प्यार का पंचनामा

Pyar Ka Panchnama :

यह कहानी आप फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे है, हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मधुबन है और मै बिहार क्व सिवान जिले से हूँ, मै फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज का रेगुलर पाठक हूँ और मुझे ये साईट बहुत पसंद है, तो अब मै आपलोगों का ज्यादा टाइम न लेते हुए सीधे कहानी पर आता हूँ, यह कहानी आज से लगभग ३ साल पुरानी है|

उस समय हमारे मोहल्ले में एक नए अंकल आंटी आये हुए थे, आंटी दिखने में एकदम माधुरी की तरह थी, मै पहले दिन से ही उनको चोदने का प्लान बनाने लगा, उस समय लंड हर समय चूत चोदने के लिए बेताब ही रहता था, अब वो आआआहह, आआहहाहह कर रही थी और में उन्हें चूसे ही जा रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी साड़ी हटाकर उसको चड्डी में ही कर दिया।

मुझे तेरे लंड से चुदवाने में आज बहुत मज़ा आएगा। फिर मैंने कहा कि यह 9 इंच का है, तब वो मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर थोड़ी देर तक वो मेरे लंड को चूसती रही और उसके बाद मैंने उसको सोफे पर लेटा दिया और उसकी चूत को चाटने लगा।

और वो मेरे लंड को देखते ही बोली कि इतना लंबा तो तेरे दोस्त का भी नहीं है, मुझे तेरे लंड से चुदवाने में आज बहुत मज़ा आएगा। फिर मैंने कहा कि यह 9 इंच का है, तब वो मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर थोड़ी देर तक वो मेरे लंड को चूसती रही और उसके बाद मैंने उसको सोफे पर लेटा दिया और उसकी चूत को चाटने लगा। अब वो सिसकारियाँ मारने लग गई थी।

अब वो अहाह, आहहह, आहहह कर रही थी। फिर तभी मैंने एक ज़ोर से धक्का लगाकर मेरे लंड को 7 इंच तक उसकी चूत में घुसा दिया। फिर वो अचानक से चिल्ला भी नहीं सकी, क्योंकि उसका मुँह मेरे मुँह में था और में उसको ज़ोर-ज़ोर से किस करता गया और धक्के लगाते गया। तभी वो बोली कि आज फाड़ डाल मेरी चूत को, वो तुम्हारे जैसा ही लंड मांगती है।

फिर वो कुछ नहीं बोली। अब में उसे लगातार धक्के लगा रहा था और फिर में ऐसे ही 15-20 मिनट तक उसको उसी पोज़िशन में चोदता गया। फिर अब उसे भी मज़ा आने लग रहा था, अब वो भी अपने कूल्हे उछाल-उछालकर मुझसे चुदवा रही थी। अब मैंने उसे और ज़ोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया था। फिर थोड़ी देर के बाद वो झड़ गयी और शांत पड़ गयी। फिर मैंने उसको घोड़ी बना दिया।

लेकिन मेरा पानी तो अभी भी नहीं निकला था तो मैंने अपनी गति थोड़ी और बढ़ा दी और अपनी पूरी गति से चोदना शुरू कर दिया था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने कहा कि मेरा पानी निकलने वाला है, कहाँ निकालूं? तब वो बोली कि मेरी चूत में ही अपना पानी छोड़ दो।

और उसके बाद वो मुझे बाथरूम में ले गयी और मेरे लंड को साबुन से अच्छे से साफ किया। फिर उसने मुझसे पूछा कि मज़ा आया तो मैंने कहा कि बहुत मज़ा आया। फिर वो बोली कि तुम्हारा लंड तो अभी भी टाईट है, क्यों? तो मैंने कहा कि ये अभी भी भूखा सा लगता है।

अब मैंने अपना लंड उनके मुहं से निकाला और उनकी चूत को चाटने लगा, उनके चूत के रस में क्या गज़ब का स्वाद था, अब मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और एक जोर का झटका लगाया, एक ही झटके में पूरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया, उनकी आह निकल गयी, अब मैंने आंटी को अलग अलग पोजीशन से खूब चोदा, उस दिन हमलोगों ने करीब ३ बार चुदाई की|

मै ब्रा के ऊपर से ही उनकी चुचियों को मसलने लगा, और वो मादक आवाजें निकालने लगी, आह उह आह की आवाजें पुरे कमरे में गूंज रही थी, फिर मैंने उनकी पैंटी निकाल दी और उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा, उन्होंने मेरा सारा कपड़ा अपने हाथों से निकाल दिया और मेरे लंड पकड़कर सहलाने लगी और चूसने लगी. ऐसा लग रहा था जैसे मेरा लंड, लंड न होकर केला हो|

अब उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था और अब में थोड़ा डर गया था, लेकिन मुझे मज़ा भी आ रहा था, क्योंकि मैंने पहली बार उनकी त्वचा को छुआ था,

लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई, क्योंकि सभी वहाँ बैठे हुए थे और में नहीं जानता था कि उनको अच्छा लगेगा या बुरा। फिर कुछ देर के बाद उन्होंने मेरा एक हाथ अपनी कमर पर रख दिया, लेकिन मैंने अपना हाथ सरका लिया। अब मेरा हाथ उनकी चूत पर था और अब में बहुत गर्म हो गया था और उनकी चूत ढूँढने लगा था, लेकिन उनकी साड़ी की वजह से नहीं ढूँढ पा रहा था।

फिर मैंने धीरे-धीरे अपने पैर से उनके पैर को टच करना शुरू किया, उउउफफफफफ्फ़ क्या चीज़ थी मेरी मामी? में आपको नहीं बता सकता। अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी। फिर में अपना पैर धीरे-धीरे उनके घुटनों तक ले आया, उफ़ क्या मखमली स्पर्श था? अब हम दोनों एक दूसरे को पैर से सहलाने लगे थे। फिर ये सिलसिला चलता रहा,

धन्यवाद….


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