रूम में आ जाओ

Room me aa jao:

Antarvasna, kamukta मेरे भैया की शादी को 5 वर्ष हो चुके हैं और उनका शादीशुदा जीवन अच्छा चल रहा था भैया प्रतिभा भाभी को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं और उन दोनों के बीच में बहुत ही प्रेम है लेकिन शायद मेरी मां की वजह से यह सब ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया क्योंकि मेरी मां बहुत ही पुराने ख्यालातो की है जिस वजह से मेरी मां और प्रतिभा भाभी के बीच में झगड़े होने लगे। कभी कभार तो मुझे लगता की प्रतिभा भाभी की गलती है और कभी मुझे लगता की मेरी मां की गलती है इस बात को मेरे पिताजी ने भी बहुत सुलझाने की कोशिश की लेकिन प्रतिभा भाभी के दिल में अब मेरी मां के लिए नफरत पैदा हो चुकी थी और वह घर छोड़कर चली गई। जब वह घर छोड़कर गई तो मुझे लगा कि शायद मेरे और दीपिका के रिश्ते खत्म हो जाएंगे क्योंकि मैं दीपिका से बहुत ज्यादा प्यार करता हूं दीपिका प्रतिभा भाभी की छोटी बहन है।

मेरे और दीपिका के बीच में  काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था परंतु प्रतिभा भाभी के जाने से शायद हम दोनों का रिश्ता भी खटास में पड़ चुका था परंतु मेरे बड़े भैया ने प्रतिभा भाभी को समझाया और वह कुछ दिनों बाद घर लौट आई। जब भाभी घर लौट आए तो हम लोगों ने भी अपनी मम्मी से बात की और उन्हें समझाया की आप दोनों को एक दूसरे से मिल जुल कर रहना पड़ेगा जिससे कि आप दोनों के बीच झगड़े ना हो अब घर में सब कुछ ठीक चलने लगा था मेरे और दीपिका के बीच रिश्ते ठीक चल रहे थे हम दोनों छुप छुप कर मिला करते थे यह बात जब भाभी को पता चली तो उन्होंने एक दिन मुझे कहा देवर जी क्या आपका और दीपिका का कुछ चल रहा है मैंने उन्हें कहा नहीं ऐसा तो कुछ भी नहीं है। उन्हें शायद हम दोनों के बारे में पता चल चुका था और जब उन्हें हम दोनों के बारे में मालूम पड़ा तो मैंने भी उनसे कुछ नहीं छुपाया मैंने उन्हें बताया कि हम दोनों के बीच में रिलेशन चल रहा है लेकिन आप यह बात किसी को मत बताना। प्रतिभा भाभी का नेचर बड़ा ही अच्छा है और वह बहुत अच्छी हैं उन्होंने मुझे कहा यदि आपको कभी भी मेरी जरूरत पड़े तो आप मुझे बता दीजिएगा उन्होंने जब मुझे यह बात कही तो मैंने उनसे कहा ठीक है मैं आपको बता दूंगा परंतु मैंने उन्हें कभी भी इस बारे में नहीं बताया दीपिका और मैं हफ्ते में एक बार मिला करते थे कभी वह अपने ऑफिस के काम में बिजी रहती थी इसलिए हम दोनों एक दूसरे को कम ही मिला करते थे।

अब यह बात भैया को भी मालूम चल चुकी थी और वह मुझसे पूछने लगे कि क्या तुम और दीपिका आपस में शादी करना चाहते हो? मैंने उन्हें कहा नहीं भैया अभी हम लोगों ने ऐसा कुछ नहीं सोचा है। भैया कहने लगे यदि तुम दोनों आपस में शादी करना चाहते हो तो तुम मुझे बता देना मैंने भैया से कहा ठीक है मैं आपको बता दूंगा। मैं कुछ दिनों के लिए अपने काम के सिलसिले में राजस्थान चला गया मैं अपने ऑफिस के टूर से ही राजस्थान गया था और जब मैं राजस्थान में एक महीने तक रहा तो मेरे घर पर बात ही नहीं हो पा रही थी परंतु जब मैं घर लौटा तो दीपिका घर पर आई हुई थी मैंने दीपिका से पूछा क्या बात है आज तुम घर पर ही आ गई वह कहने लगी मैं तो दीदी से मिलने आई थी मैंने उसे मुस्कुराते हुए कहा क्या सिर्फ तुम दीदी से ही मिलने आई थी वह कहने लगी हां मैं सिर्फ दीदी से ही मिलने आई थी। मैं मुस्कुराने लगा और अपने रूम में चला गया मैं काफी दिनों से थका हुआ था इसलिए मैं आराम से लेट गया और मुझे बहुत गहरी नींद आ गई क्योंकि काम का इतना ज्यादा प्रेशर था कि मैं बहुत थक चुका था मैं आराम से सो गया और जब मेरी आंख खुली तो मैंने बाहर देखा दीपिका और प्रतिभा भाभी आपस में बैठे हुए हैं। हमारे घर में अब सब कुछ ठीक हो चुका था मेरी मां और भाभी के बीच में भी अब कोई झगड़ा नहीं था वह लोग बड़े ही प्यार से रहते थे और मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि उन दोनों का रिश्ता इतनी जल्दी से ठीक हो पाएगा परंतु यह मेरे भैया की वजह से ही संभव हो पाया अब सब कुछ ठीक होने लगा था।

मैं जब हॉल में गया तो भाभी मुझे कहने लगी देवर जी आपके लिए मैं चाय बना देती हूं मैंने कहा नहीं रहने दीजिए दीपिका ने मुझे कहा नहीं दीदी आप चाय बना दो मुझे भी चाय पीने का मन हो रहा है प्रतिभा भाभी चाय बनाने चली गई और हम दोनों आपस में बात करने लगे दीपिका मुझसे कहने लगी तुमने तो मुझे फोन भी नहीं किया मैंने दीपिका से कहा मैंने तुम्हें बता तो दिया था कि मैं अपने काम के चलते कुछ ज्यादा ही व्यस्त हो जाऊंगा इसलिए हमारी फोन पर बात नहीं हो पाएगी। वह कहने लगी मुझे मालूम है कि तुम कुछ ज्यादा ही बिजी हो गए थे लेकिन तुम्हें मुझसे एक बार तो फोन पर बात करनी चाहिए थी। मैंने जब दीपिका को इस बारे में बताया तो दीपिका कहने लगी हां मैं सोच तो रही थी कि आपने मुझे फोन क्यों नहीं किया मैं आपके फोन का इंतजार करती रही और इस बीच में हमारी कोई बात नहीं हुई तो मुझे बड़ा अटपटा सा लगा मैंने दीपिका से कहा चलो कोई बात नहीं अब तो मेरी तुमसे बात होती ही रहेगी दीपिका कहने लगी वैसे मैं एक-दो दिन तक यहीं पर रुकने वाली हूं। मैं खुश हो गया कि इतने समय बाद मुझे दीपिका के साथ बात करने का मौका मिल जाएगा मेरी भाभी चाय लेकर आ गए और कहने लगे आप दोनों के बीच में क्या बात चल रही है मैंने भाभी से कहा ऐसा कुछ भी नहीं है हम दोनों बैठे हुए थे भाभी कहने लगी मुझे सब मालूम है कि तुम दोनों आपस में क्या बात कर रहे थे मैंने भाभी से कहा अरे भाभी आप रहने दीजिए।

हम तीनों ने चाय पी और उसके बाद भाभी मुझे कहने लगे देवर जी आज आपका क्या प्रोग्राम है मैंने उन्हें कहा आज तो मैं घर पर ही हूं और मैं कहीं नहीं जाने वाला भाभी कहने लगी क्या आप कुछ सामान ले आएंगे उन्होंने मुझे सामान की लिस्ट देदी और कहा तुम यह सामान ले आना मैं भी अपने घर के ही पास गुप्ता जी के पास चला गया और वहां पर से मैंने सामान ले लिया। जब मैंने वहां से सामान लिया तो वह मुझे कहने लगे आजकल आप दिखाई नहीं देते मैंने उन्हें कहा आजकल मैं बाहर गया हुआ था और आज ही लौटा हूं मैंने उन्हें कहा गुप्ता जी आप यह सामान घर पर भिजवा दीजिएगा वह कहने लगे ठीक है मैं आपके घर पर यह सामान भिजवा दूंगा क्योंकि गुप्ता जी होम डिलीवरी भी किया करते हैं इस वजह से उन्होंने हमारे घर पर सामान भिजवा दिया। मैंने भाभी से कहा आज क्या बनाने वाला है तो भाभी कहने लगी अभी तो मैंने कुछ सोचा नहीं है लेकिन देखती हूं क्या बनाऊं दीपिका कहने लगी आप आज शाही पनीर बना दीजिए। दीपिका को शाही पनीर खाने का बड़ा शौक है और उसे पनीर खाना बहुत पसंद है तो भाभी कहने लगी ठीक है मैं तुम्हारे लिए शाही पनीर बना देती हूं। मैं अपने रूम में बैठ कर अपना काम करने लगा और भाभी खाना बनाने लगे दीपिका भी दूसरे रूम में बैठी हुई थी और भैया अभी ऑफिस से लौट ही रहे थे। रात को सब लोगों ने साथ में डिनर किया और उसके बाद सब लोग सो गए लेकिन दीपिका और मैं मिलने का बहाना देखने लगे। मैं अपने कमरे में लेटा हुआ था और दीपिका से अपने फोन के माध्यम से बात कर रहा था मैंने दीपिका से कहा तुम बाहर आ जाओ, दीपिका दूसरे रूम में लेटी हुई थी वह मेरे कमरे में आ गई।

हम दोनों आराम से बात करने लगे ताकि किसी को सुनाई ना दे मैंने दीपिका के बालों को सहलाना शुरू किया और उसकी जांघ पर मैंने हाथ रख दिया जिससे कि उसका बदन पूरी तरीके से गरम होने लगा, उसे अच्छा लगने लगा। मैने दीपिका की होंठो को चूमना शुरू किया तो उसे बड़ा अच्छा लगता वह मेरा पूरा साथ देती मुझे उसके होठों को चूमने में बहुत अच्छा लग रहा था। मैं ऐसा ही उसके होंठो को चूसता रहा, जब मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरु किया तो मुझे बड़ा मजा आता, दीपिका भी पूरी तरीके से मचल जाती। मैंने दीपिका के स्तनों को बहुत देर तक चाटा जैसे ही मैंने अपने लंड को दीपिका की चूत पर लगाया तो वह मजे मे आ गई लेकिन मुझे उसे धक्के देने में बड़ा मजा आता, मैं दीपिका के साथ काफी देर तक ऐसा ही करता रहा। दीपिका की योनि से खून निकलने लगा था वह अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लेती जिससे कि हम दोनों के अंदर बडी गर्मी पैदा हो जाती, मैं दीपिका को बहुत तेजी से धक्के देता। मैंने दीपिका को उल्टा लेटाते हुए चोदना शुरू किया, दीपिका की गांड को मैंने पकड़ा हुआ था जिससे कि उसके मुंह से चीख निकल जाती और मैं बड़ी तेजी से दीपिका को धक्के दिए जाता।

वह मुझे कहने लगी तुम्हारे धक्को से मेरी जान निकल जाएगी मैंने दीपिका से कहा लेकिन मैं ऐसा कैसे होने दूंगा। मैं दीपिका को बहुत तेजी से धक्के देना शुरू कर दिया उसकी चूत से खून बड़ी तेजी से बाहर की तरफ निकलने लगा, जैसे ही मेरा गरमा गरम वीर्य दीपिका की योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो उसे ऐसा लगा जैसे कि कोई गरम चीज उसकी योनि में चली गई हो। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है और बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही है, उसकी योनि से लगातार खून निकल रहा था जिससे कि उसे बहुत तकलीफ हो रही थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स कर के खुश थे मुझे दीपिका के साथ उस दिन रात में समय बिताने का मौका मिला हम दोनों साथ में ही थे और पूरी रात भर हम दोनों बात करते रहे। सुबह दीपिका दूसरे रूम में चली गई ताकि किसी को पता ना चले परंतु प्रतीभा भाभी को पता चल चुकी थी अब भी हम दोनों एक दूसरे से चोरी छुपे ही मिलते हैं।


Comments are closed.