रुपाली की तड़प दूर कर दी

Antarvasna, hindi sex kahani: कॉलेज खत्म हो जाने के बाद मैं दुकान में चला गया। पापा की तबीयत ठीक नहीं थी तो उन्होंने मुझे कहा कि बेटा तुम आज दुकान का काम संभाल लो। पापा को मैंने घर जाने के लिए कहा तो वह घर चले गए थे और मैं दुकान पर ही था। रात को जब मैं घर लौटा तो मैंने पापा से पूछा कि आपकी तबीयत कैसी है वह मुझे कहने लगे कि मेरी तबीयत ठीक है और उसके बाद मैंने और पापा ने डिनर किया। मम्मी घर पर नहीं थी मम्मी उस दिन मामा जी से मिलने के लिए उनके घर पर गई हुई थी। हम लोगों ने डिनर किया और फिर अगले दिन मैं अपने कॉलेज के लिए निकल चुका था। जब मैं अपने कॉलेज गया  तो उस दिन मेरे दोस्त ने मुझे कहा कि आज हमारे कॉलेज का आखिरी दिन है और जल्द ही हमारे एग्जाम होने वाले थे।

कॉलेज का मेरा आखिरी वर्ष था हमारे एग्जाम होने वाले थे। जब एग्जाम खत्म हो गए तो उसके बाद कॉलेज में कैंपस प्लेसमेंट के लिए कुछ कंपनी आई और उस प्लेसमेंट में मेरा सिलेक्शन भी हो गया लेकिन मुझे जॉब करने के लिए दिल्ली जाना पड़ा। पहले तो पापा ने मुझे दिल्ली जाने से मना कर दिया था परंतु मैंने उन्हें मनाया और फिर मैं दिल्ली चला गया था। मैं जब दिल्ली गया तो उसके बाद मेरी जिंदगी में सब कुछ बदलने लगा था मेरी जिंदगी में अब पूरी तरीके से बदलाव आ चुका था। काफी लंबा समय हो गया था मैं अपने घर चंडीगढ़ भी नहीं जा पाया था काफी लंबे समय के बाद जब मैं अपने घर चंडीगढ़ गया तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा। अपने परिवार से काफी लंबे समय के बाद मुलाकात करना मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा और मैं बहुत ज्यादा खुश भी था। कुछ समय तक मैं घर पर रहा और मुझे बिल्कुल भी पता नहीं चल पाया कि कब मेरी छुट्टियां खत्म हो गई और मैं वापस दिल्ली लौट चुका था। जब मैं दिल्ली वापस लौटा तो दिल्ली में मैं काफी ज्यादा बिजी रहने लगा था सुबह के वक्त मैं अपने ऑफिस जाता और शाम के वक्त मैं घर लौट आता मुझे समय का कुछ पता ही नहीं चल पाता था।

एक दिन मैं और मेरे दोस्त ने सोचा कि क्यों ना आज हम लोग कहीं घूम आते हैं उस दिन हम दोनों ने मूवी देखने का प्लान बनाया और हम दोनों मूवी देखने के लिए चले गए। जब उस दिन हम दोनों मूवी देखने के लिए गए तो उस दिन मेरी मुलाकात हमारे साथ पढ़ने वाली रुपाली के साथ हो गयी। रुपाली से मैं काफी लंबे अरसे के बाद मिल रहा था रुपाली और मैं एक दूसरे से बातें करने लगे। मैंने रुपाली से पूछा तो रुपाली ने मुझे बताया कि वह भी दिल्ली में ही जॉब करने लगी है। रुपाली दिल्ली में जॉब करने लगी थी और मैं उस दिन रुपाली से मिलकर बड़ा खुश हुआ और रुपाली भी मुझसे मिलकर बहुत खुश थी। उस दिन के बाद हम दोनों की मुलाकात अक्सर होती ही रहती थी।

मैं जब भी रुपाली को मिलता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता और उसे भी बड़ा अच्छा लगता है जब भी हम दोनों एक दूसरे से मुलाकात करते हैं। कॉलेज के दिनों में मैंने कभी भी रुपाली के बारे में ऐसा कुछ सोचा नहीं था लेकिन अब रुपाली और मैं एक दूसरे को हर रोज मिलने लगे थे इसलिए कहीं ना कहीं हम दोनों के दिल में एक दूसरे के लिए प्यार पनपने लगा था। मैं रुपाली को बहुत ज्यादा प्यार करने लगा था परंतु अभी तक मैंने उससे अपने दिल की बात नहीं कही थी और ना ही रुपाली ने मुझसे अपने दिल की बात कही थी लेकिन जब मैंने और रुपाली ने एक दूसरे से अपने प्यार का इजहार किया तो हम दोनों बड़े खुश हुए।

मैंने और रुपाली ने अब अपने प्यार के बारे में अपने परिवार वालों को भी बता दिया था मेरी फैमिली को उससे कोई भी ऐतराज नहीं था। वह लोग रुपाली के परिवार से जब पहली बार मिले तो उन लोगों को बहुत ही अच्छा लगा और मुझे भी बड़ा अच्छा लगा था जिस तरीके से वह लोग रुपाली की फैमिली से पहली बार मिले। किसी को भी हम दोनों के प्यार से कोई एतराज नहीं था और सब लोगों ने हमारे रिलेशन को स्वीकार कर लिया था। रुपाली और मेरी सगाई करवाने के लिए अब रुपाली की फैमिली के लोग भी मान चुके थे और मेरी फैमिली में भी किसी को कोई ऐतराज नही था वह रुपाली के साथ मेरी सगाई करवाने के लिए तैयार थे। जब हम दोनों की सगाई हुई तो हम दोनों को बड़ा अच्छा लगा और हम दोनों बड़े खुश थे।

पापा चाहते थे कि मैं अब चंडीगढ़ में ही रहूं लेकिन मैंने पापा से कहा कि नहीं मैं दिल्ली में ही जॉब करना चाहता हूं। रुपाली और मेरी सगाई हो चुकी थी सगाई के बाद हम दोनों दिल्ली में ही जॉब कर रहे थे। कभी भी कोई परेशानी रुपाली को होती तो मैं हमेशा ही रुपाली की मदद करने के लिए चला जाया करता था। सब कुछ मेरी जिंदगी में अच्छा चल रहा था। रुपाली और मेरी शादी के लिए भी पापा ने मुझसे कहा तो मैंने भी पापा को कहा कि मैं और रुपाली शादी करना चाहते हैं। हम लोगों ने शादी करने का फैसला कर लिया था हम लोगों ने हमारे दोस्तों को हमारी शादी में इनवाइट किया। जब मेरे दोस्त शादी में आए तो मुझे बड़ा अच्छा लगा मेरी और रुपाली की शादी बड़ी धूमधाम से हुई और फिर रुपाली मेरी पत्नी बन चुकी थी। रुपाली के मेरी पत्नी बन जाने के बाद मेरे और रुपाली के बीच बहुत ही अच्छी अंडरस्टैंडिंग है और हम दोनों अभी भी दिल्ली में ही जॉब करते हैं।

दिल्ली में ही मैंने घर लेने का फैसला कर लिया था और जब मैंने दिल्ली में घर लिया तो मैं और रुपाली बहुत ज्यादा खुश थे। हम दोनों की जिंदगी अच्छे से चल रही थी और हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं। जिस तरीके से मैं और रुपाली एक दूसरे के साथ होते तो हम दोनों को अच्छा लगता। हम दोनों एक दूसरे के साथ अक्सर समय बिताने की कोशिश किया करते लेकिन हम दोनों को समय कम ही मिला करता था इसलिए अब हम दोनों ने कहीं साथ में छुट्टियां बिताने का फैसला कर लिया था। हम दोनों की शादी को 6 महीने हो चुके थे और 6 महीने के बाद हम दोनों ने साथ में कहीं जाने का फैसला किया। हम दोनों घूमने के लिए शिमला जाना चाहते थे और मैंने शिमला में सारी बुकिंग करवा ली थी। जब मैं और रुपाली शिमला गए तो हम दोनों बड़े ही खुश थे मैं और रुपाली बहुत ज्यादा खुश थे। रुपाली के साथ में समय बिता कर मुझे बड़ा अच्छा लगा और रुपाली को भी बड़ा अच्छा लगता जब हम दोनों साथ में होते।

कुछ ही दिन बाद हम दोनों शिमला से वापस दिल्ली लौट आए थे हम लोगों का शिमला का टूर बड़ा ही अच्छा रहा और हम दोनों ने शिमला में खूब इंजॉय किया। रुपाली और मैं एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं हमारी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा है। हम दोनों के बीच में सेक्स संबंध भी बनते ही रहते हैं। एक दिन की बात है। उस दिन ना जाने मेरे दिल में रुपाली को लेकर क्या चल रहा था मैंने जब उसकी जांघ पर अपने हाथ को फेरना शुरू किया तो उसे मज़ा आने लगा वह गर्म होने लगी थी उसकी गर्मी बढ़ने लगी थी मैं भी तडपने लगा था। मैंने रुपाली के होंठों को चूमना शुरू किया और रुपाली के होठों को चूम कर मेरे अंदर की गर्मी बढ़ चुकी थी।

रुपाली भी तड़पने लगी थी मैंने रुपाली के स्तनों को दबाना शुरू किया। जब मैं उसके स्तनों को दबा रहा था तो वह कहने लगी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाऊंगी। हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। जब मैंने रुपाली के बदन से कपड़े उतारे तो वह तड़पने लगी थी उसकी तडप इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी वह मुझे कहने लगी मैं एक पल के लिए भी रह नहीं पाऊंगी। मैंने अपने कपड़े उतारे जब मैंने अपने कपड़े उतारे तो उसने मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया। जब रुपाली ने मेरे मोटे लंड को अपने हाथों में लिया तो मुझे और भी ज्यादा गर्मी का एहसास होने लगा था। जब उसने अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को लेकर सकिंग करना शुरु किया तो मेरे अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मेरी गर्मी बढ़ने लगी थी। मैंने रुपाली से कहा मैं तुम्हारी चूत को चाटना चाहता हूं। मैंने रुपाली की पैंटी को उतार कर जब उसकी गुलाबी चूत को चाटना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा था और रुपाली को भी बड़ा मजा आ रहा था। जैसे ही मैंने उसकी योनि में अपने लंड को घुसाया तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और मुझे बोली मेरी चूत में दर्द होने लगा है। रुपाली की चूत से खून बाहर की तरफ निकलने लगा था मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के दिए जा रहा था।

मेरे धक्को मे और भी तेज आ रही थी रुपाली की चूत से पानी भी काफी अधिक मात्रा में निकलने लगा था जिस से कि मेरा लंड रुपाली की चूत में पूरी तरीके से सेट हो चुका था। जब मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर होता तो वह बड़ी जोर से चिल्ला कर मुझे कहती मुझे तेजी से धक्के देते जाओ। मैं रुपाली को बड़ी तेज गति से धक्के दिए जा रहा था। रुपाली की चूत के अंदर बाहर मेरा लंड होता जा रहा था। हम दोनों एक दूसरे की आग को बिल्कुल भी झेल नहीं पा रहे थे। जब मेरे लंड से वीर्य बाहर की तरफ निकलने वाला था तो मैंने रुपाली की चूत मे वीर्य की पिचकारी गिरा दी। मैंने उसकी इच्छा को पूरा कर लिया था जिससे कि वह बहुत ज्यादा खुश थी और वह मेरी बाहों में थी। मैंने रुपाली को कसकर अपनी बाहों में जकड़ा हुआ था।


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