रात के अंधेरे में चूत चुदाई

Raat ke andhere me chut chudai:

antarvasna, hindi sex stories मैं एक सामान्य कद काठी का लड़का हूं मेरी लंबाई 5 फुट 8 इंच है और मैं कॉलेज में पढ़ाई करता हूं एक दिन मेरा दोस्त मुझे कहने लगा कि चलो आज मैं तुम्हें कॉलेज की जिम में ले चलता हूं मैंने उसे कहा यार तुम्हें तो पता ही है कि मैं इन सब चीजों से दूर ही रहता हूं वह मुझे कहने लगा मैं कुछ दिनों से जिम जा रहा हूं और मुझे बहुत अच्छा लग रहा है तुम मेरे साथ एक बार चलो तो सही, मैंने उसे कहा नहीं दोस्त मैं तुम्हारे साथ नहीं आ पाऊंगा उसके बाद वह जिम में चले गया। मुझे इन सब चीजों से दूर रहना ही अच्छा लगता था मैं हर चीज में सामान्य था मैं ना ही किसी चीज में ज्यादा अच्छा था और ना ही किसी चीज में ज्यादा खराब था इसलिए मैं एक अच्छी जिंदगी जी रहा था परंतु कुछ समय बाद मैंने अपने दोस्त को देखा तो उसके शरीर में पूरी तरीके से बदलाव आने लगा और उसकी बॉडी बड़ी ही अच्छी बनने लगी मुझे उसे देखकर लगा कि मुझे भी अब जिम जाना चाहिए मैंने उसे कहा यार आज तुम मुझे कॉलेज का जिम दिखा ही दो क्योंकि मैं उस तरफ कभी भी नहीं जाता था।

वह मुझे कॉलेज के जिम्म में ले गया और वह जब मुझे जिम में ले गया तो मैंने जैसे ही जिम के अंदर कदम रखा तो वहां पर हमारे कॉलेज के रहने वाले हॉस्टल के लड़के थे जो कि जिम में कसरत कर रहे थे उनमें से कुछ लोगों को मैं जानता था और उन सब की बॉडी देखकर मुझे लगा कि मुझे भी जिम करना चाहिए। मैंने अपने दोस्त से कहा कि यार तुम्हारी तो पूरी तरीके से बॉडी में परिवर्तन आ चुका है और तुम पहले से ज्यादा अच्छे दिखने लगे हो वह कहने लगा की निखिल इसके लिए मेहनत करनी पड़ेगी। पहले मुझे भी यह सब कुछ ठीक नहीं लगता था लेकिन जब से मैंने जिम जाना शुरू किया है तो मुझे लगने लगा कि जिम जाना सेहत के लिए अच्छा है और अब मेरी पर्सनैलिटी भी अच्छी होने लगी है हमारे घर के पास ही एक भैया रहते हैं जो कि जिम में ट्रेनिंग देते हैं एक शाम मैं उनसे मिलने के लिए चला गया और मैंने उसे कहा भैया मुझे भी जिम जाना है।

वह कहने लगे कि निखिल तुम मेरे जिम में आ जाओ ट्रेनिंग मैं तुम्हे देता हूं तुम उसमें ज्वाइन कर सकते हो और मैं तुम्हारी मदद कर दूंगा मैंने कहा ठीक है लेकिन मैं सुबह के वक्त ही आ पाऊंगा वह कहने लगे सुबह के वक्त और भी अच्छा है तुम सुबह आओगे तो तुम्हारे लिए भी ठीक रहेगा सुबह के वक्त मैं तुम्हें मिल भी जाऊंगा क्योंकि शाम के वक्त मैं जिम में नहीं आता। मैं भैया के साथ जिम में कसरत करने लगा जब मैं घर पर आया तो मेरा बदन पूरी तरीके से दुखने लगा मैंने भैया को फोन किया और कहा भैया मेरा शरीर बहुत दर्द हो रहा है वह कहने लगे एक दिन तक तुम्हारे शरीर में दर्द रहेगा उसके बाद तुम्हें अच्छा लगेगा और उसके बाद मुझे भी जिम जाना अच्छा लगने लगा मेरे शरीर में दर्द भी अब ठीक होने लगा था अब मैं हर रोज जिम जाता। मेरा मेरे दोस्त से हमेशा ही इस बारे में कॉलेज में चर्चाएं होती हमारी बॉडी भी पहले से ज्यादा अच्छी बनने लगी थी जिस जिम में मैं सुबह के वक्त जाता था उसमें एक लड़की आने लगी उसका नाम लवलीन है उससे मेरी बात जब पहली बार हुई तो मुझे उससे बात कर के अच्छा लगा और उससे मेरी दोस्ती हो गई लवलीन से मेरी दोस्ती हुई तो उसे भी अच्छा लगा जब भी वह मुझे मिलती तो मुझसे बात जरुर किया करती। मैंने उसे बताया कि मैं कॉलेज में पढ़ता हूं लवलीन अपने पापा के बिजनेस को संभालती है और वह उम्र में मुझसे तीन चार वर्ष बड़ी है लेकिन उसे देखकर ऐसा लगता नहीं है कि वह उम्र में मुझसे बड़ी है उसने अपने आप को बहुत ही ज्यादा मेंटेन किया हुआ है लवलीन हर रोज सुबह के वक्त जिम जाया करती है, पहले वह किसी और जिम में जाती थी लेकिन अब वह जिसमें मैं जाता हूं उसी जिम में आती है मैंने उसे पूछा तुम कितने वक्त से जिम कर रही हो तो वह कहने लगी कि मुझे जिम जाते हुए करीब तीन वर्ष हो चुके हैं और मैं हमेशा ही हर रोज जिम जाती हूं मैंने लवलीन से कहा मैंने तो कुछ समय पहले ही जिम जॉइन किया है वह मुझे कहने लगी कि लेकिन फिर भी तुम्हारी बॉडी ठीक है।

मैं और लवलीन साथ में ही जिम किया करते मेरी लवलीन से बहुत अच्छी दोस्ती भी हो चुकी थी। एक दिन लवलीन ने मुझे अपने ऑफिस में बुलाया मैं उसके ऑफिस में गया तो उसका ऑफिस काफी बड़ा था और उसमें काफी सारे एंप्लॉय थे लवलीन ने मुझे अपने केबिन में बुलाया और कहा कि यही मेरा ऑफिस है मैं ही पापा के काम को संभालती हूं, मैंने उसे कहा तुमने अपने कॉलेज के बाद ही यह ऑफिस ज्वाइन कर लिया था वह कहने लगी हां मैंने अपने कॉलेज के बाद ही पापा का ऑफिस ज्वाइन कर लिया था और मैं उनके बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहती हूं क्योंकि घर में मैं ही एकलौती हूं इसलिए पापा को मुझ से बहुत उम्मीदें रहती हैं, पापा मुझ पर बहुत ज्यादा भरोसा करते हैं और वह मुझसे अपने लड़के की तरह प्यार करते हैं। लवलीन ने मुझे कहा कि क्या तुम्हारे लिए कुछ मंगाऊँ मैंने उसे कहा नहीं मैं तो सिर्फ तुमसे ही मिलने आया था आजकल मेरे कॉलेज का काम है मैं ज्यादा देर नहीं रुक पाऊंगा, मैं वहां से अपने घर चला आया मेरी लवलीन से फोन पर बातें तो होती ही रहती थी और हम दोनों की दोस्ती भी गहरी होने लगी थी लवलीन से बातें कर के मुझे बहुत अच्छा लगता।

मेरी बॉडी भी बनने लगी थी और मेरे कॉलेज की लड़कियां मुझ पर फिदा थी लेकिन मैं किसी की तरफ नहीं देखा करता था क्योंकि मुझे तो सिर्फ अपने से ही मतलब था मेरी आज तक कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं रही, लवलीन से मेरी दोस्ती इतनी अच्छी हो गई की मुझे भी नहीं पता था कि उससे मेरी दोस्ती इतनी अच्छी हो जाएगी लेकिन लवलीन के साथ मेरी दोस्ती बहुत गहरी हो गई और जब भी उसे मेरी जरूरत होती तो मैं हमेशा उसकी मदद करता और मुझे भी कभी कुछ जरूरत होती तो लवलीन हमेशा ही मेरी मदद कर दिया करती हम दोनों एक दूसरे को बड़ी ही अच्छी तरीके से समझने लगे थे और एक दूसरे का साथ भी हमेशा देते। लवलीन ने एक दिन मुझे अपने पापा से मिलाया उसके पापा भी मुझसे मिलकर बहुत इंप्रेस थे वह मुझे कहने लगे आगे तुमने क्या सोचा है, मैंने उन्हें कहा सर मैंने अभी तो कुछ नहीं सोचा है फिलहाल मैं अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करना चाहता हूं और उसके बाद ही आगे कुछ सोच लूंगा उन्होंने मुझे कहा कि यदि तुम्हें यहां पर जॉब ज्वाइन करनी हो तो तुम्हारे लिए हमेशा ही मेरे ऑफिस में जगह है मैंने कहा सर मुझे जब भी आपकी जरूरत होगी तो मैं जरूर आपको बताऊंगा लवलीन वैसे भी मेरी बहुत अच्छी दोस्त है लवलीन और मैं सुबह के वक़्त साथ में ही जिम जाया करते थे एक दिन लवलीन मुझे कहने लगी कि क्या आज तुम मेरे साथ मेरे दोस्त की पार्टी में चलोगे, मैंने उसे कहा यार वहां जाकर मैं क्या करूंगा मैं किसी को भी पहचानता नहीं हूं लेकिन उसने मुझसे कहा कि तुम्हें मेरे साथ चलना ही होगा मैं भी उसे मना ना कर सका और लवलीन के साथ उसके दोस्त के पार्टी में चला गया,मैं जब उसके दोस्तों से मिला तो मुझे थोड़ा अजीब सा लग रहा था क्योंकि मैं उन्हें पहचानता नहीं था लवलीन को शायद यह बात समझ आ चुकी थी उसके बाद लवलीन और मैं ज्यादा देर वहां नहीं रुके हम दोनों ने वहां से निकलने का फैसला किया मैंने लवलीन से कहा कि मुझे यहां पर कोई जानता नहीं है और मुझे बड़ा ही अनकंफरटेबल सा लग रहा है।

हम दोनो वहां से साथ में घर चले आए। जब हम घर लौट रहे थे तो लवलीन रास्ते में मुझे कहने लगी क्या तुम्हें वहां अच्छा नहीं लगा। मैंने उसे कहा नहीं लवलीन मुझे वहां बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा वहां मुझे बड़ा ही अनकंफरटेबल सा महसूस हो रहा था। उसने कहा चलो कोई बात नहीं हम दोनों कार मे साथ आ रहे थे रास्ते में एक पब दिखा वह खुला हुआ था। मैंने लवलीन से कहा हम लोग यहां पर कुछ देर बैठते है। वह कहने लगी ठीक है हम दोनों ने वहां कार पार्क की और अंदर चले गए। हम दोनों ने वहां बैठकर समय बिताया लवलीन को बहुत ज्यादा नशा हो चुका था। मैं उसे लेकर जब कार में आया तो वह अच्छे से चल भी नहीं पा रही थी। जब वह कार में मेरे साथ बैठी हुए थी तो उसने अपने हाथ को मेरे लंड पर लगाना शुरू कर दिया और वह मेरे लंड को बाहर निकालने लगी उसके गोरे बदन को देखकर मेरा मन भी मचलने लगा।

मैं भी नशे में था मैने उसे किस करना शुरू किया वह मेरे होठों को चूमने लगी। लवलीन के गोरे बदन को देखकर में पूरी तरीके से उत्तेजित हो गया मैंने उसे कपड़े उतारने शुरू कर दिए। मैंने जब उसके स्तनों पर अपने दांत के निशान मारे तो वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर बहुत देर तक सकिंग किया उसने मेरे लंड का पूरा पानी निकाल कर रख दिया था। मुझे भी बहुत मजा आ रहा था जैसे ही लवलीन ने अपनी चूत को मुझे चाटने के लिए कहा मैं उसकी चूत को चाटने लगा। मुझे बहुत मजा आने लगा मैंने उसकी चूत को बहुत देर तक चाटा। जब मैंने उसे चोदना शुरू किया तो उसे भी मजा आने लगा और मुझे भी बहुत आनंद आ रहा था उसकी गोरी चूत में अपने लंड को डालकर मुझे बड़ा मजा आता, मैं उसे तेज गति से चोदता जाता मेरा 9 इंच का लंड उसकी योनि के अंदर तक जा रहा था। मैने 10 मिनट तक सेक्स का आनंद लिया हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स के मजे लिए लेकिन जब भी मेरा मन लवलीन के साथ सेक्स करने का होता तो वह मुझे कभी भी मना नहीं किया करती। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ 20 बार सेक्स कर लिया है मुझे लवलीन के साथ सेक्स करना बहुत ही अच्छा लगता है। वह भी मेरे साथ बहुत खुश रहती है हम दोनों अच्छे दोस्त हैं।


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