सहेली ने मेरी चूत में बैंगन घुसा दिया 1

Saheli ne meri chut me baigan ghusa diya 1:

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम माधुरी है | मैं आज आप लोगो के सामने अपनी कहानी को लेकर आई हूँ | दोस्तों मैं आप सभी लोगो की तरह ही सेक्सी कहानी की दिवानी हूँ और आज तक न जाने कितनी कहानियों को पढ़ कर उनके मज़े ले चुकी हूँ | मुझे कहानी बहुत पसंद है और मैं कहानी को पढ़ कर अपनी चूत में ऊँगली डाल लिया करती हूँ | मुझे अपनी गुलाबी चूत में ऊँगली डालना बहुत अच्छा लगता है | दोस्तों मैं आप लोगो को अपने बारे में बता देती हूँ | मैं रहने वाली दिल्ली की हूँ और मैं एक छोटे स्कूल में टीचर हूँ | मेरी उम्र 23 साल है और मेरा रंग काफी साफ है जिससे मैं दिखने में अच्छी लगती हूँ | मैं जिस घर में रहती हूँ उसमे और कोई भी नही रहता है मेरा कहने का मतलब यही है की मैं अपने घर में अकेली रहती हूँ | दोस्तों मैं जो आज कहानी आप लोगो के सामने पेश करने जा रही हूँ | मुझे अपनी कहानी पर इतना तो भरोषा है की आप लोगो के लंड का पानी तो निकल ही जायेगा और मुझे जैसी रंडी लडकियों की चूत मचल जाएगी | वो चूत में ऊँगली को डाल कर शांत करेंगी | दोस्तों मैं आप लोगो के टाइम को बिना बर्बाद करती हुई कहानी को शुरू करती हूँ |

दोस्तों मैं जिस स्कूल में टीचर थी उसी स्कूल में मेरी एक सहेली भी पढ़ाती थी | मैं आप लोगो को अपनी सहेली क बारे में बता देती हूँ | उसका नाम अनीता था और वो दिखने में मेरी तरह ही गोरी थी | उसकी उम्र 24 साल थी और उसका फिगर बहुत सेक्सी था | उसके बड़े बड़े बूब्स जोकि बहुत ही साफ थे और उसकी गांड काफी बड़ी और सेक्सी थी | अनीता की गांड को देखकर लोगो के मुंह में पानी आ जाता था | वैसे अनीता बहुत मादरचोद थी और किसी के भी लंड को अपनी चूत में लेकर चुद जाती थी | वो उस स्कूल में मुझसे एक साल पहले आई थी और सब टीचरों के लंड के मज़े ले चुकी थी | उसको सब टीचरों ने चोदा था और जब मैं उस स्कूल में गयी थी तो वो सब लोग मुझे भी चोदना चाहते थे | मैं स्कूल में  किसी को भी भाव नही दिया और जब मेरी बात अनीता से हुई तो उसकी वो बाते सुनकर मेरे अन्दर भी चुदाई की इच्छा जग गयी | एक दिन की बात है जबनिता मेरे घर थी | तब मैं उस दिन अनीता के साथ ऐसे ही बाते करती रही जिससे मेरी चूत गीली हो गयी थी और मैं अपनी चूत में लंड को लेकर चुदने के लिया तरसने लगी | उस दिन जब मुझे रहा नही गया तो मैंने अनीता को पकड लिया और अपने बिस्तर पर गिरा लिया | दोस्तों मैं उस दिन उसकी होठो पर अपनी ओठो को रख दिया तब

अनीता – यार ये क्या करने जा रही हो ?

मैं – यार तुम्हारी बातो को सुनकर अब मुझसे रहा नही जा रहा है |

अनीता – तो बोल राहुल को बुला लूँ और तेरी गर्मी को शांत कर देगा ?

मैं – रहने दे आज नही फिर कभी |

दोस्तों मैं चुदने के लिए नही बेकरार थी | मैं तो उसके जिस्म के साथ खेलना चाहती थी | मैं उसके जिस्म को देखना चाहती थी | मैं इसलिए उसके साथ ये करने लगी थी | मैंने उसकी होठो को मुंह में रख लिया और वो मेरी होठो को चूसने लगी | वो मेरी होठो को चूस रही थी और मैं उसकी होठो को चूसने के साथ उसके बड़े और चिकने बूब्स को हाथ में पकड कर मचल रही थी | वो जोर जोर की सांसे लेने लगी थी | मैं उसकी होठो को ऐसे ही 5 मिनट तक चूसती रही क्यूंकि मुझे कोई डर नही था की कोई मेरे घर में आ जायेगा क्यूंकि मैं अपने घर में अकेली ही रहती थी | तब मैंने उसके कपडे निकाल दिए तो वो मेरे सामने ब्रा और पैंटी में आ गयी | मैं उसके भरे हुए बदन को देखकर पागल हो गयी थी | दोस्तों उसका बदन इतना चिकना था की किसी गुलाब की पंखुडियां हो | मैंने उसके बड़े बूब्स को ब्रा के ऊपर से पकड लिया और कसके दबा दिया जिससे उसके मुंह से जोर की अह अह निकल गयी | दोस्तों जब मैंने उसके बूब्स को कस के दबा दिया तो उसने मेरे भी बूब्स को कपड़े के ऊपर से पकड लिया और कस के दबा दिया | जब उसने मेरे बूब्स को दबा दिया तो मैं मचल गयी | फिर उसने मेरे भी कपडे निकाल दिए जिससे मैं भी ब्रा और पैंटी में आ गयी थी | अब मैं भी गर्म हो गयी थी और वो मेरे सेक्सी फिगर को देखकर बोली यार तू तो मस्त माल लग रही है | वो ये बात कहती हुई मुझसे बोली की यार अगर आज राहुल होता तो मज़ा ही आ जाता |

मैं (उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से दबाती हुई) – ये राहुल कौन है |

वो – मैं तुझे उसके बारे में बताउंगी नही एक दिन सही टाइम देखकर तुम्हारे घर ले आउंगी |

तब मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी और उसके एक दूध को मुंह में रख लिया और जोर जोर से चूसने लगी | मैं जब उसके बूब्स को मुंह में रख कर जोर जोर से चूस रही थी तो वो मेरी पैंटी के अन्दर अपने हाथ को डाल कर मेरी चूत को सहला रही थी | जब वो मेरी चूत को सहलाने लगी तो मेरे मुंह से हल्की हल्की आवाज में आ आ आ ऊ आ…. आ उई माँ उई माँ यह अह…. सी उई माँ सी सी उई सी हाँ…. की सिसकियाँ निकल रही थी | जब मेरे मुंह से सेक्सी आवाजे निकलने लगी तो उसने मुझे नीचे कर दिया और हाथ से मेरी चूत को सहलाने लगी | वो मेरी चूत को सहलाने के साथ मेरे दूध को दबा रही थी | मैं आ उई माँ उई माँ यह अह…. सी उई माँ सी सी उई सी हाँ…. की सेक्सी आवाजे कर रही थी | वो मेरे दोनों बूब्स को ऐसे ही एक एक करके कुछ देर तक चूसती रही | वो मेरे बूब्स को चूसने के बाद अपने मुंह को मेरी गुलाबी चूत में घुसा दिया | दोस्तों जब उसने अपने मुंह को मेरी चूत में घुसा दिया तो मैं मचल गयी और उसके सर को पकड कर अपनी चूत में दबा दिया | वो मेरी चूत को जीभ से चाट रही थी और मैं उसकी चूत को चाट रही थी | वो मेरी चूत के दाने को होठो से पकड कर खीच खीच कर चूसने लगी | वो मेरी चूत के दाने को हाथ से पकड कर चूस रही थी और मैं उसकी चूत में अपनी जीभ को घुसा कर चाट रही थी | हम दोनों ऐसे ही कुछ देर तक एक दुसरे की चूत को चाटते रहे | फिर उसके मेरी चूत में अपनी उँगलियाँ घुसा दी जिससे मेरे मुंह से जोरदार सेक्सी आवाज निकल गयी | अनीता मेरी चूत में अपनी उँगलियों को घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगी | वो मेरी चूत अपनी उँगलियों को जोर जोर से अन्दर बाहर कर रही थी और मैं अपने बूब्स को हाथ में पकड कर आह आह आह ओह.. आ उई माँ उई माँ यह अह…. सी उई माँ सी सी उई सी हाँ…. की आवाजे कर रही थी |

फिर उसने मेरी चूत से ऊँगली निकाल दी और जाकर किचन से एक लम्बा सा बैंगन ले आई | दोस्तों उसने उस बैंगन को मेरे मुंह में घुसा दिया और ठीक एक लंड की तरह चुसाने लगी | मैं उसको लंड की तरह चुसने लगी | वो बैंगन को कभी मेरे मुंह में डालती तो कभी अपने मुंह में रख कर चूसती | वो कुछ देर तक बैंगन को ऐसे ही करती रही और फिर मेरी टांगो को फैला कर मेरी चूत में बैगन को घुसाने लगी | दोस्तों बैंगन आगे तो पतला था और बिच में मोटा जिसकी वजह से वो मेरी चूत में नही घुस रहा था | मैं भी बैंगन को अपनी चूत में लेन की कोशिश करने लगी और अपनी चूत में थूक लगाया | जब मैंने अपनी चूत में थूक लगाया तो उसने बैंगन को धीरे से मेरी चूत में घुसा दिया | बैंगन जैसे ही मेरी चूत में घुसा तो मेरे मुंह से जोरदार चीख निकल गयी उई माँ मर गयी | तब उसने मेरे मुंह पर हाथ को रख दिया और धीरे धीरे बैंगन को अन्दर बाहर करने लगी जिससे कुछ ही देर में मेरा दर्द कम हो गया और मैं मज़े लेने लगी | वो मेरे बूब्स को दबाती हुई मेरी चूत में जोर जोर से अन्दर बाहर कर रही थी और मैं उसके बूब्स को हाथ में पकड कर दबा रही थी | मैं उसके बूब्स को दबाती हुई बैंगन से चुद रही थी साथ में ऊ ऊ ऊ ऊ… हाँ अहं उई सी हाँ अह… ऊ ऊ ऊ ऊ… हाँ अहं उई सी हाँ अह… की सिसकियाँ ले रही थी | उसने मेरी चूत में और तेज स्पीड से अन्दर बाहर करने लगी जिससे मेरी चूत से कुछ ही देर में गर्म पानी निकाल गया | दोस्तों उस दिन मुझे बहुत मज़ा आया था और मैंने अपनी चूत में बड़े और मोटे बैंगन को लेकर चुदी थी |

मैं आशा करती हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई होगी और इस कहानी को पढने में आप लोगो को बहुत मज़ा आया होगा | मेरी कहानी को पढ़ने के लिए धन्यवाद………..

मैं आप लोगो की सेवा में इस कहानी के अगले भाग के साथ जरुर आउंगी |


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