूर थे सरिता पुणे में ही रहती है और मैं मुंबई में रहता हूं लेकिन हम दोनों की फोन पर ही बातें हो पाती है। मैं चाहता था कि मैं सरिता को मिलने के लिए पुणे जाऊं और मैं सरिता को जब मिलने के लिए पुणे गया तो मुझे सरिता से मिलकर अच्छा लगा। पुणे में मैं दो दिनों तक रहा मेरा मन मुंबई आने का नहीं हो रहा था मैं सोच रहा था कि क्यों ना मैं कुछ दिन और पुणे में ही रुक जाऊं। मैं सरिता को बहुत ज्यादा मिस करने लगा था और मैं मुंबई वापस आ चुका था लेकिन हम दोनों की फोन पर ही बातें होती थी। मुझे सरिता से बातें कर के अच्छा लगता सरिता ने जब मुझे बताया कि वह अब मुंबई में ही जॉब करने वाली है तो मैं इस बात से बड़ा खुश था। मैंने सरिता से पूछा कि तुम मुंबई कब आ रही हो तो सरिता ने मुझे बताया कि वह जल्दी ही मुंबई आ रही है। सरिता की जॉब अब मुंबई में ही लग चुकी थी और सरिता बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से वह मुंबई में रहने लगी थी और हम दोनों एक दूसरे को मिलने लगे थे।

हम दोनों की मुलाकात तो हर रोज ही होती थी और हम दोनों एक दूसरे से मिलकर काफी खुश होते। जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ में होते तो हमें बहुत ही अच्छा लगता। सरिता और मैं हर रोज एक दूसरे को मिला करते थे लेकिन एक दिन जब मैं और सरिता एक दूसरे को मिलते। एक दिन हम दोनों पार्क में बैठे हुए थे हम दोनों के बीच किस हो गया था। जब हम दोनों के बीच के बीच किस हुआ तो मैं उस दिन अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सका और मैंने सरिता को कहा क्यों ना आज हम लोग कहीं चलें। वही पार्क के पास मेरे एक दोस्त का घर है मैंने सरिता से कहा क्या तुम मेरे साथ मेरे दोस्त के घर चलो। सरिता मेरी बात मान गई हम लोग मेरे दोस्त निखिल के घर पर चले गए जब हम लोग निखिल के घर गए तो वहां पर मैं और सरिता साथ बैठे हुए थे। मेरा हाथ सरिता के स्तनों पर था और सरिता अपने आपको रोक नहीं पाई। वह मुझे किस करने लगी। हम दोनों एक दूसरे के होठों को चूम कर एक दूसरे की गर्मी बढ़ा रहे थे।

अब मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था ना तो मैं अपने आप को रोक पाया और ना ही सरिता अपने आपको रोक पर ही थी। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो सरिता ने उसे अपने मुंह में ले लिया और वह उसे अपने मुंह में लेकर सकिंग करने लगी। मुझे बड़ा मजा आने लगा था और सरिता को भी बहुत अच्छा लग रहा था जिस तरीके से वह मेरे लंड को चूसने लगी थी सरिता ने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया था अब मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सका। मैंने सरिता को कहा मैं तुम्हारी चूत में लंड को डालना चाहता हूं। मैंने सरिता के कपड़े उतार कर उसकी योनि को चाटना शुरू किया उसकी चूत को चाटने के बाद जब मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाया तो वह अपने पैरों को खोलने लगी और मुझे अपने पैरो के बीच मे जकडने लगी। मैंने सरिता की गीली चूत पर अपने मोटे लंड को लगाकर सरिता की चूत के अंदर घुसाया तो सरिता जोर से चिल्लाई वह मुझे बोली मुझे मजा आने लगा है। सरिता और मुझे बहुत मजा आने लगा था हम दोनों एक दूसरे के साथ देने लगे थे।

मेरा लंड सरिता की चूत को चीरता हुआ अंदर की तरफ जा चुका था मुझे काफी अच्छा लग रहा था जिस तरीके से सरिता और मैं एक दूसरे का साथ दे रहे थे। मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के दिए जा रहा था मेरे धक्कों में तेजी आ रही थी और सरिता की सिसकारियां भी बढ़ती जा रही थी। मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब मेरा लंड सरिता की चूत के अंदर जा रहा था। उसकी मादक आवाज मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित करती जा रही थी। जिस तरीके से सरिता मुझे उत्तेजित कर रही थी उससे मैं बड़ा खुश था और सरिता भी बहुत ज्यादा खुश थी। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ बड़े ही अच्छे से सेक्स संबंध बनाए और मैंने अपने माल की पिचकारी को सरिता की चूत मे गिराकर उसकी चूत की गर्मी को शांत कर दिया था और हम दोनों ने उसके बाद दोबारा  से सेक्स किया। हम दोनों को बड़ा मजा आया जिस तरीके से हम लोगों ने सेक्स संबंध बनाए और एक दूसरे की गर्मी को शांत कर दिया था।


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