प्यासे लंड की दास्ताँ

Pyase lund ki dastan:

desi chudai ki kahani

हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सब मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सब बढ़िया होगे और मुझे इस बात से बड़ी संतुष्टि मिलती है जब सब कुछ अच्छा होता है | मेरा नाम अजय है और मैं कंचनपुर निवासी हूँ और मैं एक बहुत ही शांत स्वभाव का लड़का हूँ | मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगता सिवाए पढ़ाई के | तो एक तरीके से मैं पढ़ाकू हूँ और मेरे घरवाले भी मुझे यही बुलाते हैं | मेरे पापा और मेरी हमेशा लड़ाई होती रहती है इस बात पर कि मैं कभी बाहर नहीं जाता और किसी खेल कूद में भाग नहीं लेता | उल्टा जब भी कोई ऐसा मौका आता है तो मैं वहां से भाग लेता हूँ | अब हर किसी का अपना शौक होता है और मेरा शौक पढ़ाई है तो मैंने इसे ही अपनी जिंदगी बना लिया और मैं इसमें और आगे तक जाना चाहता हूँ | मुझे एक शोधकर्ता बनना है और बहुत सारी चीज़ों पर शोध करना है | हालाकी मेरे घर में किसी चीज़ की कमी नहीं है पर शौक तो शौक होता है | इसलिए दोस्तों मैंने सब कुछ त्याग दिया पर शायद मेरी किस्मत मुझसे कुछ और ही चाहती थी और मैं अपने आप वहां पहुँच गया |

तो दोस्तों आप मुझे समझ नहीं पाए अभी तक पर आगे कहानी पढ़ते हुए समझ जाओगे और मेरी तारीफ करने लगोगे | आप मेरी कहानी पढ़के इतने उत्तेजित हो जाओगे कि आपका लंड चोदने के लिए मचलने लगेगा और आप यहाँ वहां भागने लगोगे चूत की तलाश में | तो दोस्तों अब मैं शुरू करता हूँ अपनी कहानी इसमें मैं आपको बताऊंगा कैसे मैं एक पटरी से दूसरी पर गया और वहां से मेरा जो हाल हुआ वो मैं ही जानता हूँ | दोस्तों जैसा कि मैंने बताया कि मैं शोधकर्ता बनना चाहता था और मेरे पापा चाहते थे कि मैं एक डॉक्टर बनूँ | मेरी माँ चाहती थी कि मैं एक डिज़ाइनर बनू लेकिन माँ बाप आपस में समझौता कर ही लेते हैं तो मुझे डॉक्टर बनना पड़ा | मैंने नहीं सोचा था मेरे साथ ऐसा कभी कुछ होगा पर मुझे मंज़ूर था जो भी हो रहा था मेरे साथ | पर एक बात तो कहना पड़ेगी डॉक्टर बनने में मुझे ज्यादा अच्छा लगा क्यूंकि इस लाइन में इज्ज़त और पैसे दोनों ही अच्छे हैं | और तो और आप दुसरे लोगों को बड़े कॉलेज में पढ़ा के और ज्यादा पैसे कम सकते हो |

मुझे पता है जब मैं डॉक्टरी पढ़ रहा था तब मुझे पुणे का कॉलेज मिला था | वो दोस्तों शायद उस समय का टॉप कॉलेज था अपने भारत में | आज तो नए नए खुल गए हैं और तकनीक भी एक से एक आ गयीं हैं | पर जो हमारे दिन हुआ करते थे सन १९९८ से २००१ के वो पल कभी न भूले जाने वाले पल थे | क्या गाने क्या मौसम सब एक दम मस्त वाह मुझे तो तब महसूस हुआ कि मैंने सही रास्ता पकड़ा है क्यूंकि शोध तो मैं इसके बाद भी कर सकता हूँ | तो दोस्तों मैं जिस चीज़ का डॉक्टर बना वो थी चूत यानी लड़कियों का डॉक्टर और स्वाभाविक है ऐसे डॉक्टर ठरकी तो होते हैं | हाँ पर सारे नहीं होते मुझ जैसों को मिला के कुछ 4 से 5 प्रतिशत तो होते ही हैं | इसलिए मैं भी वैस ही बा गया पर मुझे एक बात समझ नहीं आई और वो ये थी कि जब हमे पढ़ाया जाता था तब हमे बस नकली चूत दिखाई जाती थी और इसलिए हमे कुछ समझ नहीं आता था | और तो और साला लड़कों का कॉलेज था इसलिए कुछ कर भी नहीं सकते थे |

देखो साला किस्मत इतनी मस्त कि मैं उसी चीज़ में घुस गया था पर मुझे मिल कुछ भी नहीं रहा था | इसलिए मैंने सोचा अब प्रैक्टिस के टाइम पे लड़कियों की चूत चोद के रख दूंगा | पर ऐसा होने में कुछ समय लगने वाला था | पर जब वो समय आया तो मैंने सोचा अब तो मेरा टाइम आ गया अब चोदुंगा लड़कियों की चूत | पर साला किस्मत इतनी मादरचोद कि हमे बस रंडियों कि फटी चूत दिखाई जाती थी | अब मैं सोच में पड़ गया कि साला कोई लड़की आये तब उसको चोदुं पर ऐसा कहाँ होने वाला था | साला जब तक प्रैक्टिस चली कोई लड़की नहीं आई पर एक दिन हमे लास्ट सेशन के लिए बुलाया गया और उस दिन बहुत बारिश हो रही थी तो एक रंडी को बुलाया गया था | पर उस दिन ऐसी बारिश हो रही थी कि अब क्या बताऊँ | आपको तो पता ही है पुराने ज़माने में कैसी बारिश होती थी | मैं शायद अकेला था उस रूम में और एक लड़की जिसका फिगर एकदम मस्त था वो अपने बाल सुखा रही थी | मैंने उसे आवाज़ दी और वो मेरी तरफ पलटी बाल उठाते हुए |

मैं उसे देखता रह गया और और फिर पूछा आप तो क़यामत हो और शादी शुदा भी | उसने कहा हाँ वो यहाँ कुछ स्टडी होनी थी मेरी वेजाइना पे इसलिए मैं आ गई | मैंने कहा आप तैयार कैसे हो गए तो उसने सिगरेट जलाते हुए कहा अरे यार देखो पति मेरा है नामर्द यहाँ आके लंड का जुगाड़ आसानी से हो जाता है | ना जाने कितने टीचर्स ने मुझे चोदा है यहाँ | मैंने मन में सोचा वाह यार टीचर्स भी रसिया इंसान हैं | मैंने उससे कहा यार आज तो कोई आएगा नहीं बारिश हो रही है तो चालों अपन यही इंतज़ार करते हैं और जैसे ही बारिश रुकेगी तो आप भी चली जाना | वो मुझे बताने लगी अपने बारे में फिर मैंने भी उसे बताया अपने बारे में | फिर धीरे धीरे पढ़ाई की बात चालु हो गयी फिर उसने कहा कभी तुमने चूत देखी है मैंने कहा हाँ यार पर बहुत ही गन्दी साले रंडियों को बुलवाते थे काली काली चूत दिक्झाते थे साले | उसने कहा अरे मेरा बच्चा और इतना बोलते हुए अपनी साडी उठा दी और अपनी सेक्सी पेंटी भी उतार दी | उसने कहा लो अब अच्छी चूत देख लो |

मैंने जैसे ही उसकी चूत देखी तो मेरे मुंह से एकदम लार बहले लगी और लंड तड़पने लगा सोच रहा था यहीं पटक के चोद दूँ पर उसने ऐसा कुछ करने की इजाज़त नहीं दी थी | पहले तो मैंने उसकी चूत पे हाथ फेरना शुरू किया और बीच में ऊँगली फेरने लगा | थोड़ी देर मैंने ऐसा ही किया तो उसकी चूत गीली हो गयी और उसके बाद मैंने उसकी गोरी चूत को खोला और उसके छेद में ऊँगली डाली | क्या चूत थी उसकी | मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उसकी चूत में अपना मुंह लगा दिया और चाटने लगा तो वो आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म करने लगी और कहने लगी आप तो पढ़ाई करने वाले थे ये क्या कर रहे हो | मैंने कहा प्लीज करने दो ना तो उसने भी कहा अच्छा कर लो और जब तक मन करे कर लो | उसने कहा रुको मैं कपडे उतार देती हूँ और वो नंगी हो गयी | उसका बदन क़यामत था और जैसे ही मैंने उसके दूध देखे मैं उनपे टूट पड़ा और दूध चूसने लगा जोर जोर से | उसके दूध पीते हुए मैं उसके पूरे बदन को सहला रहा था और वो भी मुझे उकसा रही थी |

मैंने भी अपने कपडे उतार दिए और उससे कहा आप इस लंड से खेलो न तो उसने मेरा लंड अपने हाथ में लेकर थोड़ी देर तक हिलाया फिर उसने उसको अपने मुंह में डाल लिया और चूसने लगी | मेरे मुंह से आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म की आवाज़ निकलने लगी | मैं मज़े ले रहा था और वो मेरा लंड जोर जोर से चूस रही थी | फिर दस मिनट बाद मेरे मुंह से एक आह निकली और मेरा सारा मुट्ठ उसके मुंह के अन्दर था | उसने कहा वाह आपका मुट्ठ तो बड़ा अच्छा है | अब से मैं बस आपसे अपनी चूत की चुदाई करवाउंगी | मैंने फिर से उसकी चूत को चाटना शुरू किया और वो आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म करते हुए मेरा साथ देने लगी | मैं उसकी चूत को अन्दर तक चाट रहा था और उसकी चूत से निकले हुए सफ़ेद पानी को पीता जा रहा था और वो बस आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म करते हुए मेरा मुंह अपनी चूत में दबा रही थी |

फिर वो उठी और उसने मेरा लंड अपनी चूत के छेद पर सेट किया और कहा धक्का मारो | मैंने जैसे ही धक्का मारा मेरा पूरा लंड अन्दर चला गया और उसने कहा वाह मोटा और लम्बा लंड आज पहली बार मिला है | मैं उसे जोर जोर जोर से आगे पीछे करते हुए चोदने लगा और आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म करती रही | आधे घंटे की चुदाई के बाद पूरे मुट्ठ को मैंने उसकी नाभि में भर दिया जिसे वो अपने पूरे शरीर पर मल रही थी |

उसके बाद नजाने कैसे कैसे मैंने उसे चोदा और वो आज भी चुदती है मुझसे |


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