सरिता भाभी की फटी हुई लेगिंग्स में से लंड को डाला

Sarita bhabhi ki phati hui leggings me se lund ko dala:

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मेरा नाम अरविंद है और मैं बनारस का रहने वाला एक 40 वर्ष का व्यक्ति हूं। मेरी शादी को 1 वर्ष हो चुका हैं और मैं अपनी शादी से बहुत ही खुश हूं। मेरी एक छोटी सी दुकान भी है। जिसमें कि हमारे मोहल्ले के सब लोग आते हैं और मेरी दुकान से ही वह लोग सामान खरीदा करते हैं। मोहल्ले में मैं सब लोगों से परिचित हूं। क्योंकि मेरी दुकान काफी वर्ष पुरानी है और सब लोग मेरी दुकान में आकर कुछ न कुछ खरीदते रहते हैं। इस वजह से मुझे उनके बारे में भी जानकारी होती है। कि कौन क्या कर रहा है और कौन क्या नहीं कर रहा। मैं सारे मोहल्ले वालों की जानकारी रखता हूं और कभी भी किसी को कुछ भी कोई जानकारी मुझसे लेनी होती है तो वह मुझसे इस बारे में जानकारी ले लेते है। मुझे सब के बारे में पता होता कि कौन क्या कर रहा है और कौन क्या नहीं। मैं अपने मोहल्ले में सबकी मदद भी कर दिया करता था। यदि किसी को घर में कुछ भी काम होता है या किसी को मेरी आवश्यकता पड़ती तो मैं तुरंत ही सबसे आगे रहता। एक बार एक आदमी मेरी दुकान पर आए और मुझसे पूछने लगे क्या यहां पर कोई हमें घर मिल सकता है किराए पर। मैंने उन्हें बताया कि मैं आपको घर दिलवा दूंगा। वह कहने लगा मुझे जल्दी ही घर चाहिए। तो मैंने उनसे पूछा आप क्या करते हैं। वह कहने लगे कि मैं एक सरकारी कर्मचारी हूं और मेरे साथ मेरी पत्नी और मेरे दो छोटे बच्चे हैं। मैन कहा की ठीक है। आप कल आ जाइए। मैं आपको कुछ घर दिखा दूंगा। मैं उनके पते आपको दे दूंगा। आप वहां जाकर पता कर लेना।

अब वह अगले दिन मेरे पास आया और मैंने उन्हें कुछ फोन नंबर दे दिए। जिससे कि उन्होंने बात की और उन्हें हमारे मोहल्ले में ही एक घर मिल गया। अब वह हमारी दुकान पर आए और कहने लगे कि मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। कि आपकी वजह से मुझे घर मिल गया है। वह बहुत खुश थे। जिस दिन वह लोग सामान शिफ्ट कर रहे थे उस दिन उन्होंने मेरी मदद भी ली। मैंने उनके घर में उनका सामान रखवाने में बहुत ही मदद की। जिससे वह बहुत ही खुश थे। अब वह भी मेरी दुकान पर आ जाया करते थे और सामान लेकर चले जाते। उनकी पत्नी भी मेरी दुकान पर अक्सर आया करती थी। अब उनसे भी मेरी काफी अच्छी बात हो गई थी और एक दिन मैंने उनसे उनका नाम पूछ लिया। उनका नाम सरिता है। उन्हें जब भी कोई आवश्यकता होती तो वह तुरंत ही मुझे बता देती और मैं उनकी आवश्यकताओं को पूरी कर देता। एक दिन उनके घर पर पंखा खराब हो गया था। जिससे वह लोग बहुत परेशान थे और वह तुरंत मेरी दुकान में आए और कहने लगी कि यहां पर आप किसी को जानते हैं जो हमारा पंखा सही कर पाए। मैंने उन्हें कहा कि मैं आपका पंखा सही कर दूंगा। तब मैं उनके साथ उनके घर पर ही चला गया और मैंने उनका पंखा ठीक कर दिया। अब वह बहुत खुश थी। उन्होंने यह बात अपने पति को भी बताई। उनके पति मेरे घर पर आए और मुझे उन्होंने शुक्रिया कहा। वह कहने लगे कि आपने हमारी बहुत मदद की। आपने हमारा घर शिफ्ट करने में भी हमारी बहुत मदद की है और अब आपने हमारा पंखा भी सही कर दिया है। हम आपके बहुत ही शुक्रगुजार हैं। बस इसी तरह ऐसे ही मैं अपनी दुकान में काम करता और जब भी सरिता भाभी मेरी दुकान में आती तो वह मुझसे बहुत सारी बाते  किया करती।

मुझे भी बहुत अच्छा लगता था जब मैं सरिता भाभी को देखता था। उनके बड़े बड़े स्तन तो मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर लेते हैं और मुझे ऐसा लगता कि कभी मैं उनके स्तनों का दूध निकाल कर पी जाऊं लेकिन फिर भी मेरी नेक नीयत मेरे सामने आ जाती है। मुझे लगता है यह सब अच्छा नहीं है मैं इतना अच्छा काम करता हूं उसके बाद किसी के साथ ऐसा बुरा बर्ताव करना मेरे लिए सही नहीं था। मैंने अपनी पत्नी के अलावा किसी और के साथ सेक्स संबंध नहीं बनाया  लेकिन सरिता भाभी खुद ही मेरी तरफ आकर्षित हो रही थी और वह किसी ना किसी तरीके से मुझ पर डोरे डालती रहती थी। वह चाहती थी कि मैं उसकी चूत मारू लेकिन मैं ऐसा नहीं चाहता था। मैं अपनी मर्यादा में रहकर ही अपने काम करता था नहीं तो मोहल्ले में मेरी बेइज्जती हो जाती।

एक दिन वह मेरे पास आई और उस दिन उनके पति भी शायद घर पर नहीं थे। उन्होंने मुझे कहा कि हमारा पंखा आज फिर चलना बंद हो गया है मैंने उन्हें कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे पंखा का देख लेता हूं। मैं जैसे ही उनके घर उनके साथ गया था वह जब सीढ़ी चढ़ रही थी तो उनकी लेगिंग्स नीचे से फटी हुई थी और उनकी चूत का छेद दिखाई दे रही था क्योंकि उन्होंने अंदर से पैंटी नहीं पहन रखी थी। मैं यह सब देख कर बहुत ज्यादा आश्चर्यचकित था और मेरा मूड भी खराब होने लगा। मैंने उन्हें कहा कि आज भाई साहब कहां है वह कहने लगी कि वह कहीं काम से गए हुए हैं। अब मैंने उनसे एक बड़ा स्टूल मंगा लिया और उनके पंखे को देखने लगा लेकिन मेरे दिमाग में अभी उनकी चूत दिखाई दे रही थी। मैंने उन्हें कहा की आप थोड़ी देर पंखे को पकड़ कर रखिएगा मैं जैसे ही वापस आया तो मुझे उनकी चूत दिखाई दे रही थी और मैंने नीचे से ही उनकी चूत के अंदर उंगली डाल दी। जैसे ही मैंने उंगली डाली तो वह मेरे ऊपर गिर गई और पंखा दूर जाकर गिर पड़ा। मैंने उन्हें वहीं जमीन पर लेटाते हुए किस करना शुरू कर दिया और उनके बड़े-बड़े चूचो को दबाता जाता। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसके मुंह में लंड डाल रहा था। मैंने उनके दोनों पैरों को खोलते हुए उनकी लेगिंग्स को भी फाड़ दिया और अपने लंड को उनके चूत के अंदर डाल दिया जैसे ही मैंने अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी और मैं उन्हें ऐसे ही चोदता जा रहा था।

मुझे बहुत ही आनंद आ रहा था जब मैं उन्हें चोद रहा था मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी इच्छा पूरी हो गई हो। उनके स्तन पूरे हिलने लगे थे और मैं उनके स्तनों को भी दबाता जाता। उनका बदन बहुत ही गोरा था मैं यह देखकर बहुत ही खुश हुआ मैं ऐसे ही उन्हें अभी चोद रहा था और वह कहने लगी कि आप तो बहुत ही अच्छे से मेरी चूत मार रहे हैं मुझे बहुत ही आनंद आ रहा है जब आप मुझे चोद रहे हैं। यह सुनकर मेरी छाती और चौड़ी हो गई मैंने उनकी पूरी लेगिंग्स को फाडते हुए उनके स्तनों को अपने मुंह में ले लिया। मैं उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और उन्हें बड़ी तीव्र गति से मैं चोदता रहता। मैंने उनके दोनों पैरों को अपने कंधे पर लाकर रख दिया और ऐसे ही उनकी चूतड़ों पर बड़ी तेज प्रहार कर रहा था मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उन्हें तीव्र गति से धक्के मार रहा था। मेरे माल मेरे लड के टोपे पर आ चुका था और मैंने बड़ी तेज पिचकारी से उनकी योनि के अंदर अपने माल को डाल दिया।

मैंने जैसे ही अपने माल को उनकी योनि के अंदर डाला तो वह बहुत ही खुश हो गई और कहने लगी आपका माल तो कुछ ज्यादा ही गर्म है आपके वीर्य से मुझे बहुत ही आनंद मिला जब वह मेरी चूत मे चला गया। मैंने अपने लंड को उनकी चूत से बाहर निकालते हुए उनके मुंह के अंदर डाल दिया और वह ऐसे ही उसे चूसने लगी। उन्होंने बहुत देर तक मेरे लंड को चूसना जारी रखा। जिससे कि उनका शरीर पूरा गर्म हो चुका था लेकिन वह फिर भी मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी वह इतने अच्छे से अपने मुंह में ले रही थी कि मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे कि मैंने उनकी चूत के अंदर ही अपना लंड को डाल रखा हो। वह बड़े ही अच्छे से मेरे लंड को  चुसती जाती जिससे कि मेरा वीर्य दोबारा से गिरने वाला था और मेरा वीर्य दोबारा से इतनी तीव्र गति से गिरा कि वह सीधा ही उनके मुंह के अंदर जा गिरा और उन्होंने बहुत सारा माल निकलते हुए मुझे कहा कि आपने तो मेरे दिल की इच्छा पूरी कर दी। मैं भी बहुत खुश हुआ की भाभी ने मुझसे अपनी चूत मरवाई।


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