रंगीन सुहागरात का मजा

Antarvasna, hindi sex kahani:

Rangeen suhagraat ka maja मैं मुंबई का रहने वाला हूं मेरा नाम प्रमोद है मुंबई में मेरी फैमिली पिछले 10 वर्षों से रह रही है। कुछ समय पहले ही मैंने एक कंपनी में ज्वाइन किया है और मैं अपनी नौकरी से काफी खुश हूं। मेरी बहन की सगाई कुछ दिनों पहले ही हुई थी और अब उसकी शादी की तैयारियां होने लगी थी पापा चाहते थे कि मेरी बहन की शादी धूमधाम से हो मेरी बहन का नाम महिमा है। हर रोज की तरह सुबह मैं अपने ऑफिस के लिए निकला जब मैं अपने ऑफिस के लिए जा रहा था तो उस दिन मेरे दोस्त का मुझे फोन आया मेरे दोस्त रमन ने मुझे फोन किया और कहा कि प्रमोद तुम अभी कहां हो। मैंने उसे कहा कि मैं तो अभी अपने ऑफिस के लिए निकला हूं वह मुझे कहने लगा कि अगर शाम को तुम ऑफिस से जल्दी घर आ जाओगे तो मुझसे मुलाकात करना मैंने उससे कहा ठीक है मैं तुमसे मिल लूंगा। हम लोगों की ज्यादा देर बात नहीं हुई उसके बाद मैंने फोन रख दिया, मैं फोन रख चुका था और उसके बाद जब मैं शाम के वक्त फ्री हुआ तो मैं अपने दोस्त को मिलने के लिए चला गया। मैं रमन को मिलने के लिए उसके घर पर गया जब मैं रमन को मिलने के लिए उसके घर पर गया तो रमन से मेरी उस दिन काफी बात हुई रमन ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए लोनावला जाने का प्लान बना रहा है।

रमन ने मुझे भी अपने साथ चलने के लिए कहा तो मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हारे साथ चलूंगा और फिर हम लोगों ने लोनावला जाने का फैसला कर लिया था। जब हम लोग लोनावला गए तो वहां पर हमने होटल बुक किया हुआ था, जिस होटल में हम लोग रुके थे उसी होटल में मुझे एक लड़की रिसेप्शन पर दिखी वह लोग भी उसी होटल में रुके हुए थे। उस लड़की को देखकर मुझे काफी अच्छा लगा और मैं चाहता था कि उससे मैं बात करूं लेकिन उस वक्त तो मेरी उससे बात हो नहीं पाई। जब हम लोग मुंबई वापस लौट आये तो उसके कुछ दिनों बाद एक दिन वही लड़की मुझे मेरे ऑफिस में दिखी मुझे पता चला कि उसने कुछ दिनों पहले ही ऑफिस ज्वाइन किया है लेकिन वह अपनी ट्रेनिंग के लिए दिल्ली गई हुई थी। जब वह ऑफिस आई तो  मेरा परिचय शोभिता के साथ हुआ मैं शोभिता से बातें करने लगा तो मुझे शोभिता से बातें कर के अच्छा लगता और शोभिता को भी मुझसे बातें करना अच्छा लगता। हम दोनों साथ में काफी बातें करने लगे थे तो मैंने एक दिन शोभिता को बताया कि मैंने तुम्हें लोनावाला में देखा था शोभिता ने मुझे बताया है कि वह अपनी फैमिली के साथ कुछ दिनों के लिए हॉलीडे पर गई हुई थी। मेरी शोभिता से काफी बातें होने लगी थी तो मैं चाहता था कि शोभिता को मैं अपने दिल की बात कह दूंगा कि वह मुझे बहुत पसंद है।

मेरे दिल में शोभिता के लिए बहुत कुछ चल रहा था इसलिए मैं चाहता था कि मैं शोभिता से अपने दिल की बात कह दूँ। मैंने जब शोभिता को अपने दिल की बात कही तो शोभिता ने भी तुरंत मेरे प्रपोज को स्वीकार कर लिया। उसे मेरे साथ में समय बिताना अच्छा लगता है और हम दोनों अब रिलेशन में थे हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी अच्छा समय बिताते। मैं बहुत ज्यादा खुश था कि शोभिता और मैं एक दूसरे के साथ रिलेशन में है हम दोनों को जब भी मौका मिलता तो हम दोनों कहीं घूमने के लिए चले जाया करते। शोभिता को मूवी देखने का बड़ा शौक था इस वजह से हम दोनों अक्सर मूवी देखने के लिए चले जाया करते। एक शाम जब शोभिता और मैं साथ में बैठे हुए थे, उस दिन हम लोग अपने ऑफिस से फ्री होकर हमारे ऑफिस के बाहर ही एक कॉफी शॉप है हम दोनों वहां पर बैठे हुए थे हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे तो शोभिता ने मुझे बताया कि उसके परिवार वाले चाहते हैं कि वह अब शादी कर ले। मैंने शोभिता को कहा कि यह तो बहुत अच्छा है, मैंने शोभिता को कहा तुम अपने परिवार वालों से मेरे बारे में बात क्यों नहीं करती तो शोभिता मुझे कहने लगी कि मैं उनसे जल्दी ही बात कर लूंगी। उसके कुछ दिनों बाद शोभिता ने अपनी फैमिली को मेरे बारे में बताया अब उन लोगों ने मुझे मिलने के लिए घर पर बुलाया तो वह लोग मेरे और शोभिता के रिश्ते से खुश थे। शोभिता के पापा मेरे पापा से मिलना चाहते थे और जब मैंने अपने पापा को शोभिता के पापा से मिलवाया तो उन लोगों ने हमारे रिश्ते की बात को आगे बढ़ाया और अब हम दोनों शादी के बंधन में बनने वाले थे।

मैं बहुत ज्यादा खुश था कि शोभिता मेरी पत्नी बनने वाली है और शोभिता भी इस बात से काफी ज्यादा खुश थी। हम दोनों ही एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते मैं जब भी शोभिता के साथ होता तो मुझे काफी अच्छा लगता और शोभिता को भी मेरा साथ बहुत पसंद है। हम दोनों की इंगेजमेंट हो चुकी थी मैं और शोभिता शॉपिंग करने के लिए गए हुए थे उस दिन हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया मैं उस दिन शोभिता को छोड़ने के लिए उसके घर पर गया। मैं जब शोभिता को छोड़ने उसके घर पर गया तो शोभिता काफी ज्यादा खुश थी और वह मुझे कहने लगी कि मुझे काफी अच्छा लग रहा है। मुझे भी बहुत खुशी थी और शोभिता भी बहुत ज्यादा खुश थी हम दोनों ने उस दिन बहुत ही अच्छा समय साथ में बताया। हम दोनों की शादी का दिन तय हो चुका था और हम दोनों की शादी अब नजदीक थी, पापा और मम्मी मेरी शादी को लेकर बहुत खुश थे और शोभिता और मैं भी बहुत ज्यादा खुश थे। जल्द ही हम दोनों की शादी हो गई। अब हम दोनों पति-पत्नी बन चुके थे। सुहागरात की पहली रात थी और हम दोनों साथ में थे। मैं और शोभिता पहली बार एक दूसरे के साथ सेक्स करने जा रहे थे। मैं शोभिता के नरम होंठो को देख रहा था। मैंने जब अपने होठों को शोभिता के होठों की तरफ बढ़ाया तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था। अब शोभिता मेरे होठों को चूमने लगी और मैं शोभिता के होठों को महसूस करने लगा। हम दोनों ही एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाते जा रहे थे।

मैंने शोभिता के बदन से उसके कपड़ों को उताराना शुरू किया। जब मैंने शोभिता के बदन से उसके कपड़ों को उतारना शुरू किया तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था और उसे भी बहुत ही ज्यादा मज़ा आने लगा था। वह उत्तेजित हो चुकी और उस से बिल्कुल रहा नहीं जा रहा था। मैंने शोभिता के स्तनों को अपने हाथ से दबाना शुरू किया जब मैं उसके स्तनों को महसूस कर रहा था तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा महसूस हो रहा था। मैंने शोभिता के स्तनों को बहुत देर तक चूसा। जब मैंने अपनी उंगली को शोभिता की चूत पर लगाना शुरू किया तो वह अपने पैरों के बीच में मुझे जकडने की कोशिश करने लगी। मैं समझ चुका था वह तड़पने लगी है। मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया। मै उसकी चूत को चाट रहा था तो उसे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और मुझे भी आनंद आने लगा था। मैं काफी ज्यादा खुश हो चुका था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी। मैंने शोभिता की चूत को बहुत देर तक चाटा। मैंने शोभिता की योनि को तब तक चाटा जब तक उसकी गर्मी पूरी तरीके से बढ़ नहीं गई और मैने शोभिता की योनि पर लंड को लगाया जैसे ही मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह जोर से चिल्लाई। मैंने देखा शोभिता की योनि से खून निकल आया है वह मेरे लंड पर लग रहा है। मैंने शोभिता के पैरों को खोला जिससे कि मेरा लंड आसानी से शोभिता कि चूत के अंदर जा रहा था और मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। मुझे  इतना ज्यादा मजा आ रहा था कि मैं शोभिता के बदन की गर्मी को बढ़ाए जा रहा था।

अब मैंने शोभिता की चूत के अंदर बाहर अपने मोटे लंड को करना शुरू कर दिया था जिससे कि मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था वह मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ने की कोशिश करती। जब वह ऐसा करती तो मुझे एक अलग ही अनुभूति होती और मैं उसे लगातार तेजी से धक्के मार रहा था। वह मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ा रही थी और जिस प्रकार से वह मेरा साथ दे रही थी उससे मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया था और वह काफी ज्यादा खुश थी। मैने काफी देर तक उसके साथ संभोग का मजा लिया। जब मुझे यह एहसास होने लगा कि मैं बिल्कुल भी रहा नहीं पा रहा हूं तो मैंने शोभिता कि योनि के अंदर अपने माल को गिरा दिया। मेरा लंड शोभिता की टाइट चूत को बर्दाश्त नही कर पाया और मेरा माल गिर गया। अब वह बहुत ज्यादा खुश थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था। मैंने शोभिता को कहा मेरी गर्मी शांत हो चुकी है। मै शोभिता की इच्छा को पूरा कर चुका था और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ दोबारा सेक्स करने का मन बना लिया था। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा दिया जब शोभिता की योनि के अंदर मैने अपने मोटे लंड को घुसाया तो वह जोर से चिल्ला कर मुझे बोली मुझे मजा आ रहा है। मैंने भी उसे बड़ी तेजी से धक्के देना शुरू कर दिया था जिस प्रकार से मै उसे चोद  रहा था वह खुश हो चुकी थी। मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और शोभिता को भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था।

हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा दिया था और उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था। शोभिता को मैंने घोड़ी बना दिया था जब मैंने शोभिता को घोडी बनाया तो उसके बाद वह मुझे कहने लगी मुझे और तेजी से चोदो। मैं शोभिता की चूतडो पर अपने लंड से बड़ी तेजी से प्रहार कर रहा था जिससे कि उसकी चूतड़ों का रंग बढने लगा था। वह भी मुझसे अपनी चूतडो को मिलाए जा रही थी और हमारी सुहागरात बहुत रंगीन रही। अब मेरे वीर्य की पिचकारी से मैंने शोभिता की चूत को नहला दिया था और वह खुश हो गई थी। वह कहने लगी आज मुझे बहुत ज्यादा मजा आ गया। अब हम दोनों ही एक दूसरे की बाहों में लेटे हुए थे और हम दोनों ही बहुत ज्यादा खुश थे।


Comments are closed.