सडक किनारे चूत चुदाई

Antarvasna, hindi sex stories मां मुझे आवाज लगाती है गुंजन बेटा मेरे लिए तुम चाय बना देना मैंने मां को कहा मां बस अभी आपके लिए चाय बना देती हूं। मैं रसोई में गई और मां के लिए चाय बनाने लगी मैं जब चाय बना रही थी तो उसी वक्त पापा मुझे कहने लगे कि गुंजन मेरी टाई मुझे मिल नहीं रही है क्या तुम मेरी टाई ढूंढने में मेरी मदद कर दोगी। मैंने पापा की मदद की और मां के लिए भी मैंने चाय बना दी थी थोड़ी देर बाद दादी मुझे आवाज लगाती है कि गुंजन बेटा मेरी दवाइयां ढूंढ दो सारा दिन मैं ऐसी काम में लगी रहती थी। मुझे सब लोग प्यार बहुत करते हैं क्योंकि घर में मैं एकलौती थी और मुझे सब लोगों का प्यार मिलता था मेरी हर एक जरूरतों को पापा ने हमेशा पूरा किया है। दादी की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं थी तो मां मुझे कहने लगी कि गुंजन बेटा तुम दादी को डॉक्टर के पास ले जाओगी।

मैंने मां को कहा ठीक है मां मैं दादी को डॉक्टर के पास ले जाती हूं और मैं जब दादी को डॉक्टर के पास ले गई तो डॉक्टर ने मुझे कहा कि आपकी दादी शायद परहेज नहीं कर रही हैं इसलिए उनकी तबीयत खराब हो रही है और यह दवाइयां भी समय पर नहीं लेती है। मैंने डॉक्टर साहब से कहा डॉक्टर साहब ऐसा तो कुछ भी नहीं है वह मुझे कहने लगे कि यदि ऐसा नहीं है तो उनकी तबीयत में सुधार होना चाहिए लेकिन दादी वाकई में दवाइयां समय पर नहीं लिया करती थी इस वजह से तो दादी की तबीयत बिगड़ती ही जा रही थी। डॉक्टर ने कहा कि आप अपनी दादी को समय पर दवाईयां देते रहिएगा मैंने डॉक्टर को कहा ठीक है डॉक्टर साहब। हम अब घर लौट रहे थे जैसे ही मैं अस्पताल से बाहर की तरफ आई तो मुझे मेरी बचपन की सहेली पूजा मिल गयी पूजा मुझे कहने लगी कि गुंजन तुम अभी कहां से आ रही हो। मैंने पूजा को कहा मैं दादी को अस्पताल लेकर आई थी तो पूजा मुझे कहने लगी कि लेकिन तुमसे तो मेरी मुलाकात काफी समय बाद हो रही है और ना ही तुम किसी से संपर्क में हो।

मैंने पूजा को कहा मैं घर पर ही रहती हूं और मैं घर से ज्यादा बाहर नहीं निकलती पूजा मुझे कहने लगी कि लेकिन तुम मुझे फोन तो कर लिया करो। मैंने पूजा को कहा ठीक है पूजा मैं तुम्हें फोन कर लूंगी और फिर जब मैं दादी को लेकर घर पहुंची तो मम्मी मुझे कहने लगी कि डॉक्टर ने क्या कहा। मैंने मम्मी को बताया कि दादी खाने में परहेज नहीं कर रही है और दादी समय पर दवाइयां भी नहीं लेती हैं। मम्मी दादी को कहने लगी कि आप दवाइयां समय पर लिया कीजिये लेकिन दादी कहां किसी की सुनने वाली थी दादी हमेशा अपनी बात को आगे रखते और वह कभी किसी की बात नहीं मानती। मम्मी इस बात से बहुत परेशान रहती थी क्योंकि दादी की तबीयत खराब होती तो पापा हमेशा मम्मी को कहते हैं और मम्मी मुझे ही दादी को अस्पताल ले जाने के लिए कहती है। कुछ दिनों बाद मुझे पूजा का फोन आया और पूजा मुझे कहने लगी कि गुंजन तुम्हारे पास टाइम है तो कल तुम मेरे बर्थडे पर आओगी। मैंने पूजा को कहा ठीक है पूजा मैं कल तुम्हारे घर पर आती हूं। मैंने मम्मी से कहा मम्मी मैं पूजा के बर्थडे में जा रही हूं तो मम्मी कहने लगी कि बेटा तुम कब तक लौटोगी मैंने मम्मी को कहा मम्मी मैं जल्दी ही लौट आऊंगी। मैं पूजा के घर चली गई जब मैं पूजा के घर गई तो पूजा के रिश्तेदार भी वहां आए हुए थे और पूजा की बर्थडे पार्टी को हम लोगों ने खूब इंजॉय किया। इतने समय बाद मैं अपने दोस्तों से मिल रही थी तो मुझे अच्छा लग रहा था और पूजा ने मुझे कहा कि तुम काफी समय बाद मुझे मिल रही हो इसलिए आज तुम मेरे घर पर ही रुको। मैंने पूजा को कहा नहीं पूछा मैं घर चलती हूं वैसे भी काफी देर हो चुकी है, मैं अपनी कार लेकर घर के लिए निकली जैसे ही मैं घर के लिए निकल रही थी तो पूजा के घर से करीब 3 किलोमीटर दूर जाने पर मेरी कार खराब हो गई। सुनसान सड़क पर मैं अकेली थी मैंने पापा को फोन किया तो पापा का फोन भी नहीं लग रहा था मैं इस बात से बहुत घबरा गई थी कि मैं अब क्या करूं तभी आगे से एक गाड़ी आ रही थी और उसमें दो लोग बैठे हुए थे दूर से तो मुझे कुछ दिखाई नहीं दिया लेकिन जब वह मेरे पास आए तो लड़के ने कार के शीशे को खोलते हुए कहा कि मैडम क्या कोई प्रॉब्लम है। मैंने उसे बताया कि हां मेरी कार खराब हो गई है उस लड़के के साथ में एक लड़की बैठी हुई थी उन्होंने मुझे कहा कि आइये हम आपको आपके घर छोड़ देते हैं।

मुझे भी यही ठीक लगा और मैं जब उनकी कार में बैठी तो उन्होंने मुझे अपना परिचय दिया लड़के का नाम राघव था और लड़की का नाम मोनिका वह दोनों भाई बहन थे। जब मुझे राघव ने घर छोड़ा तो मुझे नहीं मालूम था कि राघव से उसके बाद भी मेरी मुलाकात होगी। राघव मुझे एक दिन हमारे एक परिचित के घर पर मिला इत्तेफाक से वह लोग भी राघव को जानते थे और राघव से उस दिन मेरी काफी बात हुई राघव ने मुझे बताया कि वह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। मैंने राघव को कहा उस दिन मेरी कार खराब हो गई थी यदि तुम समय पर नहीं आते तो मैं बहुत डरी हुई थी राघव मुझे कहने लगा कि अच्छे लोगों के साथ हमेशा ही अच्छा होता है। जब राघव ने मुझे यह कहा तो मैंने राघव को कहा तुम्हारी बहन मोनिका कहां है तो वह कहने लगा कि मोनिका आजकल बेंगलुरु गयी हुई है। मैंने राघव को कहा मोनिका क्या कुछ काम से बेंगलुरु गई है तो वह कहने लगा कि हां वह अपने किसी काम के सिलसिले में बेंगलुरु गई हुई है। राघव और मैं उसके बाद एक दूसरे को मिलने लगे मैं राघव को हमेशा चोरी छुपे मिलती मैंने यह बात घर पर किसी को भी नहीं बताई थी।

राघव से मिलकर मुझे हमेशा ही अच्छा लगता और मेरे दिल में भी राघव के लिए एक अलग ही फीलिंग पैदा होने लगी थी मैं जब भी राघव को देखती तो मुझे हमेशा अच्छा लगता और राघव को भी बहुत अच्छा लगता। इस बात से मैं इतनी ज्यादा खुश थी कि मैं हमेशा सोचती कि क्यों ना राघव के साथ एक अच्छा समय बिताऊं। राघव के साथ मैं हमेशा ही अच्छा समय बिताती और राघव को भी अच्छा लगता था कि मैं उसके साथ समय बिताती हूं। एक दिन राघव मुझे कहने लगा कि गुंजन हम लोग कहीं घूमने के लिए चले मैंने राघव को कहा लेकिन हम लोग कहां चलेंगे तो राघव मुझे कहने लगा कि ऐसे ही हम लोग लॉन्ग ड्राइव पर चलते हैं। हम दोनों उस दिन लॉन्ग ड्राइव पर निकल पड़े लेकिन मुझे नहीं पता था कि हम लोग कुछ ज्यादा ही दूर चले जाएंगे हम लोग काफी आगे निकल चुके थे मैंने राघव को कहा राघव अब हमें वापस लौटना चाहिए। राघव कहने लगा कि ठीक है गुंजन हम लोग वापस चलते हैं लेकिन पहले हम लोग कुछ खा तो ले। रास्ते में ही हमें ढाबा मिला और वहां पर हम दोनों ने लंच किया राघव के साथ मुझे समय बिताना अच्छा लगा। राघव और मैंने लंच कर लिया था हम दोनों घर वापस लौट रहे थे लेकिन रास्ते में राघव को ना जाने क्या हुआ वह मेरी तरफ देखने लगा राघव ने जब मेरे होठों को चूसना शुरू किया तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था और मैं राघव का साथ बहुत देर तक देती रही। राघव ने मुझे कहा तुम्हारी चूत से पानी निकलने लगा है मैंने उसे कहा मेरी चूत के अंदर अपने उंगली को डाल दो। राघव ने मेरी चूत के अंदर उंगली को प्रवेश करवा दिया मैं सिसकिया लेने लगी मैं बड़ी तेजी से सिसकियां ले रही थी। मै जिस प्रकार से सिसकिया लेती उससे मै मचलने लगी राघव ने मुझे कहा क्यों ना हम लोग कहीं कोने में गाड़ी लगाकर सेक्स का मजा ले?

राघव ने एक सुनसान जगह देखी और वहां पर हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के बारे में सोचने लगे राघव ने मेरे कपड़े उतारे और मेरी चूत को राघव ने बहुत देर तक चाटा मैं पूरी तरीके से मचलने लगी थी और जिस प्रकार से मेरे मुंह से सिसकिया निकलती उस से मे उत्तेजित होने लगी थी और राघव भी बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया था। मैंने जैसे ही राघव के लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत आनंद आ रहा था राघव को भी बड़ा मजा आता। राघव के लंड से मैंने पानी निकाल दिया था पहली बार ही मै किसी लंड को अपने मुंह में ले रही थी लेकिन मुझे लंड को अपने मुंह में लेने में बड़ा आनंद आता। मैं लगातार अपने गले के अंदर तक राघव के लंड को ले रही थी मेरे दोनों स्तनों के बीच में राघव ने अपने लंड को लिया तो उसका लंड तन कर खड़ा होने लगा। जब राघव ने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो मैं चिल्ला उठी जिस प्रकार से राघव मुझे तेजी से धक्के मार रहा था उससे मेरा मुंह से सिसकियां निकल रही थी मैं लगातार तेजी से सिसकिया लेती।

मुझे नहीं पता था मेरी चूत से खून बाहर की तरफ निकलने लगा है मेरी चूत से बहुत ज्यादा खून बाहर को निकल आया था मैंने राघव से कहा मेरी चूत से खून आने लगा है तो राघव मुझे कहने लगा मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है और ऐसा लग रहा है तुम्हें बस चोदता रहू। मैंने राघव को कहा तुम्हारे साथ मुझे बहुत अच्छा लग रहा है राघव लगातार तेज गति से मुझे धक्के मारता जा रहा था। जिस प्रकार से राघव ने मेरी चूत के अंदर अपने वीर्य को गिराया मैंने राघव को कहा तुम मुझे कोई कपड़ा दो मेरी चूत से बहुत ज्यादा खून बाहर की तरफ को निकल रहा है। राघव ने मुझे कपडा दिया और कहने लगा तुम इससे अपनी चूत को साफ कर लो मैंने रघव के वीर्य को अपनी चूत से साफ किया और अपनी पैंटी को पहनते हुए राघव को कहा हम लोगों को अब चलना चाहिए। हम लोग वहां से घर लौट आए थे जब मैं घर लौट आई तो मैं राघव के हुए सेक्स के बारे मे सोच रही थी कैसे हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने।


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