सच बताओ मुझे चोदो ना ?

Sach batao mujhe chodoge na?:

Hindi sex stories, kamukta मेरा बस का सफर बड़ा ही शानदार रहा बस में एक दिन मैं दिल्ली से मनाली जा रहा था तो उसी बस मेंरी मुलाकात सुहानी से हुई इत्तेफाक से सुहानी मेरी बहन को जानती थी क्योंकि वह दोनों एक साथ ही पढ़ते थे। जब मैंने सुहानी से पूछा कि तुम मनाली क्या करने जा रही हो तो वह कहने लगी मनाली में मेरे पापा रहते हैं और वह बैंक में जॉब करते हैं मैं उन्हीं के पास कुछ दिनों के लिए जा रही हूं। मैं यह सुनकर खुश हो गया और सोचा कि चलो कम से कम मेरा रास्ते का सफर तो कम से कम अच्छा कट जाएगा और मैं रास्ते भर सुहानी से बात करता रहा मुझे सुहानी से बात करना अच्छा लग रहा था क्योंकि वह बहुत ही फ्रैंक और अच्छी है उसका नेचर भी बड़ा अच्छा है। मुझे उससे बात करना अच्छा लग रहा था और वह भी मुझसे बात कर के खुश थी सुहानी को नोबेल पढ़ने का बड़ा शौक है और मुझे भी नोबेल पढ़ने का बहुत शौक है तो हम दोनों के विचार और बातें लगभग एक जैसी ही थी।

हम दोनों जब मनाली पहुंचे तो मैंने सुहानी से कहा यदि तुम्हें समय मिले तो तुम मुझसे मिलोगी वह कहने लगी क्यों नहीं, और मनाली में भी मैं उससे एक दो बार मिला। सुहानी से मेरी अच्छी जान पहचान हो चुकी थी और जब वह दिल्ली वापस आई तो एक दिन वह मेरी बहन से मिलने के लिए हमारे घर आई और उस दौरान सुहानी से मेरी काफी अच्छी बातचीत हुई क्योंकि मैं सुहानी को पहले से ही जानता था तो मेरी बहन भी इससे शॉक्ड हो गई कि मैं सुहानी को कहां से जानता हूं। मैंने जब उसे बताया कि सुहानी और मेरी मुलाकात उस वक्त हुई थी जब मैं मनाली अपने काम के सिलसिले में जा रहा था तभी मुझे सुहानी बस में मिल गयी हम दोनों साथ हीं मनाली गए थे और उसके बाद हम दोनों हमने मनाली में अच्छा समय बिताया। जब सुहानी चली गई तो मेरी बहन मुझे कहने लगी भैया सुहानी तो बहुत अच्छी लड़की है मैंने अपनी बहन से कहा मुझे मालूम है कि सुहानी बहुत अच्छी है मेरी बहन मुझे कहने लगी लगता है आपको सुहानी के बारे में सब कुछ पता है।

मैंने उससे कहा मुझे सुहानी के बारे में सब कुछ मालूम है तो उसमें शर्माने वाली क्या बात है मेरी बहन मुझे कहने लगी कि आपको कुछ ज्यादा ही सुहानी के बारे में मालूम है। मैं सुहानी को दिल ही दिल चाहने लगा था तो सुहानी मुझे अच्छी लगने लगी थी लेकिन मुझे सुहानी के बारे में यह बात नहीं पता थी कि उसका बॉयफ्रेंड भी है जब मुझे इस बारे में मालूम पड़ा तो मेरा दिल टूट गया। मैंने सोचा कि शायद सुहानी से मुझे कोई बात नहीं करनी चाहिए लेकिन शायद सुहानी को भी मेरा साथ अच्छा लगने लगा था और उसके और उसके बॉयफ्रेंड के बीच में कुछ ठीक नहीं चल रहा था। मुझे इस बात के बारे में कुछ पता नहीं था हम दोनों बात किया करते थे लेकिन कभी भी उसने मुझे अपने बॉयफ्रेंड के बारे में नहीं बताया परंतु मुझे उसके बारे में सब कुछ मालूम था। एक दिन सुहानी ने मुझसे अपने बॉयफ्रेंड के बारे में बात की वह मुझे कहने लगी वह मुझे बहुत परेशान किया करता है और मैं अब उसके साथ बिल्कुल भी नहीं रह सकती। मैंने सुहानी से पूछा तुम्हारी और उसकी कैसे मुलाकात हुई थी तो सुहानी ने मुझे बताया मेरे और मेरे बॉयफ्रेंड के बारे में किसी को भी मैंने नहीं बताया है लेकिन ना जाने तुम्हें कहां से यह सब चीजें पता चल गई। मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारे बारे में सब कुछ पता है मैंने सुहानी से कहा कि क्या तुम उसे अब पसंद नहीं करती वह मुझे कहने लगी मैं उसे अब बिल्कुल भी पसंद नहीं करती क्योंकि वह मुझ पर हर चीज के लिए दबाव बनाता है। मैं चाहती हूं कि मैं अपनी जिंदगी अपने तरीके से जिऊँ लेकिन वह चाहता है कि मैं उसके हिसाब से चलूँ तो ऐसा संभव नहीं हो सकता इसलिए मैं उसके साथ रिलेशन में नहीं रह सकती और ना ही मैं उसके साथ अब कोई संबंध रखना चाहती हूं। मैंने सुहानी को समझाया और उसे कहा तुम एक बार उससे बात कर लो यदि तुम दोनों का रिलेशन दोबारा से ठीक हो सके तो तुम्हें एक दूसरे से बात करनी चाहिए। सुहानी अब उससे बात करना ही नहीं चाहती थी उसने मुझे कह दिया था कि मैं उससे अब ब्रेकअप कर लूंगी उसने कुछ समय बाद उससे ब्रेकअप कर लिया और वह दोनों अब एक दूसरे से बात भी नहीं करते थे।

सुहानी मुझसे बात किया करती थी और हम दोनों की बातें अब काफी बढ़ने लगी थी शायद सुहानी मुझे प्यार करने लगी थी और हम दोनों के बीच में यह सिलसिला जारी रहा। मैं भी सुहानी को चाहने लगा था क्योंकि उसके जैसी लड़की शायद मुझे नहीं मिल पाती इसलिए हम दोनों के बीच में अब एक दूसरे को लेकर प्यार पनप चुका था। एक दिन मैंने सुहानी से कहा क्या हम लोग कहीं मूवी देखने के लिए चले तो वह कहने लगी क्यों नहीं, हम दोनों साथ में मूवी देखने के लिए चले गए और हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया। सुहानी कभी-कबार हमारे घर पर भी आ जाया करती थी हम दोनों के रिलेशन को छै महीने होने वाले थे मुझे सुहानी के साथ में बहुत अच्छा लगता था और उसके साथ मुझे समय बिताना बड़ा अच्छा लगता। एक बार मैं अपने काम के सिलसिले में अपने ऑफिस से गया हुआ था जब मैं अपने ऑफिस से गया तो उस वक्त मुझे सुहानी ने कहा कि तुम वहां से वापस कब लौटोगे। मैंने सुहानी को कहा कि मुझे वहां से आने में समय लग जाएगा क्योंकि हमारे ऑफिस का वहां पर काफी समय का काम है इसलिए मुझे आने में वहां से समय लग जाएगा।

सुहानी ने कहा ठीक है जब तुम वहां से वापस लौट आओ तो मुझे फोन करना मैंने सुहानी को कहा ठीक है मैं तुम्हें फोन कर दूंगा। मैं अपने काम के सिलसिले में चला गया मैं अपने काम के सिलसिले में अहमदाबाद गया हुआ था वहां से मैं हर रोज सुहानी को फोन किया करता था और सुहानी और मैं एक दूसरे के साथ हर रोज बात करते तो हम दोनों को अच्छा लगता। मुझे अहमदाबाद में करीब एक महीना हो चुका था और अब मैं वापस दिल्ली आने वाला था मैं जब दिल्ली आने वाला था तो मैंने सुहानी को फोन किया और कहा मैं दिल्ली लौटने वाला हूं। वह कहने लगी केहने पगी ठीक है मैंने उसे कहा बस मैं कल ही यहां से निकल पाऊंगा और परसों दिल्ली पहुंच जाऊंगा सुहानी मुझे कहने लगी मैं तुम्हें बहुत मिस कर रही हूं और तुम जल्दी से आ जाओ। मैंने सुहानी से कहा ठीक है मैं आ जाता हूं मुझे ध्यान नहीं था कि उसी दिन सुहानी का बर्थडे भी है। मैं अगले दिन दिल्ली के लिए निकल गया मैं जब दिल्ली पहुंचा तो मैंने सुहानी को फोन किया मैं काफी देर तक बात कर रहा था तभी मुझे ध्यान आया कि आज सुहानी का बर्थडे है। मैंने उसे बर्थडे विश किया और मैंने उसे कहा मैं तुम्हें आज शाम को मिलता हूं मैंने उसी वक्त अपने एक दोस्त को फोन किया और उसके होटल में मैंने पार्टी का सारा अरेंजमेंट कर दिया था। मैं सुहानी के साथ समय बिताना चाहता था तो वहां पर मैंने कुछ अपने दोस्तों को भी बुलाया था और सुहानी के दोस्तों को भी इनवाइट किया था सब लोग आ चुके थे और मैंने सुहानी को सरप्राइज़ पार्टी दी। वह बहुत ज्यादा खुश थी उसे अंदाजा भी नहीं था कि मैं उसे सरप्राइज पार्टी देने वाला हूं। सुहानी को मैंने सरप्राइज़ पार्टी दी तो वह बहुत खुश हो गई और मुझे भी उसकी खुशी देख कर बहुत अच्छा लगा। जब पार्टी खत्म हो गई तो उसने मुझे गले लगाया और कहा सूरज आई लव यू मैंने उसे कहा मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूं हम दोनों साथ में समय बिताना चाहते थे और हम दोनों ने उस रात साथ में समय बिताया। सुहानी ने मुझे कहा मैं तुमसे काफी समय बाद मिल रही हूं तो आज मैं तुम्हारे साथ रहना चाहती हूं।

मैंने सुहानी से कहा लेकिन यह ठीक नहीं है परंतु उसके दिल में ना जाने क्या चल रहा था हम दोनों वहां से एक होटल में चले गए और उस रात हम दोनों वहीं रुके। सुहानी और मैं एक ही बिस्तर में लेटे हुए थे हम दोनों के अंदर जवानी का जोश जाग गया ना तो उसे मैं कंट्रोल कर पाया और ना ही सुहानी। जैसे ही मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो सुहानी ने मेरे लंड को बड़े अच्छे से सकिंग किया उसने काफी देर तक मेरे लंड को चूसा उसे बड़ा मजा आ रहा था और मुझे भी बड़ा आनंद आया। काफी देर तक हम दोनों एक दूसरे  के बदन को महसूस करते रहे जब मैंने सुहानी की गीली हो चुकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह उत्तेजित हो गई। मैंने उसकी योनि के अंदर तक अपने लंड को घुसा दिया था उसकी योनि बड़ी टाइट थी मैंने उसे कहा तुमने इससे पहले भी सेक्स किया है तो वह कहने लगी हां मैंने अपने बॉयफ्रेंड के साथ सेक्स किया था लेकिन अब मेरा उससे कोई लेना देना नहीं है मैं तुम्हारे प्रति वफादार हूं। मैंने उसे कहा कोई बात नहीं और यह कहते हुए मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया और उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया।

मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था और वह मेरा पूरा साथ देती। मैंने उसे कहा तुम घोडी बन जाओ उसने अपनी चूतडो को मेरी तरफ किया और मैंने उसकी चिकनी योनि के अंदर अपने लंड को धीरे से घुसाया। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में प्रवेश हुआ तो उसे एक अलग ही फीलिंग महसूस हुई और मैंने बड़ी तेजी से उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया और उसे धक्के मारने लगा। उसे बड़ा मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत आनंद आता मैंने काफी देर तक उसकी चूत के मजे लिए और जब हम दोनों के अंदर से गर्मी निकलने लगी तो हम दोनों के शरीर से पसीना बाहर आने लगा और सुहानी ने अपनी योनि को टाइट कर लिया। जिससे कि मुझे उसे धक्के देने में मजा आता और मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के मारता जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मुझे बड़ा मजा आया और सुहानी भी खुश हो गई। हम दोनों उस रात साथ में रहे और अब भी हम दोनों के बीच सेक्स होता रहता है।


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