रौशनी के स्तनों को दबाकर मजा आया

Antarvasna, kamukta:

Raushni ke stano ko dabakar maja aaya मैं जब भी कंचन से मिलता तो मुझे काफी अच्छा लगता और कंचन को भी बड़ा अच्छा लगता था जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ में होते थे। समय के साथ अब हम दोनों एक दूसरे से रिलेशन में नहीं थे और हम दोनों एक दूसरे से अलग हो चुके थे। कंचन मुझसे काफी दूर हो चुकी थी और कंचन ने अब शादी करने का भी फैसला कर लिया था। यह सब सिर्फ इस वजह से हुआ कि कंचन को लगता था कि मेरे साथ ऑफिस में जॉब करने वाली  ललिता के साथ मेरा रिलेशन है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं था हम दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त थे। मेरे और ललिता के बीच में कुछ भी ऐसा नहीं था लेकिन कंचन को शायद यह गलतफहमी हो चुकी थी और इस वजह से हम दोनों का रिलेशन अब खत्म हो चुका था और कंचन की भी शादी हो चुकी थी। मैं दिल्ली का रहने वाला हूं लेकिन मैं बेंगलुरु में जॉब करता हूं और बेंगलुरु में मैं पिछले दो वर्षों से जॉब कर रहा हूं।

कंचन मेरी जिंदगी से दूर हो चुकी है और अब शायद कंचन के बारे में सोचना भी ठीक नहीं है इसलिए मैं कंचन के बारे में भूल कर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका हूं। मैं काफी खुश हूं जिस तरीके से मेरी जिंदगी चल रही है। मैं अपनी नौकरी पर पूरी तरीके से ध्यान दे रहा हूं और मेरी जिंदगी अब अच्छे से चलने लगी है। एक दिन मैं अपने दोस्त के साथ बैठा हुआ था क्योंकि उस दिन हमारी छुट्टी थी इसलिए मैं अपने दोस्त के साथ उसके घर पर ही था। बेंगलुरु में मुझे काफी समय हो चुका है तो बेंगलुरु में मेरी काफी अच्छी दोस्ती भी हो चुकी है। मैं उस दिन अपने दोस्त गौतम के साथ बैठा हुआ था तो गौतम ने मुझसे कहा कि रोहन मैं सोच रहा हूं कि काफी दिनों से मैंने शॉपिंग भी नहीं की है तो आज हम लोग शॉपिंग के लिए चलते हैं। मैंने भी गौतम से कहा कि ठीक है आज हम लोग शॉपिंग के लिए चलते हैं और उस दिन हम दोनों शॉपिंग के लिए चले गए। जब हम लोग शॉपिंग के लिए गए तो मुझे काफी अच्छा लगा और उसी दिन जब हम लोग शॉपिंग करने के बाद घर वापस लौट रहे थे तो हमारी ही कॉलोनी में उस दिन मुझे एक लड़की दिखी मैंने उसे पहली बार ही देखा था।

मैंने जब गौतम से उसके बारे में पूछा तो गौतम ने मुझे बताया कि उसका नाम रोशनी है। मैंने रोशनी को पहली बार ही देखा था और मुझे काफी अच्छा लगा जब उस दिन मैंने रोशनी से बातें की। मेरी बात उस दिन गौतम ने रोशनी से करवाई और मुझे काफी अच्छा लगा। पहली बार ही मैं रोशनी से मिला और मेरी उससे बातें हुई। उस दिन के बाद मैं रोशनी से बातें करने लगा था क्योंकि वह हमारी ही कॉलोनी में रहती है इस वजह से मेरी उससे बातें हो ही जाती थी। जब भी मेरी रोशनी के साथ बातें होती तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगता है और उसे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे से बातें करते हैं। हम दोनों एक दूसरे को बड़े ही अच्छे से समझने लगे थे और कहीं ना कहीं अब हमारी दोस्ती प्यार में भी बदलने लगी थी। मैं रोशनी के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करता और मुझे बड़ा ही अच्छा लगता था जब भी मैं रोशनी के साथ होता और रोशनी से मिला करता। मैं रोशनी के बिना एक पल भी नहीं रह पाता था और ना ही रोशनी मेरे बिना एक पल रह पाती थी इसी वजह से हम दोनों के बीच सब कुछ अच्छे से चल रहा है।

हम दोनों बड़े ही खुश हैं जिस तरीके से मैं और रोशनी एक दूसरे के साथ होते हैं और एक दूसरे के साथ रिलेशन को हम दोनों आगे बढ़ा रहे थे। एक दिन मैं रोशनी के साथ बैठा हुआ था उस दिन जब रोशनी और मैं साथ में थे तो रोशनी ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए मुंबई जा रही है। मैंने रोशनी से कहा कि लेकिन तुम मुंबई से वापस कब लौटोगी तो उसने मुझे बताया कि बहुत जल्द ही वह वहां से वापस लौट आएगी। मैंने रोशनी को कहा कि लेकिन तुम वहां से वापस कितने दिनों में लौटोगी तो रोशनी ने मुझे बताया कि वहां से वह एक हफ्ते में लौट आएगी। मैंने रोशनी से जब पूछा कि वह वहां क्या किसी जरूरी काम से जा रही है तो रोशनी ने मुझे बताया कि मुंबई में उसकी एक सहेली रहती है वहां उसकी शादी है इसलिए वह मुंबई जा रही है। मैंने रोशनी को कहा कि यह तो बड़ा ही अच्छा है कि तुम अपनी सहेली की शादी में जा रही हो। कुछ ही दिनों बाद रोशनी अपनी सहेली की शादी में चली गई थी और वह जब अपनी सहेली की शादी में गई तो मैं उसे बहुत ज्यादा मिस कर रहा था।

मेरी बात रोशनी से फोन पर होती जा रही थी जिस वजह से कहीं ना कहीं मेरे लिए यह संतुष्टि की बात थी कि कम से कम मेरी बात रोशनी से फोन पर तो हो जा रही है। उस दिन मेरी बात जब रोशनी के साथ हुई तो रोशनी ने बताया कि वह जल्द ही वापस आ रही है। मैं रोशनी को बहुत ज्यादा मिस कर रहा था और मैं चाहता था कि वह जल्द से जल्द घर आ जाए। रोशनी जब घर आई तो मेरी उससे मुलाकात हुई और मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा मैंने और रोशनी ने उस दिन एक दूसरे के साथ काफी अच्छा समय बिताया। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ में काफी अच्छा टाइम स्पेंड किया जिससे कि हम दोनों बड़े ही खुश थे और रोशनी भी बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ में समय बिताया। उस दिन के बाद तो हम दोनों एक दूसरे को मिला करते हैं और जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगता है और हम दोनों ज्यादा से ज्यादा समय साथ में बिताने की कोशिश किया करते। एक दिन मैं और रोशनी साथ में थे उस दिन मैंने जब रोशनी से कहा कि क्या आज हम लोग कहीं घूमने के लिए चले तो रोशनी ने कहा कि ठीक है आज हम लोग मूवी देखने के लिए चलते हैं।

हम दोनों ने उस दिन मूवी देखने का प्रोग्राम बनाया और हम दोनों मूवी देखने के लिए चले गए। जब हम लोग मूवी देखने के लिए गए तो हम दोनों को बड़ा अच्छा लगा और हम लोग जब वहां से घर लौटे तो उस दिन काफी ज्यादा देर हो चुकी थी। हम लोग घर लौट आए थे मेरी और रोशनी की मुलाकात हर रोज ही हो जाती थी और हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में बहुत ज्यादा खुश हैं। मुझे बहुत ही अच्छा लगता है कि मैं रोशनी के साथ रिलेशन में हूं और वह मुझे अच्छे से समझ पाती है। रोशनी मुझे हमेशा ही मिलती रहती। हम दोनो के बीच मे कभी भी किस तक नहीं हुआ था पर जब पहली बार हमारे बीच किस हुआ तो यह मेरे लिए बहुत अच्छा था और रोशनी को भी बहुत मजा आया था। जब भी हम दोनो मिलते तो अब हमारे बीच किस हो ही जाता था और हम दोनो अब सेक्स करने के लिए तडप रहे थे। मैंने जब पहली बार रोशनी के साथ सेक्स करने का मन बनाया तो वह भी तैयार थी। वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तडप रही थी। मैंने और रोशनी ने एक दिन साथ मे रूकने का फैसला किया मैं रोशनी के गोरे बदन को महसूस करना चाहता था और वह भी मेरे साथ सेक्स करने के लिए तडप रही थी।

मैंने जब उसके होंठो को चूमकर उसे गरम करना शुरु किया तो वह तडप रही थी और मैं भी तडप रहा था। मैं रोशनी के स्तनो को दबा रहा था और वह भी मेरा साथ दे रही थी जिस तरह से हम दोनो सेक्स का मजा ले रहे थे।अब हम दोनो ही एक दूसरे के सामने नंगे थे। मैंने पहली बार उसके नंगे बदन को देखा था। मैंने अब रोशनी की चूत पर अपनी जीभ का स्पर्श करते हुए उसकी चूत को चाटा तो वह तड़पने लगी थी। रोशनी की चूत से पानी निकल रहा था और वह अपने पैरो को चौडा कर रही थी। वह जिस तरह अपने पैरो को खोल रही थी उस से मुझे लग रहा था उसकी चूत मेरे लंड को लेने के लिए तडप रही है। रोशनी मुझे बोली अब मुझे ना तड़पाओ। मैंने रोशनी की गिली चूत पर लंड को लगाते हुए अंदर घुसा दिया था।

मेरा लंड रोशनी की चूत मे जाते ही वह जोर से चिल्ला रही थी। मैं उसको तेजी से धक्के दिए जा रहा था और वह सिसकारियां ले रही थी। मैं रोशनी की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था। वह अपनी मादक आवाज से मेरे अंदर की गर्मी बढा रही थी। मैं रोशनी के पैरो को ऊपर करके उसे चोदने लगा तो उसकी चूत से बहुत ज्यादा पानी निकल रहा था और हम दोनो एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स के मजे ले रहे थे और हम दोनो अब तडप रहे थे। मैंने अपने माल को रोशनी की चूत मे गिराने का फैसला कर लिया था। वह मुझे बोली मैं झड चुकी हूं। वह झड चुकी थी इस वजह से वह अब मुझे बोली मेरी चूत मे माल गिरा दो और मैंने उसकी चूत मे माल गिराकार अपने लंड की आग को शांत कर दिया था। रोशनी की गुलाबी चूत बडी ही लाजवाब है और जब भी मुझे मौका मिलता तो वह मेरा साथ अच्छे से देती और हम दोनो एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स करते।


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